Weight Loss: जानिए कैसे आप अपनी वेट लॉस डाइट में भी शामिल कर सकते हैं सफेद चावल

How To Eat Rice On A Weight Loss Diet: उन लोगों ने सफेद चावल को तकरीब त्याग ही दिया है, जो अपने वजन को लेकर सजग हैं. सफेद चावलों में काफी मात्रा में मिलने वाला स्टार्च इसे कैलोरी से भरपूर बनाता है. कोई कितना ही कहे कि आपको सफेद चावल नहीं खाने चाहिए या कम खाने चाहिए, लेकिन जब भी चावलों का नाम आता है तो सबसे पहले सफेद चावल ही जहन में आते हैं. सफेद चावल दुनिया भर में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाते हैं. लेकिन फिर भी जब कभी हेल्दी डाइट की बता होती है तो इन्हें खाने में शामिल नहीं किया जाता, आखिर क्यों? वास्तव में यह अगर डेली डाइट में शामिल किए जाएं तो यह काफी फायदेमंद साबित होते हैं. इनमें फाइबर के साथ-साथ पोषक तत्व भी होते हैं, जो सेहत के लिए लाभदायक होते हैं. इतना ही नहीं यह वजन कम करने से जुड़ी डाइट (weight loss diet) में भी बहुत जरूरी है. अगर आप वजन कम करने के लिए एक्सरसाइज कर रहे हैं तो इस बात का ध्यान रखें कि सिर्फ एक्सरसाइज ही कमाल नहीं कर सकती. आपको अपनी डाइट का भी ध्यान रखना होगा. अब तो आप समझ ही चुके होंगे कि इस लेख में हम बात करने वाले हैं वजन कम करने के दौरान डाइट में सफेद चावलो के बारे में.

How To Lose Weight Fast: डाइट प्लान जो सिर्फ 7 दिनों में कम करेगा कई किलो वजन

कैसे वजन कम करने या मोटापा घटाने के लिए अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं सफेद चावल (How To Eat Rice On A Weight Loss Diet) 

ज्यादातर वेट लोस डाइट सफेद चावल खाने से मना करती हैं. क्योंकि इनमें मौजूद कैलोरी की मात्रा ज्यादा होती है. वजन कम करने या मोटापा घटाने के लिए आपको कैलोरी डेफिशिएट (calorie deficit) करना होगा. इसके लिए आपको कैलोरी बर्न ज्यादा करने के साथ-साथ ही साथ कैलोरी इनटेक को भी संयमित करना होता है. 
लेकिन ऐसे में सफेद चावलों को खाया जाए या नहीं इसी बारे में हम आपको बताते हैं. पोषक तत्वों के बिना अगर इन्हें डाइट में शामिल किया जाए, तो इससे बेरीबेरी नामक रोग होने की संभावना बनी रहती है. यही नहीं कई बार सफेद चावल व्यक्ति के शरीर को भी कई तरीके से नुकसान पहुंचाते हैं, साथ ही मैटाबॉलिक परेशानी- डायबीटिज़, मोटापा और कई बीमारियों को बढ़ावा देते हैं. सफेद चावलों में सबसे ज्यादा स्टार्च होती है. और पॉलिश की प्रक्रिया के दौरान इसमें से कुछ पोषक तत्व जैसे थियामिन जो कि बी-1 के नाम से भी जाना जाता है और विटामिन-बी कम हो जाते हैं. यह थियामिन की कमी के कारण होता है.

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