Ceasefire Collapses: 200 Dead in Gaza as Israel Strikes Back

इज़राइल और हमास के बीच महीनों से चला आ रहा संघर्ष विराम अचानक समाप्त हो गया है, जिससे गाजा पट्टी में हिंसा की एक नई लहर शुरू हो गई है। इज़राइली सेना ने मंगलवार को व्यापक हवाई हमले किए, जिनमें कम से कम 200 लोगों की मौत हो गई है। फिलीस्तीनी स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, हताहतों में बड़ी संख्या में बच्चे भी शामिल हैं।

संघर्ष विराम का अंत और बढ़ती हिंसा

यह हमला 19 जनवरी 2025 को लागू हुए संघर्ष विराम के बाद सबसे बड़ा सैन्य अभियान माना जा रहा है। इज़राइली वायु सेना ने उत्तरी गाजा, गाजा सिटी, दीर अल-बलाह, खान यूनिस और दक्षिणी क्षेत्र रफाह में कई ठिकानों को निशाना बनाया। इज़राइली सेना ने पुष्टि की है कि उन्होंने दर्जनों ठिकानों पर हमला किया और चेतावनी दी कि “ऑपरेशन तब तक जारी रहेगा जब तक आवश्यक होगा।” इस बयान ने संकेत दिया है कि जल्द ही जमीनी सैनिक भी इस लड़ाई में शामिल हो सकते हैं।

संघर्ष विराम क्यों टूटा?

हमास ने इज़राइल पर संघर्ष विराम को एकतरफा खत्म करने का आरोप लगाया है, जिससे गाजा में अभी भी बंधक बनाए गए दो दर्जन से अधिक लोगों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। इस संघर्ष विराम को तोड़ने के पीछे कुछ महत्वपूर्ण मुद्दे सामने आए हैं:

  1. बंधकों की रिहाई पर विवाद: अगले चरण में कितने बंधकों को रिहा किया जाए, इस पर सहमति नहीं बन पाई।
  2. इज़राइली सेना की वापसी: संघर्ष विराम समझौते में इज़राइली सेना की वापसी तय थी, लेकिन इज़राइल इस शर्त को पूरा करने से इनकार कर रहा है, जबकि हमास इसे अनिवार्य मानता है।

मध्यस्थता प्रयास और बिगड़ते हालात

संयुक्त राज्य अमेरिका और कतर के अधिकारी इस विवाद को हल करने की कोशिश कर रहे हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि हमास ने “पूरी तरह अव्यवहारिक” मांगें रखी हैं, जिससे वार्ता आगे नहीं बढ़ पाई। वहीं, इज़राइल ने हमास पर दबाव बनाने के लिए गाजा में खाद्य और चिकित्सा सहायता रोक दी है और बिजली आपूर्ति भी काट दी है।

मानवीय संकट और अनिश्चित भविष्य

संघर्ष विराम की विफलता ने गाजा में मानवीय संकट को और गंभीर बना दिया है। स्वास्थ्य सेवाएं पहले से ही चरमराई हुई थीं, और अब बढ़ते हमलों के कारण हालात और खराब होते जा रहे हैं। दोनों पक्षों की अड़ियल स्थिति को देखते हुए, संघर्ष विराम की बहाली की संभावनाएं बेहद धूमिल नजर आ रही हैं।


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चीन पर बरसा तूफान ‘यागी’ का भयानक कहर, 250 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से अपने साथ लाया भीषण बाढ़ और जलजला..

Cyclone Yagi wreaked havoc on China
Cyclone Yagi wreaked havoc on China (Image Crwdits: BBC News)

न्यूज डेस्क, शक्तिशाली तूफान ‘यागी’ ने चीन में तबाही दी। इस शक्तिशाली तूफान ने चीन और फिलीपींस के तटों पर दस्तक दी। 250 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार की हवाओं के कारण समुद्र में बड़ी लहरें उठीं और कई इलाकों में बाढ़ आ गई है। इस प्राकृतिक आपदा ने लाखों लोगों को बेघर कर दिया और जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है।

यह हैनान प्रांत के वेंगतियान कस्बे के पास तट से टकराया और जैसे ही तूफान ‘यागी’ का असर बढ़ा, बचाव दल ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी। चीन के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में तूफान का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला। कई गांवों और शहरों में बिजली गुल हो गई, और सड़कों पर पेड़ गिरने से यातायात भी बाधित हो गया। फिलीपींस में भी हालात गंभीर हैं, वहां कई क्षेत्रों में आपातकालीन अलर्ट जारी कर दिया गया है।

तूफान ‘यागी’ के कारण, बिजली के खम्बे, छतें, गाड़ियां तिनकों की तरह हवा मैं उड़ गए, तूफान की तीव्रता इतनी थी कि अपने सामने आने वाली हर चीज को ये ध्वस्त करता गया। तूफान के प्रभाव के चलते लाखों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। कई हवाई उड़ानें रद्द कर दी गई हैं, और बंदरगाहों पर भी जहाजों को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया है। सरकारी अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे घरों में ही रहें और किसी भी अनावश्यक यात्रा से बचें। जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे बाढ़ का खतरा और बढ़ गया है। तूफान के कारण प्रभावित क्षेत्रों में कृषि और पशुपालन को भी भारी नुकसान हुआ है। खेतों में फसलें बर्बाद हो चुकी हैं, और कई पशु बह गए हैं।

सरकारी अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। बचाव कार्य तेजी से किए जा रहे हैं, और प्रभावित लोगों को भोजन, पानी और दवाइयां पहुंचाई जा रही हैं। चीन और फिलीपींस दोनों ही देशों ने अपने आपातकालीन बलों को सक्रिय कर दिया है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम जोर-शोर से चल रहा है।

अब तक की जानकारी के अनुसार, इस तूफान ‘यागी’ से हजारों घर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि तूफान की तीव्रता कम हो रही है, लेकिन अभी भी खतरा पूरी तरह से टला नहीं है।


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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21 और 22 अगस्त को जाएंगे पोलैंड, और 23 अगस्त को युक्रेन की करेंगे यात्रा.. 

Prime Minister Narendra Modi will visit Poland on 21st and 22nd August, and Ukraine on 23rd August.
Prime Minister Narendra Modi will visit Poland on 21st and 22nd August, and Ukraine on 23rd August (Photo By PIB-Delhi).

न्यूज डेस्क, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21 और 22 अगस्त को पोलैंड जाएंगे, और दो दिन बाद, 23 अगस्त को युक्रेन की यात्रा करेंगे। यह घोषणा मंत्री विदेश मामलों के पश्चिमी सचिव तन्मय लाल ने की थी। पोलैंड की यात्रा एक भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा 45 वर्षों में पहली बार होगी और यह दोनों देशों के बीच डिप्लोमेटिक संबंधों के स्थापना के 70वें सालगिरह को चिह्नित करेगी। यह भारतीय प्रधानमंत्री की ओर से युक्रेन की यात्रा भी 30 वर्षों से अधिक का समय होगा। “इस यात्रा से हाल के उच्च स्तर की बातचीतों को और भी मजबूत किया जाएगा,” लाल ने कहा। इन दोनों राष्ट्रों की यात्रा को उनके संबंधित नेताओं, पोलैंड के प्रधानमंत्री डॉनाल्ड टस्क और युक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमीर जेलेंस्की द्वारा भेजे गए आमंत्रणों ने प्रोत्साहित किया है। 

यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे संघर्ष पर वैश्विक ध्यान केंद्रित है। प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा कूटनीतिक और आर्थिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

पोलैंड और यूक्रेन के साथ भारत के संबंध हमेशा से ही अच्छे रहे हैं। प्रधानमंत्री की यह यात्रा इन देशों के साथ संबंधों को और भी मजबूती देने का एक प्रयास है। पोलैंड में, प्रधानमंत्री मोदी कई महत्वपूर्ण बैठकों में भाग लेंगे। इसमें व्यापार, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के साथ-साथ सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर भी चर्चा होगी। पोलैंड के प्रधानमंत्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भी उनकी महत्वपूर्ण बैठकों की योजना है।

यूक्रेन की यात्रा के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी यूक्रेन के राष्ट्रपति और अन्य शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। यूक्रेन और रूस के बीच जारी संघर्ष के बीच, यह यात्रा विशेष महत्व रखती है। प्रधानमंत्री मोदी इस यात्रा के दौरान शांति और स्थिरता की अपील करेंगे। यह देखना होगा कि यूक्रेन के साथ भारत के संबंध इस यात्रा के बाद कैसे बदलते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भारत की भूमिका को और मजबूत करेगी। भारत हमेशा से ही शांति और विकास के पक्ष में रहा है, और यह यात्रा उस दिशा में एक और कदम है। पोलैंड और यूक्रेन दोनों ही देशों में भारतीय समुदाय की अच्छी उपस्थिति है, और उनकी समस्याओं और मुद्दों पर भी ध्यान दिया जाएगा।

यह यात्रा न केवल भारत और इन देशों के बीच के संबंधों को और मजबूत करेगी, बल्कि वैश्विक मंच पर भी भारत की स्थिति को और भी सुदृढ़ करेगी। प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा इन देशों के साथ सहयोग के नए आयाम खोलेगी और वैश्विक स्थिरता में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करेगी।


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Russia-Ukraine War: क्या युद्ध मैं दोनों देश धीरे धीरे बढ़ रहे हैं परमाणु हमले की तरफ..

Russia-Ukraine War

न्यूज डेस्क, रूस और यूक्रेन मैं जारी युद्ध (Russia-Ukraine War) में अब लड़ाई ने एक नया मोड़ ले लिया है। यूक्रेन की सेना के रूस के अंदर करीब 10 किमी तक घुसपैठ करने और 1000 क‍िमी के इलाके में कब्‍जा करने के बाद क्या युद्ध मैं दोनों देश धीरे धीरे बढ़ रहे हैं परमाणु हमले की तरफ। रूस मैं उठ रही परमाणु हमले की मांग से तो यही प्रतीत हो रहा है।

दूसरे व‍िश्‍वयुद्ध के बाद ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी दुश्मन देश ने रूस के इलाके पर कब्‍जा किया हो, इस वजह से रूसी सेना काफी दबाव में है और वह अब भीषण जवाबी कार्यवाही कर रही है। इसी बीच रूसी रक्षा विशेषज्ञ स्‍टानिस्‍लाव क्रापिवनिक ने हाल ही में कहा कि मास्‍को पहले से ही उत्‍तर अटलांटिक संधि संगठन या नाटो से युद्ध कर रहा है और उसे इसका जवाब पश्चिमी देशों के लंदन और न्‍यूयॉर्क जैसे शहरों पर परमाणु बम गिराकर देना चाहिए।

अमेरिकी सेना में अधिकारी रह चुके रूसी-अमेरिकी मूल के क्रापिवनिक ने एक मीडिया कार्यक्रम में कहा कि अमेरिका रूस का दुश्‍मन है और रूसी जनता को नष्‍ट करना चाहता है। क्रापिवनिक अब अमेरिका छोड़कर रूस में रहते हैं। क्रापिवनिक ने कहा, ‘अमेरिकी इंसान नहीं बल्कि पशु हैं।’ उनका यह बयान ऐसे समय पर आया है जब रूसी राष्‍ट्रपति पुतिन यूक्रेन में युद्ध छेड़े हुए हैं।

बीते दिनों, वॉचडॉग ग्रुप रशियन मीडिया मॉनिटर की संस्थापक जूलिया डेविस ने क्रैपिवनिक के साक्षात्कार की एक क्लिप एक्स, पूर्व में ट्विटर पर साझा की, जिसमें उन्होंने बार-बार अमेरिकियों को अमानवीय बताया और कहा, “ये लोग नहीं हैं, ये जानवर हैं।” रूसी मीडिया मॉनिटर ने रूसी भाषा साक्षात्कार के अंग्रेजी कैप्शन प्रदान किए।

फरवरी 2022 में शुरू हुई लड़ाई अब खतरनाक मोड़ पर आ गई है। इस लड़ाई की वजह से यूरोप में दूसरे विश्‍वयुद्ध के बाद का सबसे बड़ा शरणार्थी संकट शुरू हो गया है। रूस से निपटने के लिए नाटो देशों अमेरिका, ब्र‍िटेन आदि ने कई अरब डॉलर के हथियार और राजनयिक समर्थन यूक्रेन को दिया है।

अब अगर ये युद्ध इसी दिशा मैं आगे बढ़ता है तो कहीं ऐसा न हो कि दोनों देशों मैं से कोई एक, कहीं विनाशकारी परमाणु हमले की शुरुवात न कर दे। अगर ऐसा होता है तो ये पूरे विश्व के लिए गंभीर मसला बन जायेगा


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परमाणु संपन्न देश मैं भुखमरी के हालात, 100 में से 74 लोगों के पास जरूरी चीजें खरीदने के लिए पैसे नहीं, फिर भी नहीं आ रहा बाज..

न्यूज डेस्क, हमारे देश में आम भाषा में कही जानी वाली एक कहावत, “खाने को नहीं हैं दाने और अम्मा चली भुनाने” आजकल पडोसी इस्लामिक देश पाकिस्तान पर सटीक बैठ रही है। वहां के लोगो वित्तीय परेशानियों से इस कदर त्रस्त हैं कि उनको अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए दो-दो नौकरियां करनी पड़ रही हैं। परमाणु संपन्न देश मैं भुखमरी के हालात ऐसे हैं कि उनके यहाँ खाने तक के लाले पड़े हुए हैं। यह जानकारी पाकिस्तान के शहरों में रहने वाले लोगों पर पल्स कंसल्टेंट द्वारा किये गए एक सर्वे में सामने आई है, जिसे पाकिस्तानी मीडिया ARY न्यूज ने सार्वजानिक किया है।

पाकिस्तानी न्यूज चैनल ARY न्यूज ने बताया कि पाकिस्तान में पिछले एक साल में जिस तरह से महंगाई बढ़ी है, उस अनुपात में इनकम में इजाफा नहीं हुआ है। यही कारण है कि शहर के लोगों को कई जरूरी चीजों में कटौती करनी पड़ रही है। सर्वे के मुताबिक मई 2023 में करीब 60 फीसदी लोगों ने माना था कि महंगाई के कारण उन्हें वित्तीय परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस बार यह 14 फीसदी और बढ़कर 74 फीसदी हो गया है।

पल्स कंसल्टेंट (Pulse Consultant) के सर्वे के हवाले से एआरवाई न्यूज (ARY News) की रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान की शहरी आबादी बड़े संकट में है. लगभग 60 फीसदी लोग न सिर्फ अपने खर्च घटा रहे हैं बल्कि खाने-पीने का सामान भी कम मात्रा में खरीद रहे हैं. इसके अलावा 40 फीसदी लोगों ने खर्च चलाने के लिए परिवार और दोस्तों से उधार मांगना शुरू कर दिया है. इस सर्वे से पता चला है कि 10 फीसदी लोगों को मजबूरी में 2 नौकरियां करनी पड़ रही हैं

पाकिस्तान को इंटरनेशनल मोनेट्री फंड (IMF) से उम्मीद थी कि वह उन्हें बेलआउट पैकेज देगी. मगर, आईएमएफ ने देश को और मदद देने के बदले ऐसी-ऐसी शर्तें लगाई हैं, जिन्हें मानना पाकिस्तान को बहुत भारी पड़ रहा है. सरकार का राजकोषीय घाटा पिछले 5 साल में लगभग 7.3 फीसदी बना हुआ है. पाकिस्तान के ऊपर चीन का भी कर्ज बढ़ता जा रहा है. उसने चीन से मांग की है कि 8 साल के लिए उसे कर्ज से राहत दी जाए. आलम यह है कि उसे कर्ज को चुकाने के लिए और ज्यादा कर्ज लेना पड़ रहा है.

इसके बावजूद भी पाकिस्तान अपनी हरकतों के बाज नहीं आ रहा, ऐसे नाजुक समय में इस देश को अपना कर्ज कम करने और नागरिकों को बेहतर सुविधाएँ देने पर अपना सारा जोर लगाना चाहिए। मगर वो अभी भी भारत विरोधी गतिविधियों और घुसपैठ को बढ़ावा देने में ही अपना अधिकतर समय बर्बाद कर रहा है।


बांग्लादेश (Bangladesh) के 01 करोड़ बांग्लादेशी शरणार्थी भारत मैं घुसने वाले हैं, शुभेंदु अधिकारी की सरकार को चेतावनी, सीमा पर बढ़ी सेना की निगरानी..

बांग्लादेश (Bangladesh) मैं हुए उग्र प्रदर्शन, हिंसा और अराजकता के बीच बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना तो भारत आ चुकी हैं पर बांग्लादेश (Bangladesh) मैं फैला असंतोष थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी बीच भाजपा के नेता और पश्चिम बंगाल मैं नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि 01 करोड़ बांग्लादेशी हिन्दू शरणार्थी पश्चिम बंगाल मैं आ रहे हैं और बांग्लादेश (Bangladesh) मैं हिन्दुओं कि निर्मम हत्याएं कि जा रही हैं।

रंगपुर के काउंसलर को मार दिया गया है, सिराजगंज मैं 13 पुलिसवालों को जिन्दा जला दिया गया जिसमे 9 हिन्दू थे। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी तथा उपराज्यपाल को केंद्र से बात करने कि अपील की।

भारत ने बांग्लादेश जाने वाली सभी ट्रेन और विमान सेवाएं बंद कर दी हैं और सीमा पर बीएसफ की गश्त बढ़ा दी है। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए विदेशमंत्री जयशंकर मामले पर कड़ी नजर रख रहे हैं।

बांग्लादेश (Bangladesh) मैं हिसंक प्रदर्शन अभी भी जारी है, भीड़ ने सोमवार को बांग्लादेश क्रिकेट टीम पूर्व कप्तान मशरफे मुर्तजा के घर में आग लगा दी है। बर्बर भीड़ क्रिकेटर, नेता, कारोबारियों के घर तक को निशाना बना रही है। यह कहा जा सकता है कि बांग्लोदश (Bangladesh) में भीड़ किसी को नहीं छोड़ रही है और हर तरफ लूटमार और आगजनी हो रही है। कारखानों मैं ताले पड़े हैं और अल्पसंख्यक हिन्दू अपने को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

पूर्व पीएम के देश छोड़कर भागने के बाद, उनके आवास पर सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने हमला किया। सोशल मीडिया पर प्रदर्शनकारियों के वीडियो की बाढ़ आ गई, जिसमें वे आवास में घुस गए और जो कुछ भी मिला उसे अपने साथ ले गए।

वीडियो में प्रदर्शनकारियों को शेख हसीना के आवास से जो मिला लूटते हुए देखा जा सकता है। सोशल मीडिया पर दिखाई जा रही वीडियो मैं लोग मछली, बर्तन, कालीन, बैग, सूटकेस यहाँ तक की शेख हसीना की साड़ी, ब्लाउज के साथ साथ उनके अंतवस्त्र भी लूटते नजर आये।

वहीं, एक और क्लिप में कुछ लोगों को रसोई में घुसते और पूर्व प्रधानमंत्री के आवास में बिरयानी जैसी दिखने वाली चीजों पर दावत उड़ाते हुए भी दिखाया गया।


पूरे देश मैं लगाया गया कर्फ्यू, हिंसा के बीच बांग्लादेश (Bangladesh) की PM शेख हसीना ढाका छोड़ भारत के लिए हुयी रवाना..

बांग्लादेश (Bangladesh) हिंसा की आग में सुलग रहा है, PM हाउस मैं हजारों प्रदर्शनकारी घुसे। शेख हसीना ने दिया इस्तीफ़ा, सेना ने संभाली कमान।

हाल ही मैं सरकारी नौकरियों में आरक्षण कोटा को लेकर बांग्लादेश मैं विवाद इतना गहरा गया है कि वहां की मौजूदा प्रधानमंत्री शेख हसीना को इस्तीफा देना पड़ा है, इतना ही नहीं प्राप्त जानकारी के अनुसार शेख हसीना ने ढाका छोड़ दिया है और वो भारत के लिए रवाना हो गयी हैं।

बांग्लादेश में सरकारी नौकरी में आरक्षण खत्म करने और प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों और सत्तारूढ़ पार्टी के समर्थकों के बीच भड़की भयंकर हिंसा में अब तक 300 लोगों की जान चली गई है और हजारों लोग घायल हुए हैं।

बांग्लादेश में हालात इतने खराब हो चुके हैं कि पूरे देश में अनिश्चित काल के लिए कर्फ्यू लगा दिया गया है। साथ ही पुलिस कि जगह अब सेना ने मोर्चा संभाल लिया है। देश में इंटरनेट सेवा पर बैन लगा हुआ है और दंगाइयों को देखते ही गोली मरने के आदेश हैं।

बांग्लादेश में फैली इस देशव्यापी हिंसा का प्रमुख कारण वहां पर सरकारी नौकरियों को लेकर आरक्षण कानून का प्रावधान है। बांग्लादेश में आरक्षण प्रणाली के तहत 56 फीसदी सरकारी नौकरियां आरक्षित हैं।

इन नौकरियां में से 30 फीसदी आरक्षण साल 1971 के मुक्ति संग्राम के स्वतंत्रता सेनानियों के परिवार वालों के लिए आरक्षित हैं। इसके अलावा 10 फीसदी आरक्षण पिछड़े प्रशासनिक जिलों के लिए और 10 प्रतिशत महिलाओं के लिए आरक्षण रिजर्व है। इसके अलावा पांच प्रतिशत आरक्षण जातीय अल्पसंख्यक समूहों के लिए और एक प्रतिशत दिव्यांग लोगों के लिए आरक्षित है।

बांग्लादेश की सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत आरक्षण की कोटा प्रणाली को लेकर पिछले महीने हिंसक विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए थे। जैसे-जैसे यह प्रदर्शन तेज होता गया, सुप्रीम कोर्ट ने कोटा घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया, जिसमें से 3 प्रतिशत सेनानियों के रिश्तेदारों को दिया गया।


हमास का सुप्रीम कमांडर ढेर, इस्माइल हानिया (Ismail Haniyeh) के खात्मे के बाद इजरायल के धरोहर मंत्री अमीचाय एलियाहू ने कहा कि “दुनिया से गंदगी साफ़ करने का यही तरीका..

हमास के सुप्रीम कमांडर इस्माइल हानिया (Ismail Haniyeh) को ईरान की राजधानी तेहरान में ढेर कर दिया गया है। हमास के मुताबिक़, हनिया ईरान के नए राष्ट्रपति मसूद पेजेशकीयन के पद भार ग्रहण करने के समारोह में शामिल होने तेहरान आए थे।

हालांकि, अब तक इजरायल ने खुले तौर पर हमले को अंजाम देने की बात नहीं कबूली है मगर इजरायल के धरोहर मंत्री अमीचाय एलियाहू ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्ट कर कहा कि “दुनिया को इस गंदगी से साफ़ करने का यही सही तरीका है। अब कोई काल्पनिक “शांति”/आत्मसमर्पण समझौता नहीं, इन प्राणियों के लिए कोई दया नहीं।”

जिस कार्यक्रम मैं शामिल होने पहुंचे गडकरी, हानिया भी उसका हिस्सा थे: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी भी ईरान के नए राष्ट्रपति मसूद पेजेशकीयन के शपथ ग्रहण समारोह मैं मंगलवार को शामिल हुए जिसमे हमास चीफ इस्माइल हानिया भी शामिल थे।


नेपाल मैं हुआ प्लेन क्रैश (Plane Crash), रनवे पर फिसलते ही हुआ आग के गोले मैं तब्दील, 19 लोग थे सवार जिसमे से 18 के मृत होने का अनुमान..

प्राप्त जानकारी के अनुसार नेपाल की राजधानी काठमांडू से पोखरा जा रहा एक विमान क्रैश हो गया है। प्लेन में क्रू समेत 19 लोग सवार थे जिसमे से 18 लोगों की मृत्यु की खबर आ रही है। वहीं घायल पायलट कैप्टन मनीष शाक्य को अस्पताल पहुंचाया गया है।

आज सुबह 11 बजे के आसपास प्लेन ने त्रिभुवन एयरपोर्ट से उड़ान भरी मगर उड़ते ही विमान रनवे पर फिसल कर दुर्घटनाग्रस्त हो गया और इसमें आग लग गयी। ये विमान शौर्य एयरलाइन्स का था जिसके पायलट कैप्टन मनीष शाक्य थे। काठमांडू पोस्ट के मुताबिक, पुलिस और फायर फाइटर्स की टीम घटनास्थल पर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है।

मीडिया को जानकारी देते हुए हवाई अड्डे पर तैनात एक सुरक्षा अधिकारी ने बतया कि क्रैश के तुरंत बाद विमान में आग लग गई थी। घटनास्थल से सामने आई तस्वीरों में धुएं का गुबार उठता दिख रहा है। हालांकि, हादसा किस वजह से हुआ इसकी जानकारी अब तक सामने नहीं आई है।

घटनास्थल पर मौजूद चश्मदीदों ने काठमांडू पोस्ट से बात करते हुए बताया कि प्लेन ने रनवे के दक्षिणी छोर से टेकऑफ किया था। अचानक से प्लेन में झटका लगा और इसका विंग जमीन से टकरा गया। इसके बाद विमान में आग लग गई। इसके बाद यह रनवे के पूर्वी हिस्से में बुद्धा एयर हैंगर और रडार स्टेशन के बीच गिर गया।

खबर लिखे जाने तक त्रिभुवन एयरपोर्ट को बंद कर दिया गया है और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है।