स्किलिंग सिर्फ एक प्रमाणपत्र से कहीं अधिक है, यह जीवन भर सीखने वाली चीज़ है:  जयंत चौधरी

उक्त बात कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) के राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार जयंत चौधरी ने 11-07-2024 को चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ में जन शिक्षण संस्थान (जेएसएस) के लिए एक क्षेत्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही।

जयंत चौधरी ने कहा कि मंत्रालय युवाओं के लिए बेहतर अवसर प्रदान करने के लिए समर्पित है। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में कुशल कार्यबल के अंतर को पहचानने और प्रतिभा को अवसर से जोड़ने के लिए पुल निर्माता के रूप में कार्य करने के लिए जन शिक्षण संस्थान की सराहना करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि व्यक्तिगत और आर्थिक विकास के लिए कौशल, पुन: कौशल और अपस्किलिंग की प्रक्रिया आवश्यक है।

जयंत चौधरी ने यह भी बताया कि पीएमकेवीवाई योजना पहले ही भारत में 1.4 करोड़ लोगों को लाभान्वित कर चुकी है। साथ ही नेशनल अप्रेंटिसशिप प्रमोशन स्कीम (एनएपीएस) अप्रेंटिसशिप कार्यक्रम कर्मचारियों को लगातार विकसित हो रही उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप अपने कौशल को बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

जयंत चौधरी ने दिल्ली और यूपी के जेएसएस उम्मीदवारों द्वारा बनाए गए उत्पादों की प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया और लाभार्थियों के साथ बातचीत भी की।


Sarkari Job: UPSSSC के अंतर्गत होम्योपैथिक फार्मासिस्ट के 397 पदों पर चयन हेतु ऑनलाइन आवेदन की जानकारी…

उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC), लखनऊ के अंतर्गत होम्योपैथी निदेशालय, उत्तर प्रदेश के नियंत्रणाधीन होम्योपैथिक भेषजिक (होम्योपैथिक फार्मासिस्ट) के 397 पदों पर चयन हेतु ऑनलाइन आवेदन।

पद का विवरण:

  • पद का नाम: होम्योपैथिक भेषजिक (होम्योपैथिक फार्मासिस्ट)
  • कुल पदों की संख्या: 397
  • विज्ञापन संख्या: 09-परीक्षा /2024

महत्वपूर्ण तिथियाँ:

विज्ञापन के प्रश्न की तिथि:15-06-2024
ऑनलाइन आवेदन/ शुल्क जमा प्रारंभ तिथि:20-06-2024
ऑनलाइन आवेदन/ शुल्क जमा/ की अंतिम तिथि:19-07-2024
समायोजन/आवेदन में संशोधन की अंतिम तिथि:26-07-2024

पात्रता मापदंड:

  1. शैक्षिक योग्यता:
    • माध्यमिक शिक्षा परिषद्, उत्तर प्रदेश की इंटरमीडिएट की परीक्षा विज्ञान के साथ अथवा सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त उसके समकक्ष कोई परीक्षा उत्तीर्ण की हो।
    • सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त किसी संस्थान से 02 वर्षीय होम्योपैथिक फार्मेसी में डिप्लोमा, साथ ही किसी संस्था से महीने का होम्योपैथिक प्रशिक्षण प्राप्त किया हो।
    • होम्योपैथिक मेडिसिन बोर्ड मैं पंजीकरण होना अनिवार्य है।
  2. आयु सीमा:
    • न्यूनतम आयु: 21 वर्ष
    • अधिकतम आयु: 40 वर्ष
    • आरक्षित श्रेणियों के लिए आयु सीमा में नियमानुसार छूट दी जाएगी।
  3. अनुभव:
    • संबंधित क्षेत्र में अनुभव रखने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी।

आवेदन प्रक्रिया:

  1. आवेदनका प्रकार: ऑनलाइन (ONLINE)
    • उम्मीदवार उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की आधिकारिक वेबसाइट upsssc.gov.in पर जाकर ही ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
    • आवेदन पत्र को सही-सही भरें और आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करें।
  2. आवेदन शुल्क: अभ्यर्थियों से आवेदन के स्तर पर सिर्फ ऑनलाइन प्रक्रिया शुल्क रूपए 25.00 ही लिया जायेगा, मुख्य परीक्षा हेतु शॉर्टलिस्ट होने की दशा मैं मुख्य परीक्षा हेतु परीक्षा शुल्क अलग से देय होगा।

चयन प्रक्रिया:

  1. लिखित परीक्षा:
    • चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा शामिल होगी। परीक्षा का पाठ्यक्रम और परीक्षा पैटर्न आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध होगा।
  2. दस्तावेज़ सत्यापन:
    • लिखित परीक्षा में सफल उम्मीदवारों के दस्तावेज़ सत्यापित किए जाएंगे।
  3. अंतिम चयन:
    • लिखित परीक्षा और दस्तावेज़ सत्यापन के आधार पर अंतिम चयन सूची जारी की जाएगी।

महत्वपूर्ण लिंक्स:

  1. अधिक जानकारी के लिए विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर लॉगिन करें
  2. आवेदन प्रक्रिया सम्बन्धी निर्देश के लिए यहाँ क्लिक करें
  3. विज्ञापन देखने या इससे सम्बंधित समस्त जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें

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भीषण सड़क हादसा: सड़क पर मौत का तांडव, 18 लोगों की दर्दनाक मौत..

उन्नाव में तेज रफ्तार डबलडेकर बस कंटेनर से टकराई, हुआ भीषण सड़क हादसा.

उन्नाव में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर बुधवार की सुबह कई घरों के लिए बड़ा ही दुःखद समाचार लेकर आयी, यहाँ हुए भीषण सड़क हादसे मैं कुल 18 यात्रियों की मौत हो गई है. इसमें 14 पुरुष, 3 महिलाएं और एक बच्चा शामिल है. यह हादसा अनियंत्रित डबल डेकर बस के दूध कंटेनर में पीछे से घुसने के कारण हुआ है.

घटना की सूचना पर सम्बंधित थाने की पुलिस द्वारा तत्काल मौके पर पहुंच कर तुरंत ही सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया गया, वहीं हादसे मैं अपनी जान गवां चुके लोगों के पार्थिव शरीर को कब्जे में लेकर आगे की कार्यवाही के लिए भिजवाया गया. मौके पर उन्नाव के पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी बांगरमऊ एवं अन्य थानों का पुलिस बल मौजूद रहा.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे पर तुरंत संज्ञान लिया है. उन्होंने मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की, साथ ही घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की है. योगी आदित्यनाथ ने उच्च अधिकारियों को घटनास्थल पर तत्काल पहुंचने और सही कदम उठाएं निर्देश भी जारी किए तथा घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर उनके समुचित उपचार के निर्देश दिए जिला प्रशासन के अधिकारियों को दिये.

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी भीषण थी कि बस के दो हिस्से हो गये और टैंकर भी पलट गया, दृश्य काफी डरावना था, हर जगह बस लाशें और घायल ही नजर आ रहे थे और वातावरण चीखों से गूंज रहा था


यूपी के परिवहन मंत्री ने भी इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है. उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से पोस्ट करते हुए लिखा, “जनपद उन्नाव में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर सड़क दुर्घटना में हुई जनहानि अत्यंत दुखद है. मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं. जिला प्रशासन व परिवहन विभाग के अधिकारियों को सभी घायलों के समुचित उपचार हेतु निर्देश दे दिए गए हैं. ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति एवं घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करता हूं.”

प्रशिक्षित कृषि उद्यमी स्वावलम्बन (एग्रीजंक्शन) योजना में कृषि स्नातकों को स्वरोजगार के अवसर..

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के किसानों की आर्थिक स्थिति को सुधारने और कृषि को एक लाभकारी व्यवसाय बनाने के उद्देश्य से प्रशिक्षित कृषि उद्यमी स्वावलम्बन (एग्रीजंक्शन) योजना की शुरुआत की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य कृषि उत्पादकता बढ़ाना, युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करना और कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देना है। आइए इस योजना के मुख्य बिंदुओं पर एक नज़र डालते हैं:

योजना का परिचय:

  • योजना का नाम: प्रशिक्षित कृषि उद्यमी स्वावलम्बन योजना (एग्रीजंक्शन)
  • लॉन्च: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा
  • उद्देश्य: कृषि उत्पादकता बढ़ाना, युवाओं को कृषि उद्यमिता में प्रोत्साहित करना, और कृषि क्षेत्र में रोजगार सृजन।
  • लिंक: क्लिक करें

योजना की विशेषताएँ:

  1. प्रशिक्षण कार्यक्रम: किसानों और कृषि उद्यमियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनमें कृषि की नवीनतम तकनीकों और प्रथाओं के बारे में जानकारी दी जाती है।
  2. वित्तीय सहायता: कृषि उद्यमियों को आवश्यक वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है, जिससे वे अपने कृषि उद्यम को शुरू कर सकें और सफलतापूर्वक संचालित कर सकें।
  3. तकनीकी सहायता: आधुनिक कृषि उपकरणों और तकनीकों के उपयोग के लिए तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
  4. मार्केटिंग सपोर्ट: किसानों को उनके उत्पादों के विपणन में सहायता प्रदान की जाती है, जिससे वे अपने उत्पादों को बेहतर कीमत पर बेच सकें।
  5. सहयोगी नेटवर्क: योजना के तहत किसानों को एक दूसरे के साथ नेटवर्क बनाने और अनुभव साझा करने का अवसर मिलता है।

आवेदन प्रक्रिया:

  1. पंजीकरण: इच्छुक किसानों और युवाओं को एग्रीजंक्शन पोर्टल पर पंजीकरण करना होगा।
  2. आवेदन पत्र: पंजीकरण के बाद, आवेदन पत्र भरकर आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करने होंगे।
  3. चयन प्रक्रिया: आवेदन पत्र की समीक्षा के बाद पात्र आवेदकों का चयन किया जाएगा।
  4. प्रशिक्षण: चयनित आवेदकों को प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने का मौका मिलेगा।
  5. वित्तीय सहायता: प्रशिक्षण के बाद, आवश्यक वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।

योजना से संबंधित जरूरी निर्देश:

1. पात्रता:


1. आवेदक उत्तर प्रदेश का मूल निवासी हो.
2. मान्यताप्राप्त विश्व विद्यालय से कृषि विषय से स्नातक हो.
3. आयु 40 वर्ष से अधिक न हो (अनुसूचित जाति जनजाति व महिलाओं के लिए 05 वर्ष की छूट है).
2. चयन प्रक्रिया:
जनपद स्तर पर जिला अधिकारी/मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा चयन.
3. आवेदन की प्रक्रिया:

चयन के लिए आवेदन पत्र का निर्धारित प्रारूप विभाग की वेबसाइट https://upagripardarshi.gov.in/ से डाउनलोड करें या जनपद के यूपी कृषि निदेशक कार्यालय से प्राप्त कर समस्त वंचित अभिलेख/प्रमाण पत्र संलग्नन कर आवेदन किया जा सकता है।
4. आवेदन की अंतिम तिथि:

जनपद के उप कृषि निदेशक कार्यालय में आवेदन फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि 15-07-2024 है, साथ ही आवेदन करने का कोई शुल्क नहीं देना होगा

मुख्य उद्देश्य:

  1. कृषि उद्यमिता को प्रोत्साहन: किसानों और युवाओं को कृषि क्षेत्र में उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित करना।
  2. आधुनिक तकनीकों का प्रयोग: कृषि में आधुनिक और उन्नत तकनीकों के प्रयोग को बढ़ावा देना।
  3. रोजगार सृजन: ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर प्रदान करना।
  4. आर्थिक स्वावलम्बन: किसानों की आय में वृद्धि और उन्हें आर्थिक रूप से स्वावलम्बी बनाना।

साथ ही किसानों को उनके फसल उत्पादन के लिए कृषि केंद्र (एग्रीजंक्शन) के बैनर तले सारी सुविधाएं “वन स्टॉप शॉप” के माध्यम से उपलब्ध कराना है। इन कृषि केन्द्रों (वन स्टॉप शॉप) के माध्यम से निम्न सेवाएँ को एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था होगी:

  1. उच्च गुणवक्ता के बीज, उर्वरक, जैव उर्वरक, वर्मी कम्पोस्ट, कीटनाशक एवं समस्त कृषि निवेश की आपूर्ति.
  2. प्रसार सेवायें कृषि प्रक्षेत्र निर्देशन.
  3. मृदा स्वास्थ्य कार्ड पर संस्तुत उर्वरक एवं खाद की संतुलित मात्रा के बारे में किसानो को मार्गदर्शन देना.
  4. लघु कृषि यंत्रों को किराये पर उपलब्ध कराये जाने की व्यवस्था.
  5. नवीन तकनीकी की जानकारी.
  6. विभिन्न कृषि योजनाएं जैसे प्रधान मंत्री फसल बीमा योजना आदि के संबंध में परामर्शी सेवाएं दिए जाने का प्रचार.

उक्त के अतिरक्त एग्रीजंक्शन केंद्र द्वारा कृषि उपकरणों की मरम्मत, अनुरक्षण पशु आहार, कृषि उत्पादों एवं प्रसंस्कृत कृषि उत्पादों की बिक्री, एवं कृषि उत्पाद, मौसम/विपणन व अन्य संबंधित सूचनाएँ उपलब्ध कराने जैसे कार्य भी किये जायेंगे।


इस योजना से सम्बंधित सभी जानकारियों के लिए विभाग वेबसाइट पर जायें अथवा इस लिंक क्लिक करें।

अखिलेश यादव: जनता पूछ रही है, कोई है ?

समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर एक मीडिया रिपोर्ट साझा की है, जिसमें सीज गाडिया छुड़ाने के फर्जीवाड़े का पर्दाफ़ाश किया गया है।

अपनी पोस्ट में अखिलेश ने प्रदेश सरकार के लिए लिखा “यूपी में भाजपा सरकार के तहत जालसाज़ी का एक और ‘महाकाण्ड, जिसमें बेख़ौफ़ अपराधियों ने जज और आरटीओ तक के फ़र्ज़ी दस्तावेज बनवाकर सीज की हुई गाड़ियों को छुड़वाने का गोरखधंधा चला रखा है। गृह मंत्री जी और परिवहन मंत्री जी की कोई जवाबदेही है कि नहीं?

जनता पूछ रही है , कोई है ?”

इस पोस्ट के बाद लोगों की मिश्रित प्रतिक्रिया आ रही है, अखिलेश समर्थक जहां इसे बीजेपी का घोटाला बता रहे हैं वहीं इसके विपरीत काफी सोशल मीडिया यूजर्स ने समाजवादी पार्टी से कुछ पुरानी खबरों की कटिंग के माध्यम से तीखे प्रश्न पूछ रहे हैं । कोई थाने की ज़मीन मजार के नाम करने वाले सेवा निवृत्त लेखपाल की गिरफ़्तारी के बारे में प्रश्न पूछ रहा है तो कोई अन्य विचार रख रहा है ।

हाथरस मैं प्रवचन के दौरान हुआ भीषण हादसा, भगदड़ मैं 100 से ज्यादा मृत असंख्य घायल

उत्तर प्रदेश के जिला हाथरस के थाना सिकंदराराऊ क्षेत्र के गांव फुलराई मैं 02 जुलाई 2024 को आज प्रवचक भोले बाबा के प्रवचन के दौरान हुई भगदड़ मैं 100 से ज्यादा लोगो ने दबने, कुचलने व सांस घुटने के कारण दम तोड़ दिया तथा असंख्य लोग हताहत हुए हैं.

प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रवचन समाप्त होने के उपरांत जब लाखों की संख्या मे पहुंची श्रद्धालुओं की भीड़ जब वापस लौटने लगी तभी प्रवचक भोले बाबा के काफिले के लिए जाने का रास्ता बनाने के दौरान चरण रज लेने को उत्साहित भीड़ में अचानक भगदड़ मच गई और सारी व्यवस्था को ध्वस्त करते हुए भीड़ बेकाबू हो गयी जिसकी वजह से ये दर्दनाक हादसा हुआ.

घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन हरकत मैं आ गया और लोगों के साथ मिलकर घायलों को अस्पताल और मृतकों को शवगृह भिजवाने का कार्य शुरू हुआ। इस घटना पर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने तत्काल एक्शन लेने के निर्देश दिए तथा प्रदेश के 03 मंत्री, मुख्य सचिव व डीजीपी को तुरंत वहां पहुंच कर हालात का जायजा लेने को भेजा साथ ही घायलों के उपचार व मृतकों को उचित मुआवजा देने का निर्देश दिया वहीं घटना की जांच के लिये कमेटी का गठन कर शीघ्रता से गहन जांच के आदेश दिए, योगी ने कहा कि किसी भी सूरत में दोषियों को बक्शा नहीं जायेगा.

योगी ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना:मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज हाथरस पहुंचे हैं और घायलों से भी मुलाकात कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और हम यह सुनिश्चित करेंगे कि मृतकों और घायलों को समय पर मुआवजा मिले.

घटना के दौरान प्रशासन के हाथ पैर फूले नजर आए, जहां एक ओर अस्पतालों मैं स्ट्रेचर का अभाव नजर आया वहीं एम्बुलेंस की कमी होने के कारण घायलों को टेम्पो और ऑटो का सहारा लेना पड़ा, प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार त्रासदी इतनी भीषण थी कि हर जगह बस लाशें और घायल ही नजर आ रहे थे और वातावरण चीखों से गूंज रहा था. देर रात तक लोग अपने परिवारीजनों को तलाशते नजर आए.

सवाल ये भी उठता है कि इतने बड़े स्तर पर जुटने वाली भीड़ के लिए प्रबंधको ने क्या इंतजाम कर रखे थे ? और क्या इतनी भीड़ के लिए प्रशासन से जरूरी परमिट आदि लिए गए थे या नही? क्या किसी भी अप्रिय घटना से निबटने के कोई प्रबंध पहले से किये गए थे या फिर सिर्फ खानापूरी करके इतिश्री कर कर दी गयी. साथ ही क्या प्रशासन की तरह से कोई एडवाइजरी जारी की गई थी या नही और अगर हां तो उसपर क्या एक्शन लिया गया, इस बाबत जानकारी करने पर अभी जांच होने बाद का बहाना बनाकर पल्ला झाड़ लिया गया है.

खबर लिखे जाने तक आयोजकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है और आगे की कानूनी कार्रवाई चल रही है.

सम्मान दिवस के रूप में मनाया महाराजा सूरजमल का बलिदान दिवस.

जाट समाज की विभूतियों और मेधावियों का किया सम्मान
मथुरा। महाराजा सूरजमल स्मृति न्यास द्वारा सौंख रोड स्थित होटल बीपी एमराल्ड में हिंदू हृदय सम्राट, भरतपुर के संस्थापक अजेय महाराजा सूरजमल का 260 वां बलिदान दिवस मनाया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सत्यप्रिय आर्य, विवेक प्रिय आर्य, अर्चना प्रिय आर्य, मनोज आर्य द्वारा वैदिक हवन करवाया गया। इस अवसर पर जाट समाज की विभूतियों के साथ मेधावियों को सम्मान पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। समाज की विभूतियों एवं मेधावियों को जिला पंचायत अध्यक्ष किशन चौधरी, पूर्व विधायक प्रणतपाल सिंह तथा डीपीआरओ बुलंदशहर डा प्रीतम सिंह द्वारा सम्मान पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वाली विभूतियों में कैप्टन प्रताप सिंह वर्मा जाट शिरोमणि, उद्योगपति सूरजपाल सिंह, कैप्टन पुरन सिंह, सत्यपाल सिंह, अखिलेश चौधरी, पूर्व विधायक प्रताप चौधरी को जाट केसरी, वर्षा चाहर, ऋचा चौधरी, सोनिया सिंह, पल्लवी चाहर, प्राची चाहर को जाट गरिमा तथा कर्नल प्रमोद सोलंकी, डा मेजर अजीत सिकरवार, डा रंजीत चौधरी, डा राहुल चौधरी, पायलट सचिन ठैनुआ, लेफ्टी.राहुल सिंह, लेफ्टी.अमन ठैनुआ, लेफ्टी. अभिषेक कुमार, लेफ्टी. तुषार श्योरान, लेफ्टी. आदित्य चौधरी, राहुल चौधरी, पुनीत चौधरी, यश चिकारा,डा राहुल चौधरी, पंकज सिकरवार, अतुल चौधरी, अनिल देव फौजदार आरएएस, आईआईटियन हर्ष चौधरी, पहलवान सौरभ सिकरवार, नरेंद्र कुमार सिंह, लेफ्टी. गौरव सिकरवार, भारतीय विदेश सेवा के आदित्य चौधरी, गजेंद्र सिंह, विशाल कुंतल, धर्मेश चौधरी को जाट रत्न की उपाधि से अलंकृत किया गया।
जिला पंचायत अध्यक्ष किशन चौधरी ने समाज की एकता पर बल देते हुए महाराजा सूरजमल के व्यक्तित्व से सीख लेने की बात कही। उन्होंने इस प्रकार के आयोजन वर्ष में कम से कम चार बार करने का आग्रह भी न्यास से किया। डीपीआरओ बुलंदशहर प्रीतम सिंह ने शिक्षा के महत्व पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए युवाओं को आगामी हजार वर्ष का प्लान समझाया। उपस्थित जनसमूह को पूर्व विधायक प्रणतपाल सिंह, पूर्व मंत्री चौ.सरदार सिंह, डा अर्चना प्रिय आर्य, भागवत कथावाचक देवी शैलकिशोरी, पार्षद तिलकवीर चौधरी आदि ने संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन न्यास के ट्रस्टी व महासचिव चौधरी विजय आर्य ने तथा धन्यवाद न्यास के अध्यक्ष आर बी चौधरी ने दिया। इस अवसर पर क्षत्राणि ग्रुप की अध्यक्ष सुजाता चौधरी, टैरो कार्ड रीडर प्रतिमा सिंह, हेमलता चौधरी आदि ने महिलाओं के हित में कार्यक्रम आयोजन करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में सुजीत चौधरी, किसान नेता राजकुमार तोमर, एड.उमाशंकर सिंह, शिक्षाविद सूरजपाल सिंह, जगवीर चौधरी, हितेंद्र चौधरी, हरपाल सिंह, अमित सिकरवार, पवन चौधरी आदि प्रमुख सहयोगी रहे वहीं चंद्रभान प्रधान, कुश्ती कोच ब्रजमोहन सिंह, सनसवीर सिंह, वीके सिंह, प्रधान सत्यवीर सिंह, सूबे. मेजर वीरेंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह, डा भंवर सिंह चौधरी, योगेंद्र सिंह फौजदार, मानवेंद्र कुमार, सुभाष चौधरी, पार्षद अभिजीत चौधरी, प्रधान मगोर्रा चंद्रपाल कुंतल, भारतीय जाट महासभा जिलाध्यक्ष राजेश चौधरी, कर्मवीर छौंकर, मौनी ताऊ, सत्यपाल सिंह, मुकेश चौधरी, अरविंद चौधरी, पुनीत चौधरी, भानुप्रताप सिंह आदि सैकड़ों की संख्या में उपस्थित रहे.