किम्बर्ली चीटल (Kimberly Cheatle) ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर हुए हत्या के प्रयास को रोकने में एजेंसी की विफलता को स्वीकार किया..

नैन्सी मेस ने किम्बर्ली चीटल (Kimberly Cheatle) की तीव्र आलोचना, जेम्स कॉमर और जेमी रस्किन ने की इस्तीफे की मांग।

यूएस सीक्रेट सर्विस के निदेशक किम्बर्ली चीटल (Kimberly Cheatle) ने सोमवार को पेंसिल्वेनिया रैली के दौरान पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर हुए हत्या के प्रयास को रोकने में एजेंसी की विफलता को स्वीकार किया।

हाउस कमेटी के समक्ष गवाही के दौरान चीटल ने कहा, “सीक्रेट सर्विस का एकमात्र मिशन हमारे देश के नेताओं की रक्षा करना है पर 13 जुलाई को हम विफल रहे और संयुक्त राज्य अमेरिका गुप्त सेवा के निदेशक के रूप में, मैं किसी भी सुरक्षा चूक के लिए पूरी जिम्मेदारी लेती हूं।”

अमेरिकी कांग्रेस की सदस्य नैन्सी मेस ने हाउस ओवरसाइट कमेटी में सुनवाई के दौरान सीक्रेट सर्विस निदेशक किम्बर्ली चीटल पर जोरदार हमला बोलते हुए उनकी तीव्र आलोचना की और विश्वासघाती करार दिया। साथ ही कानूनविदों ने घटना के बारे में पर्याप्त विवरण उपलब्ध नहीं कराने के लिए भी चीटल को घेरा। सांसदों ने रैली में सुरक्षा खामियों पर सवाल उठाया और पुछा कि कैसे एक बंदूकधारी छत पर चढ़ सकता है।

रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक दोनों के सांसदों द्वारा की जा रही इस्तीफे की मांग को खारिज करते हुए चीटल ने पद छोड़ने के दबाव का विरोध करते हुए जोर देकर कहा, “मुझे लगता है कि मैं इस समय गुप्त सेवा का नेतृत्व करने के लिए सबसे उपयुक्त हूं।”

इस पर अपनी समापन टिप्पणियों में अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की निगरानी समिति के रिपब्लिकन अध्यक्ष, जेम्स कॉमर और शीर्ष डेमोक्रेट, जेमी रस्किन, जो आमतौर पर अधिकांश मामलों पर विभाजित होते हैं, पर इस मुद्दे पर दोनों ने एक राय होकर गुप्त सेवा प्रमुख को पद छोड़ने के लिए दवाब बनाया।


इजराइल (Israel) ने हूती विद्रोहियों के ठिकाने पर भीषण आक्रमण कर दी हमलावरों को सख्त चेतावनी..

हूती विद्रोहियों के हमले के एक दिन बाद जवाबी कार्यवाही मैं इसराइल (Israel) ने यमन में हूती विद्रोहियों के नियंत्रण वाले लाल सागर मैं स्थित हुदैदाह बंदरगाह पर भीषण हमला किया है। जिससे उठ रही आग की लपटें पूरे मध्य पूर्व में देखी जा सकती हैं हूती विद्रोहियों से जुड़े मीडिया आउटलेट्स के मुताबिक़, इस हमले में तीन लोगों की मौत हो गई और 80 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं।

इस मौके पर अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो साझा करते हुए के इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ शब्दों मैं कहा कि “युद्ध की शुरुआत से, मैंने यह स्पष्ट कर दिया था कि इज़राइल सभी हमलावरों के खिलाफ कार्रवाई करेगा। यही कारण है कि हमने तेल अवीव में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के पास घातक ड्रोन हमले के जवाब में कल यमन में हूती ठिकानों पर हमला किया। लक्षित बंदरगाह का उपयोग ईरान से हौथियों तक हथियारों की तस्करी के लिए किया जाता है, जिन्होंने इज़राइल और अन्य देशों पर हमला किया है। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को इस ईरानी आतंकी धुरी से बचाव के लिए इज़राइल के कार्यों का समर्थन करना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हमलावरों को भारी कीमत चुकानी पड़े।”

इधर इजराइली रक्षा मंत्री गैलेंट ने कहा कि हूती विद्रोहियों पर इसलिए हमला किया गया क्योंकि उन्होंने इसराइल को नुक़सान पहुंचाया था। उन्होंने कहा, ”हूतियों ने हम पर 200 बार से अधिक हमले किए. पहली बार जैसे ही उन्होंने इसराइली नागरिक को नुक़सान पहुंचाया, हमने उन पर हमले किए. जहां भी ऐसा करने की ज़रूरत होगी हम करेंगे।”


प्रधानमंत्री ने की डोनाल्ड ट्रंप पर हमले की कड़ी निंदा..

बीते शनिवार को अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर पेंसिल्वेनिया के बटलर में रैली के दौरान हुए जानलेवा हमले की प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कड़ी निंदा की। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट की जिसमे उन्होंने लिखा “मेरे मित्र, पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर हुए हमले से बहुत चिंतित हूं। इस घटना की कड़ी निंदा करता हूं। राजनीति और लोकतंत्र में हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं है। उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की मगंल कामना करता हूं।

हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं मृतकों के परिवार, घायलों और अमेरिका की जनता के साथ हैं।

बताते चलें कि बीते शनिवार को अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर पेंसिल्वेनिया के बटलर में रैली के दौरान हुए जानलेवा हमले मैं वो बाल बाल बचे। जब वे मंच पर बोल रहे थे, तभी उन पर करीब 400 फीट दूर मौजूद इमारत की छत से फायरिंग हुई। AR-15 राइफल से 8 राउंड गोलियां चलाई गईं। एक गोली उनके कान के ऊपरी हिस्से पर लगी। पुलिस ने 20 साल के हमलावर को मार गिराया। ट्रम्प सुरक्षित हैं, उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। FBI हमले की जांच कर रही है।


प्रकृति का कहर, भूस्खलन से दो बसें त्रिशूली नदी में गिरी: 7 भारतीयों की मौत, 60 से अधिक लापता..

नेपाल में शुक्रवार कि सुबह बड़ी ही दुखद समाचार लेकर आयी। भारी बारिश के बीच शुक्रवार सुबह एक हाईवे पर भूस्खलन होने से 2 बसें त्रिशुली नदी में गिर गईं। घटनास्थल पर मौजूद अधिकारियों के मुताबिक, दोनों बसों में चालकों सहित कुल 63 लोग सवार थे। हादसे के बाद से करीब 60 लोग लापता हैं।

ये हादसा नारायणघाट-काठमांडू सड़क खंड पर हुआ, इस हादसे में 7 भारतीयों की मौत हो गई है और हादसे की भयावहता को देखते हुए मरने वालों का आंकड़ा बढ़ भी सकता है। लगातार बारिश और पानी के तेज बहाव के चलते सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन में दिक्कत आ रही है।

इस हादसे पर नेपाल के पीएम पुष्प कमल दहल ने खेद प्रकट करते हुए एक पोस्ट किया है। उन्होंने लिखा “मैं देश के विभिन्न हिस्सों में बाढ़ और भूस्खलन के कारण लगभग पांच दर्जन यात्रियों की मौत और संपत्ति के नुकसान से बहुत दुखी हूं, जब नारायणगढ़-मुग्लिन सड़क खंड पर भूस्खलन से एक बस बह गई। मैं गृह प्रशासन सहित सरकार की सभी एजेंसियों को यात्रियों की खोज करने और उन्हें प्रभावी ढंग से बचाने का निर्देश देता हूं।“

बताते चलें कि सिर्फ नेपाल नहीं भारत में भी बारिश का कहर जारी है जिसके चलते दो दिन पहले बद्रीनाथ हाईवे पर हुए भूस्खलन से काफी नुक्सान झेलना पड़ा है।

काम का बढ़ता दबाव: तंग आकर रोबोट ने की आत्महत्या, टुकड़े-टुकड़े हुआ शरीर

आपने टर्मिनेटर जैसी फिल्म में रोबोट्स को लड़ते और दुनिया पर कब्ज़ा करते देखा होगा पर अगर यहीं रोबोट आत्महत्या करने लग जाएं तो? कई बार काम का बढ़ता दबाव या फिर किसी परेशानी के चलते कुछ लोग आत्महत्या जैसा गलत कदम उठाते हैं पर अगर रोबोट भी इसी रास्ते पर चल दे तो आप क्या कहेंगे ?

चौंक गए, जी हाँ दक्षिण कोरिया से एक ऐसा अजीबोगरीब मामला सामने आया है, जिसने दुनिया भर में सभी को हैरान और परेशान कर दिया है। हर कोई ये जानना चाहता है कि एक रोबोट कैसे आत्महत्या कर सकता है. ये पूरी घटना दक्षिण कोरिया के गुमी सिटी काउंसिल की है.

क्या है पूरा मामला: जानकारी के मुताबिक, यह रोबोट सिटी काउंसिल बिल्डिंग में काम कर रहा था, उसी बिल्डिंग की पहली और दूसरी मंजिल के बीच में एक सीढ़ी के नीचे लोगों को वो बिखरा हुआ मिला पर वहां मौजुद लोगों के मुताबिक उन्होनें रोबोट के गिरने से कुछ समय पहले उसमें असामान्य व्यवहार देखा था.

सिटी काउंसिल का फैसला: इस रोबोट को कैलिफोर्निया की स्टार्टअप कंपनी Bear Robotics ने बनाया था. रोबोट की आत्महत्या के बाद गुमी सिटी में लोग काफी ज्यादा हैरान हैं.

इसी को देखते हुए गुमी सिटी काउंसिल ने रोबोट्स को काम पर रखने की अपनी योजनाओं को रोकने का फैसला किया है. दक्षिण कोरिया दुनिया के उन देशों में शामिल है, जहां पर रोबोट्स को बहुत तेजी से कंपनियों और फैक्ट्रियों में काम पर रखा जा रहा है. वहां पर ऐसे फैसला लेना चौंकाने वाली बात है.

फिलहाल इस घटना के बाद से आने वाले समय में रोबोट्स को लेकर एक रोचक मुद्दे को जन्म दे दिया है.

ब्रिटेन में लेबर पार्टी को मिला बहुमत, ऋषि सुनक की कंजर्वेटिव पार्टी को लग सकता है झटका

किएर स्टार्मर के प्रधानमंत्री बनने की संभावनाएं प्रबल

अगर एग्जिट पोल की माने तो ब्रिटेन में 14 साल बाद फिर से लेबर पार्टी की सत्ता वापसी संभव होती दिख रही है, किएर स्टार्मर के नेतृत्व में लेबर पार्टी बड़ी जीत की तरफ़ बढ़ रही है और शुरुआती नतीजों में लेबर पार्टी मौजूदा प्रधानमंत्री ऋषि सुनक की कंजर्वेटिव पार्टी से बहुत आगे चल रही है। लेबर पार्टी की जीत के साथ ही किएर स्टार्मर का ब्रिटेन का नया प्रधानमंत्री बनना तय है. स्टार्मर 2020 में जर्मी कोर्बिन की जगह लेबर पार्टी के नए नेता चुने गए थे।

एग्ज़िट पोल्स की मानें तो लेबर पार्टी को इस बार 410 सीटें मिल रही हैं यानी 1997 की तुलना में महज़ नौ सीटें ही कम हैं, चुनावी नतीजे में लेबर पार्टी अगर 419 का अंकड़ा पार करती है तो ये लेबर पार्टी के ही टोनी ब्लेयर की जीत के पुराने रिकॉर्ड को तोड़ देगी जो उन्हें 1997 में बनाया था।

चुनाव में ख़राब प्रदर्शन को लेकर कंजर्वेटिव पार्टी के नेता अपने पार्टी की खुलकर आलोचना कर रहे हैं.

बताते चलें कि 44 साल के भारतीय मूल के ऋषि सुनक अक्टूबर 2022 में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बने थे. ऋषि के माता-पिता भारतीय मूल के हैं और वह ब्रिटेन के पहले ग़ैर-गोरे प्रधानमंत्री बने थे.