हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और इंडियन नेशनल लोक दल (INLD) के वरिष्ठ नेता ओम प्रकाश चौटाला का 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। उन्होंने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में अंतिम सांस ली। ओम प्रकाश चौटाला का जन्म 1 जनवरी 1935 को हरियाणा के सिरसा जिले में हुआ था। वे हरियाणा के पांच बार मुख्यमंत्री रहे और राज्य की राजनीति में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनके पिता, देवी लाल, भी हरियाणा के मुख्यमंत्री और भारत के उपप्रधानमंत्री रह चुके हैं, जिससे चौटाला परिवार की राजनीतिक विरासत और मजबूत हुई।
राजनीतिक करियर और उपलब्धियां
ओम प्रकाश चौटाला ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत इंडियन नेशनल लोक दल (INLD) के बैनर तले की। उन्होंने हरियाणा की राजनीति में कई बड़े सुधार किए और ग्रामीण विकास, कृषि और शिक्षा के क्षेत्र में विशेष योगदान दिया।
उन्होंने हरियाणा में पेंशन योजनाओं, सड़क निर्माण और ग्रामीण विकास के लिए कई नई योजनाएं लागू कीं।
चौटाला को हरियाणा में किसानों के मसीहा चौधरी देवीलाल के पुत्र और किसान नेता के रूप में जाना जाता था।
विवाद और सजा
उनका राजनीतिक जीवन विवादों से अछूता नहीं रहा। उन्हें आय से अधिक संपत्ति और जूनियर बेसिक ट्रेनी (JBT) भर्ती घोटाले में दोषी पाया गया। 2013 में उन्हें इस मामले में 10 साल की सजा हुई। हालांकि, इसके बावजूद उनकी लोकप्रियता में कमी नहीं आई और वे हरियाणा में एक प्रभावशाली नेता बने रहे।
निधन पर प्रतिक्रियाएं
उनके निधन से हरियाणा और देश की राजनीति में शोक की लहर है। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और समर्थकों ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है। प्रधानमंत्री, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, कांग्रेस नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा, और अन्य प्रमुख नेताओं ने उनके निधन को एक बड़ी क्षति बताया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी: “ओम प्रकाश चौटाला जी के निधन से एक युग का अंत हुआ। उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।”
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर: “हरियाणा की राजनीति के एक मजबूत स्तंभ का जाना, राज्य के लिए अपूरणीय क्षति है।”
लोगों का कहना है कि ओम प्रकाश चौटाला के निधन से हरियाणा की राजनीति में एक युग का अंत हो गया है, और उनकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।
संवाददाता, पलवल। यह विचार हरियाणा सरकार के सबसे युवा राज्यमंत्री गौरव गौतम (खेल, युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता, कानून एवं विधायी विभाग) ने मुख्य अतिथि के रूप मैं पलवल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के द्वारा दिये गए सम्मान समारोह मैं शामिल होने व्यक्त किये। राजयमंत्री ने न सिर्फ सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं के बारे मैं चर्चा की अपितु जिले मैं कार्यरत समस्त उद्योगों की समस्याओं को भी एसोसिएशन के पदाधिकारियों से जाना। साथ की सभी समस्याओं के शीघ्र निराकरण का आश्वासन भी दिया। इस कायक्रम मैं पलवल जिले के उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने विशिष्ट अतिथि के रूप मैं शिरकत की।
कार्यक्रम का आरम्भ राष्ट्रगान एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। पलवल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन की ओर से अध्यक्ष डॉ. एस. सी. कंसल, उपाध्यक्ष राजीव मेहरा, उपाध्यक्ष सुनील मंगला, महासचिव रविंदर यादव व संयुक्त सचिव एम. मदान द्वारा राज्यमंत्री गौरव गौतम एवं जिला उपायुक्त डॉ. हरीश वशिष्ठ का गुलदस्ता भेंट कर स्वागत किया गया। अपने स्वागत भाषण मैं डॉ. कंसल ने अतिथियों के कार्यक्रम मैं उपस्थित होने पर हर्ष व्यक्त किया साथ ही जिले मैं कार्यरत उद्योगों की रोजमर्रा की समस्याओं जैसे ख़राब बिजली आपूर्ति, टूटी हुयी सड़कें, पेयजल की अनुपलब्धता, सीवरेज आदि से रूबरू भी करवाया। डॉ. कंसल ने इस बात पर जोर दिया कि उद्योगों को अगर काम करने का उचित वातावरण मिले तो जिले के विकास मैं उद्योग अग्रणी भूमिका निभाने मैं पीछे नहीं हटने वाले। साथ ही उन्होंने उद्योगों की समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग भी की. डॉ. कंसल ने जिला उपायुक्त द्वारा समय समय पर उद्योगों को उनके द्वारा दी जाने वाली प्रशासनिक सहायता के लिए भी आभार व्यक्त किया। डॉ. कंसल ने कहा की पलवल जिले मैं एक युवा, ईमानदार और प्रतिभाशाली मंत्री और एक कर्मठ, अनुशात्मक और सहृदयी जिला उपायुक्त का होना जिले के विकास मैं एक मील का पत्थर साबित होने वाला है।
उद्योगों को मिलेगी हर संभव मदद, राज्यमंत्री का उद्यमियों को भरोसा
राज्यमंत्री गौरव गौतम ने सबसे पहले पलवल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन और वहां पर प्रस्तुत सभी उद्योगों के सभी प्रतिनिधियों और जिले के सभी मतदाताओं का उनकी ऐतिहासिक जीत के लिए धन्यवाद किया। उन्होंने जिले मैं कार्यरत उद्योगों को आने वाली सभी समस्यों के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। साथ ही पलवल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन को न्योता दिया कि अगर जिले के विकास के मद्देनजर किसी पालिसी मैं कोई बदलाव करवाना पड़े तो स्वयं एसोसिएशन के साथ चलकर मुख्यमंत्री जी इस बाबत चर्चा करेंगे। राजमंत्री ने ये विश्वास दिलाया कि आने वाले पांच साल पलवल के लिए बहुत महत्वपूर्ण होने वाले हैं। रोड कनेक्टिविटी हो या रेल कनेक्टिविटी, सभी पर जोर शोर से काम चल रहा है और निकट समय मैं पलवल इस लिहाज से अपने क्षेत्र मैं अग्रणी भूमिका निभाने वाला है। जल्द ही पलवल को मेट्रो, रेल कॉरिडोर, फ्रेट कॉरिडोर, एयरपोर्ट आदि से सम्बंधित सभी प्रकार के कनेक्टिविटी का आनंद प्राप्त होगा।
राज्यमंत्री ने उद्योगों से भी अपील की कि सभी को मिलकर जिले के सर्वांगीण विकास के लिए आगे आना चाहिए, बात रोजगार की हो या फिर युवाओं के स्किल्स के विकास की, स्वछता हो या हरियाली, सभी को इसमें योगदान देने पर ही यहाँ के विकास के रास्ते को दिशा मिलेगी। इसमें जिले मैं कार्यरत उद्योगिक इकाइयां बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने उधमियों से सीधे संवाद करवाने के लिए पलवल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन का आभार व्यक्त किया और उनको जिले की ग्रीवेंस कमिटी मैं सहभागिता करने के लिए आमंत्रित किया।
उधमियों से सीधे संवाद मैं उधमियों द्वारा बताई गयी सभी समस्याओं को राज्यमंत्री एवं जिला उपायुक्त द्वारा सुना गया और इसपर जल्द ही उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया गया.
क्या रही उद्यमियों की मुख्य मांगे ?
पलवल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के उपाध्यक्ष राजीव मेहरा ने हमारे संवाददाता से विशेष बातचीत मैं यहाँ के उद्यमियों की तरफ के की जाने वाली मुख्य मांगो के बारे मैं बताया। उन्होंने कहा कि इन समस्यों का निराकरण होने से जिले मैं विकास की गति को पंख लगेंगे। इससे न सिर्फ रोजगार मैं वृद्धि होगी अपितु सरकार को अतिरिक्त राजस्व भी प्राप्ति होगी। साथ ही सही इंफ्रास्ट्रक्चर होने के कारण यहाँ उद्योगिक इकाइयों के आगे बढ़ने का मार्ग भी प्रशस्त होगा।
ततारपुर मैं प्रस्तावित एवं आवंटित नए विधुत सबस्टेशन (फीडर) के लिए DHBVN को जमीन मुहैया करवाई जाये, जिससे जिले मैं जिले मैं कार्यरत उद्योगों की बिजली आपूर्ति की समस्या का निराकरण हो सके.
सरकार द्वारा उद्योगों के लिए पेयजल की उचित व्यवस्था का इंतजाम किया जाये
उद्योगिक क्षेत्र की टूटी होती सड़कों पर तुरंत काम शुरू हो जिससे आवागमन की बेहतर सुविधा सभी को मिल पाए
पलवल का AQI हमेशा कम रहता है इसलिए यहाँ पर GRAP के नियमों मैं कुछ छूट का प्रावधान मिले
कानून एवं व्यवस्था का समुचित प्रबंध हो, जिससे यहाँ पर आकर काम करने वाले लोगों को एक सुरक्षित वातावरण मिले
Vinesh Phogat and Bajrang Punia join Congress, Vinesh will contest elections from Julana (Image Credits: Aaj Tak).
न्यूज डेस्क, बीते दिनों राहुल गाँधी से हुई मुलाक़ात और हरियाणा मैं चुनाव के मद्देनजर, इतने दिनों से जो अटकलों का बाजार गर्म था उसको और विभिन्न कयासबाजियों को आज विराम देते हुए पहलवान विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया आखिरकार कांग्रेस का दामन थाम कर आज आधिकारिक रूप से पार्टी मैं शामिल हो गए।
पार्टी के नेता केसी वेणुगोपाल ने उनका पार्टी में स्वागत किया, कांग्रेस में शामिल होने के बादविनेश फोगाट और बजरंग पूनिया ने कहा कि जब कोई हमारे साथ नहीं था, तब कांग्रेस ने हमारा साथ दिया और बुरे वक़्त मैं ही अपने और पराये का पता चलता है। उन्होंने कहा कि हमारी लड़ाई अभी ख़त्म नहीं हुई है और हम इसको आगे तक लेकर भी जायेंगे और जीतेंगे भी।
सूत्रों के अनुसार चुनाव लड़ने को लेकर जहाँ बजरंग पूनिया ने अभी मना कर दिया वहीं विनेश अपने सुसराल क्षेत्र मैं आने वाली जुलाना विधानसभा सीट से कांग्रेस की प्रत्याशी रहेंगी। अब आने वाले हरियाणा विधानसभा चुनाव मैं बजरंग और विनेश का गठजोड़ क्या रंग लाएगा, दोनों के जाट होने का फायदा और इससे कांग्रेस को कितना नफा नुक्सान होता है ये देखना दिलचस्प होगा
प्रेस विज्ञप्ति, मुख्य चुनाव आयुक्त श्री राजीव कुमार ने चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार और डॉ. एस.एस. संधू के साथ चंडीगढ़ में हरियाणा के आगामी विधानसभा चुनावों (Haryana Assembly Elections 2024) के लिए चुनाव तैयारियों की विस्तृत और व्यापक समीक्षा की। हरियाणा में विधानसभा का कार्यकाल 3 नवंबर, 2024 को समाप्त होने वाला है और राज्य में 90 निर्वाचन क्षेत्रों (73 सामान्य; 17 एससी) के लिए चुनाव होना है।
आयोग की दो दिवसीय समीक्षा यात्रा के दौरान आम आदमी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, भारतीय राष्ट्रीय लोक दल और जननायक जनता पार्टी के प्रतिनिधि आयोग से मिलने आए।
राजनीतिक दलों द्वारा उठाए गए मुख्य मुद्दे:
सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराना।
संवेदनशील मतदान केंद्रों में पर्याप्त केंद्रीय बलों की तैनाती।
कुछ दलों ने मतदाता सूची को अद्यतन करने और पंचकूला की मतदाता सूची से मृत और स्थानांतरित मतदाताओं को हटाने की आवश्यकता बताई।
अनुरोध किया गया कि मतदान केंद्रों के बीच की दूरी को कम किया जाए और बुजुर्ग तथा महिला मतदाताओं के लिए सुविधाओं में सुधार किया जाए।
कुछ दलों ने शहरी क्षेत्रों में मतदान केंद्र के प्रवेश द्वार से पार्टियों के मतदान डेस्क की दूरी को 200 मीटर की जगह 50 मीटर करने की वकालत की।
समय पर शिकायतों के निवारण की जरूरत बताते हुए चुनाव पर्यवेक्षकों की अनुपलब्धता के बारे में भी चिंता व्यक्त की गई।
अन्य मांगों में नामांकन की समय सीमा के तुरंत बाद उम्मीदवारों के साथ मतदाता सूचियों को समय पर साझा करना शामिल था।
जब मतदान दल मतदाताओं के घर मतदान कराने के लिए जाते हैं तो राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को पहले से सूचित किया जाना चाहिए।
कुछ दलों ने विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारों के लिए खर्च सीमा में वृद्धि का भी अनुरोध किया।
आयोग ने प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि उसने राजनीतिक दलों के सुझावों और चिंताओं का संज्ञान लिया है और ईसीआई राज्य में स्वतंत्र, निष्पक्ष, सहभागी, समावेशी, शांतिपूर्ण और प्रलोभन मुक्त चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध है। राजनीतिक दलों को इस बात के लिए प्रोत्साहित किया गया कि वे चुनाव से पहले मतदाता सूचियों को अद्यतन करने के लिए जारी दूसरी विशेष संक्षिप्त संशोधन प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल हों।
हरियाणा में विधानसभा चुनाव में पहली बार, 85+ वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों और 40 प्रतिशत बेंचमार्क दिव्यांगता वालों को अपने घर से मतदान करने का विकल्प दिया जाएगा। घर से मतदान की सुविधा वैकल्पिक है। यदि कोई मतदाता अपना वोट डालने के लिए मतदान केंद्र पर जाने के लिए तैयार है, तो मतदान केंद्र पर आवश्यक सहायता प्रदान की जाएगी। इस सुविधा का विकल्प चुनने वाले मतदाताओं से अधिसूचना के 5 दिनों के भीतर बीएलओ द्वारा आवेदन पत्र 12डी भरवाया जाएगा और इसे रिटर्निंग अधिकारी के पास जमा कराया जाएगा। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की जाएगी और राजनीतिक दलों तथा उम्मीदवारों के प्रतिनिधि घर से मतदान की इस पूरी प्रक्रिया में शामिल होंगे।
मतदान केंद्रों पर सुनिश्चित न्यूनतम सुविधाएं
सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि राज्य भर के मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की सुविधा के लिए रैंप, पेयजल, शौचालय, बिजली, शेड, कुर्सियां आदि जैसी न्यूनतम सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी।
Software: Microsoft OfficeSoftware: Microsoft Office
प्रौद्योगिकी
जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ) ने बताया कि वे मतदाताओं और राजनीतिक दलों सहित सभी हितधारकों की सुविधा के लिए आईटी अनुप्रयोगों के इको-सिस्टम का उपयोग करेंगे।
सी-विजिल: इस ऐप से नागरिक किसी भी चुनावी उल्लंघन और कदाचार की रिपोर्ट कर सकते हैं। इसमें न सिर्फ शिकायतकर्ता की पहचान गुप्त रखी जाती है बल्कि 100 मिनट के भीतर उन्हें जवाब भी दिया जाता है। उपयोग में आसान, इस सहज ऐप के माध्यम से उठाई गई शिकायतों के समाधान के लिए फ्लाइंग स्क्वॉड तैनात किए गए हैं।
सुविधा: यह उम्मीदवारों के लिए मीटिंग हॉल, राजनीतिक रैलियों के लिए ग्राउंड बुकिंग आदि की अनुमति के लिए अनुरोध करने के लिए एक सिंगल विंडो ऐप है। यह तकनीक सभी हितधारकों को समान सुविधा सुनिश्चित करने की दिशा में एक कदम है क्योंकि इसका इस्तेमाल बिना किसी भेदभाव के “पहले आओ पहले पाओ” के आधार पर किया जा सकता है।
केवाईसी या नो योर कैंडिडेट ऐप जानकार और जागरूक मतदाता को बढ़ावा देने के लिए एक कदम है। ऐप में चुनावी उम्मीदवारों के आपराधिक इतिहास, यदि कोई हो, और उनकी संपत्ति और देनदारियों तथा शिक्षा का विवरण शामिल हैं।
सक्षम ऐप विशेष रूप से दिव्यांग मतदाताओं के लिए तैयार किया गया है जिसमें शामिल विभिन्न सुविधाओं तक उनकी पहुंच को आसान बनाया गया है। दिव्यांग मतदाताओं के लिए मतदान अनुभव को सुगम बनाने के लिए इस ऐप के माध्यम से मतदान केंद्र पर पिक-एन-ड्रॉप सुविधा, व्हीलचेयर सहायता या स्वयंसेवक की सहायता के लिए अनुरोध किया जा सकता है।
संवाददाता हरियाणा, पलवल जिले के नव नियुक्त उपायुक्त डॉ. हरीश वशिष्ठ (आईएएस) ने आज अपने कार्यालय मैं जिले के तमाम उद्योगपतियों से एक शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने वृक्षारोपण का महत्व बताते हुए जिले के सभी लोगों से अधिक से अधिक संख्या मैं वृक्ष लगाने का आह्वान किया।
उपायुक्त ने जिले मैं मजूद सभी उद्योगिक संस्थानों से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने की अपील की, साथ ही उन वृक्षों को आवारा पशुओं से बचाने के लिए ट्री गार्ड लगाने और उनका रखरखाव करने की जिमेदारी पर भी बल दिया। उपायुक्त ने बताया कि इस बार जिले मैं 2 लाख पौधारोपण का लक्ष्य रखा गया है, जिसमे समाज के प्रत्येक नागरिक की भागीदारी सुनिश्चित होनी चाहिए।
इस अवसर पर उपायुक्त ने उद्योगों की समस्याओं को भी सुना और सम्बंधित अधिकारी को उन समस्याओं का शीघ्र ही निराकरण करने की बात भी कही। इस मौके पर पलवल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रधान डॉ. एस. सी. कंसल ने विस्तारपूर्वक उद्योगों को आ रही समस्या उपायुक्त के सामने रखी जिसपर उपायुक्त ने सम्बंधित विभाग के अधिकारियों द्वारा बिंदुवार उत्तर देने के लिए कहा गया।
एसोसिएशन के उप प्रधान राजीव मेहरा ने उद्योगों को हो रही बिजली की भारी किल्लत पर चर्चा की जिसके जवाब मैं बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता/संचालन जोगिन्दर हूडा ने क्रमवार उत्तर देते हुए विभाग के द्वारा किये गए कार्यों की जानकारी एसोसिएशन से साझा की।
मीटिंग मैं निर्बाध बिजली, बेहतर सड़क, पीने का पानी, कानून एवं सुरक्षा आदि मुहैया करवाने पर चर्चा करते हुए उपायुक्त ने पलवल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन और मीटिंग मैं मौजूद उद्योगपतियों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्त समस्याओं का निराकरण शीघ्र किया जायेगा।
मीटिंग के समापन मैं इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने उपायुक्त द्वारा उनकी समस्याओं को सुनने और निराकरण का भरोसा दिलाने का आभार व्यक्त किया और वृक्ष महोत्सव मैं सभी उद्योगों की पूर्ण भागीदारी का भरोसा दिलाया।
मीटिंग मैं पीआईए के पदाधिकारियों और उद्योगपतियों के आलावा प्रशासन की ओर से कई विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
संवाददाता फरीदाबाद। तिगांव से आयी खबर के अनुसार, हाईटेंशन लाइन की चपेट आने से 14 कावंड़िये बुरी तरह झुलस गए, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां पर इलाज के दौरान एक कांवड़िये की मौत हो गई।
बताया जा रहा है कि यह हादसा तब हुआ जब तिगांव से सटे नवादा में कावंड़िये डाक कांवड़ ले जाने की तैयारी कर रहे थे। मृतक नितिन के जानकर ने बताया कि गांव के लगभग 14 कांवड़िये आज रविवार शाम को डाक कावड़ लेने के लिए हरिद्वार जाने की तैयारी कर रहे थे। इसके लिए उन्होंने एक कैंटर बुक किया था। कैंटर को कांवड़िये आज सुबह बल्लभगढ़ से डीजे लगवा कर तिगांव की और आ रहे थे और यहां से उन्हें आज शाम को हरिद्वार के लिए निकलना था।
बताया गया कि जैसे ही उनका कैंटर नवादा स्थित शिव कॉलेज के पास पहुंचा, तो उसी दौरान उनका कैंटर 11 हजार हाई वोल्टेज लाइन की बिजली के तार की चपेट में आ गया। कैंटर में सवार लगभग 14 कांवरिये बुरी तरह झुलस गए और कई तो कैंटर से नीचे गिर गए।
इस घटना के बाद सभी को जल्द ही वहां के एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया, लेकिन यहां पर नितिन की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने किसी बड़े अस्पताल में ले जाने के रेफर किया और जब परिजन उसे लेकर फरीदाबाद के निजी अस्पताल में पहुंचे तो वहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
संवाददाता हरियाणा। राजकीय विद्यालय में दूर-दराज से पढ़ने आने वाले छात्रों के लिए प्रदेश सरकार एक अनोखी पहल लेकर आयी है जिससे अब छात्रों को पैदल नहीं चलना पड़ेगा। इसके लिए प्रदेश सरकार ने निशुल्क हरियाणा रोडवेज की बस सुविधा शुरू की है। जिसका शुभारंभ राजकीय वरिष्ठ मध्यमिक विद्यालय, फतेहपुर तगा से किया गया।
राजकीय विद्यालयों में दूर दराज से पढ़ने आने वाले छात्रों को कई-कई किलोमीटर की दूरी तय करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। ग्रामीण क्षेत्र में इसका अधिक प्रभाव पड़ रहा है। जिसको को देखते हुए प्रदेश सरकार ने प्रशंसनीय फैसला लेते हुए दूर दराज से आने वाले छात्रों के लिए ये रोडवेज की निशुल्क परिवहन सुविधा शुरू की है।
अभी इस परिवहन सेवा का शुभारंभ विद्यालय के आसपास गांव सिकरौना, फिरोजपुर कलां, टिकरी खेड़ा, धौज, मादलपुर, कुरैशीपुर ,सरूरपुर, नेकपुर, सिरोही, लदियापुर से आने वाले छात्रों के लिए किया है।