SBI IFSC database updated. New Ladli Behna List out. Gold Rate: ₹74,230 ▲
हमास का सुप्रीम कमांडर ढेर, इस्माइल हानिया (Ismail Haniyeh) के खात्मे के बाद इजरायल के धरोहर मंत्री अमीचाय एलियाहू ने कहा कि “दुनिया से गंदगी साफ़ करने का यही तरीका..
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हमास के सुप्रीम कमांडर इस्माइल हानिया (Ismail Haniyeh) को ईरान की राजधानी तेहरान में ढेर कर दिया गया है। हमास के मुताबिक़, हनिया ईरान के नए राष्ट्रपति मसूद पेजेशकीयन के पद भार ग्रहण करने के समारोह में शामिल होने तेहरान आए थे।
हालांकि, अब तक इजरायल ने खुले तौर पर हमले को अंजाम देने की बात नहीं कबूली है मगर इजरायल के धरोहर मंत्री अमीचाय एलियाहू ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्ट कर कहा कि “दुनिया को इस गंदगी से साफ़ करने का यही सही तरीका है। अब कोई काल्पनिक “शांति”/आत्मसमर्पण समझौता नहीं, इन प्राणियों के लिए कोई दया नहीं।”
זו הדרך הנכונה לנקות את העולם מהזוהמה הזו. לא עוד הסכמי "שלום"/כניעה מדומיינים, לא עוד רחמים כלפי בני המוות הללו.
יד הברזל שתכה בהם, היא זו שתביא לשקט ומעט נחמה ותחזק את היכולת שלנו לחיות בשלום עם אותם… pic.twitter.com/umCzG0JTmJ
— 🇮🇱עמיחי אליהו – Amichay Eliyahu (@Eliyahu_a) July 31, 2024
जिस कार्यक्रम मैं शामिल होने पहुंचे गडकरी, हानिया भी उसका हिस्सा थे: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी भी ईरान के नए राष्ट्रपति मसूद पेजेशकीयन के शपथ ग्रहण समारोह मैं मंगलवार को शामिल हुए जिसमे हमास चीफ इस्माइल हानिया भी शामिल थे।
Ind vs SL T20 Series: श्रीलंका और भारत के बीच 3 मैच की T20 सीरीज का अंतिम मुकाबल पल्लीकेल में खेला गया। इस मैच में टॉस गंवाकर टीम इंडिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 9 विकेट पर सिर्फ 137 रन बनाए। जिसके जवाब मैं श्रीलंका ने मैच को रोमांचक बनाते हुए निर्धारित 20 ओवर में 8 विकेट पर 137 रन बनाकर मैच को टाई करा लिया। जिसका फैसला फिर सुपर ओवर मैं जाकर हुआ जिसमे टीम इंडिया ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए मैच अपनी झोली मैं डाल लिया।
कप्तान सूर्यकुमार यादव (5 रन पर 2 विकेट) और रिंकू सिंह (3 रन पर 2 विकेट) ने हार की कगार पर पहुंचने के बाद अंतिम दो ओवर में शानदार गेंदबाजी करके मैच टाई कराया और फिर वाशिंगटन सुंदर ने सुपर ओवर में सिर्फ एक रन दिया, जिससे टीम इंडिया ने तीसरे और अंतिम T20 मैच को जीतकर 3-0 से क्लीन स्वीप कर सीरीज अपने नाम की।
जीत के बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव जो साथी खिलाडियों मैं SKY के नाम से प्रसिद्द हैं, ने कहा कि जब मैं बल्लेबाजी करने जाता हूं तो मुझ पर कोई दबाव नहीं होता, मैं बस आनंद लेता हूं। मैंने सीरीज से पहले कहा था कि मैं कप्तान नहीं बनना चाहता, मैं एक नेता बनना चाहता हूं।
टीम इंडिया के इस बेहतरीन प्रदर्शन से क्रिकेट प्रेमियों मैं गजब का उत्साह देखने को मिला और सोशल मीडिया मैं टीम को बधाई देने वालों का ताँता लगा रहा।
भारत की स्टार शूटर और जाट समाज की बेटी मनु भाकर ने पेरिस ओलंपिक 2024 में इतिहास रच दिया है। वह ओलंपिक में दो पदक जीतने वाली देश की पहली महिला निशानेबाज बन गईं। उन्होंने महिलाओं के व्यक्तिगत 10 मीटर एयर पिस्टल फाइनल में कांस्य पदक जीता था। अब मनु ने आज मंगलवार को सरबजोत सिंह के साथ मिश्रित टीम 10 मीटर एयर पिस्टल फाइनल में भारत को एक और कांस्य पदक दिलाकर इतिहास रच दिया है। मनु एक और कांस्य पदक जीतने के साथ ही एक ही ओलंपिक खेलों में दो पदक जीतने वाली स्वतंत्र भारत की पहली एथलीट बन गई हैं।
मनु और सरबजीत के कांस्य पदक जीतते ही पूरा देश जश्न में डूब गया। ओलंपिक में अभी तक भारत को दो पदक मिले हैं, दोनों ही हरियाणा और पंजाब के खिलाड़ियों ने जीते हैं।
अंबाला के मुलाना के गांव धीन के निवासी शूटर सरबजोत ने पेरिस ओलंपिक में पहली बार में कांस्य पदक झटक कर कीर्तिमान स्थापित किया है। यह पदक 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स मुकाबले में सरबजोत और मनु भाकर की जोड़ी ने जीता है। सरबजोत के लिए यह ओलंपिक में पहला पदक है।
बताते चलें कि अभी मनु का 25 मीटर कि शूटिंग स्पर्धा मैं भाग लेना शेष है।
इस जीत से पूरे देश मैं ख़ुशी कि लहर दौड़ गयी है, हर तरफ से दोनों खिलाडियों और उनके परिवारीजनों को बधाई देने वाले लोगों का ताँता लगा हुआ है।
देश मैं कम होने का नाम ही ले रहा है रेल हादसा (Rail Accident), जा रही है जानें और दहशत मैं हैं यात्री।
हावड़ा से मुंबई जा रही रेल संख्या 12810 हावड़ा-मुंबई मेल मंगलवार सुबह एक हादसे का शिकार हो गयी, इस हादसे में 2 यात्रियों की मौत और 150 लोग घायल होने कि खबर आ रही है। यह एक्सप्रेस ट्रेन झारखंड में चक्रधरपुर डिवीजन के बड़ाबम्बो-राजखरसावां रेलवे स्टेशन के बीच से गुजर रही थी, तभी पोटोबेड़ा गांव के पास इसके डिब्बे पटरी से उतर गए। अचानक हुए इस हादसे से ट्रेन मैं चीख पुकार मच गई, ट्रेन के अंदर ऊपर की बर्थ पर गहरी नींद में सो रहे कई लोग अचानक बेहद तेज झटके से नीचे गिर गए।
रेलवे के पोल नंबर 219 के पास आई जोरदार आवाज से कई यात्री सहम से गए और ट्रेन के अंदर अफरातफरी मच गई। जब लोगों को कुछ समझ आता तब तक ट्रेन के कई डिब्बे पटरी से उतर चुके थे। गिनने पर पता चला कि हावड़ा-मुंबई मेल के 18 कोच पटरी से उतर गए हैं। ट्रेन की सिर्फ चार बोगियां ही पटरी पर सही सलामत खड़ी थी। कहा जा रहा है कि यहीं पर दो दिन पहले एक मालगाड़ी डिरेल हुई थी, जिसके वैगन ट्रैक पर ही थे। वहीं, हावड़ा-मुंबई मेल दूसरे ट्रैक से आ रही थी और पहले से ट्रैक पर पड़े डिब्बों से टकरा कई।
रेलवे की ओर से हावड़ा-मुम्बई रेलवे लाइन पर ट्रेनों की आवाजाही बंद कर दी गई है। मौके पर राहत और बचाव का कार्य जारी है। घायल यात्रियों को रांची के रिम्स हॉस्पिटल और चक्रधरपुर के आसपास के सरकारी और प्राइवेट हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया है।
देश में एक के बाद एक होते रेल हादसे ने सभी को हैरान कर के रख दिया है। जिन लोगों ने आने जाने के लिए एडवांस बुकिंग करवा रखी हैं उनमे दहशत है कि कहीं अगला रेल हादसा उनके साथ ना हो जाये।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के द्वारा ग्रेड-बी अधिकारी के चयन हेतु ऑनलाइन परीक्षा के लिए आवेदन मांगे गए हैं. जो भी आवेदक अधिकारी ग्रेड बी के विभिन्न पदों मैं चयनित होने मैं रुचि रखते हैं, वे आवेदन की तारीख, चयन की पात्रता, पद की जानकारी, चयन प्रक्रिया, आयु सीमा, वेतन मान आदि के लिए नीचे पढ़ें।
चयन ऑनलाइन परीक्षाओं और साक्षात्कार के माध्यम से होगा। परीक्षाएं दो चरणों में होंगी।
पदकाविवरण:
पद का नाम: RBI Officers Grade B
कुल पदों की संख्या: 94
विज्ञापन संख्या: Advt. No. 2A /2024-25
महत्वपूर्ण तिथियाँ:
ऑनलाइन आवेदन/ शुल्क जमा प्रारंभ तिथि:
25-07-2024
ऑनलाइन आवेदन/ शुल्क जमा/ की अंतिम तिथि:
16-08-2024 (Till 06:00 PM)
अपना आवेदन प्रिंट करने की अंतिम तिथि:
08-09-2024
परीक्षा की तारीख
परीक्षा की तारीख
Phase-I
Phase-II
Officers in Gr B (DR)-General
08/09/2024
19/10/2024
Officers Gr B (DR)- DEPR
14/09/2024
26/10/2024
Officers Gr B (DR)- DSIM
14/09/2024
26/10/2024
आयु सीमा :
न्यूनतम आयु: 21 वर्ष
अधिकतम आयु: 30 वर्ष
आरक्षित श्रेणियों के लिए आयु सीमा में छूट आरबीआई अधिकारी ग्रेड ए और ग्रेड बी भर्ती नियमों के अनुसार दी जाएगी।
आवेदनप्रक्रिया:
आवेदन का प्रकार:ऑनलाइन(ONLINE)
उम्मीदवार भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ही ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
आवेदन पत्र को सही-सही भरें और आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करें।
आवेदन शुल्क: अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुल्क रूपए 850.00 (General / OBC / EWS) तथा रूपए 100.00 (SC/ ST/ PH) लिया जायेगा। जिसका भुगतान आवेदन करते समय डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग अथवा ई-चालान मोड से करना होगा।
रिक्तियों का विवरण
पद का नाम
कुल पद संख्या
पद की पात्रता
Officers Grade B- General
66
Bachelor Degree in Any Stream with Minimum 60% Marks, For SC/ST/PH 50% Marks. OR Master Degree in Any Subject with 55% Marks, for SC/ST/PH Pass Only.
Officers Grade B – DEPR
21
Master Degree in Economics OR Master Degree in Finance/PGDM/MBA.
Officers Grade B – DSIM
07
Master Degree in Statistics/Mathematics with 55 Marks in All Semester/Year. For SC / ST Candidates: 50% Marks.
चयनप्रक्रिया:
लिखितपरीक्षा:
चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा शामिल होगी। परीक्षा का पाठ्यक्रम और परीक्षा पैटर्न आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध होगा।
अंतिमचयन:
लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के आधार पर अंतिम चयन सूची जारी की जाएगी।
महत्वपूर्ण लिंक्स:
अधिक जानकारी के लिए विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर लॉगिन करें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स से सभी कावंड़ियों एवं श्रद्धालुजनों से संयम, शांति व अनुशासन बनाये रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि देवाधिदेव महादेव का पावन श्रावण मास प्रारम्भ हो चुका है और सभी शिवभक्त भक्ति मैं लीन हो शिव आराधना करते हैं साथ ही काफी शृद्धालु कावड़ लेने भी जाते हैं, शासन और प्रशासन ने सभी कावड़ियों की सुविधा, सुरक्षा और उनकी सुगम यात्रा के लिए उचित प्रबंध किये हैं. ड्रोन और हेलीकाप्टर से निगरानी और पुष्पवर्षा का भी समुचित प्रबंध किया गया है.
योगी ने कहा कि ”कोई भी पर्व-त्यौहार बिना आत्म अनुशासन के पूरा नहीं होता। शिव बनने के लिए शिव जैसी साधना भी होनी चाहिए”, इसलिए सभी से श्रद्धालुजनों से अनुरोध है कि पूर्ण संयम, शांति और अनुशासन से अपनी यात्रा को पूर्ण करें साथ ही इस बात का विशेष ध्यान रखें कि आमजन को इससे किसी भी तरह की परेशानी का सामना नही करना पड़े.
राष्ट्रपति कार्यालय से जारी की गयी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (President Droupadi Murmu) ने शनिवार 28 जुलाई को राजस्थान, तेलंगाना, सिक्किम, झारखंड, छत्तीसगढ़, मेघालय, महाराष्ट्र, पंजाब, असम, और के लिए राज्यपालों की नियुक्ति की।
राष्ट्रपति ने पंजाब के राज्यपाल और केंद्र शासित प्रदेश, चंडीगढ़ के प्रशासक के रूप में श्री बनवारीलाल पुरोहित का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है।
कौन बना कहाँ का राज्यपाल
हरिभाऊ किसनराव बागड़े को राजस्थान का राज्यपाल नियुक्त किया गया।
जिष्णु देव वर्मा को तेलंगाना का राज्यपाल नियुक्त किया गया।
ओम प्रकाश माथुर को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया गया।
संतोष कुमार गंगवार को झारखंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया।
रामेन डेका को छत्तीसगढ़ का राज्यपाल नियुक्त किया गया।
सी एच विजयशंकर को मेघालय का राज्यपाल नियुक्त किया गया।
श्री सी.पी. राधाकृष्णन को महाराष्ट्र का राज्यपाल नियुक्त किया गया, साथ ही तेलंगाना के अतिरिक्त प्रभार भी मिला। इससे पहले राधाकृष्णन झारखंड के राज्यपाल थे।
गुलाब चंद कटारिया को पंजाब का राज्यपाल नियुक्त किया गया है तथा उन्हें संघ शासित प्रदेश, चंडीगढ़ का प्रशासक भी नियुक्त किया गया है। इससे पहले कटारिया असम के राज्यपाल थे।
लक्ष्मण प्रसाद आचार्य को असम का राज्यपाल नियुक्त किया गया है तथा उन्हें मणिपुर के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। इससे पहले आचार्य सिक्किम के राज्यपाल थे।
इसके साथ ही राष्ट्रपति ने के. कैलाशनाथन की पुडुचेरी के उपराज्यपाल के रूप में नियुक्ति की है, जो उनके कार्यभार संभालने की तिथि से प्रभावी होगी।
राज्यपाल के रूप में नियुक्ति के लिए योग्यताएँ
अनुच्छेद 157 और 158 राज्यपाल की योग्यताएँ और उसके कार्यालय की शर्तें निर्धारित करते हैं। राज्यपाल को भारत का नागरिक होना चाहिए और 35 वर्ष की आयु पूरी कर लेनी चाहिए। राज्यपाल को संसद या राज्य विधानमंडल का सदस्य नहीं होना चाहिए, और लाभ का कोई अन्य पद धारण नहीं करना चाहिए।
राज्यपाल और राज्य सरकार के बीच का सम्बन्ध
राज्यपाल के पद की परिकल्पना एक अराजनीतिक प्रमुख के रूप में की गई है जिसे राज्य के मंत्रिपरिषद की सलाह पर कार्य करना चाहिए। अनुच्छेद 163 में कहा गया है: “राज्यपाल को उसके कार्यों के निष्पादन में सहायता और सलाह देने के लिए मुख्यमंत्री के नेतृत्व में एक मंत्रिपरिषद होगी, सिवाय इसके कि जब तक वह इस संविधान के तहत या इसके तहत अपने कार्यों का निष्पादन करने के लिए आवश्यक है या उनमें से कोई भी अपने विवेक पर निर्भर करता है।”
संवाददाता फरीदाबाद। तिगांव से आयी खबर के अनुसार, हाईटेंशन लाइन की चपेट आने से 14 कावंड़िये बुरी तरह झुलस गए, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां पर इलाज के दौरान एक कांवड़िये की मौत हो गई।
बताया जा रहा है कि यह हादसा तब हुआ जब तिगांव से सटे नवादा में कावंड़िये डाक कांवड़ ले जाने की तैयारी कर रहे थे। मृतक नितिन के जानकर ने बताया कि गांव के लगभग 14 कांवड़िये आज रविवार शाम को डाक कावड़ लेने के लिए हरिद्वार जाने की तैयारी कर रहे थे। इसके लिए उन्होंने एक कैंटर बुक किया था। कैंटर को कांवड़िये आज सुबह बल्लभगढ़ से डीजे लगवा कर तिगांव की और आ रहे थे और यहां से उन्हें आज शाम को हरिद्वार के लिए निकलना था।
बताया गया कि जैसे ही उनका कैंटर नवादा स्थित शिव कॉलेज के पास पहुंचा, तो उसी दौरान उनका कैंटर 11 हजार हाई वोल्टेज लाइन की बिजली के तार की चपेट में आ गया। कैंटर में सवार लगभग 14 कांवरिये बुरी तरह झुलस गए और कई तो कैंटर से नीचे गिर गए।
इस घटना के बाद सभी को जल्द ही वहां के एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया, लेकिन यहां पर नितिन की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने किसी बड़े अस्पताल में ले जाने के रेफर किया और जब परिजन उसे लेकर फरीदाबाद के निजी अस्पताल में पहुंचे तो वहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
भारत की बेटी और जाट समाज का अभिमान मनु भाकर के कांस्य की बदौलत भारत ने पेरिस ओलंपिक्स (Paris Olympics) 2024 मैं कांस्य पदक के साथ अपना खाता खोला। भाकर ने कांस्य पदक जीतकर रचा इतिहास, निशानेबाजी में मनु कोई भी मेडल जीतने वाली वो पहली भारतीय महिला बन गयी हैं साथ ही 12 साल बाद निशानेबाजी मैं कोई पदक जीतकर उन्होंने भारत के सूखे को भी खत्म किया। उन्होंने 10 मीटर एयर पिस्टल में ने 221.7 पॉइंट्स के साथ अपने पहले कांस्य पदक की दावेदारी पक्की की। वहीं कोरिया की ओह ये जिन ने 243.2 का ओलंपिक्स रिकॉर्ड बनाते हुए गोल्ड मेडल जीता, जबकि उन्हीं के देश की येजि किम ने 241.3 के स्कोर के साथ सिल्वर मेडल अपने नाम किया।
जीत के बाद काफी खुश नजर आयी भाकर ने कहा “पदक जीतना बहुत अच्छा लग रहा है। इस बार हमारी कोशिश होगी कि हम ज्यादा से ज्यादा मेडल जीत सकें। टीम बहुत मेहनत कर रही है, एक व्यक्ति के रूप में मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। ये ब्रॉन्ज़ है, अगली बार और बेहतर करने की कोशिश करूंगी।
कौन हैं मनु भाकर: हरियाणा के झज्जर की रहने वाली मनु के पिता मर्चेंट नेवी में चीफ इंजिनियर हैं। 14 साल की उम्र तक मनु बॉक्सिंग, टेनिस, स्केटिंग और मणिपुरी मार्शल आर्ट्स खेलती थीं। इन इवेंट्स में उन्होंने कई नेशनल मेडल्स भी जीत रखे थे, लेकिन अप्रैल 2016 में मनु पहली बार शूटिंग रेंज पहुंचीं और 15 दिन बाद ही हरियाणा ओपन टूर्नामेंट में गोल्ड मेडल जीत लिया। इसके साथ ही उनका निशानेबाजी का सफर शुरू हो गया और इसके बाद उन्होंने साल 2017 की एशियन जूनियर चैंपियनशिप का सिल्वर मेडल जीत लिया। 2018 में ही मैक्सिको वर्ल्ड कप मैं दो गोल्ड मेडल जीतने वाली 16 साल की भाकर वर्ल्ड कप में गोल्ड मेडल जीतने वाली सबसे युवा भारतीय शूटर बन गईं। और इसी साल हुई नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में भाकर ने कई बार की नेशनल चैंपियन हिना सिद्धू को न सिर्फ हराया बल्कि उनका नेशनल रिकॉर्ड भी तोड़ डाला। इस इवेंट में मनु ने कुल नौ गोल्ड मेडल जीते।
इस जीत से भारत मै जबस्दस्त उत्साह है, प्रधानमंत्री मोदी ने जहाँ इस जीत कि शुभकामनायें प्रेषित की वहीं हर भारतीय इसे अपनी जीत मानते हुए उत्सव मना रहा है। इस जीत के साथ ही सबकी निगाहें अब रजत और स्वर्ण पदकों पर टिक गयी हैं।
सहजन (Moringa oleifera), जिसे मोरिंगा या ड्रमस्टिक भी कहा जाता है, भारतीय आयुर्वेदिक चिकित्सा में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इसे “सुपरफूड” के रूप में भी जाना जाता है क्योंकि इसमें कई महत्वपूर्ण पोषक तत्व और औषधीय गुण होते हैं। आयुर्वेद में सहजन को “शिग्रू” के नाम से जाना जाता है, जिसका अर्थ है “तेज़ी से बढ़ने वाला”। सहजन भारत, अफ्रीका और दक्षिण एशिया के कुछ हिस्सों में यह पौधा प्राकृतिक रूप से पाया जाता है और इसका उपयोग खाद्य पदार्थों और औषधियों में होता है। सहजन का हर हिस्सा – पत्तियाँ, फूल, फलियाँ और बीज – औषधीय और पोषण से भरपूर होते हैं।
आयुर्वेदिकगुण
त्रिदोषशामक: सहजन वात, पित्त और कफ तीनों दोषों को संतुलित करने में मदद करता है। यह इसके गर्म तासीर और कड़वे-तुरे स्वाद के कारण होता है, जो शरीर में विषाक्त पदार्थों को दूर करने और ऊर्जा का स्तर बढ़ाने में मदद करता है।
पाचनमेंसहायक: सहजन का सेवन पेट की समस्याओं, जैसे अपच, एसिडिटी, और कब्ज में राहत प्रदान करता है। आयुर्वेद में, इसे पाचन शक्ति बढ़ाने के लिए उपयोग किया जाता है।
रोगप्रतिरोधकक्षमताबढ़ाना: सहजन के पत्तों और बीजों में विटामिन सी और अन्य एंटीऑक्सिडेंट्स होते हैं जो प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाते हैं। यह शरीर को संक्रमण और बीमारियों से लड़ने में मदद करता है।
हृदयस्वास्थ्य: आयुर्वेद के अनुसार, सहजन हृदय को स्वस्थ रखने में मदद करता है। इसके सेवन से कोलेस्ट्रॉल के स्तर में कमी आती है और रक्तचाप नियंत्रित होता है।
चर्मरोगोंकाउपचार: सहजन का उपयोग त्वचा रोगों के इलाज में भी किया जाता है। इसके पत्तों और तेल का उपयोग त्वचा की समस्याओं, जैसे मुंहासे, एक्जिमा, और फंगल संक्रमण में लाभकारी होता है।
एंटी–इंफ्लेमेटरीऔरएंटी–माइक्रोबियलगुण: सहजन के पत्तों और बीजों में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-माइक्रोबियल गुण होते हैं, जो सूजन और संक्रमण को कम करने में मदद करते हैं। आयुर्वेद में, इसे शरीर की शुद्धि और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए उपयोग किया जाता है।
मधुमेहनियंत्रण: सहजन का सेवन रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है, जो विशेष रूप से मधुमेह रोगियों के लिए लाभकारी होता है।
सहजन के उपयोग
सहजन के पत्तों, फलों और बीजों का उपयोग विभिन्न व्यंजनों में किया जाता है। इसे सूप, करी, सब्जी, और सलाद में मिलाया जा सकता है। इसके अलावा, सहजन का पाउडर और तेल भी विभिन्न औषधीय और सौंदर्य उत्पादों में उपयोग होता है।
सहजन एक अद्वितीय औषधीय पौधा है जो आयुर्वेदिक चिकित्सा में व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। इसके पौष्टिक और औषधीय गुण इसे एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्यवर्धक बनाते हैं। इसे आहार में शामिल करने से न केवल शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार होता है, बल्कि मानसिक और भावनात्मक संतुलन भी बना रहता है। यह आवश्यक है कि सहजन का सेवन उचित मात्रा में और विशेषज्ञ की सलाह से किया जाए, विशेषकर तब जब इसे औषधीय उद्देश्यों के लिए उपयोग किया जा रहा हो।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज अग्निवीरों के भविष्य को लेकर एक बड़ा फैसला लेते हुए इस मुद्दे पर लगातार हमलावर हो रहे विपक्ष मुहतोड़ जवाब दिया है, आज योगी ने ऐलान किया कि अग्निवीर जब अपनी सेवा के बाद वापस आएंगे तो उत्तर प्रदेश सरकार इन नौजवानों को पुलिस सेवा में, पीएसी में प्राथमिकता के आधार पर समायोजन की सुविधा देगी। उनके लिए एक निश्चित आरक्षण की सुविधा उत्तर प्रदेश पुलिस में उपलब्ध कराएंगे
योगी ने इस बात पर जो दिया कि सेना से लौटने के बाद अग्निवीरों के रूप में देश को ट्रेंड और अनुशासित युवा सैनिक मिलेंगे। सीएम योगी ने अग्निवीर मुद्दे पर विपक्ष की राजनीति को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि विरोधियों का काम हर प्रगति और रिफॉर्म वाले कार्य में अड़ंगा लगाने, टांग अड़ाने और अफवाह फैलाने का है।
सीएम योगी ने कहा कि भारतीय सेना के आधुनिकीकरण और इसके साजो-सामान के मामल में हम आत्मनिर्भरता की ओर से बढ़ रहे हैं। नई दिल्ली में आयोजित नीति आयोग की बैठक में शामिल होने से पहले शुक्रवार शाम यहां अपने सरकारी आवास पर सीएम योगी मीडिया से बातचीत कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी देश और समाज के लिए प्रगति और समृद्धि के नित नये प्रतिमान स्थापित करने के लिए समय-समय पर होने वाला रिफॉर्म अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। हर फील्ड में पिछले 10 साल में बेहतरीन रिफॉर्म हुए हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की अथर्व्यवस्था को एक सम्मानजनक स्थिति में पहुंचाने और दुनिया की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में लाने के लिए कार्य किये गये हैं। एक तरफ हम समृद्धि के नित नये सोपान छू रहे हैं, तब हमें राष्ट्रीय सुरक्षा को भी उतना ही महत्व देना होगा।
अग्निवीर जब अपनी सेवा के बाद वापस आएंगे, उत्तर प्रदेश सरकार पुलिस सेवा में, पीएसी में इन नौजवानों को प्राथमिकता के आधार पर समायोजन की सुविधा देगी।
इस ऐलान के बाद अब देखना है कि भाजपा शाषित अन्य राज्य भी क्या इसी तर्ज पर ऐसा ही ऐलान करते हैं और साथ ही मुख्यमंत्री योगी की इस बेहतरीन गूगली को अब विपक्ष क्या प्रतिक्रिया देता है।
If death comes before I prove my blood I swear, I will kill death अगर मेरे खून को साबित करने से पहले मृत्यु आ जाए तो मैं कसम खाता हूं, मैं मृत्यु को मार डालूंगा
-कैप्टन मनोज पांडे (Capt. Manoj Pandey)
ये शब्द कैप्टन मनोज पांडे (Capt. Manoj Pandey) जो भारतीय सेना के प्रतिष्ठित अधिकारी थे ने कहे थे और अपने शब्दों पर खरा उतरते हुए उन्होंने 1999 के कारगिल युद्ध में अपने अद्वितीय साहस और वीरता का ऐसा प्रदर्शन किया जो सदियों तक हर भारतवासी के लिए प्रेरणा बना रहेगा। वे भारतीय सेना की 1/11 गोरखा राइफल्स में कार्यरत थे और उन्हें मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च सैन्य सम्मान, परम वीर चक्र से नवाजा गया।
प्रारंभिक जीवन
मनोज कुमार पांडे का जन्म 25 जून 1975 को उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में हुआ था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा लखनऊ और रानीखेत में हुई। बचपन से ही सेना में शामिल होने का सपना रखने वाले मनोज पांडे ने अपने इस लक्ष्य को पाने के लिए कड़ी मेहनत की।
सैन्य करियर और कारगिल युद्ध
मनोज पांडे ने 1997 में भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) से स्नातक की डिग्री प्राप्त की और उन्हें 1/11 गोरखा राइफल्स में कमीशन मिला। 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान, कैप्टन पांडे की बटालियन को महत्वपूर्ण खालुबार चोटी को पुनः प्राप्त करने का कार्य सौंपा गया था। उन्होंने अद्वितीय साहस और नेतृत्व क्षमता का प्रदर्शन किया और अपने सैनिकों के साथ अग्रिम पंक्ति में लड़ते हुए कई दुश्मनों को मार गिराया।
शौर्य का प्रदर्शन
खालुबार चोटी पर कब्जा करते समय, कैप्टन मनोज पांडे को कई गोलियां लगीं, फिर भी उन्होंने अपने मिशन को पूरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने अपने सैनिकों को प्रेरित किया और दुश्मन के ठिकानों पर सफलतापूर्वक हमला किया, जिससे भारतीय सेना को महत्वपूर्ण रणनीतिक बढ़त मिली।
परम वीर चक्र से सम्मानित
उनकी वीरता और बलिदान को मान्यता देते हुए, उन्हें मरणोपरांत परम वीर चक्र से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें भारतीय सेना में उनके अद्वितीय योगदान और बलिदान के लिए प्रदान किया गया था।
अपने सेवा चयन बोर्ड (एसएसबी) साक्षात्कार के दौरान, “आप सेना में क्यों शामिल होना चाहते हैं?” के सवाल पर, उनका तत्काल उत्तर था “मैं परमवीर चक्र जीतना चाहता हूं”। अपने शब्दों के अनुरूप कैप्टन मनोज कुमार पांडे ने मरणोपरांत देश का सर्वोच्च वीरता सम्मान जीता।
विरासत
कैप्टन मनोज पांडे की वीरता और बलिदान ने उन्हें भारतीय जनता के दिलों में अमर कर दिया है। उनकी स्मृति में उत्तर प्रदेश के लखनऊ में एक उद्यान का नाम उनके नाम पर रखा गया है। इसके अलावा, भारतीय सेना और अन्य संगठन उनकी वीरता को विभिन्न समारोहों में सम्मानित करते हैं।
प्रेरणा और आदर्श
कैप्टन पांडे का जीवन देशभक्ति, साहस और सेवा का प्रतीक है। उनका उदाहरण न केवल सैनिकों के लिए बल्कि आम जनता के लिए भी प्रेरणास्रोत है। उनकी वीरता की कहानियाँ आज भी युवाओं को भारतीय सेना में शामिल होने और देश की सेवा करने के लिए प्रेरित करती हैं। कैप्टन मनोज पांडे का जीवन और बलिदान भारतीय सेना के साहस और समर्पण का प्रतीक है। उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।
हमें गर्व है ऐसे वीर बलिदानी पर जिसने भारत माँ के चरणों मैं अपने प्राण न्योछावर कर दिए पर दुश्मन को सफल नहीं होने दिया। आज जाट बुलेटिन परिवार के सभी सदस्य कारगिल विजय दिवस पर इस अमर वीर बलिदानी को और कारगिल मैं शहीद हुए सभी वीरों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज 25वें कारगिल विजय दिवस (Kargil Vijay Diwas) के अवसर पर लद्दाख में देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले बहादुरों को श्रद्धांजलि अर्पित की। वह श्रद्धांजली समारोह में भी शामिल हुए। प्रधानमंत्री ने गौरव गाथा: एनसीओ द्वारा कारगिल युद्ध पर ब्रीफिंग सुनी और अमर संस्मरण: हट ऑफ रिमेंबरेंस का दौरा किया। उन्होंने वीरभूमि का भी दौरा किया।
श्रद्धांजलि समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि लद्दाख की गौरवशाली भूमि कारगिल विजय दिवस की 25वीं वर्षगांठ की साक्षी है। पीएम मोदी ने कहा, “कारगिल विजय दिवस हमें याद दिलाता है कि देश के लिए दिया गया बलिदान अमर होता है।” प्रधानमंत्री ने कहा कि भले ही महीने, साल, दशक और सदियां बीत जाएं, देश की सीमाओं की रक्षा के लिए दिए गए बलिदान को भुलाया नहीं जा सकता। पीएम मोदी ने कहा, “देश हमारे सशस्त्र बलों के शक्तिशाली महानायकों का सदैव ऋणी और अत्यंत आभारी है।”
पीएम ने कारगिल युद्ध के दिनों को याद करते हुए कहा कि वह भाग्यशाली हैं कि उस समय सैनिकों के बीच थे। उन्होंने कहा कि उन्हें अब भी याद है कि कैसे हमारे सैनिकों ने इतनी ऊंचाई पर एक कठिन ऑपरेशन को अंजाम दिया था। पीएम मोदी ने कहा, “मैं देश के उन वीर सपूतों को सलाम करता हूं जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। कारगिल में हमने न केवल युद्ध जीता, बल्कि हमने ‘सच्चाई, संयम और ताकत’ का एक अविश्वसनीय उदाहरण भी पेश किया।” प्रधानमंत्री ने उस समय पाकिस्तान के धोखे पर प्रकाश डाला जब भारत शांति बनाए रखने के लिए सभी प्रयास कर रहा था। उन्होंने कहा कि सच्चाई से झूठ और आतंक को घुटनों पर ला दिया गया।
आतंकवाद की निंदा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पाकिस्तान को अतीत में हमेशा हार का सामना करना पड़ा है। पीएम मोदी ने आगे कहा कि पाकिस्तान ने अपने अतीत से कुछ नहीं सीखा है और प्रासंगिक बने रहने के लिए आतंकवाद और छद्म युद्ध की आड़ में युद्ध जारी रखा है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि आतंकवादियों के नापाक इरादे कभी पूरे नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि हमारे बहादुर जवान सभी आतंकी प्रयासों को रौंद देंगे।
अग्निपथ योजना के पीछे पेंशन का बोझ बचाने की मंशा को मुख्य कारण बताए जाने वाले दुष्प्रचार को खारिज करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भर्ती होने वाले सैनिकों की पेंशन का बोझ 30 साल बाद आएगा, इसलिए इस योजना के पीछे का कारण यह नहीं हो सकता। उन्होंने कहा, “हमने सशस्त्र बलों के लिए गए इस फैसले का सम्मान किया है क्योंकि हमारे लिए देश की सुरक्षा राजनीति से ज्यादा महत्वपूर्ण है।”
कारगिल विजय दिवस पर अपने संबोधन का समापन करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ”करगिल की जीत किसी सरकार या किसी पार्टी की जीत नहीं थी। ये जीत देश की है, ये जीत हमारी विरासत है। यह देश के गौरव और स्वाभिमान का त्योहार है।” उन्होंने पूरे देश की ओर से वीर जवानों को सलाम किया और करगिल विजय के 25 साल पूरे होने पर सभी देशवासियों को शुभकामनाएं दीं।
प्रधानमंत्री ने आज वर्चुअल तरीके से लद्दाख में शिंकुन ला टनल प्रोजेक्ट का पहला विस्फोट भी देखा। लेह को हर मौसम में कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए शिंकुन ला सुरंग परियोजना में निमू – पदुम – दारचा रोड पर लगभग 15,800 फीट की ऊंचाई पर 4.1 किमी लंबी ट्विन-ट्यूब सुरंग का निर्माण किया जाना है। प्रधानमंत्री ने लद्दाख के लोगों को बधाई देते हुए कहा कि यह सुरंग उनके जीवन को और आसान बनाएगी क्योंकि क्षेत्र में खराब मौसम के कारण उनके सामने आने वाली कई कठिनाइयां कम हो जाएंगी।
On 25th Kargil Vijay Diwas, the nation honours the gallant efforts and sacrifices of our Armed Forces. We stand eternally grateful for their unwavering service.https://t.co/xwYtWB5rCV
पेपर लीक के कारण निरस्त की गई उत्तर प्रदेश पुलिस (Uttar Pradesh Police) की सिपाही भर्ती परीक्षा 2023 को फिर से आयोजित करने के लिए तारीखों का ऐलान कर दिया गया है। 60244 पदों पर भर्ती के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा 23, 24, 25, 30 और 31 अगस्त 2024 को परीक्षा का आयोजन किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार यह परीक्षा शुचिता एवं पारदर्शिता के उच्चतम मानकों के दृष्टिगत पुनः आयोजित कराई जाएगी। इस सम्बन्ध मैं आज मुख्यमंत्री कार्यालय ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्ट कर इसकी पुष्टि की।
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आरक्षी नागरिक पुलिस के 60,244 पदों पर सीधी भर्ती-2023 की लिखित परीक्षा 23, 24, 25 अगस्त एवं 30, 31 अगस्त 2024 को कराने का निर्णय लिया गया है। जन्माष्टमी के त्योहार के कारण परीक्षा में अंतराल दिया गया है। #UPCM श्री…
इस बार किसी भी तरह की धांधली करने वाले को सख्ती से निपटा जायेगा। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने अपने नोटिस में शासन के हालिया उस अधिनियम का भी जिक्र किया है जिसमें परीक्षाओं में नकल रोकने का प्रावधान किया गया है. बता दें कि उत्तर प्रदेश शासन ने सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों, जैसे प्रश्नपत्र लीक होना, उत्तर पुस्तिकाओं से छेड़छाड़ आदि को रोकने के लिए उ०प्र० सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अध्यादेश-2024 (उत्तर प्रदेश अध्यादेश संख्या-6, सन् 2024) को एक जुलाई से लागू किया है. इस अधिनियम में प्रावधान किया गया है कि किसी भी परीक्षा में अनुचित साधनों का प्रयोग करना, नकल करना या नकल कराना, प्रश्न पत्र का प्रतिरूपण करना या प्रकट करना या प्रकट करने का षड्यंत्र करना आदि कृत्य अपराध की श्रेणी में आते हैं, जो इस अधिनियम के अन्तर्गत दण्डनीय है. ऐसे प्रकरणों में एक करोड़ तक का जुर्माना और आजीवन कारावास तक की सजा, दोनों ही हो सकती है।
जल्द ही जाट बुलेटिन इस सन्दर्भ मैं सारी जानकारियां, जैसे आवेदन प्रक्रिया , पात्रता, महत्वपूर्ण तिथियां, नियम व शर्तें आदि अपने पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करेगा जिससे इक्षुक पात्रों को किसी भी दिक्कत का सामना न करना पड़े।
कारगिल विजय दिवस (Kargil Vijay Diwas) की 25वी वर्षगांठ के अवसर पर 26 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुबह लगभग 9:20 बजे द्रास स्थित कारगिल युद्ध स्मारक का दौरा करेंगे। वे करगिल युद्ध के दौरान प्राणों की आहुति देने वाले वीर बलिदानियों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
इस मौके पर प्रधानमंत्री वर्चुअल रूप से शिंकुन ला सुरंग परियोजना का पहला विस्फोट भी करेंगे। बताते चलें कि शिंकुन ला सुरंग परियोजना में 4.1 किलोमीटर लंबी ट्विन-ट्यूब सुरंग शामिल है, जिसका निर्माण निमू-पदुम-दारचा रोड पर लगभग 15,800 फीट की ऊंचाई पर किया जाएगा, ताकि लेह को हर मौसम में कनेक्टिविटी प्रदान की जा सके।
निर्माण कार्य पूरा होने पर यह विश्व की सर्वाधिक ऊंची सुरंग होगी। शिंकुन ला सुरंग न केवल हमारे सशस्त्र बलों और उपकरणों की तीव्र और कुशल आवाजाही सुनिश्चित करेगी, बल्कि लद्दाख में आर्थिक और सामाजिक विकास को भी बढ़ावा देगी।
इस बाबत उपराज्यपाल कार्यालय, लद्दाख ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्ट भी साझा किया जिसमे उन्होंने लिखा “माननीय उपराज्यपाल ब्रिगेडियर (डॉ.) बीडी मिश्रा ने द्रास में कारगिल युद्ध स्मारक पर भारत के माननीय प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी की यात्रा की तैयारियों का जायजा लिया।”
The Hon’ble Lt Governor Brig (Dr) BD Mishra took stock of the arrangements for the visit of the Hon'ble Prime Minister of India, Shri Narendra Modi at Kargil War Memorial in Drass. pic.twitter.com/WRKubhzaL2
— Office of the Lt. Governor, Ladakh (@lg_ladakh) July 24, 2024
मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स (MCU) में एक बार फिर धमाल मचाने आ रहे हैं सबके पसंदीदा सुपरहीरो डेडपूल एंड वोल्वरीन (Deadpool & Wolverine) इन दोनों करिश्माई किरदारों की जोड़ी को एक साथ देखने के लिए फैंस में बेहद उत्साह है।
Deadpool, यानी Wade Wilson, अपनी हास्यप्रद शैली और अनोखे एक्शन के लिए मशहूर हैं। वहीं Wolverine, यानी Logan, अपने अद्भुत शक्तियों और करिश्माई व्यक्तित्व के लिए जाने जाते हैं। इन दोनों पात्रों को एक ही फिल्म में देखना दर्शकों के लिए एक अद्वितीय अनुभव होने वाला है।
फिल्म की कहानी को लेकर अभी तक बहुत कम जानकारी सामने आई है। हालांकि, यह निश्चित है कि फिल्म में भरपूर एक्शन, हास्य और भावनात्मक क्षण होंगे। यह देखना दिलचस्प होगा कि डेडपूल एंड वोल्वरीन (Deadpool & Wolverine) की जोड़ी किस तरह से एक्शन और हास्य का तड़का लगाएगी।
Ryan Reynolds एक बार फिर Deadpool के रूप में नजर आएंगे, जबकि Hugh Jackman अपनी Wolverine की भूमिका में लौट रहे हैं। यह दोनों अभिनेताओं के लिए एक चुनौतीपूर्ण भूमिका होगी, क्योंकि उनके किरदारों के बीच की केमिस्ट्री दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय है।
फिल्म भारतीय बाजार मैं 26 जुलाई को रिलीज़ हो रही है जिससे भारतीय दर्शकों मैं इस फिल्म के लिए जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है और अभी तक इस फिल्म की लाख से ज़्यादा टिकेटों की एडवांस बुकिंग हो चुकी है और उम्मीद है कि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त धमाका करेगी।
इस फिल्म में हास्य, एक्शन और इमोशन का जबरदस्त मिश्रण देखने को मिलेगा। Deadpool की अनोखी संवाद शैली और Wolverine की गंभीरता, दोनों का एक साथ होना फिल्म को और भी खास बनाता है। दर्शकों को उम्मीद है कि फिल्म में शानदार विजुअल इफेक्ट्स और रोमांचक कहानी होगी।
डेडपूल एंड वोल्वरीन (Deadpool & Wolverine), एक ऐसी फिल्म है जिसका इंतजार सभी मार्वल फैंस कर रहे हैं। इस फिल्म में न सिर्फ अद्भुत एक्शन होगा, बल्कि इसमें हास्य और भावनात्मकता का भी बेहतरीन मिश्रण होगा। यह देखना दिलचस्प होगा कि इन दोनों करिश्माई पात्रों की जोड़ी किस तरह से दर्शकों का मनोरंजन करती है।
हल्दी, जिसे अंग्रेजी में “टर्मरिक” (Turmeric) कहा जाता है, भारतीय रसोई का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह न केवल एक मसाला है बल्कि इसके औषधीय गुण भी अत्यधिक प्रसिद्ध हैं। हल्दी का उपयोग प्राचीन काल से ही आयुर्वेद, यूनानी चिकित्सा, और पारंपरिक चिकित्सा में किया जाता रहा है। इसके औषधीय गुणों के कारण यह विश्वभर में लोकप्रिय है और इसे “स्वर्ण मसाला” भी कहा जाता है।
हल्दी की पहचान और इतिहास
हल्दी का वैज्ञानिक नाम “कर्कुमा लोंगा” (Curcuma longa) है। यह एक भूमिगत स्टेम या राइजोम है जो ज़िंजीबरासी (Zingiberaceae) परिवार से संबंधित है। हल्दी की खेती मुख्य रूप से भारत में होती है और भारत विश्व का सबसे बड़ा हल्दी उत्पादक देश है। इसे प्राचीन भारतीय ग्रंथों में एक महत्वपूर्ण औषधि के रूप में वर्णित किया गया है।
हल्दी के पोषक तत्व
हल्दी में कई महत्वपूर्ण पोषक तत्व होते हैं जिनमें शामिल हैं:
हल्दी का प्रमुख सक्रिय यौगिक कर्कुमिन सूजन-रोधी गुणों के लिए जाना जाता है। यह आर्थराइटिस, मांसपेशियों के दर्द, और अन्य सूजन संबंधी समस्याओं में राहत प्रदान करता है।
2. एंटीऑक्सीडेंट गुण
हल्दी में मौजूद कर्कुमिन एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होता है, जो शरीर में मुक्त कणों से लड़ने में मदद करता है। यह कोशिकाओं को क्षति से बचाता है और कैंसर जैसी बीमारियों के जोखिम को कम करता है।
3. रोग प्रतिरोधक क्षमता में सुधार
हल्दी का नियमित सेवन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में सहायक होता है। यह संक्रमण और बीमारियों से लड़ने में मदद करता है।
4. ह्रदय स्वास्थ्य
हल्दी का सेवन कोलेस्ट्रॉल स्तर को नियंत्रित करता है और रक्तचाप को संतुलित रखने में मदद करता है। यह ह्रदयाघात और स्ट्रोक के जोखिम को भी कम करता है।
5. त्वचा के लिए लाभकारी
हल्दी का उपयोग त्वचा की देखभाल के लिए भी किया जाता है। यह त्वचा को स्वस्थ, चमकदार और युवा बनाए रखने में मदद करता है। यह मुंहासों, दाग-धब्बों, और अन्य त्वचा समस्याओं में भी लाभकारी है।
हल्दी का उपयोग
हल्दी का उपयोग विभिन्न रूपों में किया जा सकता है:
ताजा हल्दी: इसे काटकर या पीसकर भोजन में डाला जा सकता है।
हल्दी पाउडर: यह सबसे सामान्य रूप है और इसे मसाले के रूप में उपयोग किया जाता है।
हल्दी का रस: इसे पानी या दूध के साथ मिलाकर सेवन किया जा सकता है।
हल्दी का तेल: यह त्वचा और बालों की देखभाल के लिए उपयोगी होता है।
हल्दी के साइड इफेक्ट्स
हल्दी का अत्यधिक सेवन कुछ लोगों में पेट में जलन, दस्त, या मतली का कारण बन सकता है। गर्भवती महिलाएं और जो लोग रक्त पतला करने की दवाएं ले रहे हैं, उन्हें हल्दी का सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए।
हल्दी का आयुर्वेदिक महत्व
आयुर्वेद में हल्दी को “हरिद्रा” के नाम से जाना जाता है। यह त्रिदोष (वात, पित्त, कफ) को संतुलित करने में मदद करती है। हल्दी का उपयोग विभिन्न रोगों के उपचार में किया जाता है जैसे कि पाचन समस्याएं, त्वचा रोग, और सूजन संबंधी बीमारियां।
हल्दी एक अत्यंत गुणकारी मसाला है जो न केवल भारतीय रसोई का एक अभिन्न हिस्सा है बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी अत्यधिक लाभकारी है। इसके नियमित सेवन से न केवल शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है बल्कि यह सूजन, दर्द, और अन्य कई स्वास्थ्य समस्याओं से भी राहत प्रदान करता है। इसलिए, हल्दी को अपनी दैनिक आहार में शामिल करें और इसके अद्भुत लाभों का आनंद लें।
प्राप्त जानकारी के अनुसार नेपाल की राजधानी काठमांडू से पोखरा जा रहा एक विमान क्रैश हो गया है। प्लेन में क्रू समेत 19 लोग सवार थे जिसमे से 18 लोगों की मृत्यु की खबर आ रही है। वहीं घायल पायलट कैप्टन मनीष शाक्य को अस्पताल पहुंचाया गया है।
आज सुबह 11 बजे के आसपास प्लेन ने त्रिभुवन एयरपोर्ट से उड़ान भरी मगर उड़ते ही विमान रनवे पर फिसल कर दुर्घटनाग्रस्त हो गया और इसमें आग लग गयी। ये विमान शौर्य एयरलाइन्स का था जिसके पायलट कैप्टन मनीष शाक्य थे। काठमांडू पोस्ट के मुताबिक, पुलिस और फायर फाइटर्स की टीम घटनास्थल पर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है।
मीडिया को जानकारी देते हुए हवाई अड्डे पर तैनात एक सुरक्षा अधिकारी ने बतया कि क्रैश के तुरंत बाद विमान में आग लग गई थी। घटनास्थल से सामने आई तस्वीरों में धुएं का गुबार उठता दिख रहा है। हालांकि, हादसा किस वजह से हुआ इसकी जानकारी अब तक सामने नहीं आई है।
घटनास्थल पर मौजूद चश्मदीदों ने काठमांडू पोस्ट से बात करते हुए बताया कि प्लेन ने रनवे के दक्षिणी छोर से टेकऑफ किया था। अचानक से प्लेन में झटका लगा और इसका विंग जमीन से टकरा गया। इसके बाद विमान में आग लग गई। इसके बाद यह रनवे के पूर्वी हिस्से में बुद्धा एयर हैंगर और रडार स्टेशन के बीच गिर गया।
खबर लिखे जाने तक त्रिभुवन एयरपोर्ट को बंद कर दिया गया है और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है।
अदरक, जिसे आमतौर पर जिंजर (Ginger) के नाम से भी जाना जाता है, भारतीय रसोई का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके औषधीय गुणों के कारण इसे आयुर्वेद में एक प्रमुख स्थान प्राप्त है। यह एक बहुमूल्य मसाला है जो न केवल व्यंजनों का स्वाद बढ़ाता है बल्कि कई स्वास्थ्य लाभ भी प्रदान करता है।
अदरक की पहचान और इतिहास
अदरक का वैज्ञानिक नाम “जिंजीबर ऑफिसिनेल” (Zingiber officinale) है। यह एक फूलदार पौधा है जिसका उपयोग प्राचीन काल से ही औषधीय और खाद्य उद्देश्यों के लिए किया जाता रहा है। अदरक की उत्पत्ति दक्षिण पूर्व एशिया में मानी जाती है, और इसके उपयोग का इतिहास हजारों साल पुराना है। इसके औषधीय गुणों के कारण अदरक को आयुर्वेद, यूनानी और पारंपरिक चीनी चिकित्सा में विशेष स्थान प्राप्त है।
अदरक के पोषक तत्व
अदरक में कई महत्वपूर्ण पोषक तत्व होते हैं जिनमें शामिल हैं:
विटामिन्स: विटामिन B6, विटामिन C
खनिज पदार्थ: पोटैशियम, मैग्नीशियम, तांबा
फाइटोन्यूट्रिएंट्स: जिंजेरोल, शोगाओल, पैराडोल
अदरक के स्वास्थ्य लाभ
1. पाचन में सुधार
अदरक का सेवन पाचन तंत्र को सुदृढ़ बनाता है। यह अपच, गैस, और अन्य पाचन समस्याओं से राहत दिलाता है। अदरक के रस को शहद और नींबू के रस के साथ मिलाकर पीने से पाचन शक्ति बढ़ती है।
2. सूजन और दर्द में राहत
अदरक में मौजूद जिंजेरोल सूजन और दर्द को कम करने में मदद करता है। यह गठिया, मांसपेशियों के दर्द और सिरदर्द में भी राहत दिलाता है। अदरक का तेल मालिश के लिए भी उपयोगी होता है।
3. सर्दी और खांसी में फायदेमंद
अदरक का सेवन सर्दी और खांसी में अत्यधिक लाभकारी होता है। अदरक की चाय या काढ़ा पीने से गले की खराश और बंद नाक खुल जाती है।
4. रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाना
अदरक में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करते हैं। यह संक्रमण और बीमारियों से बचाने में सहायक है।
5. ह्रदय स्वास्थ्य
अदरक का नियमित सेवन ह्रदय के स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करता है। यह रक्तचाप को नियंत्रित करता है और ह्रदयाघात के जोखिम को कम करता है। अदरक का सेवन कोलेस्ट्रॉल स्तर को भी नियंत्रित करता है।
6. कैंसर से लड़ने में सहायक
अदरक में कैंसर रोधी गुण होते हैं। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर में मुक्त कणों से लड़ते हैं, जो कोशिकाओं को क्षति पहुंचाते हैं और कैंसर का कारण बनते हैं।
अदरक के उपयोग
अदरक का उपयोग विभिन्न रूपों में किया जा सकता है:
ताजा अदरक: इसे कद्दूकस करके या काटकर भोजन में डाला जा सकता है।
अदरक का रस: इसे पानी या शहद के साथ मिलाकर पी सकते हैं।
अदरक की चाय: अदरक को पानी में उबालकर पी सकते हैं।
अदरक का पाउडर: इसे सूखे अदरक को पीसकर बनाया जाता है और मसाले के रूप में उपयोग किया जाता है।
अदरक का तेल: मालिश के लिए उपयोगी और आरामदायक होता है।
अदरक के साइड इफेक्ट्स
अदरक के अत्यधिक सेवन से कुछ लोगों को पेट में जलन, दस्त या मुंह में जलन हो सकती है। गर्भवती महिलाएं और जो लोग रक्त पतला करने की दवा लेते हैं, उन्हें अदरक का सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए।
अदरक का आयुर्वेदिक महत्व
आयुर्वेद में अदरक को “महाऔषधि” के रूप में जाना जाता है। यह वात, पित्त और कफ तीनों दोषों को संतुलित करने में सहायक होता है। अदरक के सेवन से शरीर की अग्नि (पाचन शक्ति) को बढ़ावा मिलता है और यह शरीर को विषाक्त पदार्थों से मुक्त करता है।
अदरक के घरेलू नुस्खे
पाचन के लिए: अदरक के टुकड़े पर नमक छिड़ककर खाने से पाचन में सुधार होता है।
सर्दी और खांसी के लिए: अदरक का रस शहद के साथ मिलाकर दिन में दो बार लेने से राहत मिलती है।
दर्द निवारक: अदरक के तेल की मालिश से मांसपेशियों के दर्द में आराम मिलता है।
अदरक एक अत्यंत गुणकारी मसाला है जिसे अपनी दिनचर्या में शामिल करके हम अनेक स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इसके नियमित सेवन से न केवल हमारा पाचन तंत्र सुदृढ़ होता है बल्कि हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है। अदरक का उपयोग कई रूपों में किया जा सकता है और यह हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुमूल्य साबित हो सकता है।
नई एनडीए सरकार द्वारा प्रस्तुत पहले केंद्रीय बजट (Union Budget 2024) और अपने सातवें बजट भाषण मैं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई उपायों की घोषणाएं की।
एमएसएमई (MSME) के लिए की गयी मुख्य घोषणाएं
1. कोलेट्रल या तीसरे पक्ष की गारंटी के प्रावधान के बिना मशीनरी के लिए सावधि ऋण की सुविधा के लिए एक क्रेडिट गारंटी योजना शुरू की जाएगी। एक अलग से गठित स्व-वित्तपोषण गारंटी फंड रुपये तक का गारंटी कवर प्रदान करेगा। प्रत्येक उधारकर्ता के लिए 100 करोड़ तक का प्रावधान रहेगा, जबकि ऋण राशि अधिक भी हो सकती है।
2. बजट एक नए तंत्र के माध्यम से, उद्योगों को तनाव की अवधि के दौरान को ऋण सहायता प्रदान करेगा जिससे ऐसे उद्यमों को उन कारणों से एनपीए चरण में जाने से रोका जा सके जो उनके नियंत्रण से परे हैं।
3. मुद्रा ऋण की सीमा बढ़ाकर 10 लाख रुपये से 20 लाख रुपये किया जायेगा पर उन लोगों के लिए होगा जिन्होंने पहले तरुण श्रेणी के तहत लिया गया ऋण सफलतापूर्वक चुकाया है।
4. अधिक ऋण की अनुमति देने के लिए एमएसएमई समूहों में 24 नई सिडबी शाखाएं भी तीन साल के भीतर खोली जाएंगी, साथ ही कवरेज को 168 समूहों तक विस्तारित किया जाएगा।
5. एमएसएमई और पारंपरिक कारीगरों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी पहुंच बनाने में सक्षम बनाने के लिए ई-कॉमर्स निर्यात केंद्र एक सहज नियामक ढांचे के साथ पीपीपी मोड (PPD Mode) में स्थापित किए जाएंगे, ताकि एक छत के नीचे व्यापार की सुविधा मिल सके।
6. सरकार TReDs प्लेटफॉर्म पर अनिवार्य ऑनबोर्डिंग के लिए एमएसएमई खरीदारों की टर्नओवर सीमा को 500 करोड़ रुपये से घटाकर 250 करोड़ रुपये करेगी। बताते चलें कि TReDS एमएसएमई की मदद के लिए एक ऑनलाइन मंच है
7. बजट में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों द्वारा एमएसएमई ऋण के लिए एक नए मूल्यांकन मॉडल का भी प्रस्ताव है जो बाहरी मूल्यांकन पर निर्भर नहीं होगा। यह केवल पारंपरिक रूप से उपयोग की जाने वाली संपत्ति और टर्नओवर मानदंडों के बजाय अर्थव्यवस्था में एमएसएमई के डिजिटल फूटप्रिंट्स पर आधारित होगा।
उम्मीद है कि इन प्रावधानों से एमएसएमई को काफी सहायता मिलेगी और वो देश के विकास मैं अपना श्रेष्ठ प्रदर्शन कर देश कि जीडीपी को आगे बढ़ाने मैं सहायक बनेंगे साथ ही इससे आने वाले समय मैं रोजगार के विभिन्न अवसर उत्पन्न होंगे