दक्षिण कोरियाई ऑटोमेकर हुंडई ने हाल ही में अपनी बहुप्रतीक्षित एसयूवी हुंडई अल्कज़ार 2024 को भारतीय बाजार लॉन्च किया है। यह नई एसयूवी कंपनी के सफल मॉडल क्रेटा के ऊपर की श्रेणी में आती है, और इसे 6 और 7 सीटों के विकल्प के साथ पेश किया गया है। कंपनी का दावा है कि हुंडई अल्कज़ार 2024 न केवल भारतीय परिवारों की ज़रूरतों को ध्यान में रखकर डिज़ाइन की गई है, बल्कि यह एडवांस फीचर्स और शानदार परफॉर्मेंस के साथ एक प्रीमियम अनुभव भी प्रदान करेगी।
डिज़ाइन और लुक्स
हुंडई अल्कज़ार 2024 को कंपनी ने बेहद आकर्षक और मजबूत डिज़ाइन के साथ पेश किया है। इसका बाहरी लुक दमदार ग्रिल, एलईडी हेडलाइट्स, और आकर्षक टेललाइट्स के साथ काफी बोल्ड और मॉडर्न दिखाई देता है। फ्रंट ग्रिल का बड़ा साइज और क्रोम का इस्तेमाल इसे प्रीमियम फील देता है। इसके अलावा, एसयूवी के डायमेंशन में भी खास ध्यान दिया गया है, ताकि यह रोड पर मजबूती से खड़ी नजर आए और यात्री अंदर बैठने पर खुद को अधिक स्पेसियस महसूस कर सकें।
हुंडई अल्कज़ार 2024 में 18-इंच के डायमंड कट अलॉय व्हील्स दिए गए हैं, जो इसके लुक्स को और भी बेहतर बनाते हैं। इसके साइड प्रोफाइल में स्लीक कैरेक्टर लाइन्स दी गई हैं, जो इसे एक स्पोर्टी अपील प्रदान करती हैं। पीछे की तरफ, अल्कज़ार को आकर्षक टेललैंप डिज़ाइन और डुअल एग्जॉस्ट पाइप्स के साथ स्पोर्टी फिनिश दिया गया है।
इंटीरियर्स और फीचर्स
अल्कज़ार का इंटीरियर बेहद लक्जरी और प्रीमियम है। एसयूवी को 6-सीटर और 7-सीटर ऑप्शन में पेश किया गया है, जहाँ 6-सीटर में कैप्टन सीट्स दी गई हैं। इन सीट्स के साथ स्लाइडिंग और रीक्लाइनिंग फीचर्स भी दिए गए हैं, ताकि यात्रियों को लंबी यात्राओं में भी आराम मिल सके। इसके अलावा, एसयूवी में वेंटिलेटेड सीट्स, पैनोरमिक सनरूफ, और एम्बिएंट लाइटिंग जैसे फीचर्स इसे प्रीमियम एसयूवी की केटेगरी में खड़ा करते हैं।
हुंडई अल्कज़ार 2024 में 10.25 इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम दिया गया है, जो एप्पल कारप्ले और एंड्रॉइड ऑटो सपोर्ट करता है। साथ ही, इसमें बोस का 8-स्पीकर ऑडियो सिस्टम भी दिया गया है, जिससे यात्रियों को बेहतरीन साउंड क्वालिटी मिलती है। कार के अंदर कई यूएसबी चार्जिंग पोर्ट्स, वायरलेस चार्जिंग और एयर प्यूरिफायर जैसे एडवांस फीचर्स भी मौजूद हैं।
इंजन और परफॉर्मेंस
हुंडई अल्कज़ार 2024 को दो इंजन विकल्पों के साथ पेश किया गया है। पहला 2.0-लीटर पेट्रोल इंजन है, जो 159 पीएस की पावर और 191 एनएम का टॉर्क जेनरेट करता है। दूसरा 1.5-लीटर डीजल इंजन है, जो 115 पीएस की पावर और 250 एनएम का टॉर्क प्रदान करता है। दोनों इंजनों के साथ 6-स्पीड मैनुअल और 6-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स का विकल्प दिया गया है।
हुंडई का दावा है कि अल्कज़ार पेट्रोल वेरिएंट 0 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार सिर्फ 10 सेकंड में पकड़ सकता है, जो इसे सेगमेंट में एक दमदार परफॉर्मर बनाता है। साथ ही, इसकी ड्राइविंग डायनामिक्स और हैंडलिंग पर भी खास ध्यान दिया गया है, ताकि इसे शहरों में और हाईवे पर दोनों जगहों पर आराम से चलाया जा सके।
सुरक्षा और टेक्नोलॉजी
हुंडई अल्कज़ार 2024 में यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। इसमें 6 एयरबैग, ईबीडी के साथ एबीएस, हिल स्टार्ट असिस्ट, व्हीकल स्टेबिलिटी मैनेजमेंट, और इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल जैसे एडवांस सेफ्टी फीचर्स दिए गए हैं। इसके अलावा, एसयूवी में फ्रंट और रियर पार्किंग सेंसर्स, 360-डिग्री कैमरा और टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम जैसे फीचर्स भी शामिल हैं, जो इसे एक सुरक्षित वाहन बनाते हैं।
हुंडई ने इसमें अपने ब्लूलिंक कनेक्टेड कार टेक्नोलॉजी का भी उपयोग किया है, जिसके तहत यूजर्स स्मार्टफोन से कार के कई फीचर्स को कंट्रोल कर सकते हैं। इसमें लाइव कार ट्रैकिंग, जियो-फेंसिंग, और रिमोट स्टार्ट जैसे फीचर्स भी दिए गए हैं।
कीमत और मुकाबला
हुंडई अल्कज़ार 2024 की कीमत 14.99 लाख रुपये से शुरू होकर 20 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) तक जाती है। यह एसयूवी सीधे तौर पर एमजी हेक्टर प्लस, टाटा सफारी, और महिंद्रा एक्सयूवी700 से मुकाबला करेगी। इन सभी गाड़ियों के मुकाबले, हुंडई अल्कज़ार 2024 अपने प्रीमियम फीचर्स और एडवांस टेक्नोलॉजी के कारण बाज़ार में एक मजबूत दावेदार के रूप में उभरी है।
Written Updates: TV Serial-Jhanak (Image Credits: StarPlus)
सीरियल के 8 सितंबर 2024 के एपिसोड में कुछ ऐसा हुआ जो दर्शकों को चौंका कर रख दिया। इस दिन के एपिसोड में कहानी एक नई दिशा में मुड़ती नजर आई। एपिसोड की शुरुआत ललन और अप्पू द्वारा मालाओं के आदान-प्रदान से होती है। दादी उसे अप्पू की देखभाल करने के लिए कहती है। वह उससे चिंता न करने के लिए कहता है। चिमली का कहना है कि हम खूब मौज-मस्ती करेंगे, मां घर का काम करेंगी। दादी कहती हैं अभी मंडप में आओ। अंजना खुशी से रो पड़ती है, बब्लू पूछता है कि तुम क्यों रो रही हो? वह कहती है कि अप्पू आज हमारा घर छोड़ देगी। बब्लू का कहना है कि वह ज्यादा दूर नहीं जा रही है। वह कहता है कि हम जानते हैं कि हमें उसे भेजना होगा, चिंता मत करो, मुझ पर विश्वास करो, वह खुश होगी। वह कहती है कि मुझे तनुजा से कोई उम्मीद नहीं थी, लेकिन शुभ को पहले अप्पू को प्यार देना चाहिए था। अप्पू और ललन मंडप में बैठे। वह झनक को अपने साथ रहने के लिए कहती है। झनक कहती है मैं वादा करती हूं, मैं कहीं नहीं जाऊंगी। अप्पू कहता है वादा करो।
मिमी और रूमी के बीच अर्शी और झनक के बारे में बात होती है। ललन का कहना है कि झनक को यहाँ होना चाहिए। झनक कहती है कि मैं अप्पू की छोटी बहन की तरह हूं। झनक और अनिरुद्ध एक दूसरे को देखते हैं तभी पुलिस घर आती है, बब्लू पूछता है क्या बात है? इंस्पेक्टर ने उसे ललन को बुलाने के लिए कहा। ललन ने अप्पू से चिंता न करने को कहा। वह इंस्पेक्टर के पास जाता है। इंस्पेक्टर का कहना है कि आप गिरफ्तार हैं, ललन और सभी लोग हैरान हैं। शुभ आता है और पूछता है कि क्या बात है। इंस्पेक्टर का कहना है कि हमारे पास ललन के खिलाफ चोरी की शिकायत है इसकिये उसे गिरफ्तार करना पड़ेगा।
शुभ के पूछे जाने पर इंस्पेक्टर उस क्षेत्र के बारे मैं बताता है जहां चोरी हुई है। ललन कहते हैं मैं कुछ नहीं जानता। चिमली ने अनुराधा को फोन किया और कहा कि पुलिस ललन को गिरफ्तार करने आई है, बस काजल को यहां ले आओ। झनक ने ललन का बचाव करती है। इंस्पेक्टर का कहना है कि हमारे पास गिरफ्तारी वारंट है, हमें अपना काम करने दीजिए। ललन कहता है कि तुम कुछ भी साबित नहीं कर सकते, मैंने कुछ नहीं किया। सृष्टि कहती है कि ललन आश्वस्त है, लेकिन क्या आप अपनी बेटी को चोर को देंगे, यह घृणित है। वह अर्शी को अपने साथ घर आने के लिए कहती हैं। अर्शी कहती हैं ललन तुम चोर हो। ललन कहता है कि तुम्हें कुछ नहीं पता इसलिए बीच में मत बोलो। अनिरुद्ध का कहना है कि वह चोर नहीं है। इंस्पेक्टर कहता है कि हमें अपना काम करने दो, हम उसे गिरफ्तार करने करने आये हैं। अप्पू रोटी है और कहती है कि ललन ने कुछ नहीं किया। ललन का कहना है कि मुझे पता है ऐसा क्यों और किसने किया। वह शुभ से पूछता है कि तुमने मुझे दोषी क्यों ठहराया।
अंजना पूछती है कि आप अप्पू को सजा क्यों दे रहे हैं। झनक ने उससे बिना कुछ जाने ललन पर आरोप न लगाने के लिए कहा। ललन का कहना है कि वे मुझे गिरफ्तार करने आए हैं। अनुराधा का कहना है कि मेरा बेटा चोर नहीं है, उसके पिता एक बड़े वकील थे, उसके दोस्तों ने उसे धोखा दिया इसलिए आज हम इस स्थिति में हैं, मैंने ललन और चिमली को अच्छी तरह से पाला है, वे कभी कुछ गलत नहीं कर सकते। इंस्पेक्टर कहते हैं हमारा समय बर्बाद मत करो। काजल उसे डांटती है। वह मोहल्ले के लोगों से तैयार होने और पुलिस के खिलाफ विरोध करने के लिए कहती है। लोगों ने इंस्पेक्टर को थाना जलाने की धमकी दी। वे ललन का बचाव करते हैं। इंस्पेक्टर का कहना है कि हम कानून का पालन कर रहे हैं, बकवास बंद करो, हमें अपना काम करने दो।
छोटन कहता है कि नहीं, आप किसी को अपराधी नहीं कह सकते, आपके पास सबूत होना चाहिए। झनक कहती है हम भी आपके साथ आएंगे। झनक का कहना है कि हम अपने अधिकारों को अच्छी तरह जानते हैं।
शो के लेखक दर्शकों को लगातार नई-नई चुनौतियों से रूबरू करा रहे हैं, जिससे शो की कहानी और भी रोमांचक हो गई है। दर्शक इस बात को लेकर बेहद उत्साहित हैं कि आने वाले एपिसोड्स में क्या होगा।
Written Updates: TV Serial Anupama (Image Credits: Starplus)
आज के एपिसोड में, 8 सितंबर 2024 की “अनुपमा” ने दर्शकों को भावुक कर दिया। अनुज अनुपमा को मोदक तैयार करने में मदद करता है। अनुपमा अनुज को मूर्ति तैयार करते समय आराम करने के लिए कहती है। अनुज कहता है कि अनुपमा भी उतनी ही थकी हुई है। वह अनुपमा से यह याद रखने के लिए कहता है कि वह उसे कभी भी अकेले काम नहीं करने देगा। हसमुख लीला की प्रतीक्षा करता है।
आध्या सागर को उसका लुक बनाने में मदद करती है। वह सागर को सुंदर दिखने में मदद करती है। आध्या सागर से उसकी प्रेमिका के बारे में बात करने के लिए कहती है। सागर बहाना बनाता है. आध्या सागर को चिढ़ाती है।
वहां, अनुपमा और अनुज को पता चलता है कि हसमुक भावुक है। हसमुक ने साझा किया कि उन्हें शाह हाउस की चिंता है। वह लीला, वनराज और वनराज को लेकर तनाव में है। अनुज का कहना है कि हसमुक चाहे तो शाह हाउस वापस जा सकता है। परितोष का कहना है कि हसमुक आशा भवन से अपना नाता तोड़कर शाह हाउस में लौट सकता है। उनका कहना है कि वह हसमुक को शाह हाउस और आशा भवन के बीच झूलने नहीं देंगे। अनुपमा परतोष से भिड़ती है। परितोष को अनुपमा की जगह पर घृणा महसूस होती है। अनुपमा परितोष को नीचे गिरा देती है. परितोष अनुपमा से बदला लेने का फैसला करता है। अनुपमा गणेश चतुर्थी मनाने के लिए लीला को बुलाने का फैसला करती है। अनुज हसमुक से परितोष के बारे में चिंता न करने के लिए कहता है।
किंजल घर लौट आती है। परितोष किंजल को बॉयफ्रेंड न बनाने या पार्टियाँ न करने का आदेश देता है। वह किंजल के लिए एक नियम बनाता है। किंजल परितोष से वनराज के नक्शेकदम पर चलना बंद करने के लिए कहती है। वह परितोष को चेतावनी देती है और उसे अनुपमा समझना बंद करने के लिए कहती है।
आशा भवन में, आध्या को पता चलता है कि पैर की चोट के कारण अनुपमा ने नृत्य करना बंद कर दिया है। अनुज अनुपमा को उसके दर्द को ठीक करने में मदद करने का फैसला करता है। वह अनुपमा से आग्रह करता है कि वह उसे उसकी मदद करने दे।
मीनू सागर से उसे प्रभावित करने के बारे में पूछती है। सागर ने मीनू से अपने प्यार का इज़हार किया। मीनू सागर के प्रति अपने प्यार को स्वीकार करती है। सागर और मीनू को भविष्य की चिंता है। वे अपने परिवार से लड़ने का फैसला करते हैं। पाखी को पता चलता है कि सागर और मीनू एक दूसरे से प्यार करते हैं। वह उन्हें बेनकाब करने का फैसला करती है।
आध्या अनुज और अनुपमा का मेकओवर करने की योजना बना रही है। अनुज अनुपमा से डांस फिर से शुरू करने के लिए कहता है। आज का एपिसोड दर्शकों के लिए भावुक और दिलचस्प रहा, और कहानी को एक नए मोड़ पर ले आया।
Cyclone Yagi wreaked havoc on China (Image Crwdits: BBC News)
न्यूज डेस्क, शक्तिशाली तूफान ‘यागी’ ने चीन में तबाही दी। इस शक्तिशाली तूफान ने चीन और फिलीपींस के तटों पर दस्तक दी। 250 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार की हवाओं के कारण समुद्र में बड़ी लहरें उठीं और कई इलाकों में बाढ़ आ गई है। इस प्राकृतिक आपदा ने लाखों लोगों को बेघर कर दिया और जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है।
यह हैनान प्रांत के वेंगतियान कस्बे के पास तट से टकराया और जैसे ही तूफान ‘यागी’ का असर बढ़ा, बचाव दल ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी। चीन के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में तूफान का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला। कई गांवों और शहरों में बिजली गुल हो गई, और सड़कों पर पेड़ गिरने से यातायात भी बाधित हो गया। फिलीपींस में भी हालात गंभीर हैं, वहां कई क्षेत्रों में आपातकालीन अलर्ट जारी कर दिया गया है।
तूफान ‘यागी’ के कारण, बिजली के खम्बे, छतें, गाड़ियां तिनकों की तरह हवा मैं उड़ गए, तूफान की तीव्रता इतनी थी कि अपने सामने आने वाली हर चीज को ये ध्वस्त करता गया। तूफान के प्रभाव के चलते लाखों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। कई हवाई उड़ानें रद्द कर दी गई हैं, और बंदरगाहों पर भी जहाजों को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया है। सरकारी अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे घरों में ही रहें और किसी भी अनावश्यक यात्रा से बचें। जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे बाढ़ का खतरा और बढ़ गया है। तूफान के कारण प्रभावित क्षेत्रों में कृषि और पशुपालन को भी भारी नुकसान हुआ है। खेतों में फसलें बर्बाद हो चुकी हैं, और कई पशु बह गए हैं।
सरकारी अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। बचाव कार्य तेजी से किए जा रहे हैं, और प्रभावित लोगों को भोजन, पानी और दवाइयां पहुंचाई जा रही हैं। चीन और फिलीपींस दोनों ही देशों ने अपने आपातकालीन बलों को सक्रिय कर दिया है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम जोर-शोर से चल रहा है।
अब तक की जानकारी के अनुसार, इस तूफान ‘यागी’ से हजारों घर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि तूफान की तीव्रता कम हो रही है, लेकिन अभी भी खतरा पूरी तरह से टला नहीं है।
Vinesh Phogat and Bajrang Punia join Congress, Vinesh will contest elections from Julana (Image Credits: Aaj Tak).
न्यूज डेस्क, बीते दिनों राहुल गाँधी से हुई मुलाक़ात और हरियाणा मैं चुनाव के मद्देनजर, इतने दिनों से जो अटकलों का बाजार गर्म था उसको और विभिन्न कयासबाजियों को आज विराम देते हुए पहलवान विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया आखिरकार कांग्रेस का दामन थाम कर आज आधिकारिक रूप से पार्टी मैं शामिल हो गए।
पार्टी के नेता केसी वेणुगोपाल ने उनका पार्टी में स्वागत किया, कांग्रेस में शामिल होने के बादविनेश फोगाट और बजरंग पूनिया ने कहा कि जब कोई हमारे साथ नहीं था, तब कांग्रेस ने हमारा साथ दिया और बुरे वक़्त मैं ही अपने और पराये का पता चलता है। उन्होंने कहा कि हमारी लड़ाई अभी ख़त्म नहीं हुई है और हम इसको आगे तक लेकर भी जायेंगे और जीतेंगे भी।
सूत्रों के अनुसार चुनाव लड़ने को लेकर जहाँ बजरंग पूनिया ने अभी मना कर दिया वहीं विनेश अपने सुसराल क्षेत्र मैं आने वाली जुलाना विधानसभा सीट से कांग्रेस की प्रत्याशी रहेंगी। अब आने वाले हरियाणा विधानसभा चुनाव मैं बजरंग और विनेश का गठजोड़ क्या रंग लाएगा, दोनों के जाट होने का फायदा और इससे कांग्रेस को कितना नफा नुक्सान होता है ये देखना दिलचस्प होगा
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आज, 6 सितंबर 2024 के अनुपमा के एपिसोड में, कहानी एक नए और महत्वपूर्ण मोड़ पर आ गई। शो में जहां एक ओर अनुपमा अपने परिवार की मुश्किलों से जूझ रही है, वहीं दूसरी ओर उसका सामना एक नई चुनौती से होता है।
एपिसोड की शुरुआत अंश, इशु और माही के आध्या के पास आने और उसे गले लगाने से होती है, और कहते हैं कि उन्होंने उसे याद किया। वे आध्या को यहां रहने के लिए कहते हैं। आध्या कहती है मैं यहीं रहूंगी, कहीं नहीं जाऊंगी। मीनू वहां आती है और आध्या को गले लगा लेती है। आध्या कहती है कि तुम भी बदल गए हो। किंजल, बा और बाबू जी बाहर आते हैं। आध्या किंजल को गले लगाती है, और बा और बाबू जी का आशीर्वाद लेती है। अनुपमा अनुज के चेहरे से उसके बाल हटाती है और फिर उसके गालों से आटा पोंछती है। हर कोई भोजन का आनंद लेता है। आध्या अनुज और अनुपमा को देखती है। तोशु वहां आता है और पूछता है कि आप सभी परितोष शाह से पूछे बिना वहां क्यों गए, और सभी को अंदर जाने के लिए कहता है। उनका कहना है कि वह शाह परिवार के मुखिया हैं। अनुपमा उसे ताना मारती है। वह उन्हें अंदर आने के लिए कहता है। पाखी मीनू को अंदर आने के लिए कहती है। तोशु किंजल को अंदर जाने के लिए कहता है। अनुपमा कहती है कि वह पागल हो गया है। बा अंदर चली जाती है. तोशू का कहना है कि पापा उन्हें सहन कर सकते हैं, लेकिन मैं इन गरीब पड़ोसियों को सहन नहीं करूंगा, और बताता है कि वह जिद में अपने पिता का पिता है। अनुपमा कहती है कि मूर्खता में भी आप उसके पिता हैं। तोशू का कहना है कि उसे यह स्टॉल पसंद नहीं है। अनुपमा कहती हैं कि इसमें बहुत मेहनत लगती है, और कहती हैं कि यह स्टॉल आपके बस की बात नहीं है। वह उससे यह देखने के लिए कहता है कि वह क्या करता है। वे सभी घर के अंदर चले जाते हैं। बा पूछती है कि इतनी रात को घर पर पूजा किसने रखी है। तोशू का कहना है कि उसने रखा है और सोचता है कि उसे उनसे झूठ बोलना होगा।
अनुज अपने बारे में सोचता है. वह खुद को आईने में देखता है. अनुपमा कहती हैं कि हालात हमारे हाथ में नहीं हैं, लेकिन उन्हें बदलना हमारे हाथ में है। वह कहती हैं कि हमें अपनी परिस्थितियों को बदलने के लिए खुद को बदलना होगा। वह कहती है कि मैं भाई और भाभी से मिली थी और समझ गई थी कि उनके विश्वासघात के कारण आपकी यह स्थिति हुई है। अनुज कहते हैं कि जब मैंने आध्या को खो दिया तो मैं टूट गया था और जब उन्होंने मुझे कागजात दिए, तो मैंने हस्ताक्षर कर दिए थे। वह कहते हैं, मुझे यह सोचकर अफसोस होता है कि मैंने हस्ताक्षर क्यों किए, क्योंकि मैं उसे अच्छे स्कूल में दाखिला नहीं दिला सकता क्योंकि मेरे पास अब पैसे नहीं हैं। वह कहता है कि मैं तुम्हें और हमारी बेटी को सब कुछ देना चाहता था, लेकिन अब मेरे पास कुछ भी नहीं है। अनुपमा कहती है कि आपने अपना व्यवसाय खो दिया है, लेकिन आपकी प्रतिभा, स्वैग और शैली आपकी है, और इसे आपसे कोई नहीं छीन सकता। वह कहती है कि आपने मुझ पर भरोसा किया और सारा कपाड़िया साम्राज्य मेरे नाम पर रख दिया, और मैं इसे संभाल सकती थी क्योंकि आपने मुझ पर भरोसा किया था। वह कहती है कि आपको किसी की मदद की ज़रूरत नहीं है, और उसे निर्णय लेने और अपना साम्राज्य स्थापित करने और आध्या के सुपर पॉप बनने के लिए कहती है। वह कहते हैं कि आपको किसी के समर्थन की आवश्यकता नहीं है क्योंकि एक बार आपने ठान लिया तो कोई भी आपको रोक नहीं सकता। अनुज कहता है हाँ, तुम मेरे साथ हो। वह कहता है आध्या और तुम मुझे नहीं छोड़ोगे। वह कहता है कि मैं वही बनना चाहता हूं जो तुम चाहते थे कि मैं बनूं, और मैं वही बनना चाहता हूं जो मैं था, दुनिया मुझे ऐसे याद करती है… अनुपमा उसे गले लगा लेती है। आध्या उन्हें देखती है।
अनुज और आध्या टमाटर सॉस की बोतलें भरते हैं। अनुपमा उन्हें सोने के लिए कहती है। तोशु पगड़ी पहनकर वहां आता है और बाबू जी और अनुपमा के पैर छूता है। वह कहते हैं, मैंने सोचा कि आपको बता दूं कि हमने पगड़ी रसम बनाई है और मैं अभी से परिवार का मुखिया हूं। उनका कहना है कि कुछ भी गलत नहीं होगा. वह सागर को दूर रहने के लिए कहता है, अन्यथा वह आशा भवन की ईंटें तोड़ देगा। अनुज अपने कपड़ों पर टमाटर सॉस लगाता है। तोशु पूछता है कि यह क्या है? अनुज ने संगीत बंद कर दिया और उससे अपने कपड़े सुखाने के लिए कहा। अनुपमा कहती है चलो इसे ठीक से धो लो। आध्या का कहना है कि तोशु भाई का खुद को तानाशाह समझना अजीब है। अनुज का कहना है कि यहां लोकतंत्र चलता है, तानाशाही नहीं। तोशु उनसे यह देखने के लिए कहता है कि वह क्या करेगा। अनुपमा कहती है कि मिस्टर शाह उसके जैसे नहीं थे, और कहती है कि अगर वह मुखिया बन गया तो सबको डुबा देगा।
आज के एपिसोड में अनुपमा को एक नई चुनौती का सामना करते हुए देखा गया, जो आने वाले एपिसोड्स के लिए सस्पेंस और उत्सुकता को बढ़ा रहा है।
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आज, 6 सितंबर 2024 को प्रसारित हुए झनक के एपिसोड ने दर्शकों को एक बार फिर से चौंका दिया। कहानी अब एक दिलचस्प मोड़ पर आ गई है, जहाँ हर किरदार की भूमिका और महत्वपूर्ण हो जाती है।
एपिसोड की शुरुआत रूमी और झनक के बीच बहस से होती है। अप्पू कहता है कि मेरे पास सिर्फ झनक द्वारा दिया गया यह एक हार है, उससे कुछ मत कहो। रूमी कहते हैं कि आप उपहार के कारण ऐसा कह रहे हैं। झनक अप्पू से कहती है कि वह उनकी बातों का बुरा न माने। काजल कहती हैं कि आप अपना दिन खुशी से मनाएं। ललन कहता है कि तुम्हें लगता है कि मैं तुम्हारे बिना खुश रह सकता हूँ। काजल कहती हैं कि हर किसी की किस्मत में सब कुछ नहीं होता। वह पूछता है कि समस्या क्या है, क्या तुम्हारी माँ ठीक हैं। वह कहती हैं कि वह ठीक हैं, यह मामला मेरी पूरी जिंदगी का है। वह कहता है कि तुम मेरे सबसे अच्छे दोस्त हो। वह कहती है कि मुझे तुम्हारी दोस्ती नहीं चाहिए। फिर वह पूछता है कि तुम क्या चाहते हो? वह कहता है इसे भूल जाओ, मैंने सोचा था कि तुम अप्पू का ख्याल रखोगे। वह पूछती है कि क्यों, क्या मैं उसकी नौकरानी हूं, मैं तुम्हारी मां के लिए ऐसा करती हूं। वह पूछता है कि अप्पू ने क्या अपराध किया। वह कहती है कि तुम पत्नी के गुलाम बन गए हो, उसे नियंत्रित करने की कोशिश करो, यहां हर कोई शादी करता है, तुम पहले और आखिरी नहीं हो। वह कहता है कि तुम मेरी शादी के दिन मेरे साथ ऐसा करना चाहती हो। वह सॉरी कहती है, लेकिन आपको परवाह नहीं है।
बिपाशा पूछती है कि तुम्हें यह हार कैसे मिला। झनक का कहना है कि मैंने इसे स्टोर से खरीदा है। बिपाशा कहती हैं, बिल्कुल, आप इसे घर पर नहीं बनाएंगे। तनुजा झनक को उसकी कभी न खत्म होने वाली बचत पर भी ताना मारती है। झनक उन्हें उन्हीं की भाषा में जवाब देती हैं. ललन कहते हैं मैंने सोचा था कि तुम गाओगे और नाचोगे, लेकिन तुम मुझ पर गुस्सा हो। काजल कहती है कि आप सोचते हैं कि मैं आपकी शादी में भाग लूंगी, मैं नाराज नहीं हूं, क्योंकि आप इसके लायक नहीं हैं। वह कहती है कि मैं तुम पर अपनी सोच और समय बर्बाद नहीं करूंगी। जाती है। लड़कियों का कहना है कि काजल जिद्दी है, वह नहीं आएगी। चिमली का कहना है कि वह नहीं आएगी। वे सभी ललन को खुश करते हैं।
अनिरुद्ध अप्पू से मिलने आता है। वह परेशान हो जाती है. वह पूछता है कि क्या तुम मुझ पर गुस्सा हो, देखो मैं तुम्हारे लिए क्या लाया हूं। वह उसे उपहार देता है. रूमी कहती हैं कि आपको अर्शी से इसे उसे देने के लिए कहना चाहिए। वह कहता है ठीक है, मैं स्वतंत्र हूं, मैंने इसे खरीदा है। वह कहती हैं कि अर्शी अलग से गिफ्ट नहीं खरीदेंगी, मैं जाकर उन्हें बुलाऊंगी। तनुजा कहती हैं कि आपको और अर्शी को मिलकर गिफ्ट देना चाहिए। अनुराधा काजल के पास जाती है। वह कहती है कि आपको ललन को समझाना होगा, आपने यह मौका खो दिया है, आप उसे कभी सच नहीं बता सकते। काजल पूछती है कि क्या फायदा, वह अप्पू से प्यार करता है, मेरा प्यार मेरे साथ रहेगा, मैं यह सोचकर पागल थी कि वह मुझसे शादी करेगा। वह रोती है. ललन अपनी बारात में नाचता है। रूमी अर्शी को बुलाने आती हैं। वह कहती है कि अनिरुद्ध वहाँ है, झनक को भी अप्पू के लिए एक हार मिला, उसे भी उसी दुकान से मिला। अर्शी देखने जाती हैं. अनिरुद्ध कहते हैं कि अप्पू मेरी बड़ी बहन है, मैं उसे एक उपहार देना चाहता था। तनुजा कहती हैं ठीक है, क्या आपने इसे अर्शी को दिखाया। वह कहता है अभी नहीं. वह अप्पू को कंगन पहनाता है। अर्शी कंगन देखती है। तनुजा ने अंजना को ताना मारा। अंजना कहती है कि मेरे पास ऐसे आभूषण नहीं थे, इसलिए अप्पू को इसके बारे में पता नहीं चला। बिपाशा कहती है कि अनिरुद्ध की वजह से अब अप्पू के पास यह है। अंजना पूछती है कि तुम्हें इतना महंगा उपहार क्यों मिला, झनक को भी एक महंगा हार मिला, वह इसका क्या करेगी। अर्शी कहती हैं कि दोनों गिफ्ट एक ही स्टोर के लग रहे हैं। रूमी ने उन्हें ताना मारा। झनक अप्पू से खुद को देखने के लिए कहती है, वह तैयार है।
झनक अर्शी से बहस करती है और उसे अनिरुद्ध पर भरोसा करने के लिए कहती है। वह बिपाशा के पास जाती है और कहती है कि तुम्हें अप्पू के साथ ऐसा नहीं करना चाहिए था। बिपाशा कहती हैं कि आप हमारे मेहमान हैं इसलिए हम आपको बाहर नहीं निकाल रहे हैं। झनक कहती है कि मैं यहां बहस करने नहीं आई हूं, किसी को अपने कर्मों की कीमत चुकानी पड़ती है, अप्पू निर्दोष है, तुमने गलत किया है। जाती है। बिपाशा कहती हैं मैं तुम्हारे पंख काट दूंगी। सभी लोग ललन की बारात का स्वागत करते हैं. बबलू ने शुभ को धन्यवाद दिया।
आज के एपिसोड में रोमांच और सस्पेंस दोनों ही अपने चरम पर रहे। अब देखना ये है कि आने वाले एपिसोड्स में झनक कैसे इस मुश्किल परिस्थिति से बाहर निकलती है।
Film Border-2 is coming soon, know what is the release date (Image Credits: T-Series)
करोड़ों भारतियों के दिलों मैं जगह बनाने वाली और हर भारतीय के मनस पटल पर हमेशा के लिए एक अमिट छाप छोड़ने वाली सन 1997 मैं रिलीज हुयी बॉलीवुड की मशहूर फिल्म बॉर्डर आज भी भारतीय जनमानस के लिए देशभक्ति और जूनून की जीती जागती धरोहर है। इस फिल्म ने आम जनमानस को बताया कि 1971 मैं पाकिस्तान से हुए युद्ध मैं भारतीय सेना ने कैसे अपने अदम्य शौर्य और पराक्रम का परिचय देते हुए कैसे अपनी सीमा की रक्षा की। और कुल 120 भारतीय सैनिकों ने लोंगेवाला मैं पाकिस्तान की पूरी टैंक रेजिमेंट को नाकों चने चबाने पर मजबूर कर दिया पर अपनी जमीन पर कब्ज़ा नहीं करने दिया।
अब इसी कड़ी मैं गुलशन कुमार की टी-सीरीज़ और जेपी दत्ता की जेपी फिल्म्स, फिल्म एक बार देशभक्ति से ओतप्रोत फिल्म बॉर्डर-2 प्रस्तुत कर रहे हैं। भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, जेपी दत्ता और निधि दत्ता द्वारा निर्मित, यह फिल्म 23 जनवरी, 2026 को एक भव्य रिलीज के लिए तैयार है।
बॉर्डर-2 फिल्म मैं सनी देओल फिर से अहम भूमिका मैं नजर आएंगे साथ ही वरुण धवन के बाद कलाकार दिलजीत दोसांझ भी अब इस महामूवी का हिस्सा होंगे। फिल्म के अब तक तीन टीजर रिलीज़ किये गए हैं, जिनकी शुरुवात सोनू निगम द्वारा गाये मशहूर गीत “संदेसे आते हैं” के बोल से होती है और निश्चित ही ये टीजर आपको रोमांच से भर देंगे।
बॉर्डर-2 के पहले टीजर मैं सनी देओल की आवाज मैं “27 साल पहले एक फौजी ने वादा किया था, कि वो वापस आएगा।”,दुसरे टीजर मैं वरुण धवन ककी आवाज मैं “दुश्मन की हर गोली से जयहिंद बोलकर टकराता हूँ, जब धरती माँ बुलाती है सब छोड़कर आता हूँ, हिंदुस्तान का फौजी हूँ मैं।” और तीसरे टीजर मैं दिलजीत की आवाज मैं “इस देश की तरफ उठने वाली हर नजर झुक जाती खौफ से, इन सरहदों पर जब गुरु के पास पहरा देते हैं” सुनने मात्र से ही देशभक्ति का जज्बा दिल मैं उमड़ने लगता है।
सोशल मीडिया पर चारों तरफ फिल्म की चर्चा शुरू हो चुकी है और सभी दर्शक बड़ी बेसब्री से इस फिल्म के रिलीज का इन्तजार कर रहे हैं। फिल्म की स्टोरी क्या होगी वो आगे फिल्म देखने पर ही पता चलेगा, तब तक आप भी इस फिल्म के टीजर को आज ही देखें और इन्तजार करें जेपी दत्ता की आगामी फिल्म बॉर्डर-2 का।
बॉर्डर-2 फिल्म के टीजर देखने के लिए नीचे दिए गए लिंक को क्लिक करें।
Tata Motors launches Curvv SUV with 6 airbags and level-2 ADAS (Image Credits: Tata Motors)
ऑटो डेस्क, पिछले महीने Curvv के इलेक्ट्रिक वर्जन को लॉन्च करने के बाद टाटा मोटर्स ने इस एसयूवी के पेट्रोल और डीजल मॉडलों को भी लॉन्च कर दिया है. टाटा मोटर्स की कर्व की कीमत 9.99 लाख रुपये से शुरू होती है और 17.69 लाख रुपये (एक्स-शोरूम, दिल्ली) तक जाती है. ये इस कार की इंट्रोडक्टरी प्राइस है और 31 अक्टूबर 2024 तक की बुकिंग के लिए लागू है. कूप डिजाइन की यह एसयूवी कई एडवांस फीचर्स के लैस है. आइए डिटेल में जानते हैं इस कार की खासियतों के बारे में.
टाटा कर्व को चार ट्रिम- स्मार्ट, प्योर, क्रिएटिव और अचीव्ड में पेश किया गया है. दिलचस्प बात यह है कि टाटा कर्व कॉम्पैक्ट एसयूवी सेगमेंट में 11वां व्हीकल बन गया है. कर्व टाटा मोटर्स के नए एटलस प्लेटफॉर्म पर तैयार की गई है.
गजब के फीचर्स से है लैस
कर्व का डिजाइन पूरी तरह एयरोडायनामिक है. बड़े फ्रंट बम्पर और ग्रिल के साथ 18 इंच के अलॉय व्हील्स लगाए गए हैं. फीचर्स की बात करें तो इसमें बैकलिट टाटा लोगो के साथ चार-स्पोक स्टीयरिंग व्हील, वायरलेस एप्पल कारप्ले और एंड्रॉइड ऑटो के साथ 12.3-इंच इंफोटेनमेंट सिस्टम, 10.25-इंच डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, 9-स्पीकर जेबीएल साउंड सिस्टम और एक वायरलेस फोन चार्जर मिलता है.
साथ है लेवल 2 ADAS और 6 एयरबैग
टाटा कर्व के अलग-अलग वेरिएंट में कई फीचर्स दिए गए हैं. जैसे कि इसके अचीव्ड+ A वेरिएंट में सबसे ज्यादा फीचर्स मिलते हैं. इसमें वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स ड्राइवर के लिए 6 मोड इलेक्ट्रिकली एडजेस्टेबल और टू-स्टेप डाउन के साथ एक रियर बेंच मिलती है. सेफ्टी के लिहाज से इसमें 360-डिग्री कैमरा, लेवल 2 ADAS, 6 एयरबैग्स, इलेक्ट्रकली स्टेबिलिटी कंट्रोल, ऑल डिस्क ब्रेक, TPMS और ऑटो होल्ड के साथ इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक जैसे फीचर्स मिलते हैं.
शानदार रहेगा इंजन परफॉरमेंस और पॉवर
कर्व टाटा मोटर्स के नए 1.2-लीटर GDi टर्बोचार्ज्ड पेट्रोल इंजन से लैस है, जिसे हाइपरियन नाम दिया गया है. इस इंजन को कर्व के साथ पहली बार पेश किया गया है. यह इंजन 124 bhp की पावर और 225 Nm का टॉर्क जेनरेट करने में सक्षम है. इसके साथ 6 स्पीड मैनुअल और 7-स्पीड DCA ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन का विकल्प दिया गया है. इसके अलावा यह कार टर्बोचार्ज्ड 1.2-लीटर और 1.5-लीटर काइरोटेक डीजल से भी लैस है.
टाटा कर्व अपने सेगमेंट में पहली ऐसी एसयूवी है, जिसे डीजल इंजन के साथ डुअल-क्लच ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन मिलता है. डीजल पावरट्रेन के डुअल-क्लच ऑटोमैटिक वैरिएंट पर पैडल शिफ्टर्स भी उपलब्ध हैं.
Prime Minister Wong formally welcomed Prime Minister Modi at the Parliament House (Image Credit: Narendra Modi X Account)
आज विश्व के दो दिग्गज नेताओं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग की आज भेंट हुयी। प्रधानमंत्री मोदी का प्रधानमंत्री वोंग ने संसद भवन में औपचारिक स्वागत किया।
दोनों नेताओं ने अपने वार्तालाप के दौरान भारत और सिंगापुर के बीच द्विपक्षीय संबंधों की प्रगति की समीक्षा की। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों की व्यापकता, आपसी जुड़ाव और अपार संभावनाओं को देखते हुए इस संबंध को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने का निर्णय लिया। इससे भारत की एक्ट ईस्ट नीति को भी अत्यधिक प्रोत्साहन मिलेगा। आर्थिक संबंधों में मजबूत प्रगति की समीक्षा करते हुए दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश प्रवाह को और बढ़ाने का भी आह्वान किया गया। प्रधानमंत्री ने उल्लेक किया कि भारतीय अर्थव्यवस्था में करीब 160 अरब डॉलर के निवेश के साथ सिंगापुर भारत का प्रमुख आर्थिक साझेदार है। उन्होंने कहा कि भारत में त्वरित और सतत विकास ने सिंगापुर की संस्थाओं के लिए निवेश के अपार अवसर खोले हैं। उन्होंने रक्षा और सुरक्षा, समुद्री क्षेत्र जागरूकता, शिक्षा, एआई, फिनटेक, नवीन प्रौद्योगिकी क्षेत्र, विज्ञान और प्रौद्योगिकी एवं ज्ञान साझेदारी के क्षेत्र में वर्तमान सहयोग की भी समीक्षा की। दोनों नेताओं ने आर्थिक और लोगों के बीच संबंधों को बढ़ाने के लिए देशों के बीच संपर्क को मजबूत बनाने का आह्वान किया। उन्होंने हरित गलियारा परियोजनाओं में तेजी लाने की भी प्रतिबद्धता जताई।
दोनों नेताओं ने अगस्त 2024 में सिंगापुर में आयोजित दूसरे भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज सम्मेलन के परिणामों पर विचार-विमर्श किया। मंत्रिस्तरीय गोलमेज सम्मेलन जैसी असाधारण व्यवस्था को देखते हुए, द्विपक्षीय सहयोग के लिए एक नए एजेंडे पर विचार-विमर्श करने और उसकी पहचान करने में दोनों पक्षों के वरिष्ठ मंत्रियों द्वारा किए गए कार्यों की भी सराहना की गई। मंत्रिस्तरीय गोलमेज सम्मेलन के दौरान चिन्हित सहयोग के स्तंभों- उन्नत विनिर्माण, संपर्क, डिजिटलीकरण, स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा, कौशल विकास और स्थिरता के तहत त्वरित कार्रवाई का आह्वान किया। नेताओं ने इस बात पर भी बल दिया कि इन स्तंभों के अंतर्गत सहयोग, विशेष रूप से सेमीकंडक्टर और महत्वपूर्ण एवं उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्रों में, द्विपक्षीय संबंधों में एक नया अध्याय खोलता है जो हमारे संबंधों को भविष्योन्मुखी बनाता है।
बैठक के दौरान, 2025 में द्विपक्षीय संबंधों की 60वीं वर्षगांठ मनाने पर भी चर्चा की गई। दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को एक महत्वपूर्ण घटक के तौर पर स्वीकारते हुए, प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि भारत का पहला तिरुवल्लुवर सांस्कृतिक केंद्र सिंगापुर में खोला जाएगा। दोनों पक्षों ने आपसी हित के महत्वपूर्ण क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया, जिसमें भारत-आसियान संबंध और हिंद-प्रशांत के लिए भारत का दृष्टिकोण भी शामिल है।
दोनों पक्षों ने सेमीकंडक्टर, डिजिटल प्रौद्योगिकी, कौशल विकास और स्वास्थ्य सेवा में सहयोग के लिए समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया। ये भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज सम्मेलन के अब तक के दो यात्राओं के दौरान हुए विचार-विमर्श के परिणाम हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री वोंग को भारत आने का निमंत्रण दिया जिसपर उन्होंने अपनी सहर्ष स्वीकृति भी दी।
President extends his greetings on the eve of teacher’s day (Pic By President of India)
प्रेस रिलीज, राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर देश भर के शिक्षकों को अपनी शुभकामनाएं दी हैं। राष्ट्रपति ने अपने संदेश में कहा कि मैं शिक्षक दिवस के अवसर पर देश के सभी शिक्षकों को हार्दिक शुभकामनाएं देती हूं। यह दिवस महान शिक्षाविद्, दार्शनिक और भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती का दिन है, जो पूरे देश के लिए प्रेरणा के महान स्रोत हैं। मैं इस अवसर पर उन्हें अपनी तरफ से विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं।
राष्ट्रपति ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं। एक विद्यार्थी के रूप में वे जीवन-कौशल और मूल्यों को सीखते हैं। देश के शिक्षक एक मार्गदर्शक के रूप में विद्यार्थियों को भविष्य के अधिनायकों के रूप में ढाल सकते हैं, जो हमारे देश के भविष्य को आकार देंगे।
शिक्षकों को भारत की भावी पीढ़ी के मस्तिष्क को पोषित करने और समग्र उत्कृष्टता की ओर उनका मार्गदर्शन करने का महत्वपूर्ण कार्य सौंपा गया है। शिक्षकों का दायित्व है कि वे विद्यार्थियों में नैतिक मूल्य, आलोचनात्मक सोच कौशल और समाज के प्रति कर्तव्य की भावना उत्पन्न करें। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में परिकल्पित शिक्षा प्रदान करने के आधुनिक तौर-तरीकों और प्रौद्योगिकी के इष्टतम उपयोग के माध्यम से, शिक्षक छात्र-छात्राओं को एक फलदायक जीवन यापन करने तथा एक विकसित राष्ट्र के निर्माण के लिए सशक्त बना सकते हैं।
अमृत उद्यान विशेष रूप से शिक्षकों के लिए खुला रहेगा
इस अवसर पर अमृत उद्यान, कल (5 सितंबर, 2024) शिक्षक दिवस पर सभी शिक्षकों के लिए विशेष रूप से खुला रहेगा। इसके लिए वे नॉर्थ एवेन्यू रोड के पास राष्ट्रपति भवन के गेट संख्या-35 से आ सकते हैं। उनकी सुविधा के लिए केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन से गेट संख्या- 35 तक निःशुल्क शटल बस सेवा भी उपलब्ध होगी।
Amrit udyan will be open exclusively for teachers tomorrow (Pic by President of India)
स्पोर्ट्स डेस्क, दंगल फिल्म का वो डायलॉग कि म्हारी छोरियां छोरों से कम हैं के, की तर्ज पर आजकल चल रहे पैरालम्पिक 2024 मैं अपनी जबरदस्त जुझारू प्रवर्ति और अद्भुत कौशल के दम पर देश का शान बढ़ाने वाले और पैरालम्पिक 2024 मैं पदक पर पदक जीतने वाले पैरालम्पियनों के बारे मै पूर्ण आत्मविश्वास के साथ कही जा सकती है। कि “म्हारे पैरालंपियन किसी वर्ल्ड चैंपियन से कम हैं के?”
अभी हाल ही मैं संपन्न हुए पेरिस ओलिंपिक 2024 मैं हमने अपने खिलाडियों को पदकों के लिए संघर्ष करते हुए देखा। उनकी मेहनत और सफलता पर जहाँ देश ने उनके साथ इस पल को जिया वहीं उनके पदक से चूकने पर देशवासियों को उनके साथ दुखी होते भी देखा। इन ओलम्पियनों की मेहनत पर जहाँ देश को इन पर गर्व था वहीं ओलिंपिक मैं कुछ और पदक आ सकने की कसक भी देशवासियों के मन मैं घर कर गयी।
इसी बीच बड़ी ही सादगी और बिना हो हल्ले के हमारे देश के पैरालंपियन पहुँच गए पैरालम्पिक के युद्ध क्षेत्र मैं कुछ कर गुजरने का जज्बा लिए। और यहाँ उन्होंने इतिहास रचने की ऐसी नीव डाली की अभी तक 03 गोल्ड, 08 सिल्वर और 10 कांस्य पदक के साथ कुल 21 मैडल जीतते हुए भारत पदक तालिका मैं 19वें स्थान पर आ खड़ा हुआ है और ये क्रम अभी भी जारी है।
जहाँ हमें पेरिस ओलिंपिक मैं सिर्फ 01 सिल्वर और 05 कांस्य पदकों के साथ सिर्फ 06 पदकों से संतोष करना पड़ा वहीं हमारे पैरालम्पियनों ने ताबड़तोड़ मैडल जीत कर उस टीस को काफी हद तक कम करने का काम कर दिया है। हमारे पैरालम्पियनों ने दिखाया कि अगर जूनून हो तो शारीरिक अक्षमता कोई मायने नहीं रखती और आप अपने लिए निर्धारित किये लक्ष्य को आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। पूरा देश आज अपने ओलम्पियनों के साथ कंधे से कन्धा मिला उनकी हौसलाअफजाई कर रहा है और देश का मान बढ़ाने वाले ऐसे शूरवीरों को सलाम कर रहा है।
Prime Minister Narendra Modi was overwhelmed by the unprecedented welcome of the Indian community at Singapur (Pic by Narendra Modi X Account)
भारत-सिंगापुर मित्रता को बढ़ावा देने, ‘रणनीतिक साझेदारी’ को गहरा करने और दक्षिण पूर्व एशियाई देश से निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से बुधवार को दो दिवसीय यात्रा पर आज सिंगापुर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वहां रहने वाले भारतीय समुदाय द्वारा किया गए जोरदार स्वागत किया गया। जिससे अभिभूत होकर प्रधानमंत्री मोदी ने उनके साथ ढोल पर खूब ताल मिला भारतीय जनमानस की उमंग को दुगना कर दिया।
नई दिल्ली में अधिकारियों ने कहा कि अपने सिंगापुर के समकक्ष लॉरेंस वोंग के निमंत्रण पर अपनी यात्रा के दौरान, प्रधान मंत्री सिंगापुर के नेतृत्व की तीन पीढ़ियों से जुड़ेंगे। प्रधानमंत्री का गुरुवार को संसद भवन में आधिकारिक स्वागत होगा और वह राष्ट्रपति थर्मन शनमुगरत्नम से मुलाकात करेंगे। यह यात्रा वोंग के सत्ता संभालने और मोदी के प्रधानमंत्री के रूप में अपना तीसरा कार्यकाल शुरू करने के कुछ दिनों बाद हो रही है।
उन्होंने इस मौके पर पीएम मोदी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से एक पोस्ट भी साझा की जिसमे प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा “धन्यवाद सिंगापुर! स्वागत सचमुच जीवंत था।”
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी पहली द्विपक्षीय यात्रा पर कल ब्रुनेई के सुल्तान हाजी हसनल बोल्किया और शाही परिवार के अन्य सम्मानित सदस्यों के साथ भी मुलाक़ात की तथा वहां पर सुल्तान द्वारा दिए गए राजकीय भोज मैं शामिल हुए।
आज के समय में जहाँ हर कोई आगे बढ़ने की होड़ में है, ऐसे में एक शिक्षक ही होते हैं जो हमें सही दिशा दिखाते हैं और हमारी सफलता की नींव रखते हैं। शिक्षक दिवस, जो हर साल 5 सितंबर को मनाया जाता है, उनके इसी योगदान को मान्यता देने का अवसर है। 5 सितंबर को, भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन के रूप में भी मनाया जाता है, जो एक महान शिक्षक और दार्शनिक थे। इस दिन को उनके सम्मान में शिक्षक दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया था।
शिक्षक दिवस पर, छात्र अपने शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए उन्हें उपहार देते हैं, कविताएँ लिखते हैं, और उनके लिए कार्यक्रम आयोजित करते हैं। इस दिन का महत्व हमारे जीवन में उस मार्गदर्शक की भूमिका को समझने और स्वीकार करने में है, जो हमें अपने लक्ष्य तक पहुँचने में सहायता करते हैं।
शिक्षकों के लिए कुछ विशेष उपहार:
पर्सनलाइज़्ड डायरी: एक सुंदर पर्सनलाइज़्ड डायरी जिसमें उनका नाम और प्रेरणादायक कोट्स लिखे हों, उन्हें बहुत पसंद आएगी।
पेन सेट: एक अच्छे ब्रांड का पेन सेट शिक्षकों के लिए एक उत्कृष्ट उपहार हो सकता है।
कस्टमाइज्ड कॉफी मग: शिक्षकों के लिए एक प्यारा संदेश या उनकी तस्वीर वाला कॉफी मग भी एक खास तोहफा हो सकता है।
बुकमार्क्स: अगर आपका शिक्षक किताबों के शौकीन है, तो एक अद्वितीय बुकमार्क सेट उन्हें बहुत पसंद आएगा।
एजुकेशनल पोस्टर: एक आकर्षक और ज्ञानवर्धक पोस्टर उनके कक्षा की दीवारों को सजाने का काम करेगा।
शिक्षकों के लिए कुछ प्रेरणादायक उद्धरण:
“शिक्षक वह नहीं है जो सिर्फ ज्ञान देता है, बल्कि वह है जो प्रेरणा देता है।”
“शिक्षक वह दीपक है जो हमें अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाता है।”
“शिक्षक का काम सिर्फ किताबें पढ़ाना नहीं है, बल्कि जीवन जीने का सलीका सिखाना है।”
“शिक्षा का असली उद्देश्य व्यक्तित्व का विकास है, और इसमें शिक्षक की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।”
शिक्षक दिवस का यह खास अवसर हमें अपने जीवन में शिक्षकों के योगदान को सराहने और उनके प्रति आभार व्यक्त करने का मौका देता है। चाहे आप एक छोटे उपहार के माध्यम से अपने शिक्षक को धन्यवाद कहें या एक heartfelt संदेश भेजें, इस दिन को विशेष बनाने का हर प्रयास उन्हें यह महसूस कराएगा कि वे आपके लिए कितने महत्वपूर्ण हैं।
साथ ही शिक्षक दिवस पर विभिन्न स्कूलों में कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं जहां छात्र अपने शिक्षकों के लिए नाटक, नृत्य, और गीत प्रस्तुत करते हैं। इसके अलावा, कई स्कूलों में इस दिन छात्रों को शिक्षक बनने का मौका दिया जाता है, जिससे वे शिक्षकों की भूमिका को समझ सकें और उनका सम्मान कर सकें।
जॉब डेस्क, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग यूपीपीएससी, प्रयागराज में सहायक रजिस्ट्रार रिक्ति 2024 की भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन पत्र आमंत्रित किया जाता है। सभी पात्रता मानदंड पूरा करने वाले इच्छुक उम्मीदवार ऑनलाइन आवेदन पत्र आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन पत्र भरने से पहले कृपया पूर्ण अधिसूचना पढ़ें।
महत्वपूर्ण सूचना:
1. ऑनलाइन आवेदन से पूर्व आवेदकों को OTR पंजीकरण कर OTR नंबर प्राप्त करना अनिवार्य है। 2. जिन आवेदकों ने OTR नंबर प्राप्त नहीं किया है, वो ऑनलाइन आवेदन से 72 घंटे पूर्व विभाग की वेबसाइट से OTR नंबर प्राप्त कर सकते हैं। 3. OTR नंबर प्राप्त करने के बाद ही आवेदक अपना आवेदन विभाग की वेबसाइट पर सबमिट कर सकता है।
पदकाविवरण:
पद का नाम:Assistant Registrar
कुल पदों की संख्या: 38 Nos.
विज्ञापन संख्या: Advt. No. A-5/E-1/2024
वेतनमान:रु. 9300/- से रु. 34800/- (लेवल-8)
महत्वपूर्ण तिथियाँ:
ऑनलाइन आवेदन/ शुल्क जमा प्रारंभ तिथि:
28-08-2024
ऑनलाइन आवेदन/ शुल्क जमा/ की अंतिम तिथि:
28-09-2024
ऑनलाइन सुधार करने की अंतिम तिथि:
05-10-2024
परीक्षा की तारीख
परीक्षा की तारीख
Available Soon….
आयु सीमा :
न्यूनतम आयु: 30 वर्ष
अधिकतम आयु: 45 वर्ष
आरक्षित श्रेणियों के लिए आयु सीमा में छूट नियमों के अनुसार दी जाएगी।
आवेदनप्रक्रिया:
आवेदन का प्रकार:
ऑनलाइन (ONLINE)
आवेदन शुल्क:
General / OBC
Rs. 225/-
SC / ST
Rs. 105/-
PH Candidates
Rs. 25/-
रिक्तियों का विवरण
पद का नाम
कुल पद संख्या
पद की पात्रता
Assistant Registrar
38
Bachelor Degree in Any Stream in Any Recognized University in India. 07 Year Experience. For more details, read the notification carefully.
चयनप्रक्रिया:
लिखितपरीक्षा:
चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा शामिल होगी। परीक्षा का पाठ्यक्रम और परीक्षा पैटर्न आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध होगा।
अंतिमचयन:
लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के आधार पर अंतिम चयन सूची जारी की जाएगी।
महत्वपूर्ण लिंक्स:
अधिक जानकारी के लिए विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर लॉगिन करें।
अपना OTR पंजीकरण कर OTR नंबर प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
Bangladesh created history by clean sweeping the test series (Pic by Bangladesh Cricket X Account)
स्पोर्ट्स डेस्क, बांग्लादेश की टीम ने पाकिस्तान के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज में धमाकेदार जीत दर्ज करते हुए इतिहास रच दिया। पहले टेस्ट मैं मिली करारी हार के बाद, रावलपिंडी में खेले गए दूसरे मुकाबले में मेजबान पाकिस्तान ने 185 रन का लक्ष्य रखा था। बांग्लादेश ने मैच के आखिरी दिन 4 विकेट खोकर इसे हासिल किया। पहला मुकाबला 10 विकेट से जीतने वाली बांग्लादेशी टीम ने पाकिस्तान को ना सिर्फ पहली बार टेस्ट मैच में हराया बल्कि दूसरा मुकाबला भी अपने नाम कर क्लीन स्वीप भी किया।
पाकिस्तान के खिलाफ रावलपिंडी टेस्ट के आखिरी दिन बांग्लादेश को 143 रन की जरूरत थी जिसे बांग्लादेश ने बड़ी आसानी से 4 विकेट के नुक्सान पर सिर्फ 56 ओवर मैं ही हासिल कर लिया। पहली पारी में मेहदी हसन मिराज ने 5 विकेट चटकाए और साथ ही लिटन दास की सेंचुरी और अपने 78 रन के दम पर टीम के लिए 262 रन बनाए। वहीं पाकिस्तान की दूसरी पारी बांग्लादेश के हसन महमूद के 5 और नाहिद राणा के 4 विकेट के आगे महज 172 रन पर ही ढेर हो गई।
इस मैच के बाद बांग्लादेश क्रिकेट के सोशल मीडिया से भी पोस्ट साझा की गयी।
न्यूज डेस्क, स्वतंत्रता दिवस और रक्षाबंधन के साथ ही देश में फेस्टिव सीजन की शुरुआत हो जाती है. इस दौरान ऑटोमोबाइल सेक्टर की कंपनियों की बिक्री में इजाफा होने लगता है और यह साल के अंत तक रहता है. पर अगर फेडरेशन ऑफ़ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) की मानें तो इस समय इन्वेंटरी बढ़ती जा रही है और देश मैं कारों की बिक्री कम हो रही है
फेडरेशन ने कहा है कि देश में डीलरों के पास कारों की इन्वेंटरी 7 लाख के आस पास हो गई है. यह वो कारें हैं जो नहीं बिकी हैं और डीलरशिप पर खड़ी हैं. फाडा का कहना है कि दुनिया के तीसरे सबसे बड़े कार मार्केट के लिए यह चिंता का विषय है. फेस्टिव सीजन होने के बावजूद लोग गाड़ियां कम खरीद रहे हैं जिससे डीलरों की इन्वेंटरी बढ़ रही है और उन्हें नुकसान हो रहा है.
ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक यह स्टॉक लगभग दो महीने से भी ज्यादा का है. मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार 30 दिनों की इन्वेंटरी को सामान्य माना जाता है, लेकिन मौजूदा स्थित में इन्वेंटरी करीब 60-70 दिनों तक पहुंच गई है. ऐसे में डीलरों के ऊपर इन कारों को मेंटेन करने का खर्च बढ़ रहा है. डीलरों के पास स्टॉक लेवल बढ़ता देख कुछ कार कंपनियों ने अपना प्रोडक्शन धीमा कर दिया है.
डीलर्स के यहाँ खड़ी हैं 7 लाख कारें.
रिपोर्ट्स के अनुसार, देशभर के डीलरशिप पर 7 लाख कारें खड़ी हैं जिनकी कुल वैल्यू तकरीबन 73,000 करोड़ रुपये है. फाडा का कहना है कि अगर यह स्थिति ज्यादा समय तक बरकरार रही है तो डीलरों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है. डीलरों को अपने स्टॉक यार्ड में खड़ी कारों के रखरखाव में हर महीने लाखों रुपये का खर्च उठाना पड़ता है. इसके अलावा कारों के ऊपर लोन और स्पेस के लिए किराए का भुगतान भी समय पर करना होता है. अगर मार्केट में डिमांड कम रही तो तो इससे सीधा नुकसान डीलरों का होगा.
FADA का कहना है कि यह जुलाई 2024 की शुरुआत में कारों की इन्वेंटरी 65-67 दिनों से बढ़कर आज की तारीख में लगभग 70-75 दिनों की हो गई है. डीलरों के पास वर्तमान में लगभग 7,30,000 वाहन खड़े हैं, जो लगभग 2 महीने की बिक्री के बराबर है. हालांकि, भारतीय ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (SIAM) का अनुमान है कि यह आंकड़ा लगभग 4,00,000 यूनिट्स कारों का है. वाहन निर्माता उत्पादन को कम करके और बेहतर इन्वेंट्री मैनेजमेंट के लिए सेल्स नेटवर्क को बढ़ा सकते हैं.
मिल रहा है भारी डिस्काउंट.
इस समय ज्यादातर कार कंपनियां अपने वाहनों पर भारी डिस्काउंट दे रही है. टाटा मोटर्स अपनी सफारी, हैरियर और यहां तक नेक्सॉन पर लाखों रुपये की छूट दे रहा है. वहीं हुंडई भी अपने वेन्यू और एक्सटर जैसे मॉडलों पर इस महीने डिस्काउंट ऑफर कर रहा है. जीप इंडिया तो अपने ग्रैंड चेरोकी मॉडल पर पूरे 12 लाख रुपये का डिस्काउंट दे रही है. अब इसकी शुरुआती कीमत अब 68.50 लाख रुपये हो गई है. पहले इसकी कीमत 80.50 लाख रुपये हुआ करती थी.
क्या कारण हैं कम बिकवाली के ?
ऑटो एक्सपर्ट्स वाहनों की बिक्री कम होने के कई कारण बता रहे हैं. देश में पिछले कुछ महीने चली भीषण गर्मी और उसके बाद कुछ राज्यों में भारी बारिश के वजह से बिक्री सुस्त पड़ गई. वहीं लोग आगामी फेस्टिव सीजन में अच्छे डिस्काउंट मिलने के इंतजार में अभी गाड़ियां कम खरीद रहे हैं.
जुलाई 2024 में महिंद्रा, किआ और टोयोटा को छोड़ दें तो ज्यादातर कार कंपनियों ने बिक्री में गिरावट दर्ज की है. मारुति सुजुकी की जुलाई में बिक्री पिछले साल के जुलाई की तुलना में तकरीबन 9.65% कम थी. वहीं हुंडई, टाटा मोटर्स और होंडा ने भी गिरावट दर्ज की है. टाटा मोटर्स के इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में भी भारी गिरावट देखी गई है. अप्रैल-जून की तिमाही में इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री में साल-दर-साल 7% की गिरावट देखी गई है. वहीं EV सेग्मेंट की लीडर कही जाने वाली टाटा मोटर्स की बिक्री बीते जुलाई में 21% तक गिर गई है.
Ajinkya Rahane is hopeful of returning to Team India (Pic by Mid-day)
न्यूज डेस्क, भारतीय क्रिकेट टीम से चल रहे अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे का बल्ला इंग्लैंड में जमकर कहर बरपा रहा है। रहाणे का फर्स्ट क्लास क्रिकेट करियर का यह 40वां शतक है। उन्हें लीस्टरशायर की ओर से खेलते हुए ग्लेमोर्गन के खिलाफ धमाकेदार पारी खेली और कार्डिफ के सोफिया गार्डन में खेले जा रहे मैच में शतक जड़कर लीस्टरशायर की वापसी कराई। साथ ही लगभग 13 महीने से टेस्ट टीम से दूर और टीम इंडिया में वापसी की उम्मीद लगाए बैठे रहाणे का इस सेंचुरी से आत्मविश्वास दोगुना हो जायेगा।
अजिंक्य रहाणेशानदार लीस्टरशायर के लिए ग्लेमोर्गन के खिलाफ मैच ने 190 गेंदों पर 102 रन की पारी खेली। लीस्टरशायर टीम एक समय 74 के स्कोर पर तीन विकेट गंवा चुकी थी, पहली पारी में 251 रन पर ढेर होने लीस्टरशायर के बल्लेबाज रहाणे ने हैंड्सकॉम्ब के साथ मिलकर पारी का संभाला। दोनों ने चौथे विकेट के लिए 183 रन की साझेदारी की। रहाणे को पार्ट टाइम ऑफ स्पिनर किरन कार्लसन ने लंच ब्रेक से पहले आउट किया। रहाणे जब आउट हुए उस समय हैंड्सकॉम्ब 90 रन बनाकर खेल रहे थे।
ग्लेमोर्गन ने पहली पारी में 9 विकेट पर 550 रन बनाए थे। रहाणे की इस पारी से लीस्टरशायर की थोड़ी उम्मीद जगी है। इसके साथ ही रहाणे ने लगभग दो साल से चले आ रहे फर्स्ट क्लास क्रिकेट में सेंचुरी के सूखे को खत्म किया, उन्होंने अपना 39वां शतक जनवरी 2023 में असम के खिलाफ रणजी ट्रॉफी मुकाबले में लगाया था।
अजिंक्य रहाणे ने टीम इंडिया के लिए आखिरी बार जुलाई 2023 में खेला था। इसके बाद से वह टीम इंडिया से बाहर चल रहे हैं। एक ओर जहां भारत में घरेलू क्रिकेट की शुरुआत होने जा रही है वहीं दूसरी ओर रहाणे ने शतक जड़कर खुद को फॉर्म में वापसी के संकेत दिए। भारत में 5 सितंबर से दलीप ट्रॉफी का आयोजन होगा, हालाँकि इस टूर्नामेंट के लिए उनको अभी टीम में जगह नहीं मिली है।
क्या आपको कुछ समय पहले टेलीविज़न पर आने वाले सीरियल ड्रैगनबॉल्ज़ और उसका हीरो गोकू याद है? चलिए आज आपको ले चलते हैं इसी कड़ी मैं मार्शल आर्ट्स और अद्भुत शक्तियों से जुडी एनिमेशन सीरीज की ऐसी रहस्य्मयी और रोमांचक मगर वर्चुअल दुनिया मैं जहाँ आपको मिलेगा धुआंधार एक्शन, असीमित शक्तियों को धारण करने वाले पात्र।
आज के डिजिटल युग में, एनिमेशन सीरीज का महत्व और लोकप्रियता दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। आज यह सिर्फ बच्चों के मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि हर उम्र के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन चुकी है।
चीन और जापान मैं आजकल ऐसी ही एनीमेशन सीरीज बन रही हैं जिनकी कहानी कलिवेशन वर्ल्ड पर आधारित वेब उपन्यासों से ली जा रही हैं जो काफी प्रसिद्दि भी बटोर रही रही हैं। आज हर उम्र का दर्शक इन सीरीज को देखने को उत्सुक है।
ऐसी सीरीज को डोंग्हुआ (जिसका चीनी अर्थ है एनीमेशन) या फ़िर मंगा (जो जापानी कॉमिक पुस्तकों या ग्राफिक उपन्यासों) को संदर्भित करता है।
“कल्टिवेशन वर्ल्ड वेब नॉवेल” एक ऐसी साहित्यिक विधा है जो चीन से उत्पन्न हुई है और इसे सामान्यतः शियानशिया (Xianxia) या वूशिया (Wuxia) नॉवेल कहा जाता है। इन कहानियों का मुख्य उद्देश्य पात्रों की आत्मिक, शारीरिक और अलौकिक क्षमताओं को बढ़ाना होता है, जिससे वे अमरता या देवत्व प्राप्त कर सकें।
कल्टिवेशन वर्ल्ड नॉवेल के प्रमुख तत्व:
कल्टिवेशन और ची: इन कहानियों में पात्र अपने अंदर की ऊर्जा, जिसे ‘ची’ कहा जाता है, को बढ़ाने का प्रयास करते हैं। इस कल्टिवेशन से उन्हें अद्भुत शक्तियाँ, लंबी आयु और उच्चतर लोकों में प्रवेश करने की क्षमता प्राप्त होती है।
मार्शल आर्ट्स और तकनीकें: पात्र विभिन्न मार्शल आर्ट्स और रहस्यमयी तकनीकों का अभ्यास करते हैं। वे अक्सर प्राचीन ग्रंथों, संप्रदायों या रहस्यमयी प्राणियों अथवा गुरु से इन्हें सीखते हैं।
जादुई वस्त्र और जड़ी-बूटियाँ: इस दुनिया में जादुई वस्त्र, आध्यात्मिक जड़ी-बूटियाँ और औषधियाँ भरी पड़ी होती हैं जो कल्टिवेशन में मदद करती हैं। ये वस्त्र अक्सर खोजे जाते हैं और इनके लिए लड़ाईयाँ भी होती हैं।
संप्रदाय और गुरुकुल, कबीला संरचनाएँ: पात्र अक्सर संप्रदायों, कबीले या गुरुकुलों का हिस्सा होते हैं जहाँ उन्हें प्रशिक्षण और मार्गदर्शन मिलता है। इन संगठनों में कठोर पदक्रम होते हैं और ये कहानियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
पौराणिक प्राणी और लोक: इस दुनिया में ड्रैगन, फीनिक्स और आत्माओं जैसे पौराणिक प्राणी होते हैं। पात्र विभिन्न लोकों, जैसे कि नश्वर लोक, आत्मा लोक और देव लोक, में यात्रा कर सकते हैं।
ये नॉवेल्स लोकप्रिय क्यों हैं?
एक अकल्पनीय ब्रह्माण्ड: पाठक इन अकल्पनीय ब्रह्माण्ड और तल्लीन करने वाली दुनियाओं की ओर आकर्षित होते हैं जो उन्हें सामान्य वास्तविकता से पलायन प्रदान करती हैं। समृद्ध परंपराएँ और विस्तृत ब्रह्मांड अन्वेषण और कल्पना की अंतहीन संभावनाएँ प्रदान करते हैं।
मुख्य पात्र विकास: नायक अक्सर सामान्य शुरुआत से शुरू होते हैं और दृढ़ता, बुद्धि और अटल संकल्प के माध्यम से बढ़ते हैं। यह विकास प्रेरणादायक और संबंधित है।
जटिल कथानक और विश्व निर्माण: विस्तृत विश्व निर्माण और जटिल कथानक पाठकों को व्यस्त रखते हैं। पौराणिक कथाओं, इतिहास और फंतासी तत्वों का उपयोग कहानियों में गहराई जोड़ता है।
एक्शन और साहसिक कार्य: एक्शन-पैक सीक्वेंस और साहसिक यात्राएँ पाठकों को मंत्रमुग्ध करती हैं, एक रोमांचक पढ़ने का अनुभव प्रदान करती हैं।
सांस्कृतिक तत्व: चीनी सांस्कृतिक तत्वों का समावेश, जैसे पौराणिक कथाएँ, दर्शन और मार्शल आर्ट्स, इन कहानियों को विशिष्ट बनाता है और पश्चिमी फंतासी से अलग करता है।
आज इन्ही उपन्यासों पर एक से बढ़कर एक एनिमेटेड सीरीज बन रही हैं, जो दर्शकों को मनोरंजन की भरपूर खुराक दे रही हैं और विभिन्न मीडिया प्लेटफार्म पर ये तमाम सीरीज उपलब्ध हैं। एनिमेशन में बारीकियों का विशेष ध्यान, मार्शल आर्ट्स तकनीकों और जादुई तत्वों के गहन चित्रण, जटिल लड़ाई की कोरियोग्राफी और विशेष प्रभाव देखने के अनुभव को बढ़ाते हैं। जिससे यह फैंटेसी शैली के प्रशंसकों के लिए पैसा वसूल मनोरंजन साबित हो रही है।
इन सीरीज़ को विभिन्न स्ट्रीमिंग प्लेटफार्मों पर उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे वैश्विक दर्शकों के लिए इसे देखना सुलभ हो गया है। विभिन्न भाषाओं में उपशीर्षक और डबिंग ने इसकी पहुंच को और बढ़ा दिया है। टेनसेंट वीडियो, यूट्यूब, डेली मोशन और क्रंचीरोल आदि कुछ लोकप्रिय प्लेटफार्म हैं जहां आप इस सीरीज़ को पा सकते हैं। इन एनिमेटेड सीरीज को आप स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स पर इनको सीजन और एपिसोड के हिसाब से सर्च करके एचडी क्वालिटी तथा अंग्रेजी उप शीर्षक के साथ आसानी से देख सकते हैं।
अपनी पिछली कड़ी को आगे बढ़ाते हुए आज आपको बताएँगे नार्थईस्ट के सुदूर मैं बसे मिजोरम (Mizoram) राज्य के बारे मैं जो न कि सिर्फ प्राकर्तिक सौंदर्य से घिरा हुआ है बल्कि विविध सांस्कृतिक परंपराओं को अपने मैं सहेजे हुए है, ये एक ऐसा अलौकिक व अद्भुत स्थान है जहाँ का अनुभव निश्चित ही आपकी यात्रा को रोमांचकारी व अविस्मणीय बना देगा।
मिज़ोरम (Mizoram): पूर्वोत्तर का अनमोल रत्न
मिज़ोरम, भारत के पूर्वोत्तर भाग में स्थित एक अत्यंत खूबसूरत राज्य है, जो अपनी हरी-भरी पहाड़ियों, गहरी घाटियों और समृद्ध संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ की शांत और सुन्दर प्राकृतिक छटा किसी भी यात्री का मन मोह लेती है। मिज़ो लोग अपनी अतिथि सत्कार और विविध सांस्कृतिक परंपराओं के लिए जाने जाते हैं।
संस्कृतिऔरपरंपराएँ
मिज़ोरम की संस्कृति में मिज़ो जनजाति का महत्वपूर्ण योगदान है। यहाँ के लोग विभिन्न त्यौहारों को बहुत ही धूमधाम से मनाते हैं, जिनमें चैपचार कुट, मिम कुट और पावल कुट प्रमुख हैं। इन त्यौहारों में नृत्य, संगीत और पारंपरिक खेलों का आयोजन होता है, जो पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। मिज़ोरम की संस्कृति में संगीत और नृत्य का विशेष महत्व है, और यहाँ के लोग अपने पारंपरिक वाद्य यंत्रों का भी भरपूर उपयोग करते हैं।
प्रमुखपर्यटनस्थल
1. आइज़ोल (Aizawl)
आइज़ोल, मिज़ोरम की राजधानी, एक पहाड़ी शहर है जो 1132 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यहाँ से आप अद्भुत प्राकृतिक दृश्य देख सकते हैं। आइज़ोल में मिज़ोरम राज्य संग्रहालय, बर्ना बाजार और डर्टलांग हिल जैसी जगहें अवश्य देखनी चाहिए।
2. चम्पाई (Champhai)
चम्पाई, जिसे मिज़ोरम का चावल का कटोरा कहा जाता है, मिज़ोरम का एक खूबसूरत क्षेत्र है जहाँ से आप म्यांमार की सीमा भी देख सकते हैं। यहाँ के चावल के खेत और हरी-भरी घाटियाँ बहुत ही मनोहारी हैं।
3. लुंगलेई (Lunglei)
लुंगलेई, मिज़ोरम का दूसरा सबसे बड़ा शहर है। यहाँ के प्राकृतिक दृश्य और शांत वातावरण पर्यटकों को बहुत भाते हैं। लुंगलेई में आप ज़ोबोक (Zobawk) का दौरा कर सकते हैं, जो एक धार्मिक स्थल है।
4. फौंगपुई नेशनल पार्क (Phawngpui National Park)
फौंगपुई नेशनल पार्क, जिसे ब्लू माउंटेन नेशनल पार्क भी कहा जाता है, मिज़ोरम का सबसे ऊँचा पहाड़ है। यहाँ की वनस्पतियाँ और जीव-जंतु, विशेषकर पक्षियों की विविध प्रजातियाँ, देखने लायक हैं। यह पार्क ट्रेकिंग और बर्ड वॉचिंग के लिए आदर्श स्थान है।
मिजोरमकेप्रमुखत्यौहार
मिजोरम, जो कि भारत के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में स्थित है, अपनी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और जीवंत परंपराओं के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ के त्यौहार मिजो समाज की सांस्कृतिक धरोहर को दर्शाते हैं और लोगों के बीच में एकता और सामंजस्य का प्रतीक होते हैं। आइए मिजोरम के प्रमुख त्यौहारों पर एक नज़र डालते हैं:
1. चापचारकुट (Chapchar Kut)
विवरण: चापचार कुट मिजोरम का सबसे महत्वपूर्ण और प्रसिद्ध त्यौहार है। यह त्यौहार वसंत ऋतु में मनाया जाता है और मुख्य रूप से खेती की शुरुआत का प्रतीक होता है।
सांस्कृतिकगतिविधियाँ: इस त्यौहार में पारंपरिक नृत्य, संगीत, खेल और विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं। लोग पारंपरिक वेशभूषा पहनकर नृत्य और गायन में भाग लेते हैं।
समारोहकामहत्व: यह त्यौहार मिजो किसानों के लिए विशेष महत्व रखता है क्योंकि यह खेती के मौसम की शुरुआत का संकेत देता है। इस दौरान खेतों की सफाई और नई फसल की बुवाई की जाती है।
2. मिमकुट (Mim Kut)
विवरण: मिम कुट एक और महत्वपूर्ण त्यौहार है जो कि फसल कटाई के बाद मनाया जाता है। यह त्यौहार मुख्य रूप से मक्का की फसल की कटाई का प्रतीक है।
समारोहकामहत्व: यह त्यौहार पूर्वजों की आत्माओं को सम्मान देने का एक तरीका है और उनके आशीर्वाद की कामना की जाती है।
3. पावलकुट (Pawl Kut)
विवरण: पावल कुट मिजोरम का एक और महत्वपूर्ण त्यौहार है जो कि चावल की फसल की कटाई के बाद मनाया जाता है। यह त्यौहार मुख्य रूप से धन्यवाद ज्ञापन का प्रतीक है।
समारोहकामहत्व: पावल कुट त्यौहार का मुख्य उद्देश्य भगवान को उनकी कृपा के लिए धन्यवाद देना है। यह त्यौहार लोगों के बीच में भाईचारे और प्रेम को बढ़ावा देता है।
4. थलफवांगकुट (Thalfavang Kut)
विवरण: थलफवांग कुट त्यौहार भी खेती से संबंधित है और यह मुख्य रूप से धान की फसल की कटाई के समय मनाया जाता है।
समारोहकामहत्व: थलफवांग कुट का उद्देश्य फसल की कटाई के समय की खुशियों को साझा करना है और यह त्यौहार मिजो समाज की एकता को दर्शाता है।
5. खललकुट (Khall Kut)
विवरण: खलल कुट भी एक महत्वपूर्ण त्यौहार है जो कि मिजो समाज में मनाया जाता है। यह त्यौहार मुख्य रूप से वर्षा ऋतु की समाप्ति का प्रतीक है।
समारोहकामहत्व: खलल कुट त्यौहार का मुख्य उद्देश्य भगवान को अच्छी फसल और वर्षा के लिए धन्यवाद देना है। यह त्यौहार समाज में खुशी और समृद्धि का प्रतीक है।
मिज़ोरम का प्रसिद्ध भोजन
मिज़ोरम की रसोई में एक अनोखा मिश्रण है जो स्थानीय सामग्रियों और पारंपरिक पकवानों से भरी हुई है। यहाँ का भोजन साधारण, लेकिन अत्यंत स्वादिष्ट होता है, जो अधिकांशतः उबला हुआ या भाप में पकाया हुआ होता है तथा यहाँ मांसाहार का सेवन खूब होता है। आइए, मिज़ोरम के कुछ प्रसिद्ध व्यंजनों के बारे में जानते हैं:
1. बाई (Bai)
बाई मिज़ोरम का एक प्रमुख और पारंपरिक व्यंजन है। इसे बांस की कोपलों, पत्तेदार सब्जियों, और मांस या मछली के साथ उबाला जाता है। यह व्यंजन बहुत ही पौष्टिक और स्वादिष्ट होता है, और इसे मुख्यतः भात के साथ परोसा जाता है।
2. मिज़ो स्टू (Mizo Stew)
मिज़ो स्टू एक हल्का और पौष्टिक सूप है जो सब्जियों, मांस, और विभिन्न मसालों से बनाया जाता है। यह स्टू बहुत ही सरल और कम मसालों वाला होता है, लेकिन इसका स्वाद अनोखा होता है।
3. वौटरो (Vawksa Rep)
वौटरो एक स्मोक्ड पोर्क व्यंजन है जिसे बांस के कोपलों और पत्तेदार सब्जियों के साथ पकाया जाता है। इसे मुख्यतः त्योहारों और खास मौकों पर बनाया जाता है और इसका स्वाद बहुत ही लाजवाब होता है।
4. अरसा बुखार (Arsa Buhchiar)
अरसा बुखार एक पारंपरिक मिज़ो चिकन पुलाव है। इसे चावल, चिकन, और विभिन्न मसालों के साथ पकाया जाता है। यह व्यंजन मिज़ोरम के हर त्योहार और खास अवसर पर अवश्य बनाया जाता है।
5. मिज़ो पकोड़ा (Mizo Pakora)
मिज़ो पकोड़ा स्थानीय सामग्री से तैयार किया जाता है और यह बहुत ही कुरकुरा और स्वादिष्ट होता है। इसे चाय के साथ नाश्ते में या शाम के स्नैक्स के रूप में परोसा जाता है।
6. चंगबल (Chhangban)
चंगबल एक मीठा व्यंजन है जो चावल और गुड़ से तैयार किया जाता है। यह मिज़ोरम के पारंपरिक मिठाईयों में से एक है और इसे विशेष अवसरों पर बनाया जाता है।
यात्राकासबसेअच्छासमय
मिज़ोरम की यात्रा का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च के बीच होता है। इस दौरान मौसम सुहावना रहता है और पर्यटक अपनी यात्रा का आनंद ले सकते हैं। मानसून के दौरान भारी वर्षा होती है, जिससे यात्रा में कठिनाई हो सकती है।
कैसेपहुँचे
मिज़ोरम पहुँचने के लिए आप हवाई, सड़क और रेल मार्ग का उपयोग कर सकते हैं:
हवाईमार्ग: आइज़ोल का लेंगपुई हवाई अड्डा प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है। यहाँ से टैक्सी और बस की सेवाएं उपलब्ध हैं।
रेलमार्ग: निकटतम रेलवे स्टेशन सिलचर है, जहाँ से आप सड़क मार्ग द्वारा मिज़ोरम पहुँच सकते हैं।
सड़कमार्ग: गुवाहाटी और शिलॉंग से मिज़ोरम के लिए नियमित बस सेवाएँ उपलब्ध हैं।
मिज़ोरम में ठहरने के विकल्प
मिज़ोरम में ठहरने के लिए कई विकल्प हैं, जिनमें बजट होटल और लक्जरी रिसॉर्ट शामिल हैं। अगर आप प्रकृति के करीब रहना चाहते हैं तो यहां कई होमस्टे और गेस्ट हाउस भी उपलब्ध हैं।
यात्राकेदौरानध्यानदेनेयोग्यबातें
स्थानीयरीति–रिवाजोंकासम्मानकरें: मिज़ोरम की संस्कृति और परंपराओं का सम्मान करना बहुत महत्वपूर्ण है।
पर्यावरणकीरक्षाकरें: मिज़ोरम की सुंदरता को बनाए रखने के लिए कचरा न फैलाएँ और प्राकृतिक स्थानों की रक्षा करें।
स्थानीयखाद्यपदार्थोंकाआनंदलें: मिज़ोरम के स्थानीय व्यंजन, जैसे बाई और मिज़ो स्टू, का स्वाद लें।
यात्राकीयोजनाबनाएं: मिज़ोरम में बहुत से स्थानों पर यातायात की व्यवस्था सीमित होती है, इसलिए पहले से यात्रा की योजना बनाना अच्छा होता है।
मिज़ोरम की यात्रा आपके जीवन में एक अविस्मरणीय अनुभव होगी। यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक धरोहर और स्थानीय जनजीवन को देखकर आपका मन प्रसन्न हो जाएगा। मिज़ोरम की हरियाली, पहाड़ियों और पारंपरिक नृत्य-संगीत का आनंद लेते हुए आप अपनी यात्रा का भरपूर आनंद उठा सकते हैं। तो देर किस बात की, जल्द ही मिजोरम की यात्रा की योजना बनाएं और इस खूबसूरत जगह को करीब से देखने का आनंद लें।
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