Bihar Home Guard Recruitment 2025: 15,000 पदों पर आवेदन शुरू, आज ही करें अप्लाई

बिहार सरकार ने बिहार होम गार्ड भर्ती 2025 (Bihar Home Guard Recruitment 2025) के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। बिहार गृह रक्षा वाहिनी और अग्निशमन सेवाओं ने 15,000 स्वयंसेवी होम गार्ड पदों पर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह भर्ती बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है। आवेदन 27 मार्च 2025 से शुरू हो चुके हैं और अंतिम तिथि 16 अप्रैल 2025 है। इस लेख में हम आपको बिहार होम गार्ड भर्ती 2025 की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, चयन प्रक्रिया, और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी विस्तार से दे रहे हैं।

Bihar Home Guard Recruitment 2025: मुख्य जानकारी

यह भर्ती बिहार पुलिस के सहायक बल के रूप में काम करने वाले होम गार्ड्स की नियुक्ति के लिए है, जो कानून-व्यवस्था बनाए रखने, भीड़ प्रबंधन, और आपदा राहत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

Bihar Home Guard Recruitment 2025: पात्रता मानदंड

  • शैक्षणिक योग्यता:
    • उम्मीदवार को किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं या 12वीं कक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए।
  • आयु सीमा:
    • न्यूनतम आयु: 19 वर्ष।
    • अधिकतम आयु: 40 वर्ष (27 मार्च 2025 तक)।
    • आरक्षित वर्गों (SC/ST/OBC) को सरकारी नियमों के अनुसार आयु में छूट मिलेगी।
  • निवास:
    • आवेदक बिहार का मूल निवासी होना चाहिए और केवल अपने जिले में ही आवेदन कर सकता है।

जिला-वार रिक्तियाँ (संभावित)

कुल 15,000 पदों को बिहार के सभी जिलों में वितरित किया गया है। कुछ प्रमुख जिलों की संभावित रिक्तियाँ इस प्रकार हैं:

  • पटना: 1,479
  • नालंदा: 812
  • गया: 909
  • भोजपुर: 511
  • रोहतास: 559
    (नोट: सटीक जिला-वार रिक्तियों के लिए आधिकारिक अधिसूचना देखें।)

Bihar Home Guard Recruitment 2025: आवेदन प्रक्रिया

ऑनलाइन आवेदन करने के लिए नीचे दिए गए स्टेप्स फॉलो करें:

  1. वेबसाइट पर जाएँ:
  2. रजिस्ट्रेशन करें:
    • “New Registration” पर क्लिक करें।
    • नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, और जिला दर्ज करें।
    • रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड प्राप्त करें।
  3. लॉगिन करें:
    • रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड से लॉगिन करें।
  4. फॉर्म भरें:
    • व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक योग्यता, और अन्य डिटेल्स भरें।
  5. दस्तावेज अपलोड करें:
    • फोटो, हस्ताक्षर, 10वीं/12वीं मार्कशीट, और आधार कार्ड स्कैन करके अपलोड करें।
  6. आवेदन शुल्क जमा करें:
    • जनरल/OBC: ₹200।
    • SC/ST/महिला: ₹100।
    • भुगतान डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, या नेट बैंकिंग से करें।
  7. सबमिट करें:
    • फॉर्म चेक करें और “Submit” पर क्लिक करें।
    • आवेदन का प्रिंटआउट अपने पास रखें।

चयन प्रक्रिया

बिहार होम गार्ड भर्ती 2025 में कोई लिखित परीक्षा नहीं होगी। चयन निम्नलिखित चरणों पर आधारित होगा:

1. शारीरिक मापदंड परीक्षण (PMT):

पुरुष:

  • ऊँचाई: 165 सेमी (SC/ST के लिए 160 सेमी)।
  • सीना: 81-86 सेमी (SC/ST के लिए 79-84 सेमी)।

महिला:

  • ऊँचाई: 153 सेमी (सभी वर्गों के लिए)।

2. शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET):

दौड़:

  • पुरुष: 1.6 किमी (6 मिनट में)।
  • महिला: 1 किमी (6 मिनट में)।

ऊँची कूद:

  • पुरुष: 4 फीट।
  • महिला: 3 फीट।

गोला फेंक:

  • पुरुष: 16 फीट (5 किलो का गोला)।
  • महिला: 12 फीट (4 किलो का गोला)।

3. मेडिकल टेस्ट:

    • शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य की जाँच।

    4. दस्तावेज सत्यापन:

    • सभी मूल दस्तावेजों की जाँच।

    चयन पूरी तरह PET में प्रदर्शन पर आधारित होगा। मेरिट लिस्ट शारीरिक दक्षता के अंकों के आधार पर तैयार की जाएगी।

    Bihar Home Guard Recruitment 2025: वेतन और सुविधाएँ

    • वेतन: ₹5,000 से ₹20,000 प्रति माह (अनुभव और ड्यूटी के आधार पर)।
    • अन्य लाभ:
    • प्रशिक्षण के दौरान भत्ता।
    • सरकारी सुविधाएँ जैसे स्वास्थ्य और बीमा (नियमों के अनुसार)।

    महत्वपूर्ण तारीखें

    • आवेदन शुरू: 27 मार्च 2025।
    • आवेदन की अंतिम तिथि: 16 अप्रैल 2025।
    • PET शुरू होने की संभावित तारीख: 1 मई 2025।
    • प्रशिक्षण शुरू: जुलाई 2025 (संभावित)।

    क्यों है खास?

    • कोई लिखित परीक्षा नहीं, सिर्फ शारीरिक योग्यता पर चयन।
    • बिहार के युवाओं के लिए स्थानीय रोजगार का अवसर।
    • कक्षा 10वीं पास भी आवेदन कर सकते हैं।

    बिहार होम गार्ड भर्ती 2025 उन लोगों के लिए एक शानदार मौका है जो सरकारी नौकरी में सेवा करना चाहते हैं। आवेदन शुरू हो चुके हैं, इसलिए समय रहते onlinebhg.bihar.gov.in पर जाकर फॉर्म भरें। किसी भी अपडेट के लिए आधिकारिक वेबसाइट और स्थानीय समाचारों पर नजर रखें। शुभकामनाएँ!


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    Bihar Board 12th Result 2025 आज घोषित: ऑनलाइन, SMS और DigiLocker से चेक करने की पूरी जानकारी

    आज 25 मार्च 2025 है, और बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) ने कक्षा 12वीं (इंटरमीडिएट) परीक्षा 2025 का रिजल्ट आज दोपहर 1:15 बजे घोषित करने की घोषणा की है। बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर ने बताया कि यह रिजल्ट पटना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए जारी होगा, जिसमें टॉपर्स के नाम, पास प्रतिशत, और साइंस, आर्ट्स, कॉमर्स स्ट्रीम के प्रदर्शन की जानकारी दी जाएगी। इस साल 1 फरवरी से 15 फरवरी 2025 तक हुई परीक्षा में 12,92,313 छात्र-छात्राएँ शामिल हुए थे। यहाँ हम आपको Bihar Board 12th Result 2025 के बारे में पूरी जानकारी दे रहे हैं—कैसे चेक करें, क्या करें, और नवीनतम अपडेट्स।

    Bihar Board 12th Result 2025: मुख्य जानकारी

    • रिजल्ट की तारीख और समय: 25 मार्च 2025, दोपहर 1:15 बजे
    • परीक्षा तिथियाँ: 1 फरवरी से 15 फरवरी 2025
    • कुल छात्र: 12,92,313 (6,41,847 लड़कियाँ, 6,50,466 लड़के)
    • परीक्षा केंद्र: बिहार में 1,677 केंद्र
    • स्ट्रीम: साइंस, आर्ट्स, कॉमर्स

    आधिकारिक वेबसाइट्स:

    Bihar Board 12th Result 2025 घोषित होने के बाद छात्र अपने रोल नंबर और रोल कोड से ऑनलाइन मार्कशीट डाउनलोड कर सकेंगे। यह अस्थायी मार्कशीट होगी, और मूल मार्कशीट बाद में स्कूलों से मिलेगी।

    Bihar Board 12th Result 2025 ऑनलाइन कैसे चेक करें?

    अपना रिजल्ट ऑनलाइन देखने के लिए इन स्टेप्स को फॉलो करें:

    1. वेबसाइट खोलें:
    2. लिंक चुनें:
      • होमपेज पर “Bihar Board 12th Result 2025” या “Intermediate Result 2025” पर क्लिक करें।
    3. डिटेल्स डालें:
      • अपना रोल कोड और रोल नंबर (एडमिट कार्ड से) दर्ज करें।
      • कैप्चा कोड (अगर हो) भरें।
    4. सबमिट करें:
      • “View” या “Submit” बटन दबाएँ।
    5. डाउनलोड करें:
      • रिजल्ट स्क्रीन पर दिखेगा। इसे डाउनलोड करें और प्रिंट निकाल लें।

    SMS से रिजल्ट कैसे चेक करें?

    इंटरनेट न होने पर SMS से रिजल्ट देखें:

    • मैसेज बॉक्स खोलें।
    • टाइप करें: BIHAR12 <स्पेस> रोल नंबर (जैसे BIHAR12 1234567)।
    • इसे 56263 पर भेजें।
    • कुछ ही मिनटों में SMS से रिजल्ट मिल जाएगा।

    DigiLocker से मार्कशीट डाउनलोड करें

    • DigiLocker ऐप डाउनलोड करें या digilocker.gov.in पर जाएँ।
    • आधार नंबर से लॉगिन करें।
    • “Bihar School Examination Board” चुनें और “Class 12 Result 2025” सिलेक्ट करें।
    • रोल नंबर डालकर डिजिटल मार्कशीट डाउनलोड करें।

    पिछले साल का प्रदर्शन और 2025 की उम्मीदें

    पिछले सालों के पास प्रतिशत:

    • 2024: 87.21% (साइंस: 87.80%, आर्ट्स: 86.15%, कॉमर्स: 94.88%)
    • 2023: 83.73%
    • 2024 के टॉपर्स:
      • साइंस: मृत्युंजय कुमार (96.2%)
      • आर्ट्स: तुषार कुमार (96.4%)
      • कॉमर्स: प्रिया कुमारी (95.6%)

    2025 में पास प्रतिशत पिछले साल के आसपास रहने की उम्मीद है, और लड़कियाँ फिर से लड़कों से बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं।

    रिजल्ट के बाद क्या करें?

    1. मार्कशीट चेक करें:
      • नाम, रोल नंबर, और अंक सही हैं या नहीं, देखें। गड़बड़ी हो तो स्कूल या बोर्ड से संपर्क करें।
    2. स्क्रूटनी के लिए आवेदन:
      • अंकों से संतुष्ट न हों तो biharboardonline.bihar.gov.in पर स्क्रूटनी के लिए अप्लाई करें। शुल्क ₹120 प्रति विषय है।
    3. कम्पार्टमेंट परीक्षा:
      • एक या दो विषयों में फेल होने पर मई 2025 की कम्पार्टमेंट परीक्षा के लिए रजिस्टर करें।

    अपडेट कैसे पाएँ?

    • सोशल मीडिया: @officialbseb पर फॉलो करें।
    • लाइव स्ट्रीमिंग: प्रेस कॉन्फ्रेंस बोर्ड के सोशल मीडिया पर लाइव होगी।

    सावधानियाँ

    • फर्जी वेबसाइट्स से बचें।
    • रोल नंबर और कोड तैयार रखें।
    • वेबसाइट क्रैश हो तो SMS या DigiLocker का इस्तेमाल करें।

    Bihar Board 12th Result 2025 आज 1:15 बजे से चेक कर सकते हैं। अपनी मेहनत का फल देखने के लिए तैयार रहें और भविष्य के लिए शुभकामनाएँ!


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    सम्मान दिवस के रूप में मनाया महाराजा सूरजमल का बलिदान दिवस

    जाट समाज की विभूति एवं मेधावी सम्मान के साथ विशाल स्वास्थ्य जांच शिविर भी लगाया..

    सम्मान दिवस के रूप में मनाया महाराजा सूरजमल का बलिदान दिवस

    मथुरा। महाराजा सूरजमल स्मृति न्यास द्वारा डैंपियर नगर स्थित किसान भवन में हिंदू हृदय सम्राट, भरतपुर के संस्थापक अजेय महाराजा सूरजमल का 261 वां बलिदान दिवस मनाया गया।

    कार्यक्रम का शुभारंभ आचार्य सत्यप्रिय आर्य द्वारा वैदिक हवन करवाकर किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मा.मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी तथा विशिष्ट अतिथि सांसद तेजवीर सिंह चौधरी रहे। कार्यक्रम में मा. मंत्री द्वारा महाराजा सूरजमल के आदर्शों पर चलने, संगठित रहने तथा महापुरुषों के जीवन चरित्र से बच्चों को संस्कारित करने पर जोर दिया। तथा जाट केसरी की उपाधि से हास्य कवि सबरस मुरसानी, अरविंद चौधरी, एथलीट मोहन सिंह आर्य तथा एड.राजप्रकाश चिकारा को सम्मानित किया। वहीं सांसद तेजवीर सिंह ने वर्तमान समय में जाट समाज की उन्नति पर संतोष व्यक्त करते हुए एकजुटता की कमी पर कठोर शब्दों में डांट भी पिलाई। श्री सिंह द्वारा राष्ट्रीय एयर राइफल शूटर मीनेश जुरैल, कथा वाचक रिया फौजदार, शिक्षिका प्रदीपिका फौजदार तथा ज्योति चौधरी को जाट गरिमा तथा रामप्रकाश कुंतल, रामवीर, शांतनु छौंकर, शैलेन्द्र सिंह नरवार, डॉ दीपू चौधरी, फ्लाइंग अफसर रजत सिंह, बॉक्सर विष्णु चौधरी, सचिव चिंटू कुमार कुंतल, हॉकी प्लेयर यश चौधरी, तनुज चौधरी, मोहित चौधरी, जनार्दन पहलवान, डॉ दुष्यंत चौधरी तथा शुभम चौधरी को जाट रत्न की उपाधि से सम्मानित किया गया।

    उपस्थित जनसमूह को किसान नेता व न्यास के कोषाध्यक्ष राजकुमार सिंह तोमर, महेंद्र चौधरी, योगेन्द्र फौजदार, चौ गुलवीर सिंह, हरिपाल सिंह, कृष्ण जन्मभूमि न्यास के एड. महेंद्र सिंह आदि ने संबोधित किया और महाराजा सूरजमल के विचार और संस्कार अपनाने पर जोर दिया। कार्यक्रम का संचालन न्यास के ट्रस्टी व महासचिव चौधरी विजय आर्य ने तथा धन्यवाद न्यास के अध्यक्ष आर बी चौधरी ने दिया।

    इस अवसर पर डॉ परमिंदर सिंह के संयोजन में आयोजित स्वास्थ्य कैंप में चिकित्सकों द्वारा लगभग दो सैकड़ा से अधिक लोगों को निशुल्क परीक्षण एवं परामर्श प्रदान किया गया। वहीं सत्तर वर्ष से अधिक आयु वाले आधा सैकड़ा वृद्धों के आयुष्मान कार्ड भी बनाए गए।

    कार्यक्रम में जगवीर चौधरी, हितेंद्र सिंह चौधरी, सूरजपाल सिंह, हरेश कुमार सिंह, अमित सिकरवार, पुष्पेंद्र सिंह भरऊ, पवन चौधरी, इंजी. सुरेन्द्र सिंह, सचिव हरेंद्र चौधरी, ज्वाला सिंह, रामकुमार सिंह, राजेश सोलंकी, दीवान सिह, विनीता वर्मा, डॉ जयकुमार, उमाशंकर सिंह, रेनू सिंह, भाजपा नेत्री डॉ मेघना चौधरी, सुजाता चौधरी, हेमलता चौधरी आदि का सहयोग रहा। उपस्थित जनों में किसान नेता बुद्धासिंह, प्रधान सूरज सिंह, मानवेंद्र कुमार, नागेंद्र कुमार, सुभाष चौधरी, कर्मवीर छौंकर, मौनी ताऊ, अरविंद चौधरी, पुनीत चौधरी, भानुप्रताप सिंह, शिवकुमार चौधरी, एड.विजयेंद्र वैदिक, बार के पूर्व अध्यक्ष आलोक सिंह, एड. हाकिम सिंह, महावीर सिंह, रनवीर सिंह, जयवीर सिंह, रघुनाथ सिंह, एड. विक्रम सिंह आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।


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    कल मनाया जाएगा महाराजा सूरजमल बलिदान दिवस

    Maharaja Surajmal Balidan Diwas

    मथुरा। भारतीय इतिहास में वीरता, साहस और देशभक्ति की अद्वितीय मिसाल, भरतपुर के संस्थापक और हिन्दू शिरोमणि महाराजा सूरजमल की स्मृति में कल यानी 25 दिसंबर 2024 को महाराजा सूरजमल स्मृति न्यास द्वारा डेम्पियर नगर स्थित किसान भवन मैं हवन एवं विचार गोष्टी का आयोजन किया गया है। समिति के पदाधिकारियों ने विशेष वार्ता मैं बताया कि महाराजा सूरजमल, जिन्हें जाट समाज के गौरव के रूप में जाना जाता है, ने अपनी अद्वितीय नीतियों और पराक्रम से मुगलों और विदेशी आक्रांताओं के खिलाफ हिंदू स्वाभिमान की रक्षा की।

    उनके 261वें बलिदान दिवस पर हर साल कि तरह इस बार भी समिति महापुरुषों के जीवन से नयी पीड़ी को अवगत करवाने, जाट समाज कि प्रतिभाओं का सम्मान कर प्रोत्साहित करने और समाज मैं जागरूकता जगाने के लिए विचार गोष्ठी के साथ साथ इस बार निशुल्क जाँच शिविर का आयोजन भी कर रही है।

    पदाधिकारियों ने बताया कि महाराजा सूरजमल का जीवन आज भी हमें साहस, स्वाभिमान और न्याय के लिए खड़े होने की प्रेरणा देता है। उनके बलिदान दिवस को मनाना न केवल उनके प्रति श्रद्धांजलि है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को उनके आदर्शों से प्रेरित करने का एक प्रयास भी है। कार्यक्रम मैं मुख्य अतिथि के रूप मैं उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी एवं विशिष्ट अतिथि संसद तेजवीर सिंह व जिला पंचायत अध्यक्ष किशन सिंह होंगे।

    महाराजा सूरजमल के बलिदान दिवस के अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों मैं कई सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इनमें महाराजा सूरजमल के जीवन पर आधारित नाट्य प्रस्तुतियां, कवि सम्मेलन, और उनके योगदान पर व्याख्यान शामिल हैं।


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    हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला का 89 वर्ष की आयु में निधन

    Former Haryana Chief Minister Om Prakash Chautala passes away at the age of 89

    हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और इंडियन नेशनल लोक दल (INLD) के वरिष्ठ नेता ओम प्रकाश चौटाला का 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। उन्होंने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में अंतिम सांस ली। ओम प्रकाश चौटाला का जन्म 1 जनवरी 1935 को हरियाणा के सिरसा जिले में हुआ था। वे हरियाणा के पांच बार मुख्यमंत्री रहे और राज्य की राजनीति में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनके पिता, देवी लाल, भी हरियाणा के मुख्यमंत्री और भारत के उपप्रधानमंत्री रह चुके हैं, जिससे चौटाला परिवार की राजनीतिक विरासत और मजबूत हुई।

    राजनीतिक करियर और उपलब्धियां

    ओम प्रकाश चौटाला ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत इंडियन नेशनल लोक दल (INLD) के बैनर तले की। उन्होंने हरियाणा की राजनीति में कई बड़े सुधार किए और ग्रामीण विकास, कृषि और शिक्षा के क्षेत्र में विशेष योगदान दिया।

    • उन्होंने हरियाणा में पेंशन योजनाओं, सड़क निर्माण और ग्रामीण विकास के लिए कई नई योजनाएं लागू कीं।
    • चौटाला को हरियाणा में किसानों के मसीहा चौधरी देवीलाल के पुत्र और किसान नेता के रूप में जाना जाता था।

    विवाद और सजा

    उनका राजनीतिक जीवन विवादों से अछूता नहीं रहा। उन्हें आय से अधिक संपत्ति और जूनियर बेसिक ट्रेनी (JBT) भर्ती घोटाले में दोषी पाया गया। 2013 में उन्हें इस मामले में 10 साल की सजा हुई। हालांकि, इसके बावजूद उनकी लोकप्रियता में कमी नहीं आई और वे हरियाणा में एक प्रभावशाली नेता बने रहे।

    निधन पर प्रतिक्रियाएं

    उनके निधन से हरियाणा और देश की राजनीति में शोक की लहर है। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और समर्थकों ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है। प्रधानमंत्री, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, कांग्रेस नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा, और अन्य प्रमुख नेताओं ने उनके निधन को एक बड़ी क्षति बताया।

    • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी: “ओम प्रकाश चौटाला जी के निधन से एक युग का अंत हुआ। उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।”
    • मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर: “हरियाणा की राजनीति के एक मजबूत स्तंभ का जाना, राज्य के लिए अपूरणीय क्षति है।”

    लोगों का कहना है कि ओम प्रकाश चौटाला के निधन से हरियाणा की राजनीति में एक युग का अंत हो गया है, और उनकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।


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    मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना 2024: अगला आयोजन 12 दिसंबर को, जानें पूरी जानकारी

    Mukhyamantri Samuhik Vivah Yojana

    उत्तर प्रदेश सरकार गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए एक और बड़ा आयोजन करने जा रही है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना 2024 के तहत अगला सामूहिक विवाह कार्यक्रम 12 दिसंबर 2024 को आयोजित होगा। इस योजना के तहत सरकार आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह में सहायता प्रदान करती है, जिससे उनके जीवन में खुशी और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

    क्या है मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना?

    मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना उत्तर प्रदेश सरकार की एक अनूठी पहल है, जिसमें गरीब परिवारों की बेटियों और बेटों का विवाह सामूहिक रूप से संपन्न कराया जाता है। इस योजना का उद्देश्य न केवल आर्थिक सहायता देना है, बल्कि सामाजिक समानता और सामूहिक विवाह की परंपरा को बढ़ावा देना भी है।

    अगले आयोजन की तारीख:

    • तारीख: 12 दिसंबर 2024
    • स्थान: हर जिले के निर्धारित सामूहिक विवाह स्थल (स्थानीय प्रशासन द्वारा तय किया जाएगा)।
    • समय: सुबह 10 बजे से कार्यक्रम शुरू होगा।

    मुख्य विशेषताएं:

    1. आर्थिक सहायता:
      • प्रत्येक जोड़े को ₹51,000 की आर्थिक मदद दी जाएगी (इस योजना में दाम्पत्य जीवन में खुशहाली एवं गृहस्थी की स्थापना हेतु कन्या के खाते में रू0 35,000/- की धनराशि का अनुदान एवं विवाह संस्कार के लिए आवश्यक सामग्री रू0 10,000/- की धनराशि से क्रय करते हुए प्रदान किया जाता है तथा प्रत्येक जोड़े के विवाह आयोजन पर रू0 6,000/- की धनराशि व्यय किये जाने की व्यवस्था है)।
      • यह राशि शादी के आयोजन और नवविवाहित जोड़ों की जरूरतों को पूरा करने के लिए दी जाती है।
    2. सामूहिक आयोजन:
      • सामूहिक विवाह में सभी धर्मों और जातियों के जोड़े भाग ले सकते हैं।
      • हर धर्म और समुदाय की परंपराओं का सम्मान करते हुए विवाह संपन्न कराया जाता है।
    3. सरकार की देखरेख में कार्यक्रम:
      • आयोजन की सारी व्यवस्था जिला प्रशासन और संबंधित विभागों द्वारा की जाएगी।
      • विवाह स्थल पर वर-वधू के लिए भोजन, आवास और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

    कैसे करें आवेदन?

    यदि आप इस योजना में भाग लेना चाहते हैं, तो निम्नलिखित प्रक्रिया का पालन करें:

    1. आवेदन की शुरुआत:

      • उत्तर प्रदेश सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
      • “मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना” के विकल्प पर क्लिक करें।

        2. फॉर्म भरें:

        • वर और वधू की जानकारी के साथ सभी आवश्यक विवरण भरें।
        • दस्तावेज़ जैसे आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र आदि अपलोड करें।

          पात्रता:

          • परिवार की वार्षिक आय ₹2 लाख से कम होनी चाहिए।
          • वर की आयु 21 वर्ष और वधू की आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए।
          • लाभार्थी उत्तर प्रदेश के निवासी होने चाहिए।

          योजना का उद्देश्य:

          • गरीब परिवारों को शादी के भारी खर्च से राहत देना।
          • सामूहिक विवाह के माध्यम से समाज में दहेज प्रथा और आर्थिक असमानता को खत्म करना।
          • समाज में सामूहिकता और समरसता की भावना को बढ़ावा देना।

          आवश्यक दस्तावेज

          • आधार कार्ड (वर व वधू)
          • कन्या के परिवार का आय प्रमाण पत्र
          • निवास प्रमाण पत्र
          • जाति प्रमाण पत्र (अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य पिछडा वर्ग की दशा में)
          • वर-वधू की फोटो
          • मोबाइल नंबर
          • बैंक खाता विवरण

          अगर आप या आपका कोई परिचित इस योजना में शामिल होना चाहता है, तो आवेदन प्रक्रिया तुरंत शुरू करें। इस कार्यक्रम में भाग लेकर आप सरकार की इस कल्याणकारी पहल का हिस्सा बन सकते हैं।

          योजना की विस्तृत जानकारी के लिए या किसी भी अन्य जानकारी के लिए विभाग की वेबसाइट पर जाएँ अथवा अपने जिले के समाज कल्याण अधिकारी से संपर्क करें या फिर हेल्पलाइन नंबर 0522-3538700 पर भी संपर्क कर सकते हैं।


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          पलवल जिले का होगा चतुर्मुखी विकास: गौरव गौतम

          Palwal district will have all round development

          संवाददाता, पलवल। यह विचार हरियाणा सरकार के सबसे युवा राज्यमंत्री गौरव गौतम (खेल, युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता, कानून एवं विधायी विभाग) ने मुख्य अतिथि के रूप मैं पलवल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के द्वारा दिये गए सम्मान समारोह मैं शामिल होने व्यक्त किये। राजयमंत्री ने न सिर्फ सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं के बारे मैं चर्चा की अपितु जिले मैं कार्यरत समस्त उद्योगों की समस्याओं को भी एसोसिएशन के पदाधिकारियों से जाना। साथ की सभी समस्याओं के शीघ्र निराकरण का आश्वासन भी दिया। इस कायक्रम मैं पलवल जिले के उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने विशिष्ट अतिथि के रूप मैं शिरकत की।

          कार्यक्रम का आरम्भ राष्ट्रगान एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। पलवल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन की ओर से अध्यक्ष डॉ. एस. सी. कंसल, उपाध्यक्ष राजीव मेहरा, उपाध्यक्ष सुनील मंगला, महासचिव रविंदर यादव व संयुक्त सचिव एम. मदान द्वारा राज्यमंत्री गौरव गौतम एवं जिला उपायुक्त डॉ. हरीश वशिष्ठ का गुलदस्ता भेंट कर स्वागत किया गया। अपने स्वागत भाषण मैं डॉ. कंसल ने अतिथियों के कार्यक्रम मैं उपस्थित होने पर हर्ष व्यक्त किया साथ ही जिले मैं कार्यरत उद्योगों की रोजमर्रा की समस्याओं जैसे ख़राब बिजली आपूर्ति, टूटी हुयी सड़कें, पेयजल की अनुपलब्धता, सीवरेज आदि से रूबरू भी करवाया। डॉ. कंसल ने इस बात पर जोर दिया कि उद्योगों को अगर काम करने का उचित वातावरण मिले तो जिले के विकास मैं उद्योग अग्रणी भूमिका निभाने मैं पीछे नहीं हटने वाले। साथ ही उन्होंने उद्योगों की समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग भी की. डॉ. कंसल ने जिला उपायुक्त द्वारा समय समय पर उद्योगों को उनके द्वारा दी जाने वाली प्रशासनिक सहायता के लिए भी आभार व्यक्त किया। डॉ. कंसल ने कहा की पलवल जिले मैं एक युवा, ईमानदार और प्रतिभाशाली मंत्री और एक कर्मठ, अनुशात्मक और सहृदयी जिला उपायुक्त का होना जिले के विकास मैं एक मील का पत्थर साबित होने वाला है।

          उद्योगों को मिलेगी हर संभव मदद, राज्यमंत्री का उद्यमियों को भरोसा

          राज्यमंत्री गौरव गौतम ने सबसे पहले पलवल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन और वहां पर प्रस्तुत सभी उद्योगों के सभी प्रतिनिधियों और जिले के सभी मतदाताओं का उनकी ऐतिहासिक जीत के लिए धन्यवाद किया। उन्होंने जिले मैं कार्यरत उद्योगों को आने वाली सभी समस्यों के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। साथ ही पलवल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन को न्योता दिया कि अगर जिले के विकास के मद्देनजर किसी पालिसी मैं कोई बदलाव करवाना पड़े तो स्वयं एसोसिएशन के साथ चलकर मुख्यमंत्री जी इस बाबत चर्चा करेंगे। राजमंत्री ने ये विश्वास दिलाया कि आने वाले पांच साल पलवल के लिए बहुत महत्वपूर्ण होने वाले हैं। रोड कनेक्टिविटी हो या रेल कनेक्टिविटी, सभी पर जोर शोर से काम चल रहा है और निकट समय मैं पलवल इस लिहाज से अपने क्षेत्र मैं अग्रणी भूमिका निभाने वाला है। जल्द ही पलवल को मेट्रो, रेल कॉरिडोर, फ्रेट कॉरिडोर, एयरपोर्ट आदि से सम्बंधित सभी प्रकार के कनेक्टिविटी का आनंद प्राप्त होगा।

          राज्यमंत्री ने उद्योगों से भी अपील की कि सभी को मिलकर जिले के सर्वांगीण विकास के लिए आगे आना चाहिए, बात रोजगार की हो या फिर युवाओं के स्किल्स के विकास की, स्वछता हो या हरियाली, सभी को इसमें योगदान देने पर ही यहाँ के विकास के रास्ते को दिशा मिलेगी। इसमें जिले मैं कार्यरत उद्योगिक इकाइयां बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने उधमियों से सीधे संवाद करवाने के लिए पलवल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन का आभार व्यक्त किया और उनको जिले की ग्रीवेंस कमिटी मैं सहभागिता करने के लिए आमंत्रित किया।

          उधमियों से सीधे संवाद मैं उधमियों द्वारा बताई गयी सभी समस्याओं को राज्यमंत्री एवं जिला उपायुक्त द्वारा सुना गया और इसपर जल्द ही उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया गया.

          क्या रही उद्यमियों की मुख्य मांगे ?

          पलवल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के उपाध्यक्ष राजीव मेहरा ने हमारे संवाददाता से विशेष बातचीत मैं यहाँ के उद्यमियों की तरफ के की जाने वाली मुख्य मांगो के बारे मैं बताया। उन्होंने कहा कि इन समस्यों का निराकरण होने से जिले मैं विकास की गति को पंख लगेंगे। इससे न सिर्फ रोजगार मैं वृद्धि होगी अपितु सरकार को अतिरिक्त राजस्व भी प्राप्ति होगी। साथ ही सही इंफ्रास्ट्रक्चर होने के कारण यहाँ उद्योगिक इकाइयों के आगे बढ़ने का मार्ग भी प्रशस्त होगा।

          • ततारपुर मैं प्रस्तावित एवं आवंटित नए विधुत सबस्टेशन (फीडर) के लिए DHBVN को जमीन मुहैया करवाई जाये, जिससे जिले मैं जिले मैं कार्यरत उद्योगों की बिजली आपूर्ति की समस्या का निराकरण हो सके.
          • सरकार द्वारा उद्योगों के लिए पेयजल की उचित व्यवस्था का इंतजाम किया जाये
          • उद्योगिक क्षेत्र की टूटी होती सड़कों पर तुरंत काम शुरू हो जिससे आवागमन की बेहतर सुविधा सभी को मिल पाए
          • पलवल का AQI हमेशा कम रहता है इसलिए यहाँ पर GRAP के नियमों मैं कुछ छूट का प्रावधान मिले
          • कानून एवं व्यवस्था का समुचित प्रबंध हो, जिससे यहाँ पर आकर काम करने वाले लोगों को एक सुरक्षित वातावरण मिले

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          Maharaja Surajmal Jat: वीरता, नेतृत्व और न्याय की अनुपम गाथा, Episode-1

          Maharaja Surajmal: वीरता, नेतृत्व और न्याय की अनुपम गाथा, Episode-1

          13 फरवरी 1707, को राजस्थान के भरतपुर मैं जाट कुल मैं जन्मे हिन्दू महाराजा सूरजमल (Maharaja Surajmal) या सुजान सिंह अपने समय के वीर योद्धा और रणनीतिकार थे। उनका शासन जिन क्षेत्रों में था वे वर्तमान समय में भारत की राजधानी दिल्ली, उत्तर प्रदेश के आगरा, अलीगढ़, फ़िरोज़ाबाद, एटा, राजस्थान के भरतपुर, धौलपुर, हरियाणा का गुरुग्राम, रोहतक, झज्जर, फरीदाबाद, रेवाड़ी, मेवात हैं। राजा सूरजमल में वीरता, धीरता, गम्भीरता, उदारता, सतर्कता, दूरदर्शिता, सूझबूझ, चातुर्य और राजमर्मज्ञता का सुखद संगम सुशोभित था। मेल-मिलाप और सह-अस्तित्व तथा समावेशी सोच को आत्मसात करने वाली भारतीयता के वे सच्चे प्रतीक थे। राजा सूरज मल के समकालीन एक इतिहासकार ने उन्हें ‘जाटों का प्लेटो’ कहा है। इसी तरह एक आधुनिक इतिहासकार ने उनकी दूरदृष्टि और बुद्धिमत्ता को देखने हुए उनकी तुलना ओडिसस से की है।

          महाराजा सूरजमल (Maharaja Surajmal) के जीवन परिचय और उनके शासनकाल मैं किये गए उत्कृष्ट कार्यों और उनके द्वारा लाडे गए भीषण युद्धों पर प्रकाश डालने का प्रयत्न करते हुए, जाट बुलेटिन प्रस्तुत करते हैं महाराजा सूरजमल के जीवन परिचय और उनकी वीरगाथा का प्रथम भाग।

          Maharaja Surajmal: वीरता, नेतृत्व और न्याय की अनुपम गाथा, Episode-1

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          महाराजा सूरजमल जाट (Maharaja Surajmal) भारतीय इतिहास के उन योद्धाओं और शासकों में से एक हैं जिन्होंने अपनी सैन्य कुशलता, रणनीतिक बुद्धिमत्ता और प्रजा के प्रति न्यायप्रियता के साथ एक अमिट छाप छोड़ी। वे न केवल भरतपुर राज्य के संस्थापक थे, बल्कि उन्होंने जाट समुदाय को संगठित कर उन्हें भारतीय इतिहास में सम्मानजनक स्थान दिलाया। उनका जीवन और शासनकाल साहस, त्याग और रणनीतिक कौशल का प्रतीक है।


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          Pushkar Mela 2024: राजस्थान की रंग बिरंगी संस्कृति की एक झलक, जाने क्या है खास ?

          Pushkar Mela 2024: राजस्थान की रंग बिरंगी संस्कृति की एक झलक, जाने क्या है खास ?

          पधारो म्हारे देस, जी हाँ अगर आप राजस्थान (मेवाड़) की संस्कृति को करीब से देखना और महसूस करना चाहते हैं तो आपको पुष्कर मैं हर साल आयोजित होने वाले सबसे बड़े पुष्कर मेले मैं जरूर शामिल होना चाहिए। विश्व प्रसिद्द पुष्कर मेले (Pushkar Mela) मैं आपको राजस्थान के कल्चर, हस्तशिल्प, उम्दा नस्ल के ऊँट और घोड़ों के साथ ही पारम्परिक राजस्थानी वेशभूषा व खानपान अनोखा संगम देखने को मिलेगा। दीपावली के पर्व की समाप्ति के साथ ही और कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर पुष्कर शहर, जो कि राजस्थान के अजमेर जिले में स्थित एक पवित्र और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध शहर है, मैं सबसे बड़े पशु मेले जिसे पुष्कर मेला के नाम से जाना जाता है की शुरुवात हो जाती है।

          पुष्कर का ब्रह्मा मंदिर

          पुष्कर का ब्रह्मा मंदिर भारत का एकमात्र प्रमुख मंदिर है जो भगवान ब्रह्मा को समर्पित है। यह मंदिर राजस्थान के पुष्कर शहर में पवित्र पुष्कर झील के पास स्थित है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान ब्रह्मा ने यहां यज्ञ किया था, जिससे इस स्थान को धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व मिला। संगमरमर और चांदी से बना यह मंदिर अपनी सुंदर नक्काशी और वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है। कार्तिक पूर्णिमा के दौरान, यहां हजारों श्रद्धालु आते हैं और पुष्कर झील में स्नान करके मंदिर में पूजा-अर्चना करते हैं।

          पुष्कर मेला (Pushkar Mela) 2024 आयोजन

          सात दिवसीय पुष्कर मेले की शुरुवात 09-11-2024 से होगी और 15-11-2024 को कार्तिक पूर्णिमा पर इसका समापन होगा। हालाँकि मेला चार पांच दिन पहले ही शुरू हो जाता है और समापन के दो तीन दिन बाद तक चलता है।

          पुष्कर मेला (Pushkar Mela) 2024 के प्रमुख आकर्षण

          1. ऊंट मेला और प्रतियोगिताएं: पुष्कर मेला में ऊंटों की सजावट, दौड़, और ऊंटों की खरीद-बिक्री का आयोजन होता है। यहां का ऊंट मेला दुनिया भर में प्रसिद्ध है। ऊंटों की दौड़ और उनकी सजावट प्रतियोगिता को देखने के लिए दूर-दूर से पर्यटक आते हैं। साथ ही उम्दा नस्ल के घोड़े और अन्य पशु भी मेले का आकर्षण बढ़ाएंगे।
          2. लोक नृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रम: पुष्कर मेला राजस्थान की कला और संस्कृति का प्रतीक है। यहां कालबेलिया, घूमर और गेर जैसे पारंपरिक नृत्य होते हैं, जिसमें लोक संगीत की धुन पर नर्तक अपनी कला का प्रदर्शन करते हैं।
          3. हस्तशिल्प और हस्तनिर्मित वस्त्र बाजार: पुष्कर मेला का बाजार भी बहुत प्रसिद्ध है। यहां पर राजस्थान के पारंपरिक हस्तशिल्प, आभूषण, कपड़े और सजावट की वस्तुएं उपलब्ध होती हैं। इस बाजार में विदेशी पर्यटक भी काफी खरीदारी करते हैं।
          4. हॉट एयर बैलून राइड: पुष्कर मेला में हॉट एयर बैलून की सवारी पर्यटकों के लिए खास आकर्षण है। इससे पूरे पुष्कर शहर और मेले का विहंगम दृश्य देखने को मिलता है।
          5. विभिन्न प्रतियोगिताएं: पगड़ी प्रतियोगिता, मूँछ प्रतियोगिता, तिलक प्रतियोगिता, नृत्य प्रतियोगिता, मटका दौड़, मैराथन, विदेशी पर्यटकों के साथ रस्साकशी, कुश्ती और कबड्डी प्रतियोगिता आदि शामिल हैं।
          6. लाइव कॉन्सर्ट: विभिन्न सेलिब्रिटीज द्वारा गीत संगीत के लाइव कॉन्सर्ट मैं प्रस्तुति दी जाएगी।
          7. पुष्कर झील में स्नान: मेले के दौरान पुष्कर झील में स्नान का विशेष महत्व है। कार्तिक पूर्णिमा के दिन यहां स्नान करने से पवित्रता की प्राप्ति होती है।
          8. अन्नकूट उत्सव: कार्तिक पूर्णिमा के दिन यहां अन्नकूट का आयोजन होता है, जिसमें भगवान को छप्पन भोग अर्पित किए जाते हैं। यह पर्व मेले में धार्मिक भावना और संस्कृति का एक प्रमुख आकर्षण है।
          9. सरोवर घाट पर महाआरती तथा आतिशबाजी का प्रदर्शन: मेले के समापन पर ब्रह्म सरोवर घाट पर महाआरती तथा आतिशबाजी का प्रदर्शन किया जायेगा।

          पुष्कर कैसे पहुंचें

          पुष्कर तक पहुंचने के लिए निम्नलिखित साधनों का उपयोग कर सकते हैं:

          1. वायु मार्ग: निकटतम हवाई अड्डा किशनगढ़ (40 किमी) और जयपुर (150 किमी) है। जयपुर से पुष्कर तक टैक्सी या बस आसानी से मिल जाती है।
          2. रेल मार्ग: अजमेर रेलवे स्टेशन पुष्कर का सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन है, जो 15 किमी दूर है। यहां से टैक्सी या बस से पुष्कर तक पहुंच सकते हैं।
          3. सड़क मार्ग: राजस्थान के सभी प्रमुख शहरों और दिल्ली से सीधी बस सेवा उपलब्ध है। टैक्सी और निजी वाहन से भी पुष्कर तक आसानी से पहुंच सकते हैं।

          पुष्कर मैं ठहरने के स्थान

          पुष्कर में ठहरने के लिए कई प्रकार के विकल्प उपलब्ध हैं, जो सभी बजट और सुविधाओं के अनुरूप हैं, साथ ही आप अजमेर मैं भी लक्ज़री एवं बजट होटल, गेस्ट हाउस तथा धर्मशाला मैं आसानी से ठहर सकते हैं, पर मेले मैं दूरदराज से और देश विदेश से आने वाले पर्यटकों के मद्देनजर एडवांस बुकिंग करवा लेना बेहतर विकल्प साबित होगा।

          1. लक्जरी होटल: पुष्कर मैं कई लक्ज़री होटल और रिसोर्ट हैं जो आपको शानदार सुविधाओं के साथ आरामदायक प्रवास प्रदान करते हैं।
          2. बजट होटल और गेस्ट हाउस: छोटे बजट में रहने के लिए होटल और गेस्ट हाउस जैसे अतिथि गृह उपलब्ध हैं।
          3. कैम्पिंग और टेंट स्टे: पुष्कर मेला के दौरान कैम्पिंग साइट्स में ठहरने का अनोखा अनुभव प्राप्त कर सकते हैं।
          4. धार्मिक धर्मशालाएं: श्रद्धालुओं के लिए मंदिरों और धर्मशालाओं में भी ठहरने की व्यवस्था है।

          पुष्कर मेला (Pushkar Mela) राजस्थान की संस्कृति और परंपरा को देखने का बेहतरीन अवसर है। यहां हर साल लाखों लोग आते हैं और इस रंग-बिरंगे उत्सव का हिस्सा बनते हैं। अगर आप भी राजस्थान की इस अनोखी संस्कृति का आनंद लेना चाहते हैं, तो पुष्कर मेला (Pushkar Mela) 2024 में जरूर शामिल हों।


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