Arattai Messenger: आत्मनिर्भर भारत का अपना चैटिंग ऐप, आज ही डाउनलोड करें

अरा ताई मैसेंजर चला ले, चौंकिए मत! यहां बात हरियाणा की ताई के मैसेंजर चलाने की नहीं हो रही, हम बात कर रहे हैं देश के अपने मैसेंजर Arattai की। चलिए जानते हैं ये क्यों चर्चा में है!

जी हां, दोस्तों! आज के दौर में जब whatsapp और telegram जैसे विदेशी ऐप्स हमारी जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं, वहां एक नया सितारा उभर रहा है – Arattai Messenger। ये कोई साधारण चैटिंग ऐप नहीं, बल्कि भारत की मिट्टी से निकला एक मजबूत कदम है, जो ‘आत्मनिर्भर भारत’ के सपने को साकार कर रहा है। Zoho Corporation द्वारा विकसित यह ऐप न सिर्फ सुरक्षित और सरल है, बल्कि पूरी तरह भारतीय है – बिना किसी विदेशी निर्भरता के। आइए, इसकी पूरी कहानी जानते हैं,

Arattai Messenger क्या है? एक झलक इसके फीचर्स पर

Arattai Messenger एक फ्री इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप है, जो आपको अपने अपनों से जुड़े रखने के लिए बनाया गया है। इसका नाम ‘Arattai‘ तमिल शब्द से लिया गया है, जिसका मतलब है ‘दोस्त’ या ‘साथी’ – ठीक वैसा ही जैसा ये ऐप आपके लिए साबित होता है। जोहो जैसी भारतीय कंपनी ने इसे डिजाइन किया है, ताकि हर भारतीय आसानी से इस्तेमाल कर सके।

कुछ मुख्य फीचर्स जो इसे खास बनाते हैं:

  • टेक्स्ट और वॉयस मैसेज: तेजी से मैसेज भेजें, वॉयस नोट्स रिकॉर्ड करें।
  • ऑडियो-वीडियो कॉल्स: एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन से सुरक्षित कॉल्स, बिना किसी डेटा लीक के डर के।
  • मीडिया शेयरिंग: फोटो, वीडियो, डॉक्यूमेंट्स शेयर करें – ग्रुप चैट्स में भी।
  • मल्टी-डिवाइस सपोर्ट: फोन, टैबलेट या कंप्यूटर पर एक साथ लॉगिन करें।
  • एंड्रॉयड टीवी ऐप: व्हाट्सएप जैसी कंपनियां अभी सोच रही हैं, लेकिन Arattai ने पहले ही ऑफिशियल एंड्रॉयड टीवी ऐप लॉन्च कर दिया है – बड़ी स्क्रीन पर चैटिंग का मजा लें!
  • पॉकेट फीचर: ऑफलाइन मैसेज स्टोर करें, बाद में सिंक हो जाएं।
  • प्राइवेसी फर्स्ट: कोई डेटा बेचना नहीं, सब कुछ भारतीय सर्वर पर सुरक्षित।

ये ऐप इतना सरल है कि बेसिक फोन वाले यूजर्स भी आसानी से चला सकते हैं। हाल ही में इसके डाउनलोड्स 100 गुना बढ़ गए हैं, और ये गूगल प्ले स्टोर व ऐप स्टोर पर टॉप ट्रेंडिंग बन चुका है। क्यों? क्योंकि लोग अब विदेशी ऐप्स पर भरोसा कम कर रहे हैं, और अपना बनाया हुआ चुन रहे हैं!

Zoho Corporation – भारतीय तकनीक का गौरवशाली प्रतीक

अरटाई मैसेंजर के पीछे का दिमाग है Zoho Corporation, एक ऐसी भारतीय कंपनी जो वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना चुकी है। 1996 में श्रीधर वेम्बू और टोनी थॉमस द्वारा स्थापित यह कंपनी चेन्नई, तमिलनाडु में स्थित है और अब नौ देशों में कार्यालय चला रही है। शुरू में एडवेंटनेट इंक के नाम से अमेरिका में नेटवर्क मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर बनाने वाली यह कंपनी 2009 में जोहो कॉर्पोरेशन बनी, जब इसने Zoho ऑफिस सूट लॉन्च किया।

जोहो ने कभी वेंचर कैपिटल नहीं लिया, न ही आईपीओ किया – ये कंपनी पूरी तरह बूटस्ट्रैप्ड है, यानी अपनी कमाई से ही बढ़ी। आज ये CRM, मार्केटिंग, फाइनेंस, HR और एनालिटिक्स जैसे क्षेत्रों में 50 से ज्यादा प्रोडक्ट्स देती है, जिनमें Zoho One जैसा फ्लैगशिप सूट शामिल है। श्रीधर वेम्बू, जो कंपनी के को-फाउंडर और चीफ साइंटिस्ट हैं, एक प्रेरणा हैं – उन्होंने ग्रामीण भारत में ग्रामीण स्कूल खोलकर दिखाया कि तकनीक सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं। जोहो की फिलॉसफी है: यूजर प्राइवेसी पहले, इनोवेशन हमेशा। जोहो जैसी कंपनियां ही साबित करती हैं कि भारतीय दिमाग दुनिया को चला सकता है।

अमेरिका-भारत टैरिफ युद्ध के बीच अरटाई: आत्मनिर्भर भारत की मजबूत इच्छाशक्ति

अब बात करते हैं उस वैश्विक तनाव की, जो हमारी डिजिटल दुनिया को भी छू रही है। अमेरिका और भारत के बीच चल रहे टैरिफ युद्ध – जहां अमेरिका ने उत्पादों पर भारी टैक्स लगाकर व्यापार को प्रभावित किया, वहीं भारत ने भी अपनी नीतियां सख्त कीं। ये सिर्फ सामान का नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी का भी युद्ध है। विदेशी ऐप्स पर डेटा प्राइवेसी के खतरे, बैन की धमकियां, और आर्थिक दबाव – ये सब भारत को डिगा नहीं सकता क्योंकि ये नया भारत है जो एन झुकता है और डरता है बाल्की आंख माई आंख डाल कर बात करता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत, कंपनियां जैसे जोहो ने Arattai जैसे ऐप्स बनाकर दिखा दिया कि हम खुद पर निर्भर हो सकते हैं। जब अमेरिका जैसे देश अपनी टैरिफ नीतियों से दुनिया को दबाने की कोशिश करते हैं, तब भारत कहता है – ‘नहीं चलेगा!’ Arattai इसी मजबूत इच्छाशक्ति का प्रतीक है – जहां विदेशी ऐप्स के थ्रेट्स (जैसे डेटा चोरी या सर्विस बंद) का कोई असर नहीं पड़ेगा। ये ऐप न सिर्फ चैटिंग करता है, बल्कि देश की संप्रभुता को मजबूत करता है। कल्पना कीजिए, एक ऐसा भारत जहां हर मैसेज भारतीय सर्वर से हो, हर कॉल सुरक्षित रहे। स्वदेशी, सुरक्षित, स्वाभिमानी।

Arattai Messenger कहां से डाउनलोड करें? आसान स्टेप्स

अब सबसे जरूरी सवाल – इसे कैसे इंस्टॉल करें? चिंता मत कीजिए, ये बिल्कुल फ्री और आसान है:

  1. एंड्रॉयड यूजर्स: गूगल प्ले स्टोर पर सर्च करें “Arattai Messenger”। डेवलपर: Zoho Corporation। डाउनलोड साइज छोटा है, तुरंत इंस्टॉल हो जाएगा। लिंक: Google Play
  2. आईओएस यूजर्स: ऐप स्टोर पर “Arattai Messenger” सर्च करें। आईफोन/आईपैड पर परफेक्ट चलेगा। लिंक: App Store
  3. वेब वर्जन: ऑफिशियल वेबसाइट arattai.in पर जाएं। QR कोड स्कैन करके डाउनलोड करें, या डायरेक्ट लॉगिन करें।
  4. एंड्रॉयड टीवी: प्ले स्टोर से ही “Arattai” सर्च करें – टीवी पर चैटिंग का नया जमाना!

डाउनलोड करने के बाद, अपना मोबाइल नंबर वेरिफाई करें, और हो गया! कोई ईमेल या फेसबुक लॉगिन की जरूरत नहीं।

Arattai से मजबूत बनेगा डिजिटल भारत

दोस्तों, अरटाई मैसेंजर सिर्फ एक ऐप नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक और तकनीकी स्वतंत्रता का प्रतीक है। अमेरिका-भारत टैरिफ युद्ध जैसे चुनौतियों के बीच, ये हमें याद दिलाता है कि भारत अब निर्भर नहीं, बल्कि निर्भर करने वाला है। आइए, आज ही इसे डाउनलोड करें, अपनों से जुड़ें, और देश को मजबूत बनाएं। क्योंकि जब हम स्वदेशी चुनते हैं, तो वो सिर्फ मैसेज नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति का संदेश होता है।

तो अब आप गर्व से कह सकते सकते हो कि, अरा ताई मैसेंजर चला ले अपना देसी आला।

(यह लेख सूचना के उद्देश्य से लिखा गया है। ऐप के लेटेस्ट फीचर्स के लिए ऑफिशियल साइट चेक करें।)

महामहिम राष्ट्रपति के मथुरा भ्रमण से ब्रजवासी हुए आह्लादित, कृष्ण कुब्जा मंदिर को मिली वैश्विक पहचान

मथुरा, 25 सितंबर 2025: महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु प्रथम बार बृजमंडल में आगमन और मथुरा-वृंदावन का एकदिवसीय भ्रमण ब्रजवासियों के लिए खुशी का अवसर बन गया। महाराजा एक्सप्रेस ट्रेन से दिल्ली से प्रस्थान कर राष्ट्रपति मुर्मु ने बांके बिहारी मंदिर, कृष्ण जन्मभूमि और कृष्ण कुब्जा मंदिर का दर्शन किया। इस भ्रमण के दौरान ब्रजवासी उत्साह से झूम उठे, और कुब्जा मंदिर को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली।

वृन्दावन रोड रेलवे स्टेशन, छटीकरा

महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु लगभग प्रातः 10 बजे वृन्दावन रोड रेलवे स्टेशन पहुँची। वृन्दावन रोड रेलवे स्टेशन पर महामहिम राष्ट्रपति का स्वागत गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी, महापौर विनोद अग्रवाल, लै0 जनरल वी0 हरिहरन (अति विशिष्ट सेवा मेडल, सेना मेडल, जनरल ऑफिसर कमांडिंग, 1 कोर मथुरा), महाप्रबंधक उत्तर मध्य रेलवे इलाहाबाद नरेश पाल सिंह, अपर पुलिस महानिदेशक श्रीमती अनुपम कुलश्रेष्ठ, मण्डलायुक्त शैलेन्द्र कुमार सिंह, मंडल रेल प्रबंधक आगरा गगन गोयल, एफ (पी) टीएसी, सीडीआर, 8 टीएसी कैप्टन शिवम मनचंदा, जिलाधिकारी/जिला मजिस्ट्रेट चन्द्र प्रकाश सिंह एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार द्वारा किया गया। वृन्दावन रोड रेलवे स्टेशन से महामहिम श्री बांके बिहारी जी मंदिर के दर्शन करने हेतु रवाना हुई। महामहिम श्री बांके बिहारी जी मंदिर के निकट बनी पार्किंग पहुंची, जहाँ से गोल्फ कार्ट के माध्यम से श्री बांके बिहारी जी मन्दिर को प्रस्थान किया।

श्री बांके बिहारी जी मंदिर वृन्दावन

श्री बांके बिहारी जी मन्दिर में राष्ट्रपति ने विधि-विधान से पूजा अर्चना की। उन्होंने ठा० श्री बांके बिहारी जी का आर्शीवाद प्राप्त किया। श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने ठॉ० श्री बांके बिहारी जी मन्दिर में चन्दन कोठरी की देहरी पर इत्र सेवा की। उन्होंने सम्मान कुंज बिहारी अष्टक एवं दीप प्रज्जवलन किया।

श्री निधिवन, वृन्दावन

श्री बांके बिहारी जी के दर्शन के उपरान्त सभी लोग गोल्फ कार्ट के माध्यम से श्री निधिवन पहुँचे। जहां पर तुलसी वन के हरे भरे वृक्षों का दर्शन किया। महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने ललिता कुण्ड के दर्शन किए, श्री बांके बिहारी जी के प्राकट्य स्थल पर कमल की माला एवं पुष्प अर्पण किये। उन्होंने रंग महल में राधारानी को श्रृंगार अर्पण किया, जिसमें चादर, साड़ी, 16 श्रृंगार, लडडू, पान, इत्र आदि था। उन्होंने रास मण्डल में इत्र व पुष्प अर्पण किये। वंशीचोरी राधारानी में चुनरी अर्पण तथा चरण पादुका पर इत्र व पुष्प अर्पण किया। महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु को वंशी प्रसादी के रूप में प्रदान किया गया। स्वामी हरिदास समाधि पर इत्र सेवा, चुनरी व हरिदासी अर्पण किया। निधिवन के मुख्य सेवायत ने महामहिम को ललिता कुण्ड से लेकर स्वामी हरिदास समाधि तक सभी स्थलों का महत्व, निधिवन की प्राचीनता एवं पौराणिकता से अवगत कराया।

श्री सुदामा कुटी, वृन्दावन

श्री निधिवन दर्शन के पश्चात महामहिम श्री सुदामा कुटी पहुँची। महामहिम के मन्दिर में प्रवेश करते ही वेद पाठकों द्वारा स्वस्तिवाचन एवं मंगलाचरण किया गया। 16 ब्राहमणों द्वारा स्वस्तिवाचन किया गया। उन्होंने एक पेड मां के नाम के अन्तर्गत परिसर में पारिजात का वृक्ष लगाया। कार्यक्रम में महामहिम ने सुदामा दास जी महाराज की भजनकुटी का लोकार्पण किया। सुदामा कुटी में महामहिम द्वारा गौ पूजन किया गया। महामहिम ने बछिया को चुनरी व माला पहनायी एवं टीका किया। उन्होंने बछिया को गुड खिलाया। महामहिम ने मन्दिर में कौशल किशोर भगवान जी के दर्शन किये।

श्री कुब्जा कृष्ण मन्दिर, मथुरा

महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी ने होलीगेट क्षेत्र स्थित श्री कुब्जा कृष्ण मन्दिर के दर्शन किये। महामहिम ने श्री कुब्जा कृष्ण मन्दिर में विधिविधान से पूजा अर्चना की। आशीष चतुर्वेदी एवं बालकृष्ण चतुर्वेदी द्वारा मन्दिर में पूजा अर्चना कराई गई। कुब्जा कृष्ण मन्दिर के मुख्य सेवायत ने महामहिम को श्री कुब्जा कृष्ण मन्दिर की पौराणिकता एवं इतिहास से अवगत कराया गया।

श्री कृष्ण जन्मस्थान मन्दिर, मथुरा

श्रीमती द्रौपदी मुर्मु दर्शन हेतु श्रीकृष्ण जन्मस्थान मन्दिर पहुँची। महामहिम राने श्री केशव देव जी मन्दिर के दर्शन किये तथा विधिविधान से पूजा अर्चना की। उन्होंने श्री योग माया जी मन्दिर तथा गर्भगृह मन्दिर में पूजा की और आर्शीवाद प्राप्त किया। इसके उपरान्त महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने भागवत मन्दिर के दर्शन किये। भागवत मन्दिर में मंत्रोच्चारण के साथ महामहिम जी ने विधि-विधान से पूजा अर्चना की। इसके साथ ही श्री जगन्नाथ मन्दिर जी के दर्शन किये। श्रीकृष्ण जन्मस्थान मन्दिर के दर्शन के उपरान्त महामहिम मथुरा जंक्शन रेलवे स्टेशन पहुँची, जहां से दिल्ली के लिए प्रस्थान किया।

विभिन्न कार्यक्रम स्थलों पर उपस्थिति

कार्यक्रम के दौरान अपर पुलिस महानिदेशक श्रीमती अनुपम कुलश्रेष्ठ, मण्डलायुक्त शैलेन्द्र कुमार सिंह, पुलिस उप महानिरीक्षक शैलेश कुमार पाण्डेय, जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार, नगर आयुक्त जग प्रवेश सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

Rajmarg Yatra App: 15 अगस्त 2025 को शुरू की गई नई वार्षिक फास्टैग पास योजना के लिए राजमार्ग यात्रा ऐप का उपयोग कैसे करें ?

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा को और सुगम बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। 15 अगस्त 2025 को शुरू की गई नई वार्षिक फास्टैग पास योजना, जिसमें केवल ₹3,000 में 200 यात्राओं की सुविधा मिलेगी, अब राजमार्ग यात्रा ऐप (Rajmarg Yatra App) के माध्यम से उपलब्ध है। यह योजना विशेष रूप से कार, जीप और वैन (गैर-वाणिज्यिक वाहन) मालिकों के लिए है और दैनिक यात्रियों, लंबी दूरी के यात्रियों के लिए लाभकारी साबित हो रही है। यह डिजिटल पहल तेजी से लोकप्रिय हो रही है। इस विस्तृत गाइड में, हम आपको बताएंगे कि राजमार्ग यात्रा ऐप का उपयोग करके वार्षिक फास्टैग पास कैसे प्राप्त करें और एक परेशानी मुक्त यात्रा का आनंद लें।

Rajmarg Yatra App क्या है?

NHAI द्वारा विकसित राजमार्ग यात्रा ऐप एक उपयोगकर्ता-अनुकूल मोबाइल एप्लिकेशन है, जो राष्ट्रीय राजमार्गों से संबंधित वास्तविक समय की जानकारी और सेवाएं प्रदान करता है। यह फास्टैग सिस्टम (RFID-आधारित इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह विधि) के साथ एकीकृत है, जो उपयोगकर्ताओं को अपने फास्टैग वॉलेट रिचार्ज करने, लेन-देन इतिहास जांचने, टोल प्लाजा खोजने और अब वार्षिक पास के लिए आवेदन करने की सुविधा देता है। वार्षिक फास्टैग पास विशेष रूप से नियमित यात्रियों के लिए उपयुक्त है, जो एक वर्ष के लिए टोल शुल्क को प्रीपेड करने का विकल्प प्रदान करता है और बार-बार भुगतान से बचाता है।

₹3,000 वार्षिक FASTag Pass क्यों चुनें?

यह योजना गैर-वाणिज्यिक वाहन मालिकों (कार, जीप, वैन) के लिए आदर्श है जो नियमित रूप से राजमार्गों का उपयोग करते हैं। प्रमुख लाभ शामिल हैं:

  • किफायती: 200 यात्राओं के लिए ₹3,000, जो प्रति यात्रा औसतन ₹15 पड़ता है, जो मानक टोल दरों से कम हो सकता है।
  • यात्रा सीमा: 12 महीनों में 200 क्रॉसिंग्स कवर करती है, जो मासिक 16-17 यात्राओं के लिए उपयुक्त है।
  • सुविधा: टोल प्लाजा पर रुकने की आवश्यकता समाप्त होती है, समय और ईंधन बचाता है।
  • विशेषता: केवल कार, जीप और वैन (गैर-वाणिज्यिक) के लिए सीमित, निष्पक्ष उपयोग सुनिश्चित करता है।

राजमार्ग यात्रा ऐप के सहज इंटरफेस के साथ, इस पास के लिए आवेदन करना आसान है। इन चरणों का पालन करें।

₹3,000 वार्षिक FASTag Pass के लिए आवेदन करने की स्टेप-बाय-स्टेप गाइड

चरण 1: ऐप डाउनलोड और इंस्टॉल करें

  • उपलब्धता: गूगल प्ले स्टोर (एंड्रॉइड) और ऐपल ऐप स्टोर (iOS) से मुफ्त में राजमार्ग यात्रा ऐप डाउनलोड करें।
  • इंस्टॉलेशन: “राजमार्ग यात्रा” खोजें, डाउनलोड करें और इंस्टॉल करें। डिवाइस में एंड्रॉइड 5.0+ या iOS 11.0+ होना चाहिए।

चरण 2: रजिस्टर या लॉग इन करें

  • नए उपयोगकर्ता: ऐप खोलें और “रजिस्टर” चुनें। मोबाइल नंबर डालें, SMS के माध्यम से OTP से सत्यापित करें, और पासवर्ड बनाएं। नाम, ईमेल और फास्टैग से जुड़े वाहन पंजीकरण नंबर जोड़ें।
  • मौजूदा उपयोगकर्ता: रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और पासवर्ड से लॉग इन करें।
  • नोट: सुनिश्चित करें कि आपका फास्टैग सक्रिय है और जारीकर्ता बैंक (जैसे HDFC, ICICI, SBI) के माध्यम से जुड़ा है।

चरण 3: फास्टैग सेक्शन में जाएं

  • होम स्क्रीन पर “फास्टैग” विकल्प पर टैप करें, जो आपका बैलेंस, लेन-देन इतिहास और पास विकल्प दिखाएगा।

चरण 4: वार्षिक पास योजना चुनें

  • फास्टैग मेनू में “वार्षिक पास” या “प्रीपेड टोल पास” विकल्प खोजें।
  • 15 अगस्त 2025 को लॉन्च की गई ₹3,000/200 यात्रा योजना पर टैप करें।

चरण 5: वाहन पात्रता सत्यापित करें

  • ऐप पात्र वाहन प्रकार (कार, जीप, वैन-गैर-वाणिज्यिक) दिखाएगा। अपना पंजीकृत वाहन चुनें और योजना के मानदंडों से मेल करने की पुष्टि करें।
  • पास सभी NHAI टोल प्लाजा पर 200 यात्राओं के लिए मान्य है।

चरण 6: भुगतान करें

  • “प्रोसीड टू पे” पर क्लिक करें और पेमेंट गेटवे में प्रवेश करें।
  • UPI, नेट बैंकिंग, डेबिट/क्रेडिट कार्ड या वॉलेट का चयन करें। ₹3,000 उपलब्ध रखें।
  • सफल भुगतान के बाद, एक अनोखा पास ID के साथ पुष्टिकरण संदेश मिलेगा।

चरण 7: पास डाउनलोड और सक्रिय करें

  • डिजिटल पास (PDF) डाउनलोड करें या पास ID नोट करें।
  • पास आपके फास्टैग से तुरंत जुड़ जाता है और टोल प्लाजा पर उपयोग के लिए सक्रिय हो जाता है।

चरण 8: निगरानी और नवीनीकरण

  • “माई पासेस” सेक्शन में पास की स्थिति जांचें, शेष यात्राएं और वैधता ट्रैक करें।
  • समाप्ति से 30 दिन पहले नवीनीकरण करें, योजना की उपलब्धता के अधीन।

उपयोग में आसानी के लिए टिप्स

  • पात्रता जांच: सुनिश्चित करें कि आपका वाहन गैर-वाणिज्यिक है; वाणिज्यिक वाहन (जैसे टैक्सी, मालवाहक) अयोग्य हैं।
  • इंटरनेट: रजिस्ट्रेशन और भुगतान के दौरान स्थिर कनेक्शन का उपयोग करें।
  • सहायता: समस्याओं के लिए 24/7 हेल्पलाइन या helpdesk@nhai.org पर ईमेल करें।
  • ऐप अपडेट: नवीनतम योजना विवरण और बग फिक्स के लिए ऐप को अपडेट रखें।

लाभ और सीमाएं

15 अगस्त से, ₹3,000/200 यात्रा पास की लोकप्रियता बढ़ी है, NHAI के अनुसार पहले चार दिनों में 500,000 से अधिक आवेदन मिले। यह शहरी यात्रियों के लिए NH-48 और NH-44 जैसे मार्गों पर लोकप्रिय है। ऊपर दिए गए चरणों का पालन करके, आप अपने पास को सुरक्षित कर सकते हैं और अगले वर्ष 200 टोल-मुक्त यात्राओं का आनंद ले सकते हैं। आज ही ऐप डाउनलोड करें और टोल प्रबंधन के भविष्य का हिस्सा बनें।

अधिक जानकारी के लिए www.nhai.gov.in पर जाएं या NHAI सहायता से संपर्क करें।


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क्या बिहार की धरती से पीएम मोदी करेंगे PM-Kisan योजना की 20वीं किस्त जारी?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा चलाई जा रही पीएम किसान सम्मान निधि योजना (PM-KISAN) की 20वीं किस्त अब जारी होने को तैयार है। सूत्रों के अनुसार, यह संभावना जताई जा रही है कि इस बार इस महत्वपूर्ण किस्त का शुभारंभ बिहार की धरती से किया जा सकता है। यदि पीएम मोदी वाकई में बिहार से इस योजना की घोषणा करते हैं, तो यह केवल एक वित्तीय सहायता नहीं, बल्कि एक राजनीतिक संदेश भी होगा — कि केंद्र सरकार किसानों को लेकर गंभीर है और चुनावी राज्यों को प्राथमिकता दे रही है। यह कदम, न केवल कृषि समाज को साधने का प्रयास होगा, बल्कि राज्य की राजनीति में भी नया समीकरण पैदा कर सकता है। 24 फरवरी, 2025 को जारी की गई 19वीं किस्त से 9.8 करोड़ से ज़्यादा किसानों को फ़ायदा हुआ, जिसमें कुल 22,000 करोड़ रुपये वितरित किए गए। 20वीं किस्त इसी जारी प्रयास का हिस्सा है।

क्यों बन सकता है बिहार PM-KISAN योजना का लॉन्चिंग केंद्र?

  • राजनीतिक दृष्टि से अहम: बिहार में 2025 के अंत में विधानसभा चुनाव संभावित हैं, जिससे यह राज्य राजनीतिक रूप से केंद्र में है।
  • कृषि प्रधान राज्य: बिहार में 80 लाख से अधिक छोटे और सीमांत किसान हैं जो सीधे इस योजना से लाभान्वित होते हैं।
  • PM-KISAN की पहुंच: बिहार योजना के सबसे अधिक लाभार्थी राज्यों में से एक है।

क्या है PM-KISAN Yojana की 20वीं किस्त का अपडेट?

  • 📅 संभावित जारी तिथि: जून 2025 के तीसरे सप्ताह
  • 💰 राशि: ₹2,000 प्रति किसान
  • 👥 लाभार्थी संख्या (अनुमानित): 8.5 करोड़
  • 🏦 कुल वितरित फंड: ₹17,000 करोड़ से अधिक

eKYC और रजिस्ट्रेशन की चेतावनी

सरकार द्वारा बार-बार कहा गया है कि जिन किसानों की ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया अधूरी है, उन्हें किश्त नहीं मिलेगी। इसलिए किसान जल्द से जल्द अपना आधार लिंक और केवाईसी पूरा कर लें। यदि आपने भी पीएम किसान योजना का लाभ लेने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है, तो यह आवश्यक है कि आप जल्द से जल्द ई-केवाईसी (E-KYC) करवा लें। योजना के नियमों के अनुसार, केवल वे किसान इस योजना का लाभ उठा पाएंगे जिनका ई-केवाईसी और जमीन का सत्यापन पूरा हो चुका होगा। जो किसान ई-केवाईसी नहीं करवाते हैं, उन्हें किस्त की राशि नहीं मिलेगी।

कैसे जानें कि आपका नाम लाभार्थी सूची में है?

यदि आप यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि आपकी 20वीं किस्त आएगी या नहीं, तो इसके लिए आप कुछ सरल स्टेप्स का पालन करके जान सकते हैं:

  1. सबसे पहले आपको PM Kisan योजना की आधिकारिक वेबसाइट https://pmkisan.gov.in पर जाना होगा।
  2. वेबसाइट पर “Farmer Corner” के अंतर्गत “Beneficiary Status” का विकल्प मिलेगा।
    • यहां पर अपना आधार नंबर, मोबाइल नंबर, या बैंक खाता नंबर दर्ज करके अपनी स्थिति जांच सकते हैं।
    • इसके बाद आप देख सकते हैं कि आपकी किस्त आ रही है या नहीं, और किस्त के जारी होने की स्थिति क्या है।
(Image Credits: pmkisan.gov.in)

ई-केवाईसी है जरूरी

अगर आप चाहते हैं कि 18वीं किस्त आपके खाते में समय पर पहुंचे, तो यह सुनिश्चित करें कि आपका ई-केवाईसी (e-KYC) पूरा हो। सरकार ने e-KYC को अनिवार्य कर दिया है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सही किसानों को ही लाभ मिल रहा है। आप e-KYC की प्रक्रिया PM Kisan की वेबसाइट या नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) से करा सकते हैं। यदि आपका e-KYC पूरा नहीं हुआ है, तो आपकी किस्त रुक सकती है।

💡 किसान सम्मान निधि (PM-Kisan) योजना के लिए "ई-केवाईसी कैसे करें: स्टेप बाई स्टेप गाइड" के लिए यहाँ क्लिक करें।

अगर किस्त में देरी हो तो क्या करें?

कई बार तकनीकी कारणों, बैंक खाता त्रुटियों, या आधार कार्ड में किसी गलती की वजह से किस्तें रुक जाती हैं। यदि आपको लगता है कि आपकी किस्त आने में देरी हो रही है, तो आप निम्नलिखित उपाय कर सकते हैं:

  1. हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें: आप PM Kisan योजना के हेल्पलाइन नंबर 155261 या 1800-115-526 पर संपर्क कर सकते हैं।
  2. हेल्पडेस्क का उपयोग करें: आप PM Kisan योजना की वेबसाइट पर जाकर “Helpdesk” का उपयोग कर सकते हैं, जहां आप अपनी समस्या दर्ज कर सकते हैं।
  3. पंजीकृत मोबाइल नंबर जांचें: यह सुनिश्चित करें कि आपका सही मोबाइल नंबर और बैंक खाता विवरण योजना में पंजीकृत है। गलत जानकारी होने पर आपकी किस्त रुक सकती है।

योजना से किसानों को अब तक कितना लाभ मिला?

किसान सम्मान निधि (PM Kisan) योजना को फरवरी 2019 में लॉन्च किया गया था, और तब से अब तक किसानों को कुल 19 किस्तों के रूप में हजारों करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। सरकार का लक्ष्य इस योजना के माध्यम से किसानों की आय में सुधार करना और उन्हें कृषि में होने वाले खर्चों को आसानी से पूरा करने में मदद करना है। इस योजना का खास फोकस छोटे और सीमांत किसानों पर है, जो अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत आने वाली 20वीं किस्त का बेसब्री से इंतजार कर रहे किसानों के लिए यह एक महत्वपूर्ण समय है। यह राशि उनके लिए कृषि कार्यों को सुचारू रूप से जारी रखने में सहायक होगी। अगर आप एक पंजीकृत किसान हैं, तो सुनिश्चित करें कि आपका e-KYC पूरा हो और सभी दस्तावेज सही तरीके से अपडेट हों, ताकि आपको इस योजना का पूरा लाभ मिल सके।

महत्वपूर्ण एवं उपयोगी लिंक्स:
PM Kisan Yojna NewsPM Kisan Yojna e-KYC
New Farmer RegistrationStatus of Self Registered Farmer/CSC Farmer
Updation of Self Registered FarmersKnow Your Status
Online RefundVoluntry Surrender of PM Kisan Benefits
Beneficiary ListHelpdesk-Query Form

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Finance Minister Reveals How Banks Got Back ₹2.27 Lakh Crore

नई दिल्ली: Finance Minister निर्मला सीतारमण ने आज राज्यसभा में जवाब देते हुए जानकारी दी कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSBs) ने पिछले कुछ वर्षों में ₹2.27 लाख करोड़ की राशि उन ऋणों से वसूली है, जिन्हें पहले राइट-ऑफ कर दिया गया था। यह जानकारी संसद में एक प्रश्न के उत्तर में दी गई, जिसमें उन्होंने बैंकिंग क्षेत्र में सुधार और बैंकों की वित्तीय स्थिति को लेकर महत्वपूर्ण बिंदु रखे।

राइट-ऑफ लोन क्या होता है?

जब कोई बैंक यह मान लेता है कि कोई ऋण (loan) वापस नहीं मिलेगा, तो उसे “राइट-ऑफ” कर दिया जाता है। इसका मतलब यह नहीं होता कि बैंक उस राशि की वसूली नहीं कर सकता, बल्कि यह एक बैलेंस शीट सुधारने की प्रक्रिया होती है, जिससे बैंक की वित्तीय स्थिति बेहतर दिखाई देती है।

कैसे हुई इतनी बड़ी वसूली?

वित्त मंत्री ने बताया कि सरकार द्वारा उठाए गए कई सख्त कदमों की वजह से यह वसूली संभव हो सकी है। इनमें शामिल हैं:

  1. सख्त नियमों का पालन – भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और सरकार ने बैंकों को सख्ती से नियमों का पालन करने और डिफॉल्टर्स के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
  2. इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) 2016 – इस कानून के तहत कई बड़ी कंपनियों को अपने कर्ज चुकाने के लिए मजबूर किया गया।
  3. बैंकिंग सुधार और निगरानी – बैंकों की स्थिति सुधारने के लिए सरकार ने लगातार उनकी निगरानी की और नीतिगत बदलाव किए।
  4. डिफॉल्टर कंपनियों पर कार्रवाई – उन कंपनियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए जिन्होंने जानबूझकर कर्ज नहीं चुकाया था।

वित्त मंत्री (Finance Minister) का बयान

Finance Minister निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट किया कि सरकार और बैंकिंग प्रणाली ने मिलकर इस प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रभावी बनाया है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की वित्तीय स्थिति अब पहले की तुलना में बेहतर हुई है और वे अब ज्यादा मजबूत और आत्मनिर्भर हो रहे हैं।

सरकारी प्रयासों का असर

  • पिछले कुछ वर्षों में बैंकों की बैलेंस शीट में सुधार हुआ है।
  • गैर-निष्पादित संपत्ति (NPA) में गिरावट आई है।
  • बैंकों की कुल आय और लाभ बढ़ा है।
  • कर्ज वसूली की प्रक्रिया को और तेज किया गया है।

वित्त मंत्री ने बताया कि सरकारी नीतियों और सख्त कदमों की वजह से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने बड़ी मात्रा में ऋणों की वसूली की है, जिससे बैंकिंग सेक्टर मजबूत हुआ है। यह भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत है और दर्शाता है कि सरकार वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।


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Sonia Gandhi’s Fierce Attack: Calls for Immediate MNREGA Wage Hike

नई दिल्ली: कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी ने राज्यसभा में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MNREGA) के तहत न्यूनतम मजदूरी में वृद्धि की मांग की है। उन्होंने सरकार पर इस योजना की अनदेखी करने और इसे कमजोर करने का आरोप लगाया।

मनरेगा (MNREGA) मजदूरी पर सोनिया गांधी की चिंता

सोनिया गांधी ने संसद में कहा कि ग्रामीण भारत में लाखों लोग मनरेगा (MNREGA) पर निर्भर हैं, लेकिन सरकार द्वारा इस योजना को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की उदासीनता के कारण मजदूरों को उनके श्रम का सही मूल्य नहीं मिल रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर हो रही है।

मनरेगा (MNREGA) बजट अपर्याप्त!

सोनिया गांधी ने बजट आवंटन को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि मनरेगा (MNREGA) के लिए सरकार का बजट नाकाफी है। ग्रामीण मजदूरों की संख्या और महंगाई बढ़ने के बावजूद मजदूरी में कोई बड़ी वृद्धि नहीं हुई है।

उन्होंने कहा कि यदि सरकार सच में गरीबों और ग्रामीण मजदूरों की चिंता करती है, तो उसे इस योजना के बजट को बढ़ाना चाहिए और मजदूरी दरों में संशोधन करना चाहिए।

सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

सोनिया गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मनरेगा (MNREGA) को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस योजना की वजह से लाखों ग्रामीणों को रोजगार मिला है, लेकिन सरकार इसकी अनदेखी कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार मजदूरी नहीं बढ़ाती है, तो गरीब मजदूरों की स्थिति और खराब हो सकती है।

मनरेगा (MNREGA) मजदूरी क्यों बढ़ानी चाहिए?

  1. महंगाई दर में वृद्धि – महंगाई बढ़ने के बावजूद मजदूरी में पर्याप्त वृद्धि नहीं की गई है।
  2. रोजगार का मुख्य जरिया – ग्रामीण क्षेत्रों में लाखों लोग मनरेगा पर निर्भर हैं।
  3. गरीबी उन्मूलन में सहायक – यह योजना गरीब तबके के लोगों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है।
  4. आजीविका के साधन को मजबूत बनाना – न्यूनतम मजदूरी में वृद्धि से ग्रामीणों का जीवनस्तर सुधर सकता है।

विपक्ष का समर्थन

सोनिया गांधी की इस मांग को विपक्ष के अन्य नेताओं का भी समर्थन मिला है। उन्होंने भी सरकार से अपील की है कि ग्रामीण मजदूरों की दयनीय स्थिति को ध्यान में रखते हुए मजदूरी में बढ़ोतरी की जाए।


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GeM’s ₹5 Lakh Crore Breakthrough: What’s Next for Sellers & Buyers?

नई दिल्ली: सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) ने वित्तीय वर्ष 2024-25 समाप्त होने से पहले ही 5 लाख करोड़ रुपये के सकल व्यापार मूल्य (GMV) का महत्वपूर्ण आंकड़ा पार कर लिया है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि GeM सार्वजनिक खरीद के लिए एक प्रमुख प्लेटफॉर्म के रूप में तेजी से विस्तार कर रहा है, जिससे 1.6 लाख से अधिक सरकारी इकाइयों को सुविधा मिल रही है।

वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने इस उपलब्धि पर जानकारी देते हुए बताया कि 23 जनवरी 2024 को 4 लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा पार करने के बाद, केवल 50 दिनों के भीतर 5 लाख करोड़ रुपये तक का सफर पूरा किया गया। मंत्रालय ने कहा कि हाल के महीनों में GeM ने कई नीतिगत सुधार किए हैं, जिससे विक्रेताओं की भागीदारी और बाजार तक पहुंच आसान हुई है।

सूक्ष्म और लघु उद्यमों को लाभ

GeM प्लेटफॉर्म पर लेन-देन शुल्क में कटौती, विक्रेता मूल्यांकन शुल्क में कमी और सतर्कता राशि की आवश्यकताओं को सरल बनाकर इसे छोटे उद्यमों, स्टार्टअप्स और महिला उद्यमियों के लिए अधिक अनुकूल बनाया गया है। इन सुधारों के चलते GeM प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत विक्रेताओं और सेवा प्रदाताओं की संख्या 22 लाख से अधिक हो गई है, जिससे प्रतिस्पर्धात्मक और विविधतापूर्ण खरीद प्रणाली को बढ़ावा मिल रहा है।

सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) की यह ऐतिहासिक उपलब्धि न केवल डिजिटल इंडिया पहल को मजबूती प्रदान करती है, बल्कि सार्वजनिक खरीद में पारदर्शिता और कुशलता को भी बढ़ावा देती है।


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Parliament Winter Session 2024: हंगामेदार होगा इस बार का शीतकालीन सत्र.

Parliament Winter Session 2024: हंगामेदार होगा इस बार का शीतकालीन सत्र.
Image Credits: Sansad TV

आज से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र (Parliament Winter Session 2024) के शुरू होने से पहले ही इसके हंगामेदार होने का पूर्वानुमान होने लगा है। संभल हिंसा हो या फिर वक्फ संशोधन विधेयक दोनों ही मुद्दों पर कांग्रेस हाई वोलटेज प्रदर्शन करने पर जोर देगी। साथ ही एक बार फिर से विपक्ष अडानी मुद्दे पर सरकार को घेरने का प्रयास जरूर करेगी वहीं हरियाणा और महाराष्ट्र के नतीजों के बाद सरकार भी पूरे जोश मैं नजर आएगी, जिससे इस सत्र के प्रदर्शन पर पूरे देश की निगाहें लगी रहेंगी। इस सत्र के लिए वक्फ संशोधन विधेयक समेत 16 विधेयक सूचीबद्ध किए गए हैं।

पीएम मोदी ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि शीतकालीन सत्र में माहौल शीत रहेगा। पीएम मोदी ने विपक्ष खासकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए बिना नाम लिए हुए कहा कि जिनको देश ने नकार दिया है वह संसद को बाधित करने का काम कर रहे हैं। मोदी ने कहा कि संसद में बेहतर चर्चा हो, ज्यादा से ज्यादा लोग संसद में अपना योगदान दें। दुर्भाग्य से कुछ लोगों ने अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए जिनको जनता ने अस्वीकार किया है वे संसद में हुड़दंगबाजी कर रहे हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि “कुछ विपक्ष के साथी बहुत जिम्मेदारी से व्यवहार करते हैं। उनकी भी इच्छा रहती है कि सदन में सुचारू रूप से काम हो लेकिन लगातार जिनको जनता ने नकार दिया है, वे अपने साथियों की बात को भी दबोच लेते हैं, उनकी भावनाओं का भी अनादर करते हैं।”

समाजवादी पार्टी ने सत्र शुरू होने के साथ ही संभल हिंसा पर चर्चा के लिए जोर डालना शुरू किया, हालाँकि आज सदन की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गयी, जो कल से नियमित रूप से चलने की संभावना है।


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PM Internship Scheme 2024-25

PM Internship Scheme 2024-25
PM Internship Scheme 2024-25 (Image Credits: pminternship.mca.gov.in)

हाल ही में, सरकार ने देश के युवाओं के लिए अपनी महत्वाकांक्षी परियोजना प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (PM Internship Scheme 2024-25) की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य युवाओं को उनके करियर में नई दिशा प्रदान करना और उन्हें व्यावसायिक जीवन के लिए बेहतर तरीके से तैयार करना है। यह योजना उन छात्रों और युवाओं के लिए एक बड़ी सौगात है, जो अपने कौशल को निखारकर सरकारी और गैर-सरकारी संस्थाओं में बेहतर अवसर प्राप्त करना चाहते हैं।

योजना का उद्देश्य

इस योजना का मुख्य उद्देश्य युवाओं को कार्यानुभव प्रदान करना है ताकि वे अपनी शैक्षिक योग्यता के साथ-साथ व्यावहारिक ज्ञान भी प्राप्त कर सकें। यह कार्यक्रम छात्रों को सरकारी कार्यालयों, संगठनों, और अन्य संस्थानों में इंटर्नशिप का मौका देगा, जहां वे विशेषज्ञों के साथ काम कर अपनी क्षमताओं को बढ़ा सकते हैं। PM Internship Scheme 2024-25 की आवेदन प्रक्रिया आज 12 अक्तूबर शाम से प्रारंभ हो गयी है। इस इंटर्नशिप के लिए उम्मीदवारों को कोई आवेदन शुल्क नहीं देना होगा।

इस पेज के जरिए हम PM Internship Scheme 2024-25 के अंतर्गत रजिस्ट्रेशन, पात्रता मानदंड के साथ-साथ इस योजना के सभी महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में जानकारी उपलब्ध करवाएंगे।

महत्वपूर्ण लिंक्स
Youth RegistrationPartner Companies
GuidelinesOfficial Website

Registration प्रक्रिया

PM Internship Scheme 2024-25 के लिए आवेदन करने के लिए उम्मीदवार नीचे दिए गए चरणों का पालन कर सकते हैं।

अगर आपने अभी तक ‘PM Internship Scheme 2024-25’ के लिए ऑनलाइन आवेदन नहीं किया है तो जल्दी से आवेदन कर लें, आवेदन प्रक्रिया बेहद ही सरल है तथा नीचे आवेदन प्रक्रिया के बारे में संपूर्ण जानकारी दी गई है:

  • सबसे पहले ‘PM Internship Scheme 2024-25’ की आधिकारिक वेबसाइट pminternship.mca.gov.in पर जाएं।
  • अब आवेदक के सामने होमपेज खुल जाएगा। इसके बाद “Youth Registration’ लिंक पर क्लिक करें।
Image Credits: pminternship.mca.gov.in
  • अब अपना आधार से जुड़ा हुआ मोबाइल नंबर दर्ज कर ‘Submit’ करें।
  • अब आपके सामने जो स्क्रीन खुलेगी उसमे मांगी गयी सभी जानकारी जैसे e-KYC, पर्सनल एवं कांटेक्ट डिटेल, एजुकेशनल एवं बैंक डिटेल आदि भरकर ‘Submit’ करें।
  • अब आपके द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर पोर्टल द्वारा आपका बायोडाटा तैयार किया जाएगा।
  • कोई भी आवेदक स्थान, क्षेत्र, कार्यात्मक भूमिका और योग्यता के आधार पर अधिकतम 5 इंटर्नशिप अवसरों के लिए आवेदन आवेदन कर सकता है।
  • रजिस्ट्रशन कम्पलीट हो जाने पर, पुष्टिकरण पृष्ठ डाउनलोड करें। आगे की आवश्यकता के लिए इसकी एक हार्ड कॉपी अपने पास रखें।
  • फिर कंपनी उम्मीदवारों का चयन करेगी और उनके संबंधित चयन मानदंडों के आधार पर इंटर्नशिप ऑफर करेगी।

शॉर्टलिस्टिंग प्रक्रिया उम्मीदवारों की प्राथमिकताओं और कंपनियों द्वारा पोस्ट की गई आवश्यकताओं पर आधारित होगी। शॉर्टलिस्टिंग मानदंड का लक्ष्य है
इंटर्नशिप कार्यक्रम में विविधता और सामाजिक समावेशिता को बढ़ावा देना। पोर्टल एससी, एसटी, ओबीसी के साथ-साथ पीडब्ल्यूडी सहित आबादी के सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व देने के लिए उपकरणों का उपयोग करता है।

प्रत्येक इंटर्नशिप के लिए प्रस्तावों की संख्या के आधार पर, उम्मीदवारों के बायोडाटा के साथ लगभग दोगुने/तीनगुने नाम चयन के लिए कंपनी को भेजे जाएंगे।

PM Internship Scheme 2024-25 के लाभ

  1. व्यावहारिक अनुभव: छात्रों को सरकारी तंत्र और कार्यप्रणाली की जानकारी मिलेगी, जिससे उन्हें भविष्य में सरकारी नौकरियों या अन्य पेशेवर क्षेत्र में प्रवेश के लिए तैयार किया जा सकेगा।
  2. प्रशिक्षण और मार्गदर्शन: इंटर्नशिप के दौरान युवाओं को विशेषज्ञों से मार्गदर्शन मिलेगा, जिससे वे अपने करियर में नई दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
  3. नौकरी के अवसर: इंटर्नशिप के दौरान यदि युवा अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो उन्हें भविष्य में नौकरी के बेहतर अवसर मिल सकते हैं।
  4. सर्टिफिकेट: इंटर्नशिप पूरा करने पर युवाओं को प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा, जो उनके भविष्य के करियर के लिए महत्वपूर्ण होगा।

PM Internship Scheme 2024-25 मैं मिलने वाली वित्तीय सहायता

इंटर्नशिप में शामिल होने के बाद, प्रत्येक इंटर्न को 12 महीने की इंटर्नशिप की पूरी अवधि के लिए ₹5,000 की मासिक सहायता मिलेगी। इस राशि में से:

▪ भागीदार कंपनियां इंटर्न की उपस्थिति और अच्छे आचरण आदि के संबंध में संबंधित कंपनी की नीतियों के आधार पर हर महीने ₹500 जारी करेंगी।
▪ एक बार जब कंपनी भुगतान कर देती है, तो सरकार प्रशिक्षु के आधार से जुड़े बैंक खाते में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के माध्यम से उम्मीदवार को ₹4,500 का भुगतान करेगी।
▪ इसके अतिरिक्त, इंटर्नशिप में शामिल होने के बाद प्रत्येक प्रशिक्षु को भारत सरकार द्वारा ₹6,000 का एकमुश्त अनुदान प्रदान किया जाएगा। यह राशि इंटर्नशिप में शामिल होने के बाद डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से दी जाएगी।
▪ भारत सरकार की बीमा योजनाओं, प्रधान मंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधान मंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत प्रत्येक व्यक्तिगत प्रशिक्षु को बीमा कवरेज प्रदान किया जाएगा, जिसके लिए प्रीमियम राशि भारत सरकार द्वारा प्रदान की जाएगी। इसके अलावा, कंपनी प्रशिक्षुओं को अतिरिक्त दुर्घटना बीमा कवरेज भी प्रदान कर सकती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अधिक जानकारी के लिए योजना कि आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ।


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