Barsana: A Spiritual and Cultural Experience (Image Credits: Banarasi Toli)
भारत के उत्तर प्रदेश राज्य में स्थित और भगवान श्री कृष्ण की जन्मस्थली मथुरा से लगभग 50 किलोमीटर दूर बसा बरसाना, श्री राधारानी जिनको बृजवासी लाड़ली जी के नाम से भी सम्बोधित करते हैं की नगरी के रूप में प्रसिद्ध है। यह धार्मिक स्थल भगवान श्रीकृष्ण और राधा के अप्रतिम प्रेम से जुड़ा हुआ है। बरसाना, विशेष रूप से राधाष्टमी तथा होली के दौरान, रंगों और संस्कृति के जश्न का अनोखा अनुभव प्रदान करता है। यहां यात्रा करने से न केवल आध्यात्मिक शांति मिलती है, बल्कि यहां की सुंदरता और लोक कला भी मन को मोह लेती है। अगर आप भी श्री लाड़ली जी के अनन्य भक्त हैं तो आपको बरसाने आकर श्रीजी का आशीर्वाद जरूर प्राप्त करना चाहिए। आइए जानते हैं कि बरसाना में आपको क्या देखना चाहिए, ठहरने के क्या स्थान हैं, यहां का प्रसिद्ध खान-पान क्या है और यहाँ से आप क्या खरीद सकते हैं।
बरसाना के प्रमुख दर्शनीय स्थल
1. श्रीराधारानी मंदिर, बरसाना
श्रीराधारानी मंदिर, जिसे श्रीलाडलीजी मंदिर के नाम से भी जाना जाता है, इसे बरसाना का मुख्य आकर्षण माना जाता है। शानदार वास्तुकला और खूबसूरत नक्काशी से बना यह मंदिर राधारानी के जन्मस्थान पर स्थित है और भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है। यह मंदिर वैष्णव धर्म के अनुयायियों के लिए एक प्रमुख तीर्थ स्थल है और हर साल लाखों श्रद्धालु यहां आते हैं, खासकर राधाष्टमी और होली के अवसरों पर।
राधारानी मंदिर की धार्मिक और ऐतिहासिक महत्ता अत्यधिक है क्योंकि इसे राधा रानी के निवास स्थान के रूप में जाना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, राधा जी का जन्म यहीं हुआ था, और यह स्थान राधा और कृष्ण की प्रेम लीलाओं का केंद्र भी रहा है। बरसाना स्वयं राधारानी की भूमि मानी जाती है, और यहां की हर चीज़ राधा के साथ जुड़ी हुई मानी जाती है। मंदिर में प्रवेश के लिए एक विशाल सीढ़ीदार रास्ता है, जिसमें लगभग 200 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं। यह रास्ता श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचाता है। सीढ़ियों के दोनों ओर खूबसूरत दृश्य दिखाई देते हैं, और आसपास का प्राकृतिक सौंदर्य लोगों का मन मोह लेता है।
2. कीर्ति मंदिर, बरसाना
कीर्ति मंदिर बरसाने का एक खास मंदिर है जो श्री राधारानी जी की मां माता कीर्ति को समर्पित है, वैसे ब्रज में आपको राधा रानी के कई मंदिर मिल जाएंगे। लेकिन, रंगीली महल के पास कीर्ति मंदिर लोगों को कई कारणों से अपनी तरफ आकर्षित करता है। कीर्ति मंदिर दुनिया का ऐसा एकलौता मंदिर है जहां राधा रानी मां की गोद में है। मंदिर के गर्भगृह के दरवाजे के दोनों तरफ अष्ट सखियां लाडलीजी को निहारती नजर आएंगी। यहां आपको विभिन्न झांकियां भी देखने को मिलेंगी। श्री लाडलीजी को झूला झुलाते भगवान श्रीकृष्ण की झांकी बरबस ही पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। सखियों के साथ रासलीला करते राधा कृष्ण की झांकी पर्यटकों का मन मोह लेती है।
जगदगुरु कृपालु महाराज द्वारा बनवाया गए कीर्ति मंदिर की वास्तुकला अत्यधिक सुंदर और शिल्प कला का अद्भुत उदाहरण है। मंदिर की ऊंचाई और इसके निर्माण की शैली इसे दूर से ही एक भव्य रूप प्रदान करती है।
3. रंगीली गली, बरसाना
रंगीली गली बरसाना का एक प्रमुख और प्रसिद्ध स्थल है, जो राधारानी और भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं से जुड़ा हुआ है। यह गली विशेष रूप से अपने सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व के लिए जानी जाती है और बरसाना आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक महत्वपूर्ण आकर्षण का केंद्र है। रंगीली गली का नाम सुनते ही बरसाना की होली की परंपरा और यहां के अद्वितीय त्योहारों का चित्रण मन में उभर आता है।
इस गली में हर साल होली के समय विशेष रूप से उत्सव का माहौल रहता है। लट्ठमार होली यहां की सबसे प्रसिद्ध परंपरा है, जो विशेष रूप से रंगीली गली में मनाई जाती है। बरसाना की इस होली में पुरुष नंदगांव से आते हैं, जिन्हें गोप कहा जाता है, और वे रंगीली गली में राधा रानी की गली में प्रवेश करते हैं। इसके बाद, बरसाना की महिलाएं, जिन्हें गोपियों के रूप में माना जाता है, इन पुरुषों पर लाठियों से वार करती हैं, जबकि पुरुष खुद को ढालों से बचाते हैं। यह लीलामय होली राधा और कृष्ण की नोकझोंक और प्रेम की अभिव्यक्ति है। यह दृश्य देखने लायक होता है और लाखों श्रद्धालु और पर्यटक इसे देखने आते हैं।
4. मान मंदिर, बरसाना
मान मंदिर, बरसाना के चार प्रमुख पहाड़ी मंदिरों में से एक है, जो अपने धार्मिक और पौराणिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। यह मंदिर राधारानी और भगवान श्रीकृष्ण की लीला भूमि से जुड़ा हुआ है और राधा-कृष्ण की नोकझोंक और प्रेम का प्रतीक माना जाता है। बरसाना, जो राधारानी का जन्मस्थान है, यहां की धार्मिक परंपराओं और उत्सवों के लिए प्रसिद्ध है, और मान मंदिर यहां के प्रमुख आकर्षणों में से एक है।
मान मंदिर का धार्मिक महत्त्व राधा और कृष्ण की पौराणिक कथा से जुड़ा हुआ है। कथा के अनुसार, एक दिन राधारानी श्रीकृष्ण से नाराज होकर इस पहाड़ी पर आ गईं और कृष्ण से दूर होकर यहाँ आकर बैठ गईं। भगवान श्रीकृष्ण राधा को मनाने के लिए यहां आए, और तब से यह स्थान ‘मान मंदिर’ के नाम से प्रसिद्ध हो गया। मान मंदिर की वास्तुकला अत्यधिक सुंदर और साधारण है, लेकिन इसका वातावरण बहुत ही शांत और दिव्य होता है। यह मंदिर एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है, जहां से पूरे बरसाना का अद्भुत दृश्य देखा जा सकता है।
5. प्रेम सरोवर, बरसाना
लाडलीजी के अश्रुओं से बना यह पवित्र सरोवर अत्यंत शांत और सौम्य है, इसको लेकर कई धारणाएं प्रचलित हैं, पर निश्चित ही यहाँ आकर हर भक्त को आंतरिक शांति मिलती है। प्रेम सरोवर के चारों ओर हरी-भरी वनस्पति और पानी में गिरते पेड़ों का प्रतिबिंब इसे एक जादुई अनुभव बनाते हैं। यह स्थल विशेष रूप से राधा-कृष्ण के भक्तों के लिए एक आस्था का प्रतीक है, जहां वे भगवान की लीलाओं को स्मरण करते हैं और अपने जीवन में प्रेम, भक्ति और समर्पण का अनुभव करते हैं।
6. मोहन सरोवर, बरसाना
मोहन सरोवर का धार्मिक महत्त्व राधा और कृष्ण की पौराणिक कथाओं से जुड़ा हुआ है। यह पवित्र सरोवर भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी कई लीलाओं को साक्षी रहा है। यह सरोवर भगवान कृष्ण के नाम पर बना है, जिन्हें प्रेम और भक्ति के प्रतीक के रूप में पूजा जाता है। मोहन सरोवर के आसपास की मान्यता है कि राधा और कृष्ण की दिव्य लीलाओं के दौरान, यह स्थान विश्राम और ध्यान का केंद्र रहा है। यह स्थल विशेष रूप से राधा-कृष्ण के भक्तों के लिए एक आस्था का प्रतीक है, जहां वे भगवान की लीलाओं को स्मरण करते हैं और अपने जीवन में प्रेम, भक्ति और समर्पण का अनुभव करते हैं।
बरसाने के प्रमुख स्थानीय त्यौहार
वैसे तो बृजमण्डल मैं समस्त हिन्दू त्योहारों को धूमधाम से मानाने की परंपरा रही है पर जब बात बरसाने की आती है तो, यहाँ के स्थानीय लोग राधाष्टमी और होली को पूरे मनोयोग से मनाते हैं
1. राधाष्टमी उत्सव
राधारानी मंदिर में राधाष्टमी का उत्सव बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। यह राधा रानी के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है और इस दिन यहां लाखों श्रद्धालु आते हैं। मंदिर में विशेष पूजा और आरती का आयोजन किया जाता है, और भव्य झांकियां सजाई जाती हैं।
2. होली का उत्सव
बरसाना की होली पूरे विश्व में प्रसिद्ध है, जिसे “लट्ठमार होली” के नाम से जाना जाता है। होली के समय यहां राधारानी मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ होती है। यह त्योहार राधा और कृष्ण की लीला को समर्पित होता है, और यहां की होली की परंपरा बेहद अद्वितीय और रंग-बिरंगी होती है।
मथुरा-वृंदावन से खरीदने योग्य वस्तुएं
मथुरा और वृंदावन, भगवान कृष्ण की जन्मभूमि और बाल्यकाल की लीला स्थली, अपने धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के लिए प्रसिद्ध हैं। यहां की कुछ विशेष वस्तुएं हैं, जिन्हें आप खरीद सकते हैं:
1. राधा-कृष्ण की मूर्तियाँ:
मथुरा और वृंदावन में भगवान कृष्ण की विविध प्रकार की मूर्तियाँ मिलती हैं। आप लकड़ी, पत्थर या धातु की बनी मूर्तियाँ खरीद सकते हैं। ये मूर्तियाँ घर की पूजा के लिए विशेष रूप से लोकप्रिय हैं।
2. पेंटिंग और चित्र
मथुरा और वृंदावन की कला में लघु चित्रण का बड़ा महत्व है। यहां के कलाकारों द्वारा बनाई गई पेंटिंग्स, विशेष रूप से राधा-कृष्ण की लीलाओं पर आधारित, बहुत सुंदर होती हैं। ये कला के प्रेमियों के लिए बेहतरीन उपहार हो सकती हैं।
3. ठाकुरजी की पोशाक एवं श्रृंगार
पूरे बृजमण्डल मैं आपको ठाकुरजी (भगवान श्रीकृष्ण) की और राधारानी की खूबसूरत और मनोहारी पोशाकें तथा उनके श्रृंगार के लिए एक से बढ़कर एक वस्तुएं मिल जाएँगी, जिन्हे सिर्फ देश ही नहीं बल्कि विदेशों तक से शृद्धालु बड़े ही प्रेमपूर्वक ले जाते हैं।
4. कंठी-माला और पूजा सामग्री
बृजमण्डल मैं आपको कंठी-माला और पूजा सामग्री भी हर जगह मिल जाएगी। यहाँ की तुलसी माला तो वैष्णवजनों मैं अत्यंत लोकप्रिय है, साथ ही पूजा के लिए विशेष सामग्री भी बृज मैं आने वाले लाखों भक्तजन बड़े चाव से खरीदकर ले जाते हैं।
बरसाने के मुख्य स्थानीय व्यंजन?
अब बृजमण्डल की बात हो और खानपान पर चर्चा न की जाये, ये तो असंभव हैं क्योंकि बृज के लोग खानपान के बड़े प्रेमी माने जाते हैं और उस पर भी मिठाइएं के लिए तो हर बृजवासी आपको दीवाना मिलेगा। बरसाना की यात्रा के दौरान यहां के पारंपरिक व्यंजन और मिठाइयाँ ज़रूर चखनी चाहिए। वैसे तो आपको खाने के लिए पारम्परिक नार्थ इंडियन और साउथ इंडियन भोजन बहुतायत मैं उपलब्ध है, पर जब यहां के स्थानीय भोजन की बात की जाती है तो आप निम्न व्यंजन का स्वाद लेना न भूलें
1. देसी घी के लड्डू
बरसाना के राधा रानीमंदिर के प्रसाद के रूप में मिलने वाले लड्डू बहुत प्रसिद्ध हैं। इन लड्डुओं का स्वाद बेहद खास होता है और यह यहां की एक विशिष्ट मिठाई है।
2. जलेबी, कचौड़ी और आलू का झोल (सब्जी)
यह बृज का प्रमुख नाश्ता है जिसके बिना बृजवासी दिन की शुरुवात की कल्पना भी नहीं करना चाहेंगे, यह बरसाने और पूरे बृजमण्डल मैं आपको स्थानीय दुकानों और खाने की जगहों पर बड़ी ही आसानी से मिलता है। गरमागरम कचौड़ी के साथ आलू का झोल (सब्जी) और साथ मैं गरम जलेबी की मिठास का स्वाद आपको हमेशा याद रहेगा।
3. दही की मीठी लस्सी
जलेबी, कचौड़ी के साथ अगर दही की ठंडी और मीठी लस्सी और पी ली जाये तो मानो सोने पर सुहागा। लस्सी खासतौर पर गर्मियों के दौरान बहुत पसंद की जाती है। यहाँ की मोटी मलाई वाली लस्सी का स्वाद आपको बरसाना और बृजमण्डल की यात्रा के दौरान एक अलग ताजगी का अनुभव देगा।
4. मक्खन और मिश्री
राधा और कृष्ण के प्रतीक के रूप में मक्खन और मिश्री का सेवन यहां की धार्मिक यात्रा का एक हिस्सा है। कई मंदिरों के पास यह आपको आसानी से उपलब्ध हो जाता है।
5. मथुरा के पेड़े
बृज मैं आये और पेड़े नहीं खाये तो क्या ही खाया, वैसे तो बृज मैं इतने प्रकार की मिठाइयां मिलती हैं की आप सोच भी नहीं सकते पर इनमे सबसे प्रमुख हैं, मथुरा के पेड़े जो देश ही नहीं विदेशों तक मशहूर हैं और इनका स्वाद आपको इन्हे भूलने नहीं देगा। तो जब भी बृजमण्डल मैं आएं तो यहाँ के पेड़े खाना न भूलें।
यात्रा का सर्वश्रेष्ठ समय
बरसाना की यात्रा के लिए सबसे अच्छा समय होली का होता है जो मार्च मैं आती है, जब यहां चहुंओर होली की धूम रहती हैं और विश्व प्रसिद्ध लट्ठमार होली होती है। यह होली का त्योहार न केवल भारत, बल्कि दुनियाभर में एक अलग पहचान रखता है। इसके अलावा राधाष्टमी के साथ ही अक्टूबर से मार्च के बीच का समय भी अच्छा माना जाता है, पर इस समय आते समय गर्म कपडे लाना न भूलें क्योंकि इस दौरान मौसम अत्यधिक ठंडा रहता है।
कैसे पहुंचे?
हवाई मार्ग: बरसाना के निकटतम हवाई अड्डा दिल्ली (इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा) है, जो लगभग 150 किलोमीटर दूर है। वहां से आप टैक्सी या बस के माध्यम से बरसाना पहुंच सकते हैं।
रेल मार्ग: निकटतम रेलवे स्टेशन मथुरा जंक्शन है, जो लगभग 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। मथुरा से आप टैक्सी या बस लेकर आसानी से बरसाना पहुँच सकते हैं।
सड़क मार्ग: मथुरा और दिल्ली से बरसाना के लिए नियमित बसें और टैक्सी सेवाएं उपलब्ध हैं। निजी वाहन से भी आप आराम से यहां पहुँच सकते हैं।
ठहरने के उत्तम स्थान
बरसाना में कई धर्मशालाएं, गेस्ट हाउस और होटल उपलब्ध हैं, जो आपके बजट और सुविधा के अनुसार विकल्प प्रदान करते हैं। साथ ही आस-पास स्थित मथुरा और वृंदावन में भी अच्छे होटल्स मिल जाते हैं। यहां पर आपको लक्ज़री से लेकर बजट होटल्स तक कई विकल्प मिलेंगे।
ध्यान रखने योग्य महत्वपूर्ण बातें
स्थानीय संस्कृति का सम्मान करें: धार्मिक नगरी होने के कारन यहाँ के लोग रीति-रिवाजों के प्रति बहुत आस्थावान हैं। इसलिए स्थानीय संस्कृति का सम्मान करना महत्वपूर्ण है।
पर्यावरण की सुरक्षा: यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता को बनाए रखने के लिए पर्यावरण का ध्यान रखें। प्लास्टिक का उपयोग न करें और कचरा सही स्थान पर फेंकें।
धैर्य रखें: धार्मिक स्थलों पर भीड़ हो सकती है। धैर्य बनाए रखें और सब कुछ आराम से करें।
स्थानीय लोगों के साथ संवाद करें: उनकी मदद से आप बरसाना के अन्य महत्वपूर्ण स्थलों के बारे में जान सकते हैं।
उचित वस्त्र पहनें: धार्मिक स्थलों पर जाने के दौरान आपको साधारण और पारंपरिक वस्त्र पहनने चाहिए। महिलाओं को साड़ी या सलवार-कुर्ता पहनना उचित होता है, जबकि पुरुषों को कुर्ता या टी-शर्ट और पैंट पहनना चाहिए।
बरसाना यात्रा न केवल एक धार्मिक अनुभव है, बल्कि यह आपको उत्तर प्रदेश की पारंपरिक संस्कृति, बृजमंडल के स्वादिष्ट भोजन और ऐतिहासिक महत्व से परिचित कराती है। यहां की यात्रा करने पर आप भारतीय धर्म और कृष्ण भक्ति के एक अनोखे अनुभव को महसूस करेंगे। ये यात्रा आपको न सिर्फ भौतिक वरन आत्मिक रूप से भी अध्यात्म से ओतप्रोत कर देगी, जो आपके जीवन मैं यकीनन एक यात्रा एक समृद्ध और अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करेगी।
जॉब डेस्क, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग यूपीपीएससी, प्रयागराज में सहायक रजिस्ट्रार रिक्ति 2024 की भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन पत्र आमंत्रित किया जाता है। सभी पात्रता मानदंड पूरा करने वाले इच्छुक उम्मीदवार ऑनलाइन आवेदन पत्र आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन पत्र भरने से पहले कृपया पूर्ण अधिसूचना पढ़ें।
महत्वपूर्ण सूचना:
1. ऑनलाइन आवेदन से पूर्व आवेदकों को OTR पंजीकरण कर OTR नंबर प्राप्त करना अनिवार्य है। 2. जिन आवेदकों ने OTR नंबर प्राप्त नहीं किया है, वो ऑनलाइन आवेदन से 72 घंटे पूर्व विभाग की वेबसाइट से OTR नंबर प्राप्त कर सकते हैं। 3. OTR नंबर प्राप्त करने के बाद ही आवेदक अपना आवेदन विभाग की वेबसाइट पर सबमिट कर सकता है।
पदकाविवरण:
पद का नाम:Assistant Registrar
कुल पदों की संख्या: 38 Nos.
विज्ञापन संख्या: Advt. No. A-5/E-1/2024
वेतनमान:रु. 9300/- से रु. 34800/- (लेवल-8)
महत्वपूर्ण तिथियाँ:
ऑनलाइन आवेदन/ शुल्क जमा प्रारंभ तिथि:
28-08-2024
ऑनलाइन आवेदन/ शुल्क जमा/ की अंतिम तिथि:
28-09-2024
ऑनलाइन सुधार करने की अंतिम तिथि:
05-10-2024
परीक्षा की तारीख
परीक्षा की तारीख
Available Soon….
आयु सीमा :
न्यूनतम आयु: 30 वर्ष
अधिकतम आयु: 45 वर्ष
आरक्षित श्रेणियों के लिए आयु सीमा में छूट नियमों के अनुसार दी जाएगी।
आवेदनप्रक्रिया:
आवेदन का प्रकार:
ऑनलाइन (ONLINE)
आवेदन शुल्क:
General / OBC
Rs. 225/-
SC / ST
Rs. 105/-
PH Candidates
Rs. 25/-
रिक्तियों का विवरण
पद का नाम
कुल पद संख्या
पद की पात्रता
Assistant Registrar
38
Bachelor Degree in Any Stream in Any Recognized University in India. 07 Year Experience. For more details, read the notification carefully.
चयनप्रक्रिया:
लिखितपरीक्षा:
चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा शामिल होगी। परीक्षा का पाठ्यक्रम और परीक्षा पैटर्न आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध होगा।
अंतिमचयन:
लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के आधार पर अंतिम चयन सूची जारी की जाएगी।
महत्वपूर्ण लिंक्स:
अधिक जानकारी के लिए विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर लॉगिन करें।
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न्यूज डेस्क, आज अप्रैल 2024 को उत्तर प्रदेश पुलिस रिक्रूटमेंट एंड प्रमोशन बोर्ड (UPPRPB) ने एक अहम घोषणा की है जो सभी उम्मीदवारों के लिए खुशखबरी है। इसके अनुसार, यूपी पुलिस कांस्टेबल परीक्षा 2024 की एडमिट कार्डें आज, अप्रैल 2024 की तारीख पर, आधिकारिक वेबसाइट uppbpb.gov.in पर उपलब्ध होंगी। इस परीक्षा में लगने वाले उम्मीदवारों के लिए यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि वे नियमित रूप से वेबसाइट की जाँच करें और अपनी एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के लिए तैयार हों।
यह परीक्षा उत्तर प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल पदों के लिए आयोजित की जाएगी और इसके माध्यम से कई युवाओं के लिए एक अवसर खुलेगा। उम्मीदवारों को याद रखना चाहिए कि एडमिट कार्ड परीक्षा के लिए अनिवार्य दस्तावेज है और इसे परीक्षा के दिन साथ ले जाना आवश्यक है।
आरक्षी नागरिक पुलिस के पदों पर सीधी भर्ती 2023 हेतु परीक्षा के प्रथम दिवस दिनांक 23/08/2024 को सम्मिलित होने वाले परीक्षार्थियों के प्रवेश पत्र डाउनलोड करने हेतु लिंक – https://t.co/liTnXEWRtD@Uppolice
उम्मीदवारों को अपनी एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन करना होगा:
वेबसाइट uppbpb.gov.in अथवा https://ctcp24.com/uppbpbcst23/index.aspx पर जाएं।
होमपेज पर, “कैंडिडेट लॉगिन” लिंक पर क्लिक करें।
अपने पंजीकरण संख्या और पासवर्ड दर्ज करें।
संबंधित जानकारी भरने के बाद, “सबमिट” बटन पर क्लिक करें।
अपनी एडमिट कार्ड का प्रिंट आउट लें और उसे सुरक्षित जगह पर रखें।
परीक्षा संबंधी अन्य प्रश्नो के जवाब के लिए इस लिंक पर क्लिक करें।
उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे जल्द से जल्द अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड करें और उसमें दी गई जानकारी को ध्यानपूर्वक पढ़ें। अगर किसी भी प्रकार की त्रुटि पाई जाती है, तो उसे तुरंत UPPBPB के हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सुधार करवाएं।
UPPRPB Helpline (Pic by uppbpb)
इस परीक्षा के लिए तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए यह समय अत्यधिक महत्वपूर्ण है। यह सुनिश्चित करें कि आपने अपनी तैयारी को अच्छे से पूरा कर लिया है और परीक्षा के दिन आवश्यक सभी दस्तावेज़ अपने साथ रखें।
एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के बाद, उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र पर समय से पहले पहुंचने की सलाह दी जाती है। किसी भी अप्रत्याशित देरी से बचने के लिए एडमिट कार्ड पर दिए गए निर्देशों का पालन करें।
तीर्थनगरी मथुरा मैं इस बार धूमधाम से मनाई जाएगी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, होंगे रंगारंग कार्यक्रम जगह जगह पर लगेंगे भंडारे।
लीलाधर भगवान श्रीकृष्ण जिनको बृजवासी प्यार से कान्हा बुलाते हैं, का जन्मोत्सव उनकी जन्मस्थली मथुरा के साथ बृज क्षेत्र के सभी प्रमुख स्थलों पर धूमधाम से मनाया जाएगा। इसमें मथुरा-वृंदावन के तिराहे-चौराहे, घाट और 23 प्रमुख मंदिरों को विधुत प्रकाश से सजाया जाएगा। जगह-जगह सेल्फी पॉइंट और मंच बनाए जाएंगे। मंचों पर ब्रज, राजस्थान, गुजराज, महाराष्ट्र के कलाकार कला सांस्कृतिक छटा बिखेंरेंगे। पूरा बृज मंडल भक्ति और प्रेम मैं सरोबार हो अपने कान्हा का जन्मोस्तव हर घर मैं सजावट कर और पकवान बना कर धूमधाम से मनाएगा।
उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद इस बार तीन दिवसीय 25 से 27 अगस्त तक ब्रज में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव बहुत बड़े स्तर पर मनाएगा। इसे भव्य और दिव्य बनाने के लिए पूरा विचार विमर्श किया जा चुका है। इस बार जन्माष्टमी पर पांच मुख्य मंचन बनाए जाएंगे। इनमें जुबली पार्क, श्रीकृष्ण जन्मस्थान लीला मंच, वृंदावन में गीता शोध संस्थान, परासौली स्थित चंद्र सरोवर हैं। यहां सांस्कृतिक काय्रक्रमों के साथ भजन गायन, लोक गायन एवं रसिया गायन, रासलीला एवं नृत्य होगा।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर श्रीकृष्ण जन्मस्थान एवं द्वारिकाधीश मंदिर सहित ब्रज के 23 प्रमुख मंदिरों को झालरों एवं रंगबिरंगी लाइटों से सजाया जाएगा। इन मंदिरों को सजाने का जिम्मेदारी मंदिर प्रबंधन की है। सजने वाले मंदिरों में मथुरा के साथ-साथ वृंदावन, बरसाना, नंदगांव, दाऊजी, गोवर्धन, महावन, छटीकरा एवं मार्ग के अन्य मंदिर भी शामिल हैं। साथ ही छोटे बड़े सामाजिक समूह भी अपने अपने स्तर पर अपने आसपास के मंदिरों को सजायेंगे और जगह जगह भंडारों का आयोजन भी किया जायेगा जिसमे भांति भांति के पकवान प्रसाद स्वरुप श्रद्धालुओं को खिलाये जायेंगे।
इन स्थानों पर बनेंगे छोटे मंच..
कृष्णपुरी तिराहा, पोतरा कुंड, महाविद्या चौराहा, श्रीकृष्ण जन्मभूमि के गेट तीन के सामने, मसानी मुकुंद विहार के पास, डीग गेट सब्जी मंडी, भूतेश्वर तिराहा, रेलवे स्टेशन मालगोदाम रोड, बीएसए कॉलेज रोड पर बैंक के सामने, नया बस अड्डा, गोवर्धन चौराहा, गोवर्धन थाने के पास, जय गुरुदेव मंदिर के पास, धौलीप्याऊ, भांडीर वन, बल्देव में मंदिर के पास, गोकुल में मंदिर पास, महावन चौरासी खंबा मंदिर, नंदगांव रंगीली चौक आदि पर छोटे मंच बनाये जायेंगे जहाँ लीलाधर की लीलाओं का मंचन किया जायेगा।
मथुरा-वृंदावन के इन प्रमुख चौराहों पर होगी भव्य सजावट..
कृष्णापुरी तिराहा, लक्ष्मी नगर तिराहा, स्टेट बैंक चौराहा, भूतेश्वर तिराहा, डीग गेट तिराहा, मसानी चौराहा, पोतरा कुंड तिराहा, भरतपुर गेट चौराहा, डेंपियर नगर चौराहा, गोवर्धन चौराहा, विद्यापीट चौराहा, अटल्ला चुंगी चौराहा, कल्याण करोति तिराहा, होलीगेट चौराहा आदि पर भव्य सजावट की जाएगी।
इन घाटों पर होगी भव्य सजावट..
वृंदावन के केशीघाट, गोकुल के ठकुरानी घाट, मथुरा के विश्राम घाट पर बिजली की लाइटें लगाकर जगमग प्रकाश की सजावट की जाएगी।
बनेंगे सेल्फी पॉइंट..
पोतरा कुंड के पास, महाविद्या चौराहा, श्रीकृ ष्ण जन्मभूमि गेट नं-3, मसानी चौराहा, भरतपुर गेट चौराहा, जन्मभूमि मार्ग पेट्रोल पंप के पास, कल्याण करोति के पास, नए बस स्टैंड पर, स्टेट बैंक चौराहा, माल गोदाम रोड, धौलीप्याऊ, बीएसए कॉलेज के पास, भूतेश्वर तिराहा, फायर स्टेशन के पास जलकल कार्यालय, गोवर्धन चौराह पुल के नीचे, टीएफसी वृंदावन, रसखान समाधि स्थल।
बृज मंडल मैं आने वाले सभी श्रद्धालुओं के साथ ही आम जनमानस को समस्या न हो इसके लिए ट्रैफिक को जगह जगह रोकने और डाइवर्ट करने का पूरा प्रबंध प्रशासन ने कर लिया है, जिससे भक्तजन बिना किसी व्यवधान के कान्हा के जन्मोत्सव की पूरा आनंद उठा पाएं।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स से सभी कावंड़ियों एवं श्रद्धालुजनों से संयम, शांति व अनुशासन बनाये रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि देवाधिदेव महादेव का पावन श्रावण मास प्रारम्भ हो चुका है और सभी शिवभक्त भक्ति मैं लीन हो शिव आराधना करते हैं साथ ही काफी शृद्धालु कावड़ लेने भी जाते हैं, शासन और प्रशासन ने सभी कावड़ियों की सुविधा, सुरक्षा और उनकी सुगम यात्रा के लिए उचित प्रबंध किये हैं. ड्रोन और हेलीकाप्टर से निगरानी और पुष्पवर्षा का भी समुचित प्रबंध किया गया है.
योगी ने कहा कि ”कोई भी पर्व-त्यौहार बिना आत्म अनुशासन के पूरा नहीं होता। शिव बनने के लिए शिव जैसी साधना भी होनी चाहिए”, इसलिए सभी से श्रद्धालुजनों से अनुरोध है कि पूर्ण संयम, शांति और अनुशासन से अपनी यात्रा को पूर्ण करें साथ ही इस बात का विशेष ध्यान रखें कि आमजन को इससे किसी भी तरह की परेशानी का सामना नही करना पड़े.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज अग्निवीरों के भविष्य को लेकर एक बड़ा फैसला लेते हुए इस मुद्दे पर लगातार हमलावर हो रहे विपक्ष मुहतोड़ जवाब दिया है, आज योगी ने ऐलान किया कि अग्निवीर जब अपनी सेवा के बाद वापस आएंगे तो उत्तर प्रदेश सरकार इन नौजवानों को पुलिस सेवा में, पीएसी में प्राथमिकता के आधार पर समायोजन की सुविधा देगी। उनके लिए एक निश्चित आरक्षण की सुविधा उत्तर प्रदेश पुलिस में उपलब्ध कराएंगे
योगी ने इस बात पर जो दिया कि सेना से लौटने के बाद अग्निवीरों के रूप में देश को ट्रेंड और अनुशासित युवा सैनिक मिलेंगे। सीएम योगी ने अग्निवीर मुद्दे पर विपक्ष की राजनीति को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि विरोधियों का काम हर प्रगति और रिफॉर्म वाले कार्य में अड़ंगा लगाने, टांग अड़ाने और अफवाह फैलाने का है।
सीएम योगी ने कहा कि भारतीय सेना के आधुनिकीकरण और इसके साजो-सामान के मामल में हम आत्मनिर्भरता की ओर से बढ़ रहे हैं। नई दिल्ली में आयोजित नीति आयोग की बैठक में शामिल होने से पहले शुक्रवार शाम यहां अपने सरकारी आवास पर सीएम योगी मीडिया से बातचीत कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी देश और समाज के लिए प्रगति और समृद्धि के नित नये प्रतिमान स्थापित करने के लिए समय-समय पर होने वाला रिफॉर्म अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। हर फील्ड में पिछले 10 साल में बेहतरीन रिफॉर्म हुए हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की अथर्व्यवस्था को एक सम्मानजनक स्थिति में पहुंचाने और दुनिया की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में लाने के लिए कार्य किये गये हैं। एक तरफ हम समृद्धि के नित नये सोपान छू रहे हैं, तब हमें राष्ट्रीय सुरक्षा को भी उतना ही महत्व देना होगा।
अग्निवीर जब अपनी सेवा के बाद वापस आएंगे, उत्तर प्रदेश सरकार पुलिस सेवा में, पीएसी में इन नौजवानों को प्राथमिकता के आधार पर समायोजन की सुविधा देगी।
इस ऐलान के बाद अब देखना है कि भाजपा शाषित अन्य राज्य भी क्या इसी तर्ज पर ऐसा ही ऐलान करते हैं और साथ ही मुख्यमंत्री योगी की इस बेहतरीन गूगली को अब विपक्ष क्या प्रतिक्रिया देता है।
पेपर लीक के कारण निरस्त की गई उत्तर प्रदेश पुलिस (Uttar Pradesh Police) की सिपाही भर्ती परीक्षा 2023 को फिर से आयोजित करने के लिए तारीखों का ऐलान कर दिया गया है। 60244 पदों पर भर्ती के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा 23, 24, 25, 30 और 31 अगस्त 2024 को परीक्षा का आयोजन किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार यह परीक्षा शुचिता एवं पारदर्शिता के उच्चतम मानकों के दृष्टिगत पुनः आयोजित कराई जाएगी। इस सम्बन्ध मैं आज मुख्यमंत्री कार्यालय ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्ट कर इसकी पुष्टि की।
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आरक्षी नागरिक पुलिस के 60,244 पदों पर सीधी भर्ती-2023 की लिखित परीक्षा 23, 24, 25 अगस्त एवं 30, 31 अगस्त 2024 को कराने का निर्णय लिया गया है। जन्माष्टमी के त्योहार के कारण परीक्षा में अंतराल दिया गया है। #UPCM श्री…
इस बार किसी भी तरह की धांधली करने वाले को सख्ती से निपटा जायेगा। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने अपने नोटिस में शासन के हालिया उस अधिनियम का भी जिक्र किया है जिसमें परीक्षाओं में नकल रोकने का प्रावधान किया गया है. बता दें कि उत्तर प्रदेश शासन ने सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों, जैसे प्रश्नपत्र लीक होना, उत्तर पुस्तिकाओं से छेड़छाड़ आदि को रोकने के लिए उ०प्र० सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अध्यादेश-2024 (उत्तर प्रदेश अध्यादेश संख्या-6, सन् 2024) को एक जुलाई से लागू किया है. इस अधिनियम में प्रावधान किया गया है कि किसी भी परीक्षा में अनुचित साधनों का प्रयोग करना, नकल करना या नकल कराना, प्रश्न पत्र का प्रतिरूपण करना या प्रकट करना या प्रकट करने का षड्यंत्र करना आदि कृत्य अपराध की श्रेणी में आते हैं, जो इस अधिनियम के अन्तर्गत दण्डनीय है. ऐसे प्रकरणों में एक करोड़ तक का जुर्माना और आजीवन कारावास तक की सजा, दोनों ही हो सकती है।
जल्द ही जाट बुलेटिन इस सन्दर्भ मैं सारी जानकारियां, जैसे आवेदन प्रक्रिया , पात्रता, महत्वपूर्ण तिथियां, नियम व शर्तें आदि अपने पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करेगा जिससे इक्षुक पात्रों को किसी भी दिक्कत का सामना न करना पड़े।
संवाददाता, उत्तर प्रदेश। देश मैं होने वाले रेल हादसों का सिलसिला निरंतर जारी है, इसी क्रम मैं आज उत्तर प्रदेश के गोंडा में चंडीगढ़ से डिब्रूगढ़ जा रही डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस (15904) के कोच पटरी से उतर गए हैं। मिली जानकारी के मुताबिक 10 से 12 डिब्बे पटरी से उतर गए हैं। ट्रेन के पटरी से उतरते ही यात्रियों में हड़कंप मच गया और लोग दहशत मैं चिल्लाने लगे। ट्रेन के रुकते ही यात्री जान बचाने के लिए बहार की तरफ भाग खड़े हुए। इस दुर्घटना में बड़ी संख्या में यात्रियों के घायल होने की जानकारी सामने आई है और एक यात्री मौत की सूचना भी मिल रही है।
डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस गुरुवार की रात 11:30 बजे के आसपास चंडीगढ़ से रवाना हुई थी। गुरुवार दोपहर को गोंडा और बस्ती के बीच झिलाही स्टेशन के पास गाड़ी पहुंची तो अचानक तेज आवाज के साथ हिलते हुए ट्रेन पटरी से नीचे उतरने लगी।
गाड़ी के बेपटरी होते ही यात्रियों में भय का माहौल व्याप्त हो गया, ट्रेन पटरी से उतरने के बाद किनारे में पलट गई। इस दौरान एसी बोगी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। घटना की सूचना तुरंत रलवे प्रशासन को दी गई है, इसके बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया है।
भीषण हादसे को देखते ही यात्रियों में हड़कंप मच गया और इसी बीच यात्रियों का समूह अपने सामान को लेकर बाहर निकलता दिखाई दिया। रेलवे अधिकारियों के पहुंचने के बाद यात्रियों को आगे की यात्रा के लिए वैकल्पिक इंतजाम का भरोसा दिलाया।
गोंडा के झिलाही जंक्शन के पास जा रही ट्रेन के हादसे का शिकार होने सूचना मिलते ही प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तुरंत संज्ञान लिया। उन्होंने अधिकारियों को घटनास्थल का जायजा लेने के निर्देश दिए हैं और यात्रियों को तत्काल सुविधा देने की बात कही है।
पांच दिवसीय मुड़िया पूर्णिमा (Mudiya Purnima) मेला की तैयारियां पूर्ण कर ली गयी हैं। 17 जुलाई से शुरू होने वाले मेले को आज शाम से ही श्रद्धालु पहुंचने लगेंगे। बुधवार को श्रद्धालु गिर्राज जी के जयकारों संग 21 किमी की गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा शुरू करेंगे।
गौड़ीय संत सनातन गोस्वामी की याद में 17 से 21 जुलाई (गुरु पूर्णिमा) तक चलने वाले इस पांच दिवसीय मेले में करीब 60 से 70 लाख श्रद्धालुओं के जुटने का पूर्वानुमान है।
सुरक्षा की दृष्टि से संपूर्ण मेला क्षेत्र को सीसीटीवी की निगरानी में रखा गया है। गोवर्धन मार्ग पर डग्गामार वाहन पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिए गए हैं। भीड़ को देखते हुए विशेष ट्रेनों के साथ ही रोडवेज बसों की संख्या बढ़ाई गई है। परिक्रमा मार्ग पर पड़ने वाले कुंडों की बैरिकेडिंग कराई गई है, ताकि श्रद्धालु स्नान के दौरान हादसे का शिकार न हो जाएं।
डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह के अनुसार मेले को लेकर प्रशासन ने तैयारी पूरी कर ली है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। व्यापक पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। साथ ही परिक्रमार्थियों की सेवा को तमाम सेवाभावी लोगों के द्वारा परिक्रमा मार्ग पर प्याऊ और भंडारे के लिए टेंट लगाने शुरू हो गए हैं। पूरे परिक्रमा मार्ग में सेवाभावी नजर आएंगे।
मुड़िया मेला में श्रद्धालुओं को दिक्कत न हो, इसके लिए परिवहन निगम एक हजार बसों का संचालन 18 से 22 जुलाई तक करेगा। गाजियाबाद, मेरठ, अलीगढ़, इटावा, बरेली, मुरादाबाद शहरों से बसें मंगाई जा रही हैं। सोमवार को रोडवेज आगरा परिक्षेत्र के नोडल अधिकारी अशोक कुमार ने कार्यालय में बैठक की। उन्होंने बसों की जांच पर भी जोर दिया। नोडल अधिकारी ने कहा कि चालकों द्वारा निर्धारित स्टापेज पर बसों को रोका जाए। निर्धारित लेन में चलने से जाम पर अंकुश लगेगा।
मुड़िया मेला को देखते हुए रेलवे ने कई ट्रेनों का विस्तार किया है। यह विस्तार मंगलवार से लेकर 23 जुलाई तक होगा। नई दिल्ली-आगरा इंटरसिटी मंगलवार से ग्वालियर तक चलेगी। आगरा कैंट-झांसी एक्सप्रेस मथुरा तक चलेगी। आगरा कैंट से मथुरा में मध्य मेला स्पेशल का संचालन किया जाएगा। यह ट्रेन राजा की मंडी, बिल्लोचपुरा सहित अन्य स्टेशनों में रुकेगी। झांसी-आगरा मेमू का विस्तार मथुरा तक किया गया है। मैनपुरी-आगरा कैंट मेमू अब मथुरा तक चलेगी। मथुरा से कासगंज के लिए विशेष मेला स्पेशल ट्रेन का संचालन किया जाएगा।
उक्त बात कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) के राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार जयंत चौधरी ने 11-07-2024 को चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ में जन शिक्षण संस्थान (जेएसएस) के लिए एक क्षेत्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही।
जयंत चौधरी ने कहा कि मंत्रालय युवाओं के लिए बेहतर अवसर प्रदान करने के लिए समर्पित है। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में कुशल कार्यबल के अंतर को पहचानने और प्रतिभा को अवसर से जोड़ने के लिए पुल निर्माता के रूप में कार्य करने के लिए जन शिक्षण संस्थान की सराहना करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि व्यक्तिगत और आर्थिक विकास के लिए कौशल, पुन: कौशल और अपस्किलिंग की प्रक्रिया आवश्यक है।
जयंत चौधरी ने यह भी बताया कि पीएमकेवीवाई योजना पहले ही भारत में 1.4 करोड़ लोगों को लाभान्वित कर चुकी है। साथ ही नेशनल अप्रेंटिसशिप प्रमोशन स्कीम (एनएपीएस) अप्रेंटिसशिप कार्यक्रम कर्मचारियों को लगातार विकसित हो रही उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप अपने कौशल को बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
जयंत चौधरी ने दिल्ली और यूपी के जेएसएस उम्मीदवारों द्वारा बनाए गए उत्पादों की प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया और लाभार्थियों के साथ बातचीत भी की।
उन्नाव में तेज रफ्तार डबलडेकर बस कंटेनर से टकराई, हुआ भीषण सड़क हादसा.
उन्नाव में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर बुधवार की सुबह कई घरों के लिए बड़ा ही दुःखद समाचार लेकर आयी, यहाँ हुए भीषण सड़क हादसे मैं कुल 18 यात्रियों की मौत हो गई है. इसमें 14 पुरुष, 3 महिलाएं और एक बच्चा शामिल है. यह हादसा अनियंत्रित डबल डेकर बस के दूध कंटेनर में पीछे से घुसने के कारण हुआ है.
घटना की सूचना पर सम्बंधित थाने की पुलिस द्वारा तत्काल मौके पर पहुंच कर तुरंत ही सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया गया, वहीं हादसे मैं अपनी जान गवां चुके लोगों के पार्थिव शरीर को कब्जे में लेकर आगे की कार्यवाही के लिए भिजवाया गया. मौके पर उन्नाव के पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी बांगरमऊ एवं अन्य थानों का पुलिस बल मौजूद रहा.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे पर तुरंत संज्ञान लिया है. उन्होंने मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की, साथ ही घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की है. योगी आदित्यनाथ ने उच्च अधिकारियों को घटनास्थल पर तत्काल पहुंचने और सही कदम उठाएं निर्देश भी जारी किए तथा घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर उनके समुचित उपचार के निर्देश दिए जिला प्रशासन के अधिकारियों को दिये.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी भीषण थी कि बस के दो हिस्से हो गये और टैंकर भी पलट गया, दृश्य काफी डरावना था, हर जगह बस लाशें और घायल ही नजर आ रहे थे और वातावरण चीखों से गूंज रहा था
यूपी के परिवहन मंत्री ने भी इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है. उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से पोस्ट करते हुए लिखा, “जनपद उन्नाव में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर सड़क दुर्घटना में हुई जनहानि अत्यंत दुखद है. मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं. जिला प्रशासन व परिवहन विभाग के अधिकारियों को सभी घायलों के समुचित उपचार हेतु निर्देश दे दिए गए हैं. ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति एवं घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करता हूं.”
जनपद उन्नाव में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर सड़क दुर्घटना में हुई जनहानि अत्यंत दुखद है। मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं।
जिला प्रशासन व परिवहन विभाग के अधिकारियों को सभी घायलों के समुचित उपचार हेतु निर्देश दे दिए गए हैं।
— Dayashankar Singh (Modi Ka Parivar) (@dayashankar4bjp) July 10, 2024
उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के किसानों की आर्थिक स्थिति को सुधारने और कृषि को एक लाभकारी व्यवसाय बनाने के उद्देश्य से प्रशिक्षित कृषि उद्यमी स्वावलम्बन (एग्रीजंक्शन) योजना की शुरुआत की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य कृषि उत्पादकता बढ़ाना, युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करना और कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देना है। आइए इस योजना के मुख्य बिंदुओं पर एक नज़र डालते हैं:
योजना का परिचय:
योजना का नाम: प्रशिक्षित कृषि उद्यमी स्वावलम्बन योजना (एग्रीजंक्शन)
लॉन्च: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा
उद्देश्य: कृषि उत्पादकता बढ़ाना, युवाओं को कृषि उद्यमिता में प्रोत्साहित करना, और कृषि क्षेत्र में रोजगार सृजन।
प्रशिक्षण कार्यक्रम: किसानों और कृषि उद्यमियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनमें कृषि की नवीनतम तकनीकों और प्रथाओं के बारे में जानकारी दी जाती है।
वित्तीय सहायता: कृषि उद्यमियों को आवश्यक वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है, जिससे वे अपने कृषि उद्यम को शुरू कर सकें और सफलतापूर्वक संचालित कर सकें।
तकनीकी सहायता: आधुनिक कृषि उपकरणों और तकनीकों के उपयोग के लिए तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
मार्केटिंग सपोर्ट: किसानों को उनके उत्पादों के विपणन में सहायता प्रदान की जाती है, जिससे वे अपने उत्पादों को बेहतर कीमत पर बेच सकें।
सहयोगी नेटवर्क: योजना के तहत किसानों को एक दूसरे के साथ नेटवर्क बनाने और अनुभव साझा करने का अवसर मिलता है।
आवेदन प्रक्रिया:
पंजीकरण: इच्छुक किसानों और युवाओं को एग्रीजंक्शन पोर्टल पर पंजीकरण करना होगा।
आवेदन पत्र: पंजीकरण के बाद, आवेदन पत्र भरकर आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करने होंगे।
चयन प्रक्रिया: आवेदन पत्र की समीक्षा के बाद पात्र आवेदकों का चयन किया जाएगा।
प्रशिक्षण: चयनित आवेदकों को प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने का मौका मिलेगा।
वित्तीय सहायता: प्रशिक्षण के बाद, आवश्यक वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
योजना से संबंधित जरूरी निर्देश:
1. पात्रता:
1. आवेदक उत्तर प्रदेश का मूल निवासी हो. 2. मान्यताप्राप्त विश्व विद्यालय से कृषि विषय से स्नातक हो. 3. आयु 40 वर्ष से अधिक न हो (अनुसूचित जाति जनजाति व महिलाओं के लिए 05 वर्ष की छूट है).
2. चयन प्रक्रिया:
जनपद स्तर पर जिला अधिकारी/मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा चयन.
3. आवेदन की प्रक्रिया:
चयन के लिए आवेदन पत्र का निर्धारित प्रारूप विभाग की वेबसाइट https://upagripardarshi.gov.in/ से डाउनलोड करें या जनपद के यूपी कृषि निदेशक कार्यालय से प्राप्त कर समस्त वंचित अभिलेख/प्रमाण पत्र संलग्नन कर आवेदन किया जा सकता है।
4. आवेदन की अंतिम तिथि:
जनपद के उप कृषि निदेशक कार्यालय में आवेदन फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि 15-07-2024 है, साथ ही आवेदन करने का कोई शुल्क नहीं देना होगा।
मुख्य उद्देश्य:
कृषि उद्यमिता को प्रोत्साहन: किसानों और युवाओं को कृषि क्षेत्र में उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित करना।
आधुनिक तकनीकों का प्रयोग: कृषि में आधुनिक और उन्नत तकनीकों के प्रयोग को बढ़ावा देना।
रोजगार सृजन: ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर प्रदान करना।
आर्थिक स्वावलम्बन: किसानों की आय में वृद्धि और उन्हें आर्थिक रूप से स्वावलम्बी बनाना।
साथ ही किसानों को उनके फसल उत्पादन के लिए कृषि केंद्र (एग्रीजंक्शन) के बैनर तले सारी सुविधाएं “वन स्टॉप शॉप” के माध्यम से उपलब्ध कराना है। इन कृषि केन्द्रों (वन स्टॉप शॉप) के माध्यम से निम्न सेवाएँ को एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था होगी:
उच्च गुणवक्ता के बीज, उर्वरक, जैव उर्वरक, वर्मी कम्पोस्ट, कीटनाशक एवं समस्त कृषि निवेश की आपूर्ति.
प्रसार सेवायें कृषि प्रक्षेत्र निर्देशन.
मृदा स्वास्थ्य कार्ड पर संस्तुत उर्वरक एवं खाद की संतुलित मात्रा के बारे में किसानो को मार्गदर्शन देना.
लघु कृषि यंत्रों को किराये पर उपलब्ध कराये जाने की व्यवस्था.
नवीन तकनीकी की जानकारी.
विभिन्न कृषि योजनाएं जैसे प्रधान मंत्री फसल बीमा योजना आदि के संबंध में परामर्शी सेवाएं दिए जाने का प्रचार.
उक्त के अतिरक्त एग्रीजंक्शन केंद्र द्वारा कृषि उपकरणों की मरम्मत, अनुरक्षण पशु आहार, कृषि उत्पादों एवं प्रसंस्कृत कृषि उत्पादों की बिक्री, एवं कृषि उत्पाद, मौसम/विपणन व अन्य संबंधित सूचनाएँ उपलब्ध कराने जैसे कार्य भी किये जायेंगे।
इस योजना से सम्बंधित सभी जानकारियों के लिए विभाग वेबसाइट पर जायें अथवा इस लिंक क्लिक करें।
उत्तर प्रदेश के जिला हाथरस के थाना सिकंदराराऊ क्षेत्र के गांव फुलराई मैं 02 जुलाई 2024 को आज प्रवचक भोले बाबा के प्रवचन के दौरान हुई भगदड़ मैं 100 से ज्यादा लोगो ने दबने, कुचलने व सांस घुटने के कारण दम तोड़ दिया तथा असंख्य लोग हताहत हुए हैं.
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रवचन समाप्त होने के उपरांत जब लाखों की संख्या मे पहुंची श्रद्धालुओं की भीड़ जब वापस लौटने लगी तभी प्रवचक भोले बाबा के काफिले के लिए जाने का रास्ता बनाने के दौरान चरण रज लेने को उत्साहित भीड़ में अचानक भगदड़ मच गई और सारी व्यवस्था को ध्वस्त करते हुए भीड़ बेकाबू हो गयी जिसकी वजह से ये दर्दनाक हादसा हुआ.
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन हरकत मैं आ गया और लोगों के साथ मिलकर घायलों को अस्पताल और मृतकों को शवगृह भिजवाने का कार्य शुरू हुआ। इस घटना पर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने तत्काल एक्शन लेने के निर्देश दिए तथा प्रदेश के 03 मंत्री, मुख्य सचिव व डीजीपी को तुरंत वहां पहुंच कर हालात का जायजा लेने को भेजा साथ ही घायलों के उपचार व मृतकों को उचित मुआवजा देने का निर्देश दिया वहीं घटना की जांच के लिये कमेटी का गठन कर शीघ्रता से गहन जांच के आदेश दिए, योगी ने कहा कि किसी भी सूरत में दोषियों को बक्शा नहीं जायेगा.
योगी ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना:मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज हाथरस पहुंचे हैं और घायलों से भी मुलाकात कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और हम यह सुनिश्चित करेंगे कि मृतकों और घायलों को समय पर मुआवजा मिले.
घटना के दौरान प्रशासन के हाथ पैर फूले नजर आए, जहां एक ओर अस्पतालों मैं स्ट्रेचर का अभाव नजर आया वहीं एम्बुलेंस की कमी होने के कारण घायलों को टेम्पो और ऑटो का सहारा लेना पड़ा, प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार त्रासदी इतनी भीषण थी कि हर जगह बस लाशें और घायल ही नजर आ रहे थे और वातावरण चीखों से गूंज रहा था. देर रात तक लोग अपने परिवारीजनों को तलाशते नजर आए.
सवाल ये भी उठता है कि इतने बड़े स्तर पर जुटने वाली भीड़ के लिए प्रबंधको ने क्या इंतजाम कर रखे थे ? और क्या इतनी भीड़ के लिए प्रशासन से जरूरी परमिट आदि लिए गए थे या नही? क्या किसी भी अप्रिय घटना से निबटने के कोई प्रबंध पहले से किये गए थे या फिर सिर्फ खानापूरी करके इतिश्री कर कर दी गयी. साथ ही क्या प्रशासन की तरह से कोई एडवाइजरी जारी की गई थी या नही और अगर हां तो उसपर क्या एक्शन लिया गया, इस बाबत जानकारी करने पर अभी जांच होने बाद का बहाना बनाकर पल्ला झाड़ लिया गया है.
खबर लिखे जाने तक आयोजकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है और आगे की कानूनी कार्रवाई चल रही है.