इज़राइल और हमास के बीच महीनों से चला आ रहा संघर्ष विराम अचानक समाप्त हो गया है, जिससे गाजा पट्टी में हिंसा की एक नई लहर शुरू हो गई है। इज़राइली सेना ने मंगलवार को व्यापक हवाई हमले किए, जिनमें कम से कम 200 लोगों की मौत हो गई है। फिलीस्तीनी स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, हताहतों में बड़ी संख्या में बच्चे भी शामिल हैं।
संघर्ष विराम का अंत और बढ़ती हिंसा
यह हमला 19 जनवरी 2025 को लागू हुए संघर्ष विराम के बाद सबसे बड़ा सैन्य अभियान माना जा रहा है। इज़राइली वायु सेना ने उत्तरी गाजा, गाजा सिटी, दीर अल-बलाह, खान यूनिस और दक्षिणी क्षेत्र रफाह में कई ठिकानों को निशाना बनाया। इज़राइली सेना ने पुष्टि की है कि उन्होंने दर्जनों ठिकानों पर हमला किया और चेतावनी दी कि “ऑपरेशन तब तक जारी रहेगा जब तक आवश्यक होगा।” इस बयान ने संकेत दिया है कि जल्द ही जमीनी सैनिक भी इस लड़ाई में शामिल हो सकते हैं।
संघर्ष विराम क्यों टूटा?
हमास ने इज़राइल पर संघर्ष विराम को एकतरफा खत्म करने का आरोप लगाया है, जिससे गाजा में अभी भी बंधक बनाए गए दो दर्जन से अधिक लोगों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। इस संघर्ष विराम को तोड़ने के पीछे कुछ महत्वपूर्ण मुद्दे सामने आए हैं:
- बंधकों की रिहाई पर विवाद: अगले चरण में कितने बंधकों को रिहा किया जाए, इस पर सहमति नहीं बन पाई।
- इज़राइली सेना की वापसी: संघर्ष विराम समझौते में इज़राइली सेना की वापसी तय थी, लेकिन इज़राइल इस शर्त को पूरा करने से इनकार कर रहा है, जबकि हमास इसे अनिवार्य मानता है।
मध्यस्थता प्रयास और बिगड़ते हालात
संयुक्त राज्य अमेरिका और कतर के अधिकारी इस विवाद को हल करने की कोशिश कर रहे हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि हमास ने “पूरी तरह अव्यवहारिक” मांगें रखी हैं, जिससे वार्ता आगे नहीं बढ़ पाई। वहीं, इज़राइल ने हमास पर दबाव बनाने के लिए गाजा में खाद्य और चिकित्सा सहायता रोक दी है और बिजली आपूर्ति भी काट दी है।
मानवीय संकट और अनिश्चित भविष्य
संघर्ष विराम की विफलता ने गाजा में मानवीय संकट को और गंभीर बना दिया है। स्वास्थ्य सेवाएं पहले से ही चरमराई हुई थीं, और अब बढ़ते हमलों के कारण हालात और खराब होते जा रहे हैं। दोनों पक्षों की अड़ियल स्थिति को देखते हुए, संघर्ष विराम की बहाली की संभावनाएं बेहद धूमिल नजर आ रही हैं।
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