दिल्ली से 160 किलोमीटर दूर और भारत के उत्तर प्रदेश राज्य में स्थित है लीलाधर भगवान श्री कृष्ण की जन्मस्थली ‘मथुरा’, जो न सिर्फ बृज मंडल का प्रमुख शहर है अपितु अपने आध्यात्मिक और पौराणिक महत्व के लिए भी जाना जाता है। इसे भारत की सात पुरानी नगरियों (सप्तपुरियों) में से एक माना जाता है और यह पौराणिक काल से धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक रहा है।
विषय सूची:
बृज मंडल और धार्मिक आस्था
बृज मंडल, उत्तर प्रदेश के मथुरा के आसपास फैला हुआ वो पवित्र तीर्थस्थल है, जो लीलाधर भगवान श्रीकृष्ण के बचपन और उनके द्वारा की गयी लीलाओं का साक्षी रहा है। इस समस्त क्षेत्र को “बृज भूमि” के नाम से भी जाना जाता है और इसमें मथुरा, वृंदावन, गोवर्धन, गोकुल, बरसाना, नंदगांव, राधाकुंड, दाऊजी आदि प्रमुख स्थान शामिल हैं। यहाँ के क्षेत्रवासियों को ‘बृजवासी’ कहा जाता है। समस्त बृज मंडल 84 कोस मैं फैला हुआ है, जहाँ पग पग मैं भगवान श्रीकृष्ण, जिनको बृजवासी स्नेह से कान्हा या लल्ला कहकर सम्बोधित करते है की लीलाओं के सबूत आज भी देखने को मिलते हैं। बृज यात्रा का महत्व भक्ति और धार्मिक आस्था से जुड़ा हुआ है। यहाँ की यात्रा करते समय श्रद्धालु विभिन्न कुंडों में स्नान करते हैं, मंदिरों के दर्शन करते हैं। यह यात्रा भगवान श्रीकृष्ण की दिव्यता और उनके अनोखे प्रेम और लीलाओं की याद दिलाती है। बृज भूमि में भ्रमण करने से मनुष्य को मानसिक शांति और आध्यात्मिक आनंद की प्राप्ति होती है।
मथुरा का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व
मथुरा का इतिहास हजारों साल पुराना माना जाता है। यह स्थान महाभारत, श्रीमद्भागवत पुराण और विष्णु पुराण जैसे कई धार्मिक ग्रंथों में वर्णित है, पूर्व मैं इसे मधुपुरी या मधुरा भी कहा जाता था। इस भूमि पर ही भगवान श्रीकृष्ण ने जन्म लिया और इसके पश्चात् अपने अत्याचारी मामा, कंस का वध कर मथुरा को उसकी क्रूरता से मुक्त किया था। भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि के कारण ही मथुरा की विशेष धार्मिक प्रतिष्ठा है और यहाँ का कृष्ण जन्मभूमि मंदिर भक्तों का प्रमुख आकर्षण है। यह नगर श्री कृष्ण कीबाल लीलाओं, राधा कृष्ण के अप्रतिम प्रेम, महारास एवं उनके आध्यात्मिक ज्ञान के कारण सम्पूर्ण विश्व मैं अपना अलग अस्तित्व बनाये हुए है। आइए जानते हैं कि मथुरा में आपको क्या देखना चाहिए, ठहरने के क्या स्थान हैं, यहां का प्रसिद्ध खान-पान क्या है और यहाँ से आप क्या खरीद सकते हैं।
मथुरा के प्रमुख दर्शनीय स्थल
कृष्ण जन्मभूमि मंदिर: यह स्थान भगवान श्रीकृष्ण का पवित्र जन्मस्थान माना जाता है। यह मंदिर अत्यंत श्रद्धा का केंद्र है, जहां सालभर देश-विदेश से भक्त आते हैं। यह मंदिर वास्तुकला की दृष्टि से भी अद्भुत है। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव (जन्माष्टमी) पर यहाँ विशेष भव्य आयोजन होता है, जिसमें झांकियां, भजन-कीर्तन और रासलीलाएं होती हैं।
पोतरा कुंड: मथुरा में स्थित एक पवित्र जलाशय है, जिसे भगवान श्रीकृष्ण के स्नान स्थल के रूप में माना जाता है। मान्यता है कि श्रीकृष्ण ने यहां अपनी बाल लीलाओं के दौरान स्नान किया था। इसे भगवान कृष्ण द्वारा अपनी बाल सखाओं के साथ पानी में खेलते समय शुद्ध करने का प्रतीक भी माना जाता है। यह कुंड वास्तुकला और धार्मिक महत्व की दृष्टि से अद्वितीय है और हर वर्ष यहां हजारों श्रद्धालु आते हैं।
द्वारकाधीश मंदिर: मथुरा का एक प्रमुख और ऐतिहासिक मंदिर है, जो भगवान कृष्ण के द्वारकाधीश (द्वारका के राजा) स्वरूप को समर्पित है। यह मंदिर अपनी भव्य वास्तुकला और धार्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। मंदिर में भगवान कृष्ण की मूर्ति को राधारानी के साथ स्थापित किया गया है। जन्माष्टमी और होली के अवसर पर यहां विशेष रूप से भीड़ होती है, और भव्य झांकियां, फूलों की सजावट, और भक्ति संगीत का आयोजन होता है।
विश्राम घाट: मथुरा का एक पवित्र घाट है, जो यमुना नदी के किनारे स्थित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण ने कंस का वध करने के बाद यहाँ विश्राम किया था, इसी कारण इसे “विश्राम घाट” कहा जाता है। यहाँ पर यमुना आरती का आयोजन होता है, जो एक प्रमुख आकर्षण है और जिसमें भाग लेकर श्रद्धालु अद्वितीय आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त करते हैं। यहाँ का वातावरण दिव्यता से भरपूर होता है, विशेषकर शाम के समय जब दीप और मंत्रोच्चार से घाट की शोभा बढ़ जाती है।
कंस किला: यमुना नदी के पास एक ऊँचे स्थान पर स्थित है। हालांकि समय के साथ किले का अधिकतर हिस्सा नष्ट हो गया है, लेकिन आज भी इसके अवशेष इसकी प्राचीनता और महाभारतकालीन वास्तुकला को दर्शाते हैं। इसकी दीवारों और संरचनाओं में मथुरा की स्थापत्य शैली का प्रभाव देखने को मिलता है, जो पर्यटकों और इतिहासकारों को आकर्षित करता है।
भूतेश्वर महादेव मंदिर: माना जाता है कि यह मंदिर अत्यंत प्राचीन है और इसका संबंध महाभारत काल से है। कहते हैं कि भगवान शिव ने स्वयं मथुरा को अपनी कृपा से विभूषित किया था और इस क्षेत्र को सुरक्षित रखने का संकल्प लिया था। “भूतेश्वर” नाम इसलिए पड़ा क्योंकि यह माना जाता है कि भगवान शिव ने यहाँ अपनी दिव्य शक्ति से भूतों, प्रेतों और नकारात्मक शक्तियों का नाश किया था।
गलतेश्वर महादेव मंदिर: मथुरा का गलतेश्वर महादेव मंदिर पुराने समय की भारतीय स्थापत्य शैली का एक उदाहरण है। इसे देखने पर यह किसी प्राचीन महाकाव्य के दृश्य जैसा प्रतीत होता है, जहाँ पत्थरों पर बारीकी से की गई नक्काशी और सुंदर खंभों की संरचना इसकी ऐतिहासिकता और धार्मिकता को प्रदर्शित करती है।
रंगेश्वर महादेव मंदिर: मंदिर की स्थापना और इसकी पौराणिक महत्ता से जुड़ी कहानियाँ मथुरा की धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को और भी विशेष बनाती हैं। माना जाता है कि यह मंदिर सैकड़ों वर्षों पुराना है और यहाँ भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए भक्तगण दूर-दूर से आते हैं।
होलीगेट: मथुरा का एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान है। यह मथुरा शहर के मध्य में स्थित एक मुख्य प्रवेश द्वार है, जो न केवल यहाँ के निवासियों के लिए बल्कि तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के लिए भी एक आकर्षण का केंद्र है। होलीगेट का निर्माण कई शताब्दियों पहले किया गया था और यह मथुरा की प्राचीन वास्तुकला और सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है।
यमुना विहार: यमुना जी जिसे बृजवासी जमुना मैया के नाम से भी सम्बोधित करते हैं, मथुरा की जीवनरेखा का बहुत ही अभिन्न हिस्सा है, यह मोक्षदायिनी नदी मथुरा के धार्मिक और सांस्कृतिक इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखती है। माना जाता है कि यमुना में स्नान करने से पापों से मुक्ति मिलती है, और मथुरा में आने वाले तीर्थयात्री इस पवित्र नदी में स्नान कर स्वयं को धन्य मानते हैं। यमुना नदी के किनारे कई प्रसिद्ध घाट स्थित हैं, यहाँ शाम को होने वाली यमुना आरती देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्र होते हैं। साथ ही वो नावों मैं सवार होकर युमना विहार का आनंद भी प्राप्त कर सकते हैं।
मथुरा का संग्रहालय: मथुरा संग्रहालय की स्थापना 1874 में हुई थी, और इसे भारत के प्रसिद्ध वायसराय लॉर्ड कर्ज़न ने प्रोत्साहन दिया था। इस संग्रहालय का उद्देश्य भारतीय उपमहाद्वीप के पुरातात्विक, ऐतिहासिक, और सांस्कृतिक धरोहर को सहेजना और संरक्षित करना था। यह संग्रहालय बृज क्षेत्र की अद्वितीय कला शैली के संग्रह को प्रदर्शित करता है और इसे भारत के सबसे महत्वपूर्ण संग्रहालयों में गिना जाता है। यहाँ विभिन्न कालों की दुर्लभ और कीमती मूर्तियां (गुप्त, कुषाण और शुंग काल) की अनमोल मूर्तियां हैं, कुषाण और मौर्य काल के विभिन्न धातु के सिक्के, टेराकोटा कला, चित्रकला, और विभिन्न शिल्पकला के नमूने संजोए गए हैं।
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इसके अलावा आप मथुरा के आसपास के क्षेत्रों जैसे वृन्दावन, गोवर्धन, बरसाना, नंदगाव, गोकुल, महावन,दाऊजी आदि का भ्रमण कर कृष्ण लीलाओं का आनंद प्राप्त कर सकते हैं।
मथुरा के प्रमुख उत्सव और त्योहार
मथुरा हो या वृंदावन या फिर बृजमण्डल का कोई भी स्थान, यहाँ पर हिन्दुओं के सभी त्यौहार और उत्सवों को धूमधाम से मानाने की परंपरा रही है, पर श्रीकृष्ण की भक्तिभाव की अधिकता के कारण कुछ त्योहारों पर यहाँ का उल्लास और यहाँ की छठा अलग ही होती है।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्सव: भगवान श्रीकृष्ण के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में मनाया जाने वाला एक प्रमुख हिंदू त्यौहार है। जन्माष्टमी पर भक्तजन पूरे दिन व्रत रखते हैं और रात में अर्धरात्रि के समय भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना करते हैं। मथुरा, वृंदावन, द्वारका, और इस्कॉन मंदिरों में जन्माष्टमी का उत्सव बहुत धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन मंदिरों में झाँकियाँ सजाई जाती हैं, जिनमें श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का मंचन किया जाता है।
राधाष्टमी उत्सव: बृज मैं राधाष्टमी का उत्सव बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। यह राधाजी के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है और इस दिन यहां लाखों श्रद्धालु आते हैं। मंदिरों में विशेष पूजा और आरती का आयोजन किया जाता है, और भव्य झांकियां सजाई जाती हैं।
मथुरा की होली: मथुरा की होली का इतिहास भगवान श्रीकृष्ण और उनकी राधा के साथ जुड़े हुए अनेक पौराणिक किस्सों और लीलाओं से जुड़ा हुआ है। मथुरा और वृंदावन में श्रीकृष्ण ने अपनी युवावस्था में राधा और अन्य गोपियों के साथ होली खेली थी। कृष्ण की रासलीला में रंगों से खेलना और प्रेम का आदान-प्रदान एक महत्वपूर्ण भाग था। मथुरा में होली का त्योहार कृष्ण और राधा के प्रेम और भक्ति का प्रतीक है, जिसमें रंगों का महत्व प्रेम और एकता के प्रतीक के रूप में है। मथुरा में रंगों की होली खेली जाती है, जहाँ स्थानीय लोग और पर्यटक मिलकर गुलाल उड़ा कर एक-दूसरे पर रंग लगाते हैं।
गोवर्धन पूजा: दीपावली के अगले दिन मनाया जाने वाला त्यौहार है और इसे भगवान श्रीकृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत उठाने की लीला से जोड़ा जाता है। मान्यता है कि भगवान कृष्ण ने गोकुलवासियों की रक्षा के लिए इंद्र देव के प्रकोप से बचाने हेतु अपनी छोटी उंगली पर गोवर्धन पर्वत उठाया था। इस दिन लोग गोबर से गोवर्धन पर्वत का प्रतीक बनाकर उसकी पूजा करते हैं और अन्नकूट का आयोजन करते हैं।
यमुना जी का चुनरी मनोरथ: मथुरा, वृंदावन में यमुना जी का चुनरी मनोरथ एक अत्यंत भव्य और श्रद्धापूर्ण धार्मिक अनुष्ठान है। इस विशेष पूजा में भक्तगण यमुना मैया को चुनरी अर्पित करते हैं, जिसमें उनकी श्रद्धा, भक्ति, और कृतज्ञता का भाव होता है। यमुना जी को माता का स्वरूप माना जाता है, और चुनरी चढ़ाकर भक्त उन्हें सम्मान और प्रेम अर्पित करते हैं। चुनरी मनोरथ के समय यमुना का दृश्य अत्यंत मनोहारी और आस्था से भरा होता है। सैकड़ों रंगीन चुनरियाँ यमुना के जल पर बहती हुई एक अलौकिक छटा प्रस्तुत करती हैं। इस आयोजन में दूर-दूर से श्रद्धालु भाग लेने आते हैं और यमुना मैया के प्रति अपनी आस्था प्रकट करते हैं।
मथुरा पंचकोशीय परिक्रमा: यह एक अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण धार्मिक यात्रा है, जो विशेषकर अक्षय नवमी के अवसर पर लगायी जाती है और जो मथुरा नगरी में स्थित विभिन्न धार्मिक स्थलों, मंदिरों और घाटों को नमन करने का अवसर देती है। यह परिक्रमा भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा में उनके जीवन और लीलाओं से जुड़े स्थलों के दर्शन के लिए की जाती है। मथुरा परिक्रमा श्रद्धालुओं के लिए भक्ति, पुण्य और आध्यात्मिकता का विशेष अनुभव है, जो उनके जीवन में धार्मिक संतोष और आशीर्वाद लाता है। बृज मै कई प्रचलित परिक्रमा हैं जिनमे भक्तगण समय समय पर भाग लेते हैं, जिसमे मुख्य रूप से बृज चौरासी कोस परिक्रमा, एक वन या तीन वन की परिक्रमा, गोवर्धन की परिक्रमा, बरसाने की परिक्रमा और मथुरा की पंचकोशीय परिक्रमा शामिल हैं।
कंस वध मेला: मथुरा के चतुर्वेदी समाज द्वारा आयोजित किया जाने वाला एक प्रमुख धार्मिक उत्सव है, जो हर साल कृष्ण जन्माष्टमी के बाद मनाया जाता है। यह मेला भगवान श्री कृष्ण के राक्षस राजा कंस द्वारा बंदी बनाए जाने और कृष्ण के द्वारा कंस का वध करने के महाकाव्य को समर्पित होता है। इस दिन चतुर्वेदी समाज द्वारा कंस का प्रतीकात्मक पुतला शहर मैं घुमाया जाता है और बाद मैं उसे लाठी डंडों से पीटा जाता है, मेला के दौरान रासलीला, सांस्कृतिक कार्यक्रम, और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाते हैं।
मथुरा-वृंदावन से खरीदने योग्य वस्तुएं
बृजमण्डल विशेषकर मथुरा और वृंदावन, भगवान कृष्ण की जन्मभूमि और बाल्यकाल की लीला स्थली, अपने धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के लिए प्रसिद्ध हैं। यहां की कुछ विशेष वस्तुएं हैं, जिन्हें आप खरीद सकते हैं:
राधा-कृष्ण की मूर्तियाँ: मथुरा, वृंदावन में भगवान कृष्ण की विविध प्रकार की मूर्तियाँ मिलती हैं। आप लकड़ी, पत्थर या धातु की बनी मूर्तियाँ खरीद सकते हैं। ये मूर्तियाँ घर की पूजा के लिए विशेष रूप से लोकप्रिय हैं।
पेंटिंग और चित्र: मथुरा, वृंदावन की कला में लघु चित्रण का बड़ा महत्व है। यहां के कलाकारों द्वारा बनाई गई पेंटिंग्स, विशेष रूप से राधा-कृष्ण की लीलाओं पर आधारित, बहुत सुंदर होती हैं। ये कला के प्रेमियों के लिए बेहतरीन उपहार हो सकती हैं।
ठाकुरजी की पोशाक एवं श्रृंगार: पूरे बृजमण्डल मैं आपको ठाकुरजी (भगवान श्रीकृष्ण) की और राधारानी की खूबसूरत और मनोहारी पोशाकें तथा उनके श्रृंगार के लिए एक से बढ़कर एक वस्तुएं मिल जाएँगी, जिन्हे सिर्फ देश ही नहीं बल्कि विदेशों तक से शृद्धालु बड़े ही प्रेमपूर्वक ले जाते हैं।
कंठी-माला और पूजा सामग्री: बृजमण्डल मैं आपको कंठी-माला और पूजा सामग्री भी हर जगह मिल जाएगी। यहाँ की तुलसी माला तो वैष्णवजनों मैं अत्यंत लोकप्रिय है, साथ ही पूजा के लिए विशेष सामग्री भी बृज मैं आने वाले लाखों भक्तजन बड़े चाव से खरीदकर ले जाते हैं।
अब बृजमण्डल की बात हो और खानपान पर चर्चा न की जाये, ये तो असंभव हैं क्योंकि बृज के लोग खानपान के बड़े प्रेमी माने जाते हैं और उस पर भी मिठाइएं के लिए तो हर बृजवासी आपको दीवाना मिलेगा। मथुरा की यात्रा के दौरान यहां के पारंपरिक व्यंजन और मिठाइयाँ ज़रूर चखनी चाहिए। वैसे तो आपको खाने के लिए पारम्परिक नार्थ इंडियन और साउथ इंडियन भोजन बहुतायत मैं उपलब्ध है, पर जब यहां के स्थानीय भोजन की बात की जाती है तो आप निम्न व्यंजन का स्वाद लेना न भूलें
मथुरा के पेड़े: बृज मैं आये और पेड़े नहीं खाये तो क्या ही खाया, वैसे तो बृज मैं इतने प्रकार की मिठाइयां मिलती हैं की आप सोच भी नहीं सकते पर इनमे सबसे प्रमुख हैं, मथुरा के पेड़े जो देश ही नहीं विदेशों तक मशहूर हैं और इनका स्वाद आपको इन्हे भूलने नहीं देगा। तो जब भी बृजमण्डल मैं आएं तो यहाँ के पेड़े खाना और साथ ले जाना कभी न भूलें। वैसे तो श्रद्धालुगण ‘बृजवासी मिठाई वाले’ की मिठाइयां ही खरीदना पसंद करते हैं पर शहर मैं आपको शंकर मिठाईवाला, कालीचरण, भरतपुरिया, रमन हलवाई, राधिका स्वीट्स आदि से भी बेहतरीन मिठाइयां खाने को मिलती हैं।
जलेबी, कचौड़ी और आलू का झोल (सब्जी): यह बृजवासियों का प्रमुख नाश्ता है जिसके बिना बृजवासी दिन की शुरुवात की कल्पना भी नहीं करना चाहेंगे, यह मथुरा और पूरे बृजमण्डल मैं आपको स्थानीय दुकानों और खाने की जगहों पर बड़ी ही आसानी से मिलता है। गरमागरम कचौड़ी के साथ आलू का झोल (सब्जी) और साथ मैं गरम जलेबी की मिठास का स्वाद आपको हमेशा याद रहेगा। वैसे तो सोशल मीडिया पर मथुरा के रूपा की कचौड़ी फेमस है पर अगर आप ओमा हलवाई, राधिका, भरतपुरिया, रमन हलवाई या फिर यादव की कचौड़ी का स्वाद लेंगे तो मजा दोगुना हो जायेगा।
दही की मीठी लस्सी: जलेबी, कचौड़ी के साथ अगर दही की ठंडी और मीठी लस्सी और पी ली जाये तो मानो सोने पर सुहागा। लस्सी खासतौर पर गर्मियों के दौरान बहुत पसंद की जाती है। यहाँ की मोटी मलाई वाली लस्सी का स्वाद आपको बरसाना और बृजमण्डल की यात्रा के दौरान एक अलग ताजगी का अनुभव देगा।
कढ़ाई वाला गर्म दूध: शाम को खाना खाने के बाद, मिटटी के कुल्लड़ मैं गर्मागर्म दूध पीने का अपना अलग ही आनंद है, अगर आप बृजमण्डल प्रवास पर हैं तो इसका स्वाद लेना न भूलें। ये दूध आपको गली मोहल्ले के नुक्कड़ की छोटी दुकानों पर बहुतायत मैं मिल जायेगा।
मक्खन और मिश्री: राधा और कृष्ण के प्रतीक के रूप में मक्खन और मिश्री का सेवन यहां की धार्मिक यात्रा का एक हिस्सा है। कई मंदिरों के पास यह आपको आसानी से उपलब्ध हो जाता है।
मेवा के लड्डू: विभिन्न प्रकार की मेवाओं व देसी घी ने निर्मित ये लड्डू बहुत प्रसिद्ध हैं। इन लड्डुओं का स्वाद बेहद खास होता है और यह यहां की एक विशिष्ट मिठाई है।
खुरचन: मथुरा की खुरचन का भी एक अलग ही अंदाज है, दूध की मलाई से बनी केसर-इलाइची युक्त ये मिठाई आपकी स्वाद ग्रंथियों को अलग ही आनंद देगी।
इसके अलावा भी आप बस नाम बताईये और आपकी पसंदीदा मिठाई आपके सामने हाजिर है, क्योंकि बृज मैं आपको बेहतरीन और स्वादिष्ट मिठाइयां बेचनेवाले और खानेवाले दोनों ही बहुतायत मैं मिल जायेंगे।
यात्रा का सर्वश्रेष्ठ समय
वैसे तो पूरे वर्ष ही आप मथुरा की यात्रा के लिए आ सकते हैं क्योंकि आध्यात्मिक नगरी होने के कारण यहाँ हर हिन्दू त्यौहार धूमधाम से मनाया जाता है, पर अगर आप यहाँ की होली का आनंद लेना चाहते हैं तो मार्च मैं आएं, जब यहां चहुंओर होली की धूम रहती हैं और विश्व प्रसिद्ध लट्ठमार होली होती है। और अगर कृष्ण जन्मष्टमी का हिस्सा बनना चाहते हैं तो अगस्त माह आपके लिए उपर्युक्त है, पर गोवर्धन पूजा का अवसर प्राप्त करने के लिए आपको अक्टूबर या नवंबर मैं आना पड़ेगा। वैसे नवंबर से मार्च के बीच का मौसम अत्यधिक ठंडा रहता है। इस समय आते समय गर्म कपडे लाना न भूलें अन्यथा आपको शीतलहर का प्रकोप झेलना पड़ सकता है। पूरे साल मैं आप कभी भी आएं, आपको यहाँ आकर आत्मिक और मानसिक शांति का अहसास जरूर मिलेगा और आप अपने को कृष्णरस मैं भीगने से बचा नहीं पाएंगे।
मथुरा कैसे पहुंचे?
मथुरा भारत के प्रमुख शहरों से सड़क, रेल और हवाई मार्ग द्वारा अच्छी तरह जुड़ा हुआ है:
वायु मार्ग: मथुरा का निकटतम हवाई अड्डा दिल्ली का इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है जो यहाँ से 160 किमी दूर है। वहां से आप टैक्सी या बस के माध्यम से मथुरा आसानी से पहुंच सकते हैं।
रेल मार्ग: मथुरा रेलवे स्टेशन भारत के प्रमुख शहरों से जुड़ा है और यहाँ से आपको तकरीबन हर जगह के लिए आने जाने की ट्रेन सुविधा मिल जाएगी। यहाँ से टैक्सी या ऑटो लेकर आसानी से शहर घूम सकते हैं।
सड़क मार्ग: मथुरा दिल्ली, आगरा, जयपुर और लखनऊ जैसे शहरों से अच्छी तरह सड़क मार्ग से जुड़ा हुआ है। आप आसानी से अपने निजी वहां से यहाँ पहुँच सकते हैं साथ ही यहाँ नियमित बस सेवा भी उपलब्ध है।
मथुरा में ठहरने के उत्तम स्थान
मथुरा में काफी धर्मशालाएं, गेस्ट हाउस और होटल उपलब्ध हैं, जो आपके बजट और सुविधा के अनुसार विकल्प प्रदान करते हैं। साथ ही आस-पास स्थित वृंदावन, गोकुल, बरसाना, गोवर्धन आदि में भी अच्छे होटल्स मिल जाते हैं। यहां पर आपको लक्ज़री से लेकर बजट होटल्स, होमस्टे, डोरमेट्री और धर्मशाला तक के कई विकल्प आसानी से मिलेंगे। पर अगर आप किसी त्यौहार पर आने का प्लान बना रहे हैं तो एडवांस बुकिंग करवाना अधिक सुविधाजनक रहेगा।
ध्यान रखने योग्य महत्वपूर्ण बातें
स्थानीय संस्कृति का सम्मान करें: धार्मिक नगरी होने के कारण यहाँ के लोग रीति-रिवाजों के प्रति बहुत आस्थावान हैं। इसलिए स्थानीय संस्कृति का सम्मान करना महत्वपूर्ण है।
पर्यावरण की सुरक्षा: यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता को बनाए रखने के लिए पर्यावरण का ध्यान रखें। प्लास्टिक का उपयोग काम से काम करें करें और कचरा सही स्थान पर फेंकें।
धैर्य व अनुशासन रखें: धार्मिक स्थलों पर भीड़ हो सकती है। धैर्य व अनुशासन बनाए रखें और सब कुछ आराम से करें।
स्थानीय लोगों के साथ संवाद करें: उनकी मदद से आप मथुरा के अन्य महत्वपूर्ण स्थलों के बारे में जान सकते हैं।
उचित वस्त्र पहनें: धार्मिक स्थलों पर जाने के दौरान आपको साधारण और पारंपरिक वस्त्र पहनने चाहिए। महिलाओं को साड़ी या सलवार-कुर्ता पहनना उचित होता है, जबकि पुरुषों को कुर्ता या टी-शर्ट और पैंट पहनना चाहिए। इसके लिए आप बाध्य नहीं हैं पर आध्यात्मिक यात्रा के दौरान आपका पहनावा आपके विचारों को निश्चित ही प्रभावित करता है।
मथुरा (ब्रजमण्डल) यात्रा न केवल एक धार्मिक अनुभव है, बल्कि यह आपको उत्तर प्रदेश की पारंपरिक संस्कृति, बृजमंडल के स्वादिष्ट भोजन और ऐतिहासिक महत्व से परिचित कराती है। यहां की यात्रा करने पर आप भारतीय धर्म और कृष्ण भक्ति के एक अनोखे अनुभव को महसूस करेंगे। यहाँ की पावन रज और आध्यात्मिकता आपको एक अलग ही स्तर पर ले जाएगी, ये यात्रा आपको न सिर्फ भौतिक वरन आत्मिक रूप से भी अध्यात्म से ओतप्रोत कर देगी, जो आपके जीवन मैं यकीनन एक यात्रा एक समृद्ध और अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करेगी।
अपने अगले लेख मैं हम आपसे बृज मंडल के अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों जैसे कि वृन्दावन, गोवर्धन, बरसाना, नंदगाव, गोकुल, महावन,दाऊजी आदि के बारे शीघ्र ही सम्पूर्ण जानकारी साझा करेंगे।
नागालैंड डियर लॉटरी संबाद भारत में एक लोकप्रिय लॉटरी ड्रा है, जो विशेष रूप से नागालैंड राज्य सरकार द्वारा संचालित किया जाता है। यह कई राज्यों में व्यापक रूप से खेला जाता है और आकर्षक पुरस्कार जीतने के अवसरों के कारण इसे अत्यधिक पसंद किया जाता है। यह लॉटरी पूरी तरह से कानूनी है और भारत के कुछ राज्यों में अनुमति प्राप्त लॉटरी की श्रेणी में आती है।
09 नवंबर 2024, शाम 6 बजे का डियर लॉटरी परिणाम हुआ घोषित
नागालैंड डियर लॉटरी के परिणाम का इंतजार लाखों लोगों को हर दिन रहता है। आज का परिणाम नियत समय पर घोषित किया गया। यह लॉटरी भारत में एक लोकप्रिय कार्यक्रम है, जो महत्वपूर्ण नकद पुरस्कार जीतने की उम्मीद रखने वाले कई प्रतिभागियों को आकर्षित करता है। इस ड्रा के लिए पहला पुरस्कार प्रभावशाली 1 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया था, जिससे यह अत्यधिक मांग वाली जीत बन गई।
नागालैंड डियर लॉटरी संबाद दिन में तीन बार आयोजित की जाती है, प्रत्येक ड्रा का अपना विशिष्ट नाम और टिकट की कीमत होती है, जिसमें विभिन्न पुरस्कार राशि होती है। ये समय दिन के अलग-अलग समय में भाग लेने की सुविधा प्रदान करते हैं। ड्रा का समय इस प्रकार है:
डियर मोर्निंग लॉटरी:सुबह का ड्रा, दोपहर 1:00 बजे
डियर डे लॉटरी:दोपहर का ड्रा, शाम 6:00 बजे
डियर इवनिंग लॉटरी:रात्रि ड्रा, रात्रि 8:00 बजे
SCHEDULE
01:00 PM DRAW NAME
06:00 PM DRAW NAME
08:00 PM DRAW NAME
Monday
Dear Dwarka
Dear Desert
Dear Eagle Evening
Tuesday
Dear Godavari
Dear Wave
Dear Parrot Evening
Wednesday
Dear Indus
Dear Hill
Dear Flamingo Evening
Thursday
Dear Mahanadi
Dear Lake
Dear Hawk Evening
Friday
Dear Meghna
Dear Mountain
Dear Ostrich Evening
Saturday
Dear Narmada
Dear River
Dear Vulture Evening
Sunday
Dear Yamuna
Dear Sea
Dear Falcon Evening
लॉटरी रिजल्ट चेक करने के लिए क्या करें
नागालैंड डियर लॉटरी संबाद के नवीनतम परिणामों की जांच करने के लिए https://resultlotterysambad.in पर जाएं। परिणाम प्रतिदिन दोपहर 1 बजे, शाम 6 बजे और रात 8 बजे प्रकाशित किए जाते हैं। बस परिणाम अनुभाग पर जाएँ, जहाँ आप वर्तमान विजेता संख्याएँ और पिछले परिणाम देख सकते हैं।
डियर लॉटरी के लिए टिकट कैसे खरीदें?
डियर लॉटरी के टिकट आसानी से विभिन्न विक्रेताओं के पास उपलब्ध होते हैं, खासकर पश्चिम बंगाल, नागालैंड और असम जैसे राज्यों में। इसके अलावा, कई वेबसाइट्स भी हैं, जो ऑनलाइन टिकट खरीदने की सुविधा देती हैं। लॉटरी टिकट का मूल्य आमतौर पर ₹6 से लेकर ₹10 तक होता है, जो इसे सभी के लिए सुलभ बनाता है।
इनाम जीतने पर क्या करें?
अगर आप डियर लॉटरी के विजेता हैं, तो इनाम को क्लेम करने के लिए आपके पास कुछ जरूरी कदम हैं:
सबसे पहले, अपने लॉटरी टिकट को संभाल कर रखें। यह इनाम क्लेम करने का सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज़ होता है।
आधिकारिक लॉटरी केंद्र पर जाकर टिकट के साथ अपने पहचान पत्र (आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि) को दिखाएं।
समय सीमा के भीतर इनाम क्लेम करें। ध्यान रखें कि इनाम क्लेम करने की समय सीमा होती है, इसलिए जितनी जल्दी हो सके, प्रक्रिया को पूरा करें।
धोखाधड़ी से कैसे बचें?
डियर लॉटरी के नाम पर कई बार धोखाधड़ी के मामले भी सामने आते हैं। ऐसे में, हमेशा सुनिश्चित करें कि आप सरकारी मान्यता प्राप्त विक्रेताओं से ही टिकट खरीदें। ऑनलाइन लॉटरी टिकट खरीदते समय भी ध्यान रखें कि वेबसाइट मान्यता प्राप्त हो।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न: Q. क्या लॉटरी भारत के सभी राज्यों में वैध है? उत्तर. नहीं, भारत में केवल 13 राज्य लॉटरी आयोजित करने और खेलने की अनुमति देते हैं। नागालैंड एक ऐसा राज्य है.
प्र. क्या मैं अपने पुरस्कार का दावा ऑनलाइन कर सकता हूँ? उत्तर. वर्तमान में, पुरस्कारों का दावा केवल सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्दिष्ट कार्यालयों में व्यक्तिगत रूप से किया जा सकता है।
प्र. यदि मैं 30 दिनों के भीतर अपने पुरस्कार का दावा नहीं करता तो क्या होगा? उत्तर. यदि 30 दिनों के भीतर दावा नहीं किया जाता है, तो विजयी टिकट रद्द हो जाएगा।
प्र. लॉटरी जीतने पर मुझे कितना कर देना होगा? उत्तर. भारत में लॉटरी जीतने पर 30% का फ्लैट टैक्स लगता है।
नागालैंड डियर लॉटरी संबाद भारत में एक लोकप्रिय लॉटरी ड्रा है, जो विशेष रूप से नागालैंड राज्य सरकार द्वारा संचालित किया जाता है। यह कई राज्यों में व्यापक रूप से खेला जाता है और आकर्षक पुरस्कार जीतने के अवसरों के कारण इसे अत्यधिक पसंद किया जाता है। यह लॉटरी पूरी तरह से कानूनी है और भारत के कुछ राज्यों में अनुमति प्राप्त लॉटरी की श्रेणी में आती है।
08 नवंबर 2024, दोपहर 1 बजे का डियर लॉटरी परिणाम हुआ घोषित
नागालैंड डियर लॉटरी के परिणाम का इंतजार लाखों लोगों को हर दिन रहता है। आज का परिणाम नियत समय पर घोषित किया गया। यह लॉटरी भारत में एक लोकप्रिय कार्यक्रम है, जो महत्वपूर्ण नकद पुरस्कार जीतने की उम्मीद रखने वाले कई प्रतिभागियों को आकर्षित करता है। इस ड्रा के लिए पहला पुरस्कार प्रभावशाली 1 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया था, जिससे यह अत्यधिक मांग वाली जीत बन गई।
नागालैंड डियर लॉटरी संबाद दिन में तीन बार आयोजित की जाती है, प्रत्येक ड्रा का अपना विशिष्ट नाम और टिकट की कीमत होती है, जिसमें विभिन्न पुरस्कार राशि होती है। ये समय दिन के अलग-अलग समय में भाग लेने की सुविधा प्रदान करते हैं। ड्रा का समय इस प्रकार है:
डियर मोर्निंग लॉटरी:सुबह का ड्रा, दोपहर 1:00 बजे
डियर डे लॉटरी:दोपहर का ड्रा, शाम 6:00 बजे
डियर इवनिंग लॉटरी:रात्रि ड्रा, रात्रि 8:00 बजे
SCHEDULE
01:00 PM DRAW NAME
06:00 PM DRAW NAME
08:00 PM DRAW NAME
Monday
Dear Dwarka
Dear Desert
Dear Eagle Evening
Tuesday
Dear Godavari
Dear Wave
Dear Parrot Evening
Wednesday
Dear Indus
Dear Hill
Dear Flamingo Evening
Thursday
Dear Mahanadi
Dear Lake
Dear Hawk Evening
Friday
Dear Meghna
Dear Mountain
Dear Ostrich Evening
Saturday
Dear Narmada
Dear River
Dear Vulture Evening
Sunday
Dear Yamuna
Dear Sea
Dear Falcon Evening
लॉटरी रिजल्ट चेक करने के लिए क्या करें
नागालैंड डियर लॉटरी संबाद के नवीनतम परिणामों की जांच करने के लिए https://resultlotterysambad.in पर जाएं। परिणाम प्रतिदिन दोपहर 1 बजे, शाम 6 बजे और रात 8 बजे प्रकाशित किए जाते हैं। बस परिणाम अनुभाग पर जाएँ, जहाँ आप वर्तमान विजेता संख्याएँ और पिछले परिणाम देख सकते हैं।
डियर लॉटरी के लिए टिकट कैसे खरीदें?
डियर लॉटरी के टिकट आसानी से विभिन्न विक्रेताओं के पास उपलब्ध होते हैं, खासकर पश्चिम बंगाल, नागालैंड और असम जैसे राज्यों में। इसके अलावा, कई वेबसाइट्स भी हैं, जो ऑनलाइन टिकट खरीदने की सुविधा देती हैं। लॉटरी टिकट का मूल्य आमतौर पर ₹6 से लेकर ₹10 तक होता है, जो इसे सभी के लिए सुलभ बनाता है।
इनाम जीतने पर क्या करें?
अगर आप डियर लॉटरी के विजेता हैं, तो इनाम को क्लेम करने के लिए आपके पास कुछ जरूरी कदम हैं:
सबसे पहले, अपने लॉटरी टिकट को संभाल कर रखें। यह इनाम क्लेम करने का सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज़ होता है।
आधिकारिक लॉटरी केंद्र पर जाकर टिकट के साथ अपने पहचान पत्र (आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि) को दिखाएं।
समय सीमा के भीतर इनाम क्लेम करें। ध्यान रखें कि इनाम क्लेम करने की समय सीमा होती है, इसलिए जितनी जल्दी हो सके, प्रक्रिया को पूरा करें।
धोखाधड़ी से कैसे बचें?
डियर लॉटरी के नाम पर कई बार धोखाधड़ी के मामले भी सामने आते हैं। ऐसे में, हमेशा सुनिश्चित करें कि आप सरकारी मान्यता प्राप्त विक्रेताओं से ही टिकट खरीदें। ऑनलाइन लॉटरी टिकट खरीदते समय भी ध्यान रखें कि वेबसाइट मान्यता प्राप्त हो।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न: Q. क्या लॉटरी भारत के सभी राज्यों में वैध है? उत्तर. नहीं, भारत में केवल 13 राज्य लॉटरी आयोजित करने और खेलने की अनुमति देते हैं। नागालैंड एक ऐसा राज्य है.
प्र. क्या मैं अपने पुरस्कार का दावा ऑनलाइन कर सकता हूँ? उत्तर. वर्तमान में, पुरस्कारों का दावा केवल सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्दिष्ट कार्यालयों में व्यक्तिगत रूप से किया जा सकता है।
प्र. यदि मैं 30 दिनों के भीतर अपने पुरस्कार का दावा नहीं करता तो क्या होगा? उत्तर. यदि 30 दिनों के भीतर दावा नहीं किया जाता है, तो विजयी टिकट रद्द हो जाएगा।
प्र. लॉटरी जीतने पर मुझे कितना कर देना होगा? उत्तर. भारत में लॉटरी जीतने पर 30% का फ्लैट टैक्स लगता है।
नागालैंड डियर लॉटरी संबाद भारत में एक लोकप्रिय लॉटरी ड्रा है, जो विशेष रूप से नागालैंड राज्य सरकार द्वारा संचालित किया जाता है। यह कई राज्यों में व्यापक रूप से खेला जाता है और आकर्षक पुरस्कार जीतने के अवसरों के कारण इसे अत्यधिक पसंद किया जाता है। यह लॉटरी पूरी तरह से कानूनी है और भारत के कुछ राज्यों में अनुमति प्राप्त लॉटरी की श्रेणी में आती है।
07 नवंबर 2024, दोपहर 1 बजे का डियर लॉटरी परिणाम हुआ घोषित
नागालैंड डियर लॉटरी के परिणाम का इंतजार लाखों लोगों को हर दिन रहता है। आज का परिणाम नियत समय पर घोषित किया गया। यह लॉटरी भारत में एक लोकप्रिय कार्यक्रम है, जो महत्वपूर्ण नकद पुरस्कार जीतने की उम्मीद रखने वाले कई प्रतिभागियों को आकर्षित करता है। इस ड्रा के लिए पहला पुरस्कार प्रभावशाली 1 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया था, जिससे यह अत्यधिक मांग वाली जीत बन गई।
नागालैंड डियर लॉटरी संबाद दिन में तीन बार आयोजित की जाती है, प्रत्येक ड्रा का अपना विशिष्ट नाम और टिकट की कीमत होती है, जिसमें विभिन्न पुरस्कार राशि होती है। ये समय दिन के अलग-अलग समय में भाग लेने की सुविधा प्रदान करते हैं। ड्रा का समय इस प्रकार है:
डियर मोर्निंग लॉटरी:सुबह का ड्रा, दोपहर 1:00 बजे
डियर डे लॉटरी:दोपहर का ड्रा, शाम 6:00 बजे
डियर इवनिंग लॉटरी:रात्रि ड्रा, रात्रि 8:00 बजे
SCHEDULE
01:00 PM DRAW NAME
06:00 PM DRAW NAME
08:00 PM DRAW NAME
Monday
Dear Dwarka
Dear Desert
Dear Eagle Evening
Tuesday
Dear Godavari
Dear Wave
Dear Parrot Evening
Wednesday
Dear Indus
Dear Hill
Dear Flamingo Evening
Thursday
Dear Mahanadi
Dear Lake
Dear Hawk Evening
Friday
Dear Meghna
Dear Mountain
Dear Ostrich Evening
Saturday
Dear Narmada
Dear River
Dear Vulture Evening
Sunday
Dear Yamuna
Dear Sea
Dear Falcon Evening
लॉटरी रिजल्ट चेक करने के लिए क्या करें
नागालैंड डियर लॉटरी संबाद के नवीनतम परिणामों की जांच करने के लिए https://resultlotterysambad.in पर जाएं। परिणाम प्रतिदिन दोपहर 1 बजे, शाम 6 बजे और रात 8 बजे प्रकाशित किए जाते हैं। बस परिणाम अनुभाग पर जाएँ, जहाँ आप वर्तमान विजेता संख्याएँ और पिछले परिणाम देख सकते हैं।
डियर लॉटरी के लिए टिकट कैसे खरीदें?
डियर लॉटरी के टिकट आसानी से विभिन्न विक्रेताओं के पास उपलब्ध होते हैं, खासकर पश्चिम बंगाल, नागालैंड और असम जैसे राज्यों में। इसके अलावा, कई वेबसाइट्स भी हैं, जो ऑनलाइन टिकट खरीदने की सुविधा देती हैं। लॉटरी टिकट का मूल्य आमतौर पर ₹6 से लेकर ₹10 तक होता है, जो इसे सभी के लिए सुलभ बनाता है।
इनाम जीतने पर क्या करें?
अगर आप डियर लॉटरी के विजेता हैं, तो इनाम को क्लेम करने के लिए आपके पास कुछ जरूरी कदम हैं:
सबसे पहले, अपने लॉटरी टिकट को संभाल कर रखें। यह इनाम क्लेम करने का सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज़ होता है।
आधिकारिक लॉटरी केंद्र पर जाकर टिकट के साथ अपने पहचान पत्र (आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि) को दिखाएं।
समय सीमा के भीतर इनाम क्लेम करें। ध्यान रखें कि इनाम क्लेम करने की समय सीमा होती है, इसलिए जितनी जल्दी हो सके, प्रक्रिया को पूरा करें।
धोखाधड़ी से कैसे बचें?
डियर लॉटरी के नाम पर कई बार धोखाधड़ी के मामले भी सामने आते हैं। ऐसे में, हमेशा सुनिश्चित करें कि आप सरकारी मान्यता प्राप्त विक्रेताओं से ही टिकट खरीदें। ऑनलाइन लॉटरी टिकट खरीदते समय भी ध्यान रखें कि वेबसाइट मान्यता प्राप्त हो।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न: Q. क्या लॉटरी भारत के सभी राज्यों में वैध है? उत्तर. नहीं, भारत में केवल 13 राज्य लॉटरी आयोजित करने और खेलने की अनुमति देते हैं। नागालैंड एक ऐसा राज्य है.
प्र. क्या मैं अपने पुरस्कार का दावा ऑनलाइन कर सकता हूँ? उत्तर. वर्तमान में, पुरस्कारों का दावा केवल सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्दिष्ट कार्यालयों में व्यक्तिगत रूप से किया जा सकता है।
प्र. यदि मैं 30 दिनों के भीतर अपने पुरस्कार का दावा नहीं करता तो क्या होगा? उत्तर. यदि 30 दिनों के भीतर दावा नहीं किया जाता है, तो विजयी टिकट रद्द हो जाएगा।
प्र. लॉटरी जीतने पर मुझे कितना कर देना होगा? उत्तर. भारत में लॉटरी जीतने पर 30% का फ्लैट टैक्स लगता है।
शिव चालीसा एक भक्ति स्तोत्र है जो भगवान शिव की स्तुति और महिमा का वर्णन करता है। इसमें 40 चौपाइयां और दोहों के माध्यम से शिव के अद्वितीय रूप, शक्ति और आशीर्वाद का गुणगान किया गया है। शिव चालीसा का पाठ करने से मन को शांति मिलती है और भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है। भक्त इसे नियमित रूप से पढ़कर अपने जीवन में शिव की उपस्थिति का अनुभव करते हैं और उनसे आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान। कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान ॥
अर्थ- हे पार्वती सुत, सभी मंगल कार्यों के ज्ञाता श्री गणेश जी, आपकी जय हो। मैं अयोध्यादास आपसे वरदान मांगता हूँ।
॥ चौपाई ॥
जय गिरिजा पति दीन दयाला, सदा करत सन्तन प्रतिपाला । भाल चन्द्रमा सोहत नीके, कानन कुण्डल नागफनी के ॥
अर्थ- हे पार्वती वल्लभ, आपकी जय हो! आप दीन लोगों पर कृपा और साधु-संतजनों की रक्षा करने वाले हो। हे त्रिशूलधारी, नीलकण्ठ! आपके मस्तक पर चन्द्रमा सुशोभित है और कानो में नागफनी के कुण्डल शोभायमान हैं।
अंग गौर शिर गंग बहाये, मुण्डमाल तन क्षार लगाए । वस्त्र खाल बाघम्बर सोहे, छवि को देखि नाग मन मोहे ॥
अर्थ- आप गौर वर्णी हैं जिनके सर की जटाओं में गंगाजी बह रही हैं, गले में मूण्डों की माला है और शरीर पर भस्म लगा रखी है। हे त्रिलोकी, आपके वस्त्र बाघ की खाल के हैं। आपकी शोभा को देखकर नाग और मुनिजन मोहित हो रहे हैं।
मैना मातु की हवे दुलारी, बाम अंग सोहत छवि न्यारी । कर त्रिशूल सोहत छवि भारी, करत सदा शत्रुन क्षयकारी ॥
अर्थ- माता मैना की प्रिय पुत्री पार्वतीजी आपके बाईं ओर सुशोभित हैं इनकी आभा एवं शोभा अत्यंत निराली और न्यारी है। आपके हाथ में धारण किया हुआ त्रिशूल अपनी उत्तम छवि से शोभामान हो रहा है जिससे आप सदैव शत्रुओं का संहार करते रहते हैं।
नन्दि गणेश सोहै तहँ कैसे, सागर मध्य कमल हैं जैसे । कार्तिक श्याम और गणराऊ, या छवि को कहि जात न काऊ ॥
अर्थ- आपके पास आपका वाहन नन्दी और गणेशजी कुछ इस प्रकार शोभायमान हो रहे हैं जैसे समुद्र के बीच में कमल खिले हों। कार्तिकेयजी और उनके गण वहां पर विराजमान हैं। इस दृश्य की शोभा का वर्णन करना असंभव है।
देवन जबहीं जाय पुकारा, तब ही दुख प्रभु आप निवारा । किया उपद्रव तारक भारी, देवन सब मिलि तुमहिं जुहारी ॥
अर्थ- हे प्रभु, देवताओं ने जब भी आपसे सहायता की पुकार की, आपने बिना विलम्ब किए उनके सभी कष्ट दूर किए हैं। जब ताड़कासुर ने भीषण अत्याचार करने आरंभ किए तो सभी देवताओं ने आपसे रक्षा करने की प्रार्थना की।
तुरत षडानन आप पठायउ, लवनिमेष महँ मारि गिरायउ । आप जलंधर असुर संहारा, सुयश तुम्हार विदित संसारा ॥
अर्थ- आपने उसी समय कार्तिकेयजी को वहां भेजा जिन्होंने उस राक्षस को मार गिराया। आपने जलंधर नामक भयंकर राक्षस का संहार किया। आपकी ऐसी कीर्ति से समस्त संसार परिचित है।
त्रिपुरासुर सन युद्ध मचाई, सबहिं कृपा कर लीन बचाई । किया तपहिं भागीरथ भारी, पुरब प्रतिज्ञा तासु पुरारी ॥
अर्थ- त्रिपुर नामक दुर्दांत राक्षस से युद्ध करके आपने सभी देवताओं पर कृपा करके उनको उस दुष्ट के आतंक से मुक्त किया। राजा भगीरथ के कठोर तप से प्रसन्न होने के बाद आपने अपनी जटाओं में वास करती मोक्षदायिनी गंगा को जाने की आज्ञा दी। आपके आश्रीवाद से ही राजा भगीरथ की प्रतिज्ञा पूरी हो सकी।
अर्थ- आपकी बराबरी करने वाला कोई दानी तीनो लोकों मैं नहीं है। भक्त लोग सदैव ही आपका गुणगान व यशोगान करते हैं। वेदों में भी आपकी महिमा का वर्णन है। परंतु अनादि होने के कारण आपका रहस्य कोई भी नहीं पा सका।
प्रकटी उदधि मंथन में ज्वाला, जरत सुरासुर भए विहाला । कीन्ही दया तहं करी सहाई, नीलकण्ठ तब नाम कहाई ॥
अर्थ- समुद्र मंथन से जो ज्वाला रुपी हलाहल निकला उसके ताप से देवता और राक्षस दोनों जलने लगे और और त्राहिमाम करने लगे। तब आपने उस ज्वाला रुपी हलाहल को अपने कंठ मैं स्थान देकर सभी की रक्षा की। हे महादेव, तभी से आपका नाम नीलकंठ पड़ गया।
पूजन रामचन्द्र जब कीन्हा , जीत के लंक विभीषण दीन्हा । सहस कमल में हो रहे धारी, कीन्ह परीक्षा तबहिं पुरारी ॥
अर्थ- लंका पर चढ़ाई करने से पूर्व श्रीराम ने आपकी वंदना के बाद ही विजयश्री प्राप्त की और विभीषण को लंका का अधिपति बना दिया। जब श्री रामचन्द्रजी सहस्त्र कमलों से आपकी पूजा कर रहे थे तब आपने फूलों में रहकर उनकी परीक्षा ली।
एक कमल प्रभु राखेउ जोई, कमल नयन पूजन चहं सोई । कठिन भक्ति देखी प्रभु शंकर, भए प्रसन्न दिए इच्छित वर ॥
अर्थ- आपने अपनी माया से एक कमल का फूल छिपा दिया। तब रामचन्द्रजी ने नयनरूपी कमल से पूजा करने की बात सोची। हे भोलेनाथ, इस प्रकार जब आपने रामचन्द्रजी की यह दृढ़ आस्था देखी तब आपने प्रसन्न होकर उन्हें मनचाहा वरदान दिया।
जय जय जय अनन्त अविनाशी, करत कृपा सब के घटवासी । दुष्ट सकल नित मोहि सतावै, भ्रमत रहौं मोहि चैन न आवै ॥
अर्थ- हे देवाधिदेव महादेव आप अनन्त हैं, अनश्वर हैं। आपकी जय हो, जय हो, जय हो। आप सबके हृदय में रहकर उन पर कृपा करते हैं। दुष्ट विचार सदैव मुझे पीड़ित करते हैं और सताते रहते हैं जिससे मैं भ्रमित रहता हूं और मुझे कहीं चैन नहीं मिलता है।
त्राहि त्राहि मैं नाथ पुकारो, येहि अवसर मोहि आन उबारो । लै त्रिशूल शत्रुन को मारो, संकट से मोहि आन उबारो ॥
अर्थ- हे नाथ, कृपया मेरी रक्षा कीजिये, ऐसा अनुनय करते हुए मैं आपको पुकार रहा हूं। अब आप ही मुझे संकटों व कष्टो से उबारें। अपने त्रिशूल से मेरे सभी प्रकार के शत्रुओं का नाश कीजिये और संकट से मेरा उद्धार कर मुझे भवसागर से पार लगाने की कृपा करो कृपानिधान।
मात-पिता भ्राता सब होई, संकट में पूछत नहिं कोई । स्वामी एक है आस तुम्हारी, आय हरहु मम संकट भारी ॥
अर्थ- माता, पिता, भाई-बंधु सबके पास होते हैं पर कष्ट और दुखों में कोई साथ नहीं दे पाता। हे स्वामी, बस आप ही हैं जो मेरे कष्टों और संकटों की हर सकते हैं, बस आप ही हैं जो मेरे अंधियारे जीवन मैं प्रकाश कर सकते हैं।
धन निर्धन को देत सदा हीं, जो कोई जांचे सो फल पाहीं । अस्तुति केहि विधि करैं तुम्हारी, क्षमहु नाथ अब चूक हमारी ॥
अर्थ- आप सदैव ही निर्धनों की सहायता करते हैं। आपसे जिस फल की कामना की जाती है वही फल प्राप्त होता है। आपकी पूजा-अर्चना कैसे की जाती है मुझे इस्जा ज्ञान नहीं। अतः मुझसे जो भी भूल-चूक हो उसे क्षमा कर देना।
शंकर हो संकट के नाशन, मंगल कारण विघ्न विनाशन । योगी यति मुनि ध्यान लगावैं, शारद नारद शीश नवावैं ॥
अर्थ- हे त्रिनेत्रधारी, आप ही कष्टों को नष्ट करने वाले हैं। सभी शुभ कार्यो को कराने वाले हैं तथा सब विध्न-बाधाओं को दूर करके कल्याण करने वाले हैं। योगी, यति और मुनि सभी आपका स्मरण करते हैं। देवमुनि नारद और देवी सरस्वती (शारदा) भी आपको नमन करते हैं।
नमो नमो जय नमः शिवाय, सुर ब्रह्मादिक पार न पाय । जो यह पाठ करे मन लाई, ता पर होत है शम्भु सहाई ॥
अर्थ- ‘ॐ नमः शिवाय’ इस पञ्चाक्षर मंत्र का जाप करके भी ब्रह्मा आदि देवता आपकी महिमा का पार नहीं प सके। जो कोई भी सच्चे मन तथा निष्ठा से शिव चालीसा का पाठ करता है, भगवन शिव शम्भू उसकी सहायता कर उसकी सभी इच्छाएं पूर्ण करते हैं।
ॠनियां जो कोई हो अधिकारी, पाठ करे सो पावन हारी । पुत्र हीन कर इच्छा जोई, निश्चय शिव प्रसाद तेहि होई ॥
अर्थ- हे कृपानिधान, कर्ज मैं दबा हुआ व्यक्ति भी आपके नामजप से ऋण-मुक्त हो सुख-समृद्धि प्राप्त करता है। पुत्र प्राप्ति की कामना से से आपका पाठ करने वाले व्यक्ति को भी आपकी कृपा से सहज ही पुत्र-रत्न की प्राप्ति होती है।
पण्डित त्रयोदशी को लावे, ध्यान पूर्वक होम करावे । त्रयोदशी व्रत करै हमेशा, ताके तन नहीं रहै कलेशा ॥
अर्थ- आपके हर भक्त और श्रद्धालु तथा को प्रत्येक माह की त्रयोदशी तिथि को विद्वान पण्डित को बुलाकर पूजा तथा हवन करवाना चाहिए। जो भी भक्त सदैव त्रयोदशी का व्रत करता है, उसके शरीर में कोई रोग नहीं रहता और किसी प्रकार का क्लेश भी मन में नहीं रहता।
धूप दीप नैवेद्य चढ़ावे, शंकर सम्मुख पाठ सुनावे । जन्म जन्म के पाप नसावे, अन्त धाम शिवपुर में पावे ॥
अर्थ- धूप-दीप और नैवेध से पूजन करके शिवजी की मूर्ति या चित्र के सम्मुख बैठकर शिव चालीसा का श्रद्धापूर्वक पाठ करना चाहिए। इससे जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट हो जाते हैं और अन्त में मनुष्य शिवलोक में वास करने लगता है अथार्त मुक्त हो जाता है। अयोध्यादासजी कहते हैं कि बस आपसे ही हमारी आशा है कि आप हमारी मनोकामनाएं पूरी करके हमारे दुखों को दूर करें हे महादेव।
॥ दोहा ॥
नित्त नेम कर प्रातः ही, पाठ करौं चालीस । तुम मेरी मनोकामना, पूर्ण करो जगदीश ॥
मगसर छठि हेमन्त ॠतु, संवत चौसठ जान । अस्तुति चालीसा शिवहि, पूर्ण कीन कल्याण ॥
अर्थ- इस शिव चालीसा का चालीस बार प्रतिदिन पाठ करने से भगवान मनोकामना पूर्ण करते हैं। मृगशिर मास कि छ्ठी तिथि हेमंत ऋतु संवत 64 में यह चालीसा रूपी शिव स्तुति लोक कल्याण के लिए पूर्ण हुई।
शिव चालीसा के प्रमुख लाभ:
मन को शांति: नियमित पाठ से मानसिक तनाव दूर होता है।
सकारात्मकता का संचार: नकारात्मक ऊर्जा को दूर करके सकारात्मकता लाता है।
स्वास्थ्य में सुधार: शिव की कृपा से रोगों से मुक्ति मिलती है।
शिव चालीसा का पाठ करना भक्तों में आत्मविश्वास और साहस को बढ़ाता है। शिव भक्तों को इसे प्रतिदिन या विशेष रूप से सोमवार के दिन पढ़ना चाहिए।
नागालैंड डियर लॉटरी संबाद भारत में एक लोकप्रिय लॉटरी ड्रा है, जो विशेष रूप से नागालैंड राज्य सरकार द्वारा संचालित किया जाता है। यह कई राज्यों में व्यापक रूप से खेला जाता है और आकर्षक पुरस्कार जीतने के अवसरों के कारण इसे अत्यधिक पसंद किया जाता है। यह लॉटरी पूरी तरह से कानूनी है और भारत के कुछ राज्यों में अनुमति प्राप्त लॉटरी की श्रेणी में आती है।
06 नवंबर 2024, दोपहर 1 बजे का डियर लॉटरी परिणाम हुआ घोषित
नागालैंड डियर लॉटरी के परिणाम का इंतजार लाखों लोगों को हर दिन रहता है। 06 अक्टूबर 2024 का परिणाम शाम 6 बजे घोषित किया गया। यह लॉटरी भारत में एक लोकप्रिय कार्यक्रम है, जो महत्वपूर्ण नकद पुरस्कार जीतने की उम्मीद रखने वाले कई प्रतिभागियों को आकर्षित करता है। इस ड्रा के लिए पहला पुरस्कार प्रभावशाली 1 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया था, जिससे यह अत्यधिक मांग वाली जीत बन गई।
नागालैंड डियर लॉटरी संबाद दिन में तीन बार आयोजित की जाती है, प्रत्येक ड्रा का अपना विशिष्ट नाम और टिकट की कीमत होती है, जिसमें विभिन्न पुरस्कार राशि होती है। ये समय दिन के अलग-अलग समय में भाग लेने की सुविधा प्रदान करते हैं। ड्रा का समय इस प्रकार है:
डियर मोर्निंग लॉटरी:सुबह का ड्रा, दोपहर 1:00 बजे
डियर डे लॉटरी:दोपहर का ड्रा, शाम 6:00 बजे
डियर इवनिंग लॉटरी:रात्रि ड्रा, रात्रि 8:00 बजे
SCHEDULE
01:00 PM DRAW NAME
06:00 PM DRAW NAME
08:00 PM DRAW NAME
Monday
Dear Dwarka
Dear Desert
Dear Eagle Evening
Tuesday
Dear Godavari
Dear Wave
Dear Parrot Evening
Wednesday
Dear Indus
Dear Hill
Dear Flamingo Evening
Thursday
Dear Mahanadi
Dear Lake
Dear Hawk Evening
Friday
Dear Meghna
Dear Mountain
Dear Ostrich Evening
Saturday
Dear Narmada
Dear River
Dear Vulture Evening
Sunday
Dear Yamuna
Dear Sea
Dear Falcon Evening
लॉटरी रिजल्ट चेक करने के लिए क्या करें
नागालैंड डियर लॉटरी संबाद के नवीनतम परिणामों की जांच करने के लिए https://resultlotterysambad.in पर जाएं। परिणाम प्रतिदिन दोपहर 1 बजे, शाम 6 बजे और रात 8 बजे प्रकाशित किए जाते हैं। बस परिणाम अनुभाग पर जाएँ, जहाँ आप वर्तमान विजेता संख्याएँ और पिछले परिणाम देख सकते हैं।
डियर लॉटरी के लिए टिकट कैसे खरीदें?
डियर लॉटरी के टिकट आसानी से विभिन्न विक्रेताओं के पास उपलब्ध होते हैं, खासकर पश्चिम बंगाल, नागालैंड और असम जैसे राज्यों में। इसके अलावा, कई वेबसाइट्स भी हैं, जो ऑनलाइन टिकट खरीदने की सुविधा देती हैं। लॉटरी टिकट का मूल्य आमतौर पर ₹6 से लेकर ₹10 तक होता है, जो इसे सभी के लिए सुलभ बनाता है।
इनाम जीतने पर क्या करें?
अगर आप डियर लॉटरी के विजेता हैं, तो इनाम को क्लेम करने के लिए आपके पास कुछ जरूरी कदम हैं:
सबसे पहले, अपने लॉटरी टिकट को संभाल कर रखें। यह इनाम क्लेम करने का सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज़ होता है।
आधिकारिक लॉटरी केंद्र पर जाकर टिकट के साथ अपने पहचान पत्र (आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि) को दिखाएं।
समय सीमा के भीतर इनाम क्लेम करें। ध्यान रखें कि इनाम क्लेम करने की समय सीमा होती है, इसलिए जितनी जल्दी हो सके, प्रक्रिया को पूरा करें।
धोखाधड़ी से कैसे बचें?
डियर लॉटरी के नाम पर कई बार धोखाधड़ी के मामले भी सामने आते हैं। ऐसे में, हमेशा सुनिश्चित करें कि आप सरकारी मान्यता प्राप्त विक्रेताओं से ही टिकट खरीदें। ऑनलाइन लॉटरी टिकट खरीदते समय भी ध्यान रखें कि वेबसाइट मान्यता प्राप्त हो।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न: Q. क्या लॉटरी भारत के सभी राज्यों में वैध है? उत्तर. नहीं, भारत में केवल 13 राज्य लॉटरी आयोजित करने और खेलने की अनुमति देते हैं। नागालैंड एक ऐसा राज्य है.
प्र. क्या मैं अपने पुरस्कार का दावा ऑनलाइन कर सकता हूँ? उत्तर. वर्तमान में, पुरस्कारों का दावा केवल सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्दिष्ट कार्यालयों में व्यक्तिगत रूप से किया जा सकता है।
प्र. यदि मैं 30 दिनों के भीतर अपने पुरस्कार का दावा नहीं करता तो क्या होगा? उत्तर. यदि 30 दिनों के भीतर दावा नहीं किया जाता है, तो विजयी टिकट रद्द हो जाएगा।
प्र. लॉटरी जीतने पर मुझे कितना कर देना होगा? उत्तर. भारत में लॉटरी जीतने पर 30% का फ्लैट टैक्स लगता है।
नागालैंड डियर लॉटरी संबाद भारत में एक लोकप्रिय लॉटरी ड्रा है, जो विशेष रूप से नागालैंड राज्य सरकार द्वारा संचालित किया जाता है। यह कई राज्यों में व्यापक रूप से खेला जाता है और आकर्षक पुरस्कार जीतने के अवसरों के कारण इसे अत्यधिक पसंद किया जाता है। यह लॉटरी पूरी तरह से कानूनी है और भारत के कुछ राज्यों में अनुमति प्राप्त लॉटरी की श्रेणी में आती है।
05 नवंबर 2024, दोपहर 1 बजे का डियर लॉटरी परिणाम हुआ घोषित
नागालैंड डियर लॉटरी के परिणाम का इंतजार लाखों लोगों को हर दिन रहता है। 06 अक्टूबर 2024 का परिणाम शाम 6 बजे घोषित किया गया। यह लॉटरी भारत में एक लोकप्रिय कार्यक्रम है, जो महत्वपूर्ण नकद पुरस्कार जीतने की उम्मीद रखने वाले कई प्रतिभागियों को आकर्षित करता है। इस ड्रा के लिए पहला पुरस्कार प्रभावशाली 1 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया था, जिससे यह अत्यधिक मांग वाली जीत बन गई।
नागालैंड डियर लॉटरी संबाद दिन में तीन बार आयोजित की जाती है, प्रत्येक ड्रा का अपना विशिष्ट नाम और टिकट की कीमत होती है, जिसमें विभिन्न पुरस्कार राशि होती है। ये समय दिन के अलग-अलग समय में भाग लेने की सुविधा प्रदान करते हैं। ड्रा का समय इस प्रकार है:
डियर मोर्निंग लॉटरी:सुबह का ड्रा, दोपहर 1:00 बजे
डियर डे लॉटरी:दोपहर का ड्रा, शाम 6:00 बजे
डियर इवनिंग लॉटरी:रात्रि ड्रा, रात्रि 8:00 बजे
SCHEDULE
01:00 PM DRAW NAME
06:00 PM DRAW NAME
08:00 PM DRAW NAME
Monday
Dear Dwarka
Dear Desert
Dear Eagle Evening
Tuesday
Dear Godavari
Dear Wave
Dear Parrot Evening
Wednesday
Dear Indus
Dear Hill
Dear Flamingo Evening
Thursday
Dear Mahanadi
Dear Lake
Dear Hawk Evening
Friday
Dear Meghna
Dear Mountain
Dear Ostrich Evening
Saturday
Dear Narmada
Dear River
Dear Vulture Evening
Sunday
Dear Yamuna
Dear Sea
Dear Falcon Evening
लॉटरी रिजल्ट चेक करने के लिए क्या करें
नागालैंड डियर लॉटरी संबाद के नवीनतम परिणामों की जांच करने के लिए https://resultlotterysambad.in पर जाएं। परिणाम प्रतिदिन दोपहर 1 बजे, शाम 6 बजे और रात 8 बजे प्रकाशित किए जाते हैं। बस परिणाम अनुभाग पर जाएँ, जहाँ आप वर्तमान विजेता संख्याएँ और पिछले परिणाम देख सकते हैं।
डियर लॉटरी के लिए टिकट कैसे खरीदें?
डियर लॉटरी के टिकट आसानी से विभिन्न विक्रेताओं के पास उपलब्ध होते हैं, खासकर पश्चिम बंगाल, नागालैंड और असम जैसे राज्यों में। इसके अलावा, कई वेबसाइट्स भी हैं, जो ऑनलाइन टिकट खरीदने की सुविधा देती हैं। लॉटरी टिकट का मूल्य आमतौर पर ₹6 से लेकर ₹10 तक होता है, जो इसे सभी के लिए सुलभ बनाता है।
इनाम जीतने पर क्या करें?
अगर आप डियर लॉटरी के विजेता हैं, तो इनाम को क्लेम करने के लिए आपके पास कुछ जरूरी कदम हैं:
सबसे पहले, अपने लॉटरी टिकट को संभाल कर रखें। यह इनाम क्लेम करने का सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज़ होता है।
आधिकारिक लॉटरी केंद्र पर जाकर टिकट के साथ अपने पहचान पत्र (आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि) को दिखाएं।
समय सीमा के भीतर इनाम क्लेम करें। ध्यान रखें कि इनाम क्लेम करने की समय सीमा होती है, इसलिए जितनी जल्दी हो सके, प्रक्रिया को पूरा करें।
धोखाधड़ी से कैसे बचें?
डियर लॉटरी के नाम पर कई बार धोखाधड़ी के मामले भी सामने आते हैं। ऐसे में, हमेशा सुनिश्चित करें कि आप सरकारी मान्यता प्राप्त विक्रेताओं से ही टिकट खरीदें। ऑनलाइन लॉटरी टिकट खरीदते समय भी ध्यान रखें कि वेबसाइट मान्यता प्राप्त हो।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न: Q. क्या लॉटरी भारत के सभी राज्यों में वैध है? उत्तर. नहीं, भारत में केवल 13 राज्य लॉटरी आयोजित करने और खेलने की अनुमति देते हैं। नागालैंड एक ऐसा राज्य है.
प्र. क्या मैं अपने पुरस्कार का दावा ऑनलाइन कर सकता हूँ? उत्तर. वर्तमान में, पुरस्कारों का दावा केवल सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्दिष्ट कार्यालयों में व्यक्तिगत रूप से किया जा सकता है।
प्र. यदि मैं 30 दिनों के भीतर अपने पुरस्कार का दावा नहीं करता तो क्या होगा? उत्तर. यदि 30 दिनों के भीतर दावा नहीं किया जाता है, तो विजयी टिकट रद्द हो जाएगा।
प्र. लॉटरी जीतने पर मुझे कितना कर देना होगा? उत्तर. भारत में लॉटरी जीतने पर 30% का फ्लैट टैक्स लगता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक बड़ी घोषणा की है, जिसके तहत 70 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को मुफ्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। यह कदम आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY 70+) के तहत उठाया गया है ताकि अधिक उम्र के नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाओं में राहत मिल सके। सरकार का उद्देश्य बुजुर्गों के स्वास्थ्य और आर्थिक सुरक्षा का ख्याल रखना है, जिससे देशभर में उन्हें इलाज की बेहतर सुविधा मिल सके। इस पहल से लाखों वरिष्ठ नागरिकों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
आयुष्मान भारत PM-JAY दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य आश्वासन योजना है जिसका लक्ष्य रुपये का स्वास्थ्य कवर प्रदान करना है। 12 करोड़ से अधिक गरीब और कमजोर परिवारों (लगभग 55 करोड़ लाभार्थी) को माध्यमिक और तृतीयक देखभाल अस्पताल में भर्ती के लिए प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख रुपये, जो भारतीय आबादी का निचला 40% हिस्सा है।
आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY 70+) के मुख्य बिंदु
योजना का नाम
आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY 70+)
उद्देश्य
70 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को मुफ्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना
शुरुआत
2024 for 70+
विभाग
नेशनल हेल्थ अथॉरिटी
वर्तमान स्थिति
सक्रिय
आवेदन मोड
ऑनलाइन/ऑफलाइन
योजना के प्रमुख लाभ और कवरेज
स्वास्थ्य बीमा कवर: प्रत्येक परिवार के लिए 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा।
कैशलेस चिकित्सा सुविधा: पंजीकृत अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा।
कवर की गई बीमारियां: योजना में हृदय रोग, कैंसर, किडनी की बीमारी, और अन्य गंभीर बीमारियों का इलाज शामिल है।
मुफ्त दवाएं और जांच: चयनित अस्पतालों में मुफ्त दवाएं और चिकित्सकीय जांच की सुविधा।
आयुष्मान वय वंदना कार्ड (आयुष्मान कार्ड) आपके नजदीकी जिला अस्पताल, सब डिवीजनल अस्पताल और कम्युनिटी हेल्थ सेंटर में बनवाये जा सकते हैं।
शहरों, कस्बों और गांवों में बने निजी सेवा केंद्रों में भी आयुष्मान वय वंदना कार्ड (आयुष्मान कार्ड) बनवाया जा सकता है।
ऑनलाइन आवेदन के द्वारा भी आयुष्मान वय वंदना कार्ड (आयुष्मान कार्ड) बनवाया जा सकता है। आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY 70+) के अंतर्गत की जाने वाली आवेदन प्रक्रिया को सरल और उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाया गया है, ताकि आवेदक इसमें अपना आवेदन आसानी से कर सकें। निम्नलिखित चरणों का पालन करके आप इस योजना में ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं:
Step 1: सबसे पहले ‘Google Play Store’ पर जाकर “आयुष्मान एप” डाउनलोड करें या फिर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट https://beneficiary.nha.gov.in पर जाएँ।
Step 2: फिर दिए गए विकल्प मैं ‘Beneficiary’ चुनकर, कैप्चा, मोबाइल नंबर, OTP No. आदि दर्ज कर लॉगिन करें।
Step 3: अब आपके सामने जो स्क्रीन खुलेगी स्कीम, राज्य, सब-स्कीम, जिला तथा आधार/फैमिली आईडी आदि का ऑप्शन दर्ज कर ‘Click Here To Enroll’ पर क्लिक करें
Step 4: अब प्रक्रिया पूरी होने के पश्चात् आपको अपना E-KYC कम्पलीट करना है जिसके लिए आपको अपने आधार कार्ड अथवा अपनी फैमिली आईडी की डिटेल मैच करवाने के लिए जरूरी दिशानिर्देशों का पालन करना होगा, साथ ही आपको अपना ऑनलाइन फोटो वेरिफिकेशन करवाना पड़ेगा।
Step 5: एक बार आपकी सारी डिटेल्स मैच होने पर और E-KYC की प्रक्रिया पूर्ण होने पर आपका रजिस्ट्रेशन पूर्ण हो जायेगा जिसके बाद आप अपना आयुष्मान वय वंदना कार्ड (आयुष्मान कार्ड) डाउनलोड कर सकते हैं।
आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY 70+) से जुड़े सामान्य प्रश्न (FAQs)
1. आयुष्मान भारत PMJAY के तहत किस आयु और आय वर्ग के वरिष्ठ नागरिक पात्र हैं? आर्थिक स्थिति की परवाह किए बिना 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिक इसके लिए पात्र हैं इस योजना के तहत 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज।
2. इस योजना के तहत वरिष्ठ नागरिकों के लिए पात्रता मानदंड क्या हैं? उत्तर: पात्रता का एकमात्र मानदंड यह है कि व्यक्ति की आयु 70 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए आर्थिक स्थिति की परवाह किए बिना, उनके आधार कार्ड में दर्ज उम्र के आधार पर निर्धारित किया जाता है।
3. क्या योजना में नामांकन के लिए आधार अनिवार्य है? उत्तर: हां, नामांकन और जारी करने के लिए आधार-आधारित ई-केवाईसी अनिवार्य है पात्र वरिष्ठ नागरिकों के लिए आयुष्मान कार्ड।
पधारो म्हारे देस, जी हाँ अगर आप राजस्थान (मेवाड़) की संस्कृति को करीब से देखना और महसूस करना चाहते हैं तो आपको पुष्कर मैं हर साल आयोजित होने वाले सबसे बड़े पुष्कर मेले मैं जरूर शामिल होना चाहिए। विश्व प्रसिद्द पुष्कर मेले (Pushkar Mela) मैं आपको राजस्थान के कल्चर, हस्तशिल्प, उम्दा नस्ल के ऊँट और घोड़ों के साथ ही पारम्परिक राजस्थानी वेशभूषा व खानपान अनोखा संगम देखने को मिलेगा। दीपावली के पर्व की समाप्ति के साथ ही और कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर पुष्कर शहर, जो कि राजस्थान के अजमेर जिले में स्थित एक पवित्र और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध शहर है, मैं सबसे बड़े पशु मेले जिसे पुष्कर मेला के नाम से जाना जाता है की शुरुवात हो जाती है।
पुष्कर का ब्रह्मा मंदिर
पुष्कर का ब्रह्मा मंदिर भारत का एकमात्र प्रमुख मंदिर है जो भगवान ब्रह्मा को समर्पित है। यह मंदिर राजस्थान के पुष्कर शहर में पवित्र पुष्कर झील के पास स्थित है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान ब्रह्मा ने यहां यज्ञ किया था, जिससे इस स्थान को धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व मिला। संगमरमर और चांदी से बना यह मंदिर अपनी सुंदर नक्काशी और वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है। कार्तिक पूर्णिमा के दौरान, यहां हजारों श्रद्धालु आते हैं और पुष्कर झील में स्नान करके मंदिर में पूजा-अर्चना करते हैं।
पुष्कर मेला (Pushkar Mela) 2024 आयोजन
सात दिवसीय पुष्कर मेले की शुरुवात 09-11-2024 से होगी और 15-11-2024 को कार्तिक पूर्णिमा पर इसका समापन होगा। हालाँकि मेला चार पांच दिन पहले ही शुरू हो जाता है और समापन के दो तीन दिन बाद तक चलता है।
पुष्कर मेला (Pushkar Mela) 2024 के प्रमुख आकर्षण
ऊंट मेला और प्रतियोगिताएं: पुष्कर मेला में ऊंटों की सजावट, दौड़, और ऊंटों की खरीद-बिक्री का आयोजन होता है। यहां का ऊंट मेला दुनिया भर में प्रसिद्ध है। ऊंटों की दौड़ और उनकी सजावट प्रतियोगिता को देखने के लिए दूर-दूर से पर्यटक आते हैं। साथ ही उम्दा नस्ल के घोड़े और अन्य पशु भी मेले का आकर्षण बढ़ाएंगे।
लोक नृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रम: पुष्कर मेला राजस्थान की कला और संस्कृति का प्रतीक है। यहां कालबेलिया, घूमर और गेर जैसे पारंपरिक नृत्य होते हैं, जिसमें लोक संगीत की धुन पर नर्तक अपनी कला का प्रदर्शन करते हैं।
हस्तशिल्प और हस्तनिर्मित वस्त्र बाजार: पुष्कर मेला का बाजार भी बहुत प्रसिद्ध है। यहां पर राजस्थान के पारंपरिक हस्तशिल्प, आभूषण, कपड़े और सजावट की वस्तुएं उपलब्ध होती हैं। इस बाजार में विदेशी पर्यटक भी काफी खरीदारी करते हैं।
हॉट एयर बैलून राइड: पुष्कर मेला में हॉट एयर बैलून की सवारी पर्यटकों के लिए खास आकर्षण है। इससे पूरे पुष्कर शहर और मेले का विहंगम दृश्य देखने को मिलता है।
विभिन्न प्रतियोगिताएं: पगड़ी प्रतियोगिता, मूँछ प्रतियोगिता, तिलक प्रतियोगिता, नृत्य प्रतियोगिता, मटका दौड़, मैराथन, विदेशी पर्यटकों के साथ रस्साकशी, कुश्ती और कबड्डी प्रतियोगिता आदि शामिल हैं।
लाइव कॉन्सर्ट: विभिन्न सेलिब्रिटीज द्वारा गीत संगीत के लाइव कॉन्सर्ट मैं प्रस्तुति दी जाएगी।
पुष्कर झील में स्नान: मेले के दौरान पुष्कर झील में स्नान का विशेष महत्व है। कार्तिक पूर्णिमा के दिन यहां स्नान करने से पवित्रता की प्राप्ति होती है।
अन्नकूट उत्सव: कार्तिक पूर्णिमा के दिन यहां अन्नकूट का आयोजन होता है, जिसमें भगवान को छप्पन भोग अर्पित किए जाते हैं। यह पर्व मेले में धार्मिक भावना और संस्कृति का एक प्रमुख आकर्षण है।
सरोवर घाट पर महाआरती तथा आतिशबाजी का प्रदर्शन: मेले के समापन पर ब्रह्म सरोवर घाट पर महाआरती तथा आतिशबाजी का प्रदर्शन किया जायेगा।
पुष्कर कैसे पहुंचें
पुष्कर तक पहुंचने के लिए निम्नलिखित साधनों का उपयोग कर सकते हैं:
वायु मार्ग: निकटतम हवाई अड्डा किशनगढ़ (40 किमी) और जयपुर (150 किमी) है। जयपुर से पुष्कर तक टैक्सी या बस आसानी से मिल जाती है।
रेल मार्ग: अजमेर रेलवे स्टेशन पुष्कर का सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन है, जो 15 किमी दूर है। यहां से टैक्सी या बस से पुष्कर तक पहुंच सकते हैं।
सड़क मार्ग: राजस्थान के सभी प्रमुख शहरों और दिल्ली से सीधी बस सेवा उपलब्ध है। टैक्सी और निजी वाहन से भी पुष्कर तक आसानी से पहुंच सकते हैं।
पुष्कर मैं ठहरने के स्थान
पुष्कर में ठहरने के लिए कई प्रकार के विकल्प उपलब्ध हैं, जो सभी बजट और सुविधाओं के अनुरूप हैं, साथ ही आप अजमेर मैं भी लक्ज़री एवं बजट होटल, गेस्ट हाउस तथा धर्मशाला मैं आसानी से ठहर सकते हैं, पर मेले मैं दूरदराज से और देश विदेश से आने वाले पर्यटकों के मद्देनजर एडवांस बुकिंग करवा लेना बेहतर विकल्प साबित होगा।
लक्जरी होटल: पुष्कर मैं कई लक्ज़री होटल और रिसोर्ट हैं जो आपको शानदार सुविधाओं के साथ आरामदायक प्रवास प्रदान करते हैं।
बजट होटल और गेस्ट हाउस: छोटे बजट में रहने के लिए होटल और गेस्ट हाउस जैसे अतिथि गृह उपलब्ध हैं।
कैम्पिंग और टेंट स्टे: पुष्कर मेला के दौरान कैम्पिंग साइट्स में ठहरने का अनोखा अनुभव प्राप्त कर सकते हैं।
धार्मिक धर्मशालाएं: श्रद्धालुओं के लिए मंदिरों और धर्मशालाओं में भी ठहरने की व्यवस्था है।
पुष्कर मेला (Pushkar Mela) राजस्थान की संस्कृति और परंपरा को देखने का बेहतरीन अवसर है। यहां हर साल लाखों लोग आते हैं और इस रंग-बिरंगे उत्सव का हिस्सा बनते हैं। अगर आप भी राजस्थान की इस अनोखी संस्कृति का आनंद लेना चाहते हैं, तो पुष्कर मेला (Pushkar Mela) 2024 में जरूर शामिल हों।
नागालैंड डियर लॉटरी संबाद भारत में एक लोकप्रिय लॉटरी ड्रा है, जो विशेष रूप से नागालैंड राज्य सरकार द्वारा संचालित किया जाता है। यह कई राज्यों में व्यापक रूप से खेला जाता है और आकर्षक पुरस्कार जीतने के अवसरों के कारण इसे अत्यधिक पसंद किया जाता है। यह लॉटरी पूरी तरह से कानूनी है और भारत के कुछ राज्यों में अनुमति प्राप्त लॉटरी की श्रेणी में आती है।
04 नवंबर 2024, दोपहर 1 बजे का डियर लॉटरी परिणाम हुआ घोषित
नागालैंड डियर लॉटरी के परिणाम का इंतजार लाखों लोगों को हर दिन रहता है। 06 अक्टूबर 2024 का परिणाम शाम 6 बजे घोषित किया गया। यह लॉटरी भारत में एक लोकप्रिय कार्यक्रम है, जो महत्वपूर्ण नकद पुरस्कार जीतने की उम्मीद रखने वाले कई प्रतिभागियों को आकर्षित करता है। इस ड्रा के लिए पहला पुरस्कार प्रभावशाली 1 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया था, जिससे यह अत्यधिक मांग वाली जीत बन गई।
नागालैंड डियर लॉटरी संबाद दिन में तीन बार आयोजित की जाती है, प्रत्येक ड्रा का अपना विशिष्ट नाम और टिकट की कीमत होती है, जिसमें विभिन्न पुरस्कार राशि होती है। ये समय दिन के अलग-अलग समय में भाग लेने की सुविधा प्रदान करते हैं। ड्रा का समय इस प्रकार है:
डियर मोर्निंग लॉटरी:सुबह का ड्रा, दोपहर 1:00 बजे
डियर डे लॉटरी:दोपहर का ड्रा, शाम 6:00 बजे
डियर इवनिंग लॉटरी:रात्रि ड्रा, रात्रि 8:00 बजे
SCHEDULE
01:00 PM DRAW NAME
06:00 PM DRAW NAME
08:00 PM DRAW NAME
Monday
Dear Dwarka
Dear Desert
Dear Eagle Evening
Tuesday
Dear Godavari
Dear Wave
Dear Parrot Evening
Wednesday
Dear Indus
Dear Hill
Dear Flamingo Evening
Thursday
Dear Mahanadi
Dear Lake
Dear Hawk Evening
Friday
Dear Meghna
Dear Mountain
Dear Ostrich Evening
Saturday
Dear Narmada
Dear River
Dear Vulture Evening
Sunday
Dear Yamuna
Dear Sea
Dear Falcon Evening
लॉटरी रिजल्ट चेक करने के लिए क्या करें
नागालैंड डियर लॉटरी संबाद के नवीनतम परिणामों की जांच करने के लिए https://resultlotterysambad.in पर जाएं। परिणाम प्रतिदिन दोपहर 1 बजे, शाम 6 बजे और रात 8 बजे प्रकाशित किए जाते हैं। बस परिणाम अनुभाग पर जाएँ, जहाँ आप वर्तमान विजेता संख्याएँ और पिछले परिणाम देख सकते हैं।
डियर लॉटरी के लिए टिकट कैसे खरीदें?
डियर लॉटरी के टिकट आसानी से विभिन्न विक्रेताओं के पास उपलब्ध होते हैं, खासकर पश्चिम बंगाल, नागालैंड और असम जैसे राज्यों में। इसके अलावा, कई वेबसाइट्स भी हैं, जो ऑनलाइन टिकट खरीदने की सुविधा देती हैं। लॉटरी टिकट का मूल्य आमतौर पर ₹6 से लेकर ₹10 तक होता है, जो इसे सभी के लिए सुलभ बनाता है।
इनाम जीतने पर क्या करें?
अगर आप डियर लॉटरी के विजेता हैं, तो इनाम को क्लेम करने के लिए आपके पास कुछ जरूरी कदम हैं:
सबसे पहले, अपने लॉटरी टिकट को संभाल कर रखें। यह इनाम क्लेम करने का सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज़ होता है।
आधिकारिक लॉटरी केंद्र पर जाकर टिकट के साथ अपने पहचान पत्र (आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि) को दिखाएं।
समय सीमा के भीतर इनाम क्लेम करें। ध्यान रखें कि इनाम क्लेम करने की समय सीमा होती है, इसलिए जितनी जल्दी हो सके, प्रक्रिया को पूरा करें।
धोखाधड़ी से कैसे बचें?
डियर लॉटरी के नाम पर कई बार धोखाधड़ी के मामले भी सामने आते हैं। ऐसे में, हमेशा सुनिश्चित करें कि आप सरकारी मान्यता प्राप्त विक्रेताओं से ही टिकट खरीदें। ऑनलाइन लॉटरी टिकट खरीदते समय भी ध्यान रखें कि वेबसाइट मान्यता प्राप्त हो।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न: Q. क्या लॉटरी भारत के सभी राज्यों में वैध है? उत्तर. नहीं, भारत में केवल 13 राज्य लॉटरी आयोजित करने और खेलने की अनुमति देते हैं। नागालैंड एक ऐसा राज्य है.
प्र. क्या मैं अपने पुरस्कार का दावा ऑनलाइन कर सकता हूँ? उत्तर. वर्तमान में, पुरस्कारों का दावा केवल सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्दिष्ट कार्यालयों में व्यक्तिगत रूप से किया जा सकता है।
प्र. यदि मैं 30 दिनों के भीतर अपने पुरस्कार का दावा नहीं करता तो क्या होगा? उत्तर. यदि 30 दिनों के भीतर दावा नहीं किया जाता है, तो विजयी टिकट रद्द हो जाएगा।
प्र. लॉटरी जीतने पर मुझे कितना कर देना होगा? उत्तर. भारत में लॉटरी जीतने पर 30% का फ्लैट टैक्स लगता है।
शिव पंचाक्षर स्तोत्र एक प्रसिद्ध मंत्र है जो भगवान शिव की आराधना में गाया जाता है। इसमें भगवान शिव के पांच पवित्र अक्षरों (“न, म, शि, वा, य”) की महिमा का वर्णन है। इसे रचयिता आदिगुरु शंकराचार्य ने लिखा था। इस स्तोत्र में भगवान शिव के दिव्य स्वरूप और उनकी अनंत शक्तियों की प्रशंसा की गई है। यह स्तोत्र भगवान शिव के भक्तों के लिए शक्ति, शांति, और आशीर्वाद प्राप्त करने का माध्यम माना जाता है।
अर्थ: जिनके कण्ठ में सर्पों का हार है, जिनके तीन नेत्र हैं, भस्म ही जिनका अंगराग है और दिशाएँ ही जिनका वस्त्र हैं अर्थात् जो दिगम्बर (निर्वस्त्र) हैं ऐसे शुद्ध अविनाशी महेश्वर न कारस्वरूप शिव को नमस्कार है॥
मन्दाकिनीसलिलचन्दनचर्चिताय नन्दीश्वरप्रमथनाथमहेश्वराय। मन्दारपुष्पबहुपुष्पसुपूजिताय तस्मै म काराय नम: शिवाय॥2॥
अर्थ: गङ्गाजल और चन्दन से जिनकी अर्चना हुई है, मन्दार-पुष्प तथा अन्य पुष्पों से जिनकी भलिभाँति पूजा हुई है। नन्दी के अधिपति, शिवगणों के स्वामी महेश्वर म कारस्वरूप शिव को नमस्कार है॥
अर्थ: जो कल्याणस्वरूप हैं, पार्वतीजी के मुखकमल को प्रसन्न करने के लिए जो सूर्यस्वरूप हैं, जो दक्ष के यज्ञ का नाश करनेवाले हैं, जिनकी ध्वजा में वृषभ (बैल) का चिह्न शोभायमान है, ऐसे नीलकण्ठ शि कारस्वरूप शिव को नमस्कार है॥
वशिष्ठकुम्भोद्भवगौतमार्य मुनीन्द्रदेवार्चितशेखराय। चन्द्रार्कवैश्वानरलोचनाय तस्मै व काराय नम: शिवाय॥4॥
अर्थ: वसिष्ठ मुनि, अगस्त्य ऋषि और गौतम ऋषि तथा इन्द्र आदि देवताओं ने जिनके मस्तक की पूजा की है, चन्द्रमा, सूर्य और अग्नि जिनके नेत्र हैं, ऐसे व कारस्वरूप शिव को नमस्कार है॥
अर्थ: जिन्होंने यक्ष स्वरूप धारण किया है, जो जटाधारी हैं, जिनके हाथ में पिनाक धनुष है, जो दिव्य सनातन पुरुष हैं, ऐसे दिगम्बर देव य कारस्वरूप शिव को नमस्कार है।
अर्थ: जो शिव के समीप इस पवित्र पञ्चाक्षर स्तोत्र का पाठ करता है, वह शिवलोक को प्राप्त होता है और वहाँ शिवजी के साथ आनन्दित होता है।
यह स्तोत्र भक्तों के जीवन में साहस, आशीर्वाद, और सफलता का संचार करता है। यह स्तोत्र भगवान शिव के प्रति भक्ति और श्रद्धा को प्रकट करने के लिए अद्वितीय माना जाता है। इसका नियमित पाठ करने से मन शांत होता है और शिव की कृपा प्राप्त होती है।
नागालैंड डियर लॉटरी संबाद भारत में एक लोकप्रिय लॉटरी ड्रा है, जो विशेष रूप से नागालैंड राज्य सरकार द्वारा संचालित किया जाता है। यह कई राज्यों में व्यापक रूप से खेला जाता है और आकर्षक पुरस्कार जीतने के अवसरों के कारण इसे अत्यधिक पसंद किया जाता है। यह लॉटरी पूरी तरह से कानूनी है और भारत के कुछ राज्यों में अनुमति प्राप्त लॉटरी की श्रेणी में आती है।
02 नवंबर 2024, शाम 6 बजे का डियर लॉटरी परिणाम हुआ घोषित
नागालैंड डियर लॉटरी के परिणाम का इंतजार लाखों लोगों को हर दिन रहता है। 06 अक्टूबर 2024 का परिणाम शाम 6 बजे घोषित किया गया। यह लॉटरी भारत में एक लोकप्रिय कार्यक्रम है, जो महत्वपूर्ण नकद पुरस्कार जीतने की उम्मीद रखने वाले कई प्रतिभागियों को आकर्षित करता है। इस ड्रा के लिए पहला पुरस्कार प्रभावशाली 1 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया था, जिससे यह अत्यधिक मांग वाली जीत बन गई।
नागालैंड डियर लॉटरी संबाद दिन में तीन बार आयोजित की जाती है, प्रत्येक ड्रा का अपना विशिष्ट नाम और टिकट की कीमत होती है, जिसमें विभिन्न पुरस्कार राशि होती है। ये समय दिन के अलग-अलग समय में भाग लेने की सुविधा प्रदान करते हैं। ड्रा का समय इस प्रकार है:
डियर मोर्निंग लॉटरी:सुबह का ड्रा, दोपहर 1:00 बजे
डियर डे लॉटरी:दोपहर का ड्रा, शाम 6:00 बजे
डियर इवनिंग लॉटरी:रात्रि ड्रा, रात्रि 8:00 बजे
SCHEDULE
01:00 PM DRAW NAME
06:00 PM DRAW NAME
08:00 PM DRAW NAME
Monday
Dear Dwarka
Dear Desert
Dear Eagle Evening
Tuesday
Dear Godavari
Dear Wave
Dear Parrot Evening
Wednesday
Dear Indus
Dear Hill
Dear Flamingo Evening
Thursday
Dear Mahanadi
Dear Lake
Dear Hawk Evening
Friday
Dear Meghna
Dear Mountain
Dear Ostrich Evening
Saturday
Dear Narmada
Dear River
Dear Vulture Evening
Sunday
Dear Yamuna
Dear Sea
Dear Falcon Evening
लॉटरी रिजल्ट चेक करने के लिए क्या करें
नागालैंड डियर लॉटरी संबाद के नवीनतम परिणामों की जांच करने के लिए https://resultlotterysambad.in पर जाएं। परिणाम प्रतिदिन दोपहर 1 बजे, शाम 6 बजे और रात 8 बजे प्रकाशित किए जाते हैं। बस परिणाम अनुभाग पर जाएँ, जहाँ आप वर्तमान विजेता संख्याएँ और पिछले परिणाम देख सकते हैं।
डियर लॉटरी के लिए टिकट कैसे खरीदें?
डियर लॉटरी के टिकट आसानी से विभिन्न विक्रेताओं के पास उपलब्ध होते हैं, खासकर पश्चिम बंगाल, नागालैंड और असम जैसे राज्यों में। इसके अलावा, कई वेबसाइट्स भी हैं, जो ऑनलाइन टिकट खरीदने की सुविधा देती हैं। लॉटरी टिकट का मूल्य आमतौर पर ₹6 से लेकर ₹10 तक होता है, जो इसे सभी के लिए सुलभ बनाता है।
इनाम जीतने पर क्या करें?
अगर आप डियर लॉटरी के विजेता हैं, तो इनाम को क्लेम करने के लिए आपके पास कुछ जरूरी कदम हैं:
सबसे पहले, अपने लॉटरी टिकट को संभाल कर रखें। यह इनाम क्लेम करने का सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज़ होता है।
आधिकारिक लॉटरी केंद्र पर जाकर टिकट के साथ अपने पहचान पत्र (आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि) को दिखाएं।
समय सीमा के भीतर इनाम क्लेम करें। ध्यान रखें कि इनाम क्लेम करने की समय सीमा होती है, इसलिए जितनी जल्दी हो सके, प्रक्रिया को पूरा करें।
धोखाधड़ी से कैसे बचें?
डियर लॉटरी के नाम पर कई बार धोखाधड़ी के मामले भी सामने आते हैं। ऐसे में, हमेशा सुनिश्चित करें कि आप सरकारी मान्यता प्राप्त विक्रेताओं से ही टिकट खरीदें। ऑनलाइन लॉटरी टिकट खरीदते समय भी ध्यान रखें कि वेबसाइट मान्यता प्राप्त हो।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न: Q. क्या लॉटरी भारत के सभी राज्यों में वैध है? उत्तर. नहीं, भारत में केवल 13 राज्य लॉटरी आयोजित करने और खेलने की अनुमति देते हैं। नागालैंड एक ऐसा राज्य है.
प्र. क्या मैं अपने पुरस्कार का दावा ऑनलाइन कर सकता हूँ? उत्तर. वर्तमान में, पुरस्कारों का दावा केवल सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्दिष्ट कार्यालयों में व्यक्तिगत रूप से किया जा सकता है।
प्र. यदि मैं 30 दिनों के भीतर अपने पुरस्कार का दावा नहीं करता तो क्या होगा? उत्तर. यदि 30 दिनों के भीतर दावा नहीं किया जाता है, तो विजयी टिकट रद्द हो जाएगा।
प्र. लॉटरी जीतने पर मुझे कितना कर देना होगा? उत्तर. भारत में लॉटरी जीतने पर 30% का फ्लैट टैक्स लगता है।
धनतेरस से शुरू होकर पांच दिवस तक मनाये जाने वाले प्रकाश पर्व ‘दीपावली’ का समापन बहन भाई के अटूट एवं पवित्र बंधन के त्यौहार “भाई दूज (Bhai Dooj)” से होता है। यह पर्व भाई-बहन के रिश्ते के प्रति स्नेह और सुरक्षा का प्रतीक है। इसे यम द्वितीया भी कहा जाता है, और इसका धार्मिक महत्व यमराज और उनकी बहन यमुनाजी की कथा से जुड़ा है। मान्यता है कि इस दिन भाई अपनी बहन के घर जाकर भोजन करते हैं और तिलक करवाते हैं। बदले में बहन की रक्षा का वचन दिया जाता है।
यम द्वितीया का महत्व और पौराणिक कथा
यम द्वितीया, जिसे भाई दूज भी कहा जाता है, का विशेष धार्मिक महत्व है। इसके पीछे एक प्रसिद्ध पौराणिक कथा है, जिसमें मृत्यु के देवता यमराज अपनी बहन यमुना जी से मिलने आते हैं। यमुनाजी अपने भाई यमराज का स्वागत करती हैं और उन्हें तिलक करती हैं। जिससे प्रसन्न होकर यमराज ये वरदान देते हैं कि अगर भाई दूज वाले दिन बहन भाई यमुना जी मैं डुबकी लगते हैं तो उन्हें यम फांस से मुक्ति मिल जाएगी। भाई दूज पर बहनें अपने भाई की लंबी उम्र और खुशहाल जीवन की कामना करते हुए तिलक करती हैं। मान्यता है कि इस दिन भाई अपनी बहन से तिलक करवाने से लंबी उम्र और सुखी जीवन का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
भाई दूज (Bhai Dooj) तिलक मुहूर्त एवं तिथि
इस साल भाई दूज पर तिलक लगाने का शुभ मुहूर्त 3 नवंबर को दोपहर 1 बजकर 10 मिनट से दोपहर 3 बजकर 22 मिनट तक रहेगा। कार्तिक मास द्वितीया तिथि का आरंभ 2 नवंबर 2024 को रात 8 बजकर 22 मिनट से होगा। इस तिथि का समापन 3 नवंबर को रात में 10 बजकर 6 मिनट पर है।
भाई दूज (Bhai Dooj) की पूजा विधि
तिलक समारोह: बहन भाई के माथे पर तिलक करती है, उसे फूल, अक्षत, और मिठाई अर्पित करती है।
आरती: भाई की लंबी उम्र और सुखी जीवन की कामना करते हुए आरती उतारी जाती है।
भोजन और प्रसाद: साथ मिलकर भोजन करते हैं, जिससे दोनों का रिश्ता और मजबूत होता है।
इस भाई दूज पर अपने भाई-बहन के साथ मिलकर इस दिन का आनंद उठाएं और उन्हें इन विशेष संदेशों के माध्यम से अपनी भावनाओं को व्यक्त करें।
Bhai Dooj Hindi Wishes
भाई दूज की ढेर सारी शुभकामनाएं! भगवान आपका रिश्ता सदा मजबूत बनाए रखें।
तिलक का टीका और मिठाई की मिठास, भाई-बहन के रिश्ते की यही है खास। शुभ भाई दूज!
सदा यूं ही खुश रहें आप दोनों, आपके रिश्ते में प्यार सदा बना रहे।
भाई दूज का ये त्यौहार आपके जीवन में खुशियों की बहार लाए।
भगवान से यही कामना है कि आपका रिश्ता सदा प्यार और विश्वास से भरा रहे।
भाई दूज के इस पावन पर्व पर भगवान आपको सदा खुश रखें।
हर दिन आपके रिश्ते में प्यार और सम्मान बढ़े। हैप्पी भाई दूज!
इस भाई दूज पर आपके जीवन में सुख-शांति का वास हो।
आपका हर सपना पूरा हो और हर मुश्किल दूर हो। भाई दूज की शुभकामनाएं!
आपका भाई-बहन का रिश्ता सदा मजबूत रहे। हैप्पी भाई दूज!
Bhai Dooj English Wishes
Wishing you a joyful Bhai Dooj filled with love and happiness!
May the bond between brother and sister grow stronger with each Bhai Dooj!
Happy Bhai Dooj! May your relationship be filled with love and care forever.
Wishing you both a lifetime of happiness and togetherness. Happy Bhai Dooj!
May the love between siblings shine brightly today and always.
Happy Bhai Dooj! May your lives be filled with endless blessings and joy.
Wishing you love, laughter, and the warmth of family on this Bhai Dooj.
May this Bhai Dooj bring all the love and light you both deserve!
Happy Bhai Dooj! Here’s to the bond that only gets stronger.
May the love between you both be a guiding light in every step.
भाई दूज (Bhai Dooj) पर रंगोली
भाई दूज पर रंगोली भाई-बहन के प्रेम को दर्शाने के लिए बनाई जाती है। इस दिन घर की सजावट में रंगोली का विशेष महत्व होता है, जो सौभाग्य और सकारात्मकता का प्रतीक है। आप फूलों, दीपों, और सुंदर रंगों का उपयोग करके पारंपरिक डिजाइनों में “भाई दूज” या “यम द्वितीया” की थीम पर रंगोली बना सकते हैं। कुछ लोकप्रिय डिजाइन नीचे दिए गए हैं:
गोवर्धन पूजा (Govardhan Puja), दिवाली के अगले दिन मनाई जाती है और इसका उद्देश्य प्रकृति की पूजा के साथ ही भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का स्मरण करना है। इस पर्व की कथा भगवान कृष्ण से जुड़ी है, जिन्होंने इंद्रदेव के प्रकोप से गोकुलवासियों की रक्षा के लिए गोवर्धन पर्वत उठाया था। मान्यताओं के अनुसार, एक बार देवराज इंद्र ने अहंकार में आकर गोकुल में अत्यधिक वर्षा कर दी। मूसलाधार वर्षा से गोकुलवासी परेशान हो गए. तब भगवान विष्णु के अवतार श्री कृष्ण ने अपने हाथ की छोटी उंगली पर गोवर्धन पर्वत को उठा लिया और सभी गोकुलवासी वर्षा से बचने के लिए पर्वत के नीचे खड़े हो गए.
गोवर्धन पूजा 2024 की तिथि और शुभ मुहूर्त
तारीख: 02 नवंबर 2024
तिथि: कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा
शुभ मुहूर्त: सुबह 7:15 से दोपहर 12:05 तक
गोवर्धन पूजा की पूजा विधि और अनुष्ठान
1. अन्नकूट उत्सव
अन्नकूट उत्सव गोवर्धन पूजा का एक महत्वपूर्ण भाग है, जिसमें विभिन्न प्रकार के पकवान और मिठाइयों का प्रसाद भगवान कृष्ण को अर्पित किया जाता है। भगवान कृष्ण के प्रति आस्था व्यक्त करने के लिए घरों और मंदिरों में 56 प्रकार के भोजन (छप्पन भोग) तैयार किए जाते हैं, जो भगवान को समर्पित होते हैं।
2. गोवर्धन पर्वत की प्रतीक पूजा
इस दिन लोग गोबर से गोवर्धन पर्वत की आकृति बनाकर उसकी पूजा करते हैं। इसे फूलों, रंगोली और दीयों से सजाया जाता है, और भगवान श्रीकृष्ण की छवि के साथ इसे पूजनीय माना जाता है। मान्यता है कि इस पूजा से धन, सुख-समृद्धि और परिवार की रक्षा होती है।
3. परिवार और समुदाय के साथ पूजा
गोवर्धन पूजा का मुख्य आकर्षण सामूहिक पूजा और भजन-कीर्तन है, जिसमें पूरे परिवार के साथ भक्ति का आनंद लिया जाता है। इस दिन भजन और कीर्तन का आयोजन होता है, और विशेष रूप से मथुरा और वृंदावन जैसे क्षेत्रों में भव्यता से उत्सव मनाया जाता है।
गोवर्धन पूजा हमें प्रकृति के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करने की प्रेरणा देती है। भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत की पूजा कर यह संदेश दिया कि हमें प्रकृति और पर्यावरण के प्रति कृतज्ञ होना चाहिए, क्योंकि यह हमें जीवन के लिए आवश्यक संसाधन प्रदान करता है।
2. पर्यावरण संरक्षण का संदेश
गोवर्धन पूजा पर्व हमें याद दिलाता है कि हमें न केवल प्रकृति की सुरक्षा करनी चाहिए, बल्कि उसका आदर भी करना चाहिए। यह पर्व बताता है कि कैसे हमें वृक्ष, जल, और अन्य प्राकृतिक संसाधनों को संजोकर रखना चाहिए।
क्षेत्रीय उत्सवों की विविधता
मथुरा और वृंदावन में इस दिन को विशेष भव्यता के साथ मनाया जाता है। यहां लोग बड़े समूह में इकट्ठा होते हैं, और मंदिरों में विशेष पूजा, झांकी और भगवान कृष्ण के भजन गाए जाते हैं। गुजरात में इसे “अन्नकूट” के नाम से जाना जाता है और यहां विशेष पकवानों का भोग भगवान को अर्पित किया जाता है।
इस गोवर्धन पूजा पर हम सभी भगवान कृष्ण और प्रकृति के प्रति आभार प्रकट करें और उनके दिए गए संदेश का पालन करते हुए पर्यावरण को संतुलित रखने का संकल्प लें।
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आईये गोवर्धन पूजा के इस शुभ अवसर पर अपने स्वजनों व मित्रों को शुभकामना सन्देश भेजें:
Govardhan Puja Best Wishes in Hindi
गोवर्धन पूजा की हार्दिक शुभकामनाएं! भगवान श्रीकृष्ण की कृपा सदा आप पर बनी रहे।
गोवर्धन पर्वत की तरह आपके जीवन में हमेशा सुख और समृद्धि बनी रहे। शुभ गोवर्धन पूजा!
भगवान कृष्ण के आशीर्वाद से आपका जीवन खुशियों से भर जाए। हैप्पी गोवर्धन पूजा!
प्रकृति के प्रति सम्मान और भक्ति का यह पर्व आपके जीवन में सुख-शांति लाए।
आपके परिवार में भगवान श्रीकृष्ण की कृपा बनी रहे। गोवर्धन पूजा की ढेर सारी शुभकामनाएं।
गोवर्धन पूजा के इस पावन पर्व पर भगवान श्रीकृष्ण की कृपा आपके जीवन को आनंद से भर दे।
भगवान गोवर्धन की तरह आपका जीवन भी प्रेम और शांति से भरा हो।
गोवर्धन पूजा के इस पावन पर्व पर आपके जीवन में खुशियों का संचार हो।
इस गोवर्धन पूजा पर सभी को सुख, शांति, और समृद्धि का आशीर्वाद मिले।
भगवान कृष्ण का आशीर्वाद सदा आपके साथ हो। गोवर्धन पूजा की शुभकामनाएं।
Govardhan Puja Best Wishes in English
Wishing you a blessed Goverdhan Pooja! May Lord Krishna shower his love upon you and your family.
May the blessings of Goverdhan mountain bring peace and prosperity to your life. Happy Goverdhan Pooja!
On this auspicious Goverdhan Pooja, may you find happiness and peace.
Celebrate nature and its blessings with reverence. Happy Goverdhan Pooja!
May Lord Krishna’s blessings fill your life with love and joy.
Wishing you joy and success as you celebrate Goverdhan Pooja with devotion.
May Lord Krishna uplift your spirits and bless you with strength. Happy Goverdhan Pooja!
On this day of devotion, may love, faith, and peace fill your life.
Celebrate the spirit of love and gratitude on Goverdhan Pooja. Wishing you blessings!
May this Goverdhan Pooja bring you joy, health, and prosperity.
नागालैंड डियर लॉटरी संबाद भारत में एक लोकप्रिय लॉटरी ड्रा है, जो विशेष रूप से नागालैंड राज्य सरकार द्वारा संचालित किया जाता है। यह कई राज्यों में व्यापक रूप से खेला जाता है और आकर्षक पुरस्कार जीतने के अवसरों के कारण इसे अत्यधिक पसंद किया जाता है। यह लॉटरी पूरी तरह से कानूनी है और भारत के कुछ राज्यों में अनुमति प्राप्त लॉटरी की श्रेणी में आती है।
29 अक्टूबर 2024, दोपहर 1 बजे का डियर लॉटरी परिणाम हुआ घोषित
नागालैंड डियर लॉटरी के परिणाम का इंतजार लाखों लोगों को हर दिन रहता है। 06 अक्टूबर 2024 का परिणाम शाम 6 बजे घोषित किया गया। यह लॉटरी भारत में एक लोकप्रिय कार्यक्रम है, जो महत्वपूर्ण नकद पुरस्कार जीतने की उम्मीद रखने वाले कई प्रतिभागियों को आकर्षित करता है। इस ड्रा के लिए पहला पुरस्कार प्रभावशाली 1 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया था, जिससे यह अत्यधिक मांग वाली जीत बन गई।
नागालैंड डियर लॉटरी संबाद दिन में तीन बार आयोजित की जाती है, प्रत्येक ड्रा का अपना विशिष्ट नाम और टिकट की कीमत होती है, जिसमें विभिन्न पुरस्कार राशि होती है। ये समय दिन के अलग-अलग समय में भाग लेने की सुविधा प्रदान करते हैं। ड्रा का समय इस प्रकार है:
डियर मोर्निंग लॉटरी:सुबह का ड्रा, दोपहर 1:00 बजे
डियर डे लॉटरी:दोपहर का ड्रा, शाम 6:00 बजे
डियर इवनिंग लॉटरी:रात्रि ड्रा, रात्रि 8:00 बजे
SCHEDULE
01:00 PM DRAW NAME
06:00 PM DRAW NAME
08:00 PM DRAW NAME
Monday
Dear Dwarka
Dear Desert
Dear Eagle Evening
Tuesday
Dear Godavari
Dear Wave
Dear Parrot Evening
Wednesday
Dear Indus
Dear Hill
Dear Flamingo Evening
Thursday
Dear Mahanadi
Dear Lake
Dear Hawk Evening
Friday
Dear Meghna
Dear Mountain
Dear Ostrich Evening
Saturday
Dear Narmada
Dear River
Dear Vulture Evening
Sunday
Dear Yamuna
Dear Sea
Dear Falcon Evening
लॉटरी रिजल्ट चेक करने के लिए क्या करें
नागालैंड डियर लॉटरी संबाद के नवीनतम परिणामों की जांच करने के लिए https://resultlotterysambad.in पर जाएं। परिणाम प्रतिदिन दोपहर 1 बजे, शाम 6 बजे और रात 8 बजे प्रकाशित किए जाते हैं। बस परिणाम अनुभाग पर जाएँ, जहाँ आप वर्तमान विजेता संख्याएँ और पिछले परिणाम देख सकते हैं।
डियर लॉटरी के लिए टिकट कैसे खरीदें?
डियर लॉटरी के टिकट आसानी से विभिन्न विक्रेताओं के पास उपलब्ध होते हैं, खासकर पश्चिम बंगाल, नागालैंड और असम जैसे राज्यों में। इसके अलावा, कई वेबसाइट्स भी हैं, जो ऑनलाइन टिकट खरीदने की सुविधा देती हैं। लॉटरी टिकट का मूल्य आमतौर पर ₹6 से लेकर ₹10 तक होता है, जो इसे सभी के लिए सुलभ बनाता है।
इनाम जीतने पर क्या करें?
अगर आप डियर लॉटरी के विजेता हैं, तो इनाम को क्लेम करने के लिए आपके पास कुछ जरूरी कदम हैं:
सबसे पहले, अपने लॉटरी टिकट को संभाल कर रखें। यह इनाम क्लेम करने का सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज़ होता है।
आधिकारिक लॉटरी केंद्र पर जाकर टिकट के साथ अपने पहचान पत्र (आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि) को दिखाएं।
समय सीमा के भीतर इनाम क्लेम करें। ध्यान रखें कि इनाम क्लेम करने की समय सीमा होती है, इसलिए जितनी जल्दी हो सके, प्रक्रिया को पूरा करें।
धोखाधड़ी से कैसे बचें?
डियर लॉटरी के नाम पर कई बार धोखाधड़ी के मामले भी सामने आते हैं। ऐसे में, हमेशा सुनिश्चित करें कि आप सरकारी मान्यता प्राप्त विक्रेताओं से ही टिकट खरीदें। ऑनलाइन लॉटरी टिकट खरीदते समय भी ध्यान रखें कि वेबसाइट मान्यता प्राप्त हो।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न: Q. क्या लॉटरी भारत के सभी राज्यों में वैध है? उत्तर. नहीं, भारत में केवल 13 राज्य लॉटरी आयोजित करने और खेलने की अनुमति देते हैं। नागालैंड एक ऐसा राज्य है.
प्र. क्या मैं अपने पुरस्कार का दावा ऑनलाइन कर सकता हूँ? उत्तर. वर्तमान में, पुरस्कारों का दावा केवल सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्दिष्ट कार्यालयों में व्यक्तिगत रूप से किया जा सकता है।
प्र. यदि मैं 30 दिनों के भीतर अपने पुरस्कार का दावा नहीं करता तो क्या होगा? उत्तर. यदि 30 दिनों के भीतर दावा नहीं किया जाता है, तो विजयी टिकट रद्द हो जाएगा।
प्र. लॉटरी जीतने पर मुझे कितना कर देना होगा? उत्तर. भारत में लॉटरी जीतने पर 30% का फ्लैट टैक्स लगता है।
धनतेरस का पर्व आज, 29 अक्टूबर 2024 को मनाया जा रहा है। यह पर्व दिवाली की शुरुआत का प्रतीक है और भगवान धनवंतरि, जो स्वास्थ्य और धन के देवता माने जाते हैं, का जन्मदिन भी है। इस दिन बर्तन, गहने, सोना-चांदी आदि खरीदना बहुत शुभ माना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार धनतेरस के दिन समुद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे।
धनतेरस 2024 की तिथि और शुभ मुहूर्त
तिथि: 29 अक्टूबर 2024
त्रयोदशी तिथि प्रारंभ: सुबह 11:45 बजे
त्रयोदशी समाप्ति: अगले दिन सुबह 11:00 बजे तक
पूजा का शुभ समय: शाम 7:00 से 8:30 बजे तक
धनतेरस का महत्व और परंपरा
धनतेरस का अर्थ ही “धन” और “तेरस” से है, जिसका अर्थ होता है धन की तेरहवीं तिथि। इस दिन खासकर धनवंतरि भगवान, जो आयुर्वेद और चिकित्सा के देवता माने जाते हैं, की पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस दिन कोई भी कीमती वस्तु या बर्तन खरीदने से पूरे साल आर्थिक संपन्नता बनी रहती है।
दिवाली, भारत का सबसे महत्वपूर्ण त्योहार, इस वर्ष 31 अक्टूबर एवं 1 नवंबर को मनाया जाएगा। दीयों और रंगों से सजे इस पर्व का मुख्य उद्देश्य बुराई पर अच्छाई की जीत और अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक है। प्रकाश का ये पंच दिवसीय पर्व धनतेरस से शुरू होकर भाई दूज तक चलता है जिसको पूरा देश बड़े ही हर्षोउल्लास के साथ मनाता है। इस दिन लोग अपने घरों को रोशन करते हैं, आतिशबाजी करते हैं, और अपने प्रियजनों को शुभकामनाएं भेजते हैं।
इस दिवाली, अपने करीबियों को इन विशेष शुभकामना संदेशों के माध्यम से अपने दिल की बात कहें:
Diwali 2024: शुभकामनायें (इंग्लिश मैं)
May the light of Diwali lead you from darkness to wisdom, filling your path with joy.
As each Diya shines, may it reflect the peace within your heart. Happy Diwali!
Wishing you a Diwali filled with blessings, joy, and the glow of endless hope.
This Diwali, may every light bring a new ray of happiness to your life.
Let the warmth of Diwali lamps illuminate your soul with love and serenity.
May this Diwali bring you the strength to conquer every shadow within.
As the night brightens with lights, may your heart brighten with happiness.
Wishing you a Diwali that paints your life with love and peace.
May your home be filled with light, laughter, and love this Diwali.
Let this Diwali dispel all worries and bring tranquility to your soul.
May the joy of Diwali fill your days with prosperity and success.
May the flickering lights of Diwali fill every corner of your heart with hope.
Wishing you joy that sparkles as brightly as Diwali lights.
As you light each lamp, may every desire turn into a joyful reality.
Let the beauty of Diwali fill your heart with boundless peace.
May the joy and peace of Diwali last in your heart forever.
This Diwali, let love and light be the eternal guide of your journey.
Wishing you a Diwali bright with dreams and radiant with achievements.
May this Diwali bring you calm and harmony that shines within.
Let each spark illuminate your mind and light up your dreams.
On this Diwali, may happiness find its way to your home.
May the Diwali lights bring clarity and a fresh start to your journey.
Wishing you a festival of light, warmth, and infinite joy.
This Diwali, let hope burn brighter than the stars above.
As lights fill the world, may your heart find boundless joy.
May this Diwali fill your life with peace, strength, and love.
Let the beauty of Diwali surround you and bless you every day.
Wishing you endless success, as boundless as the night sky on Diwali.
May every light guide you towards a future filled with happiness.
Let Diwali’s glow remove every fear and bring lasting peace.
This Diwali, may joy settle in every corner of your heart.
Wishing you a Diwali of health, wealth, and soulful moments.
May Diwali’s joy brighten every shadow in your path.
Let this Diwali fill you with love, warmth, and undying hope.
May the sparkle of Diwali light up every dream in your heart.
On this Diwali, may peace be the light that shines forever.
May your home be filled with warmth and togetherness this Diwali.
Let the glow of Diwali bring new dreams and great successes.
Wishing you the strength to overcome every challenge, as bright as Diwali lights.
May this Diwali bless you with joy that shines from within.
Let the Diwali lights guide you towards joy and serenity.
Wishing you a Diwali that illuminates every moment of your life.
May the beauty of Diwali warm your heart with everlasting peace.
Let each lamp you light add a spark to your dreams and hopes.
This Diwali, let joy be the flame that lights up your soul.
May your Diwali be as bright as your deepest aspirations.
Wishing you a Diwali filled with love, light, and laughter.
Let this Diwali mark the start of a brighter tomorrow.
May Diwali’s light bless you with love, laughter, and long-lasting joy.
Wishing you a Diwali that radiates joy and inspires your soul.
रोशनी के दीप जलाएं, खुशियों के रंग भर जाएं, हर दिन हो सुनहरा, हर सपना पूरा हो जाए। शुभ दीपावली!
लक्ष्मी माता का वास हो, आपके जीवन में उजास हो, हर खुशी आपके पास हो, मंगलमय दीपावली!
दीयों की माला से सजी हो शाम, आपके घर आए सुख का पैगाम। हैप्पी दिवाली!
प्रेम से पूरित हो जीवन का हर कोना, दीयों की तरह जगमगाए अपना अंगना।
खुशियों की जगमगाहट हो, गूंजे हर दिशा में गीत, इस दिवाली आपके जीवन में आए नई प्रीत।
दीयों की रोशनी से हर राह रोशन हो जाए, हर दुख-दर्द से आपकी मुक्ति हो जाए।
सपनों की डोरी से बंधे रहे आपका जीवन, हर दीप जलाए नई उम्मीद का किरण।
सुख, शांति, और समृद्धि का हो बसेरा, इस दीपावली में अपनों का साथ सजीव करे मेरा।
चमके जैसे चांदनी रात, आपके जीवन में हरपल रहे मधुर साथ।
दीपों की बारात हो, उजाले का प्यार हो, इस दिवाली आपके जीवन में सुख-शांति का सार हो।
हर दीया जलाए नए सपनों की रोशनी, आपकी जिंदगी में खुशी की बहारें बने अनमोल धरोहर।
प्रकाश का यह पर्व लाए जीवन में नई आशा, हर कदम हो आपका सदा सुखी और निराशा।
हर दीप जले प्यार से, हर जीवन खिले इस बहार से, यह पर्व लाए आनंद का सागर, दिवाली हो अपार!
सपनों का चिराग जलाएं, प्रेम और शांति का दीपक सजाएं।
खुशियों का दीप जले, हो खुशहाल हर आंगन, दीयों से सजी रहे आपकी जीवन की हर मंजिल।
सपनों की झिलमिलाहट में सजी हो ये रात, हर दीप से निकले खुशियों का पैगाम।
दीपों की कांति से सजे आपके जीवन का हर पन्ना, दिवाली में आप पर कृपा करें मां लक्ष्मी और गणेश जी का आशीर्वाद।
दीयों की रौशनी हर गम मिटा दे, खुशियों का दीप आपके घर सदा जला दे।
हर खुशी से रंगीन हो आपके जीवन का हर कोना, दीयों की इस जगमगाहट में नया सुख मिले।
लक्ष्मी मां का दर हो हमेशा खुला, आपके जीवन में खुशियों का मेला सजा।
हर दीया जलाए आपके सपनों की रोशनी, आपकी जिंदगी में हर दिन हो दिवाली।
प्रेम का दीप जलाएं, खुशियों से जीवन सजाएं।
सपनों का दीपक आपके आंगन में रहे हर रोज, दिवाली की शुभकामनाओं का आशीर्वाद हमेशा बना रहे।
आशीर्वाद का ये पर्व लाए आपके जीवन में नई रोशनी, हर दीप जले आपके मंगल की कामना में।
दीप जले हर ख्वाब में, आपके जीवन में खुशियों की बहार छाए।
रौशनी से भर जाए जीवन का हर कोना, दिवाली का हर दीया सजे आपके अपनों के संग।
दीयों की रोशनी से सजे आपकी जिंदगी का हर दिन, ये दिवाली हो खुशियों से भरपूर।
लक्ष्मी के चरण आपके घर आएं, हर दिन आपके जीवन में दीपावली जैसा हो।
खुशियों के दीप जलाएं, अंधेरों को दूर भगाएं।
हर दीया आपकी जिंदगी में प्रेम और शांति का दीप जलाए, आपके जीवन में हर दिन हो दिवाली।
सपनों का सजीव दीप जलाएं, हर गम से दूर हो जाए।
हर खुशी आपके जीवन में सज जाए, दिवाली का हर दीप आपके लिए खुशियां लाए।
दीपों की झिलमिलाहट से सजे जीवन का हर कोना, इस दिवाली आपका आंगन खुशियों से भरे।
प्रेम और समृद्धि का दीप जलाएं, आपके जीवन में सदा लक्ष्मी का वास हो।
दीपावली का ये पर्व आपके जीवन को नई दिशा दे, खुशियों की फसल आपके जीवन में हमेशा लहराए।
रौशनी का ये पर्व आपके जीवन में नई उम्मीदें लाए, दिवाली की शुभकामनाएं।
हर दीया आपके जीवन को खुशियों की रोशनी से भर दे, ये दीपावली आपके जीवन में नए रंग लाए।
हर दीप जलाए आपके सपनों का संसार, दिवाली हो आपके लिए सबसे खास।
इस दिवाली हर खुशी आपके द्वार आए, दीयों की माला से आपका जीवन सजे।
सफलता के दीप जले आपके हर कदम पर, दीयों की रौशनी से आपका जीवन हो सुंदर।
दिवाली का ये पर्व आपके जीवन में अपार खुशियां लाए, आपके सभी सपने सच हों।
खुशियों की दीयों से सजाएं अपने आंगन को, दिवाली का हर दीप आपके जीवन को महकाए।
दीयों की माला से आपका हर दिन सजे, दिवाली आपके जीवन में अपार खुशियां लाए।
इस दिवाली हर गम को दूर भगाएं, प्रेम और शांति का दीप जलाएं।
हर दीया आपके जीवन में खुशियों का संदेश लाए, दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं।
दीपावली का पर्व आपके जीवन में आनंद और सफलता का दीप जला दे, हर दिन आपके लिए खास हो।
दीयों का पर्व आपके जीवन में अपार समृद्धि लाए, दिवाली के इस पर्व पर आपका हर सपना साकार हो।
रौशनी से भर जाए जीवन का हर कोना, इस दिवाली आपके जीवन में नई ऊर्जा का संचार हो।
दीयों की रौशनी आपके हर गम को दूर कर दे, दिवाली का हर दीप आपके जीवन को खुशियों से भर दे।
इस दिवाली आपके जीवन में हर खुशी आए, लक्ष्मी का वास आपके आंगन में सदा बना रहे।
दिवाली की परंपराएं और मान्यताएं
दिवाली के दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा का विशेष महत्व है। यह पूजा परिवार में सुख, शांति और समृद्धि लाने के लिए की जाती है। साथ ही, लोग अपने घरों में रंगोली बनाते हैं और हर कोने को दीयों की रोशनी से सजाते हैं।
दिवाली मनाने के कुछ अनोखे विचार
रंगोली और दीयों से घर की सजावट: रंगोली बनाकर मुख्य द्वार को सजाएं और पूरे घर में मिट्टी के दीये जलाएं ताकि हर कोना रोशन हो जाए।
पर्यावरण अनुकूल पटाखे: दीयों और फूलझड़ियों के साथ उत्सव मनाएं। वातावरण को सुरक्षित रखने के लिए इको-फ्रेंडली पटाखों का उपयोग करें।
पारंपरिक भोजन और मिठाइयां: दिवाली पर घर पर मिठाइयां और पारंपरिक व्यंजन बनाएं जैसे गुलाब जामुन और काजू कतली। इन व्यंजनों से प्रियजनों का दिल जीतें।
गिफ्ट एक्सचेंज और खुशी बांटना: दिवाली पर उपहार देना एक विशेष परंपरा है। हस्तनिर्मित गिफ्ट या मिठाइयों के पैकेट के साथ अपने प्यार को व्यक्त करें।
वर्चुअल दिवाली पार्टी: अगर आपके करीबी आपसे दूर हैं तो वर्चुअल दिवाली सेलिब्रेशन का आयोजन करें। दिवाली थीम पर आधारित गेम्स खेलें और वर्चुअल रंगोली कॉन्टेस्ट करें।
लक्ष्मी पूजन और पारिवारिक सभा: लक्ष्मी पूजन के बाद पूरे परिवार के साथ उत्सव मनाएं, इससे रिश्तों में और भी मजबूती आएगी।
दान और सेवा: इस दिवाली पर जरूरतमंदों की मदद करें। कपड़े, भोजन या अन्य चीजें दान करें ताकि हर किसी के जीवन में खुशी का संचार हो सके।
दिवाली पर अपने प्रियजनों के साथ खुशियों को बांटें और इस पर्व की भावना को जीवंत बनाए रखें। सभी को शुभ दीपावली!
नागालैंड डियर लॉटरी संबाद भारत में एक लोकप्रिय लॉटरी ड्रा है, जो विशेष रूप से नागालैंड राज्य सरकार द्वारा संचालित किया जाता है। यह कई राज्यों में व्यापक रूप से खेला जाता है और आकर्षक पुरस्कार जीतने के अवसरों के कारण इसे अत्यधिक पसंद किया जाता है। यह लॉटरी पूरी तरह से कानूनी है और भारत के कुछ राज्यों में अनुमति प्राप्त लॉटरी की श्रेणी में आती है।
28 अक्टूबर 2024, दोपहर 1 बजे का डियर लॉटरी परिणाम हुआ घोषित
नागालैंड डियर लॉटरी के परिणाम का इंतजार लाखों लोगों को हर दिन रहता है। 06 अक्टूबर 2024 का परिणाम शाम 6 बजे घोषित किया गया। यह लॉटरी भारत में एक लोकप्रिय कार्यक्रम है, जो महत्वपूर्ण नकद पुरस्कार जीतने की उम्मीद रखने वाले कई प्रतिभागियों को आकर्षित करता है। इस ड्रा के लिए पहला पुरस्कार प्रभावशाली 1 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया था, जिससे यह अत्यधिक मांग वाली जीत बन गई।
नागालैंड डियर लॉटरी संबाद दिन में तीन बार आयोजित की जाती है, प्रत्येक ड्रा का अपना विशिष्ट नाम और टिकट की कीमत होती है, जिसमें विभिन्न पुरस्कार राशि होती है। ये समय दिन के अलग-अलग समय में भाग लेने की सुविधा प्रदान करते हैं। ड्रा का समय इस प्रकार है:
डियर मोर्निंग लॉटरी:सुबह का ड्रा, दोपहर 1:00 बजे
डियर डे लॉटरी:दोपहर का ड्रा, शाम 6:00 बजे
डियर इवनिंग लॉटरी:रात्रि ड्रा, रात्रि 8:00 बजे
SCHEDULE
01:00 PM DRAW NAME
06:00 PM DRAW NAME
08:00 PM DRAW NAME
Monday
Dear Dwarka
Dear Desert
Dear Eagle Evening
Tuesday
Dear Godavari
Dear Wave
Dear Parrot Evening
Wednesday
Dear Indus
Dear Hill
Dear Flamingo Evening
Thursday
Dear Mahanadi
Dear Lake
Dear Hawk Evening
Friday
Dear Meghna
Dear Mountain
Dear Ostrich Evening
Saturday
Dear Narmada
Dear River
Dear Vulture Evening
Sunday
Dear Yamuna
Dear Sea
Dear Falcon Evening
लॉटरी रिजल्ट चेक करने के लिए क्या करें
नागालैंड डियर लॉटरी संबाद के नवीनतम परिणामों की जांच करने के लिए https://resultlotterysambad.in पर जाएं। परिणाम प्रतिदिन दोपहर 1 बजे, शाम 6 बजे और रात 8 बजे प्रकाशित किए जाते हैं। बस परिणाम अनुभाग पर जाएँ, जहाँ आप वर्तमान विजेता संख्याएँ और पिछले परिणाम देख सकते हैं।
डियर लॉटरी के लिए टिकट कैसे खरीदें?
डियर लॉटरी के टिकट आसानी से विभिन्न विक्रेताओं के पास उपलब्ध होते हैं, खासकर पश्चिम बंगाल, नागालैंड और असम जैसे राज्यों में। इसके अलावा, कई वेबसाइट्स भी हैं, जो ऑनलाइन टिकट खरीदने की सुविधा देती हैं। लॉटरी टिकट का मूल्य आमतौर पर ₹6 से लेकर ₹10 तक होता है, जो इसे सभी के लिए सुलभ बनाता है।
इनाम जीतने पर क्या करें?
अगर आप डियर लॉटरी के विजेता हैं, तो इनाम को क्लेम करने के लिए आपके पास कुछ जरूरी कदम हैं:
सबसे पहले, अपने लॉटरी टिकट को संभाल कर रखें। यह इनाम क्लेम करने का सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज़ होता है।
आधिकारिक लॉटरी केंद्र पर जाकर टिकट के साथ अपने पहचान पत्र (आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि) को दिखाएं।
समय सीमा के भीतर इनाम क्लेम करें। ध्यान रखें कि इनाम क्लेम करने की समय सीमा होती है, इसलिए जितनी जल्दी हो सके, प्रक्रिया को पूरा करें।
धोखाधड़ी से कैसे बचें?
डियर लॉटरी के नाम पर कई बार धोखाधड़ी के मामले भी सामने आते हैं। ऐसे में, हमेशा सुनिश्चित करें कि आप सरकारी मान्यता प्राप्त विक्रेताओं से ही टिकट खरीदें। ऑनलाइन लॉटरी टिकट खरीदते समय भी ध्यान रखें कि वेबसाइट मान्यता प्राप्त हो।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न: Q. क्या लॉटरी भारत के सभी राज्यों में वैध है? उत्तर. नहीं, भारत में केवल 13 राज्य लॉटरी आयोजित करने और खेलने की अनुमति देते हैं। नागालैंड एक ऐसा राज्य है.
प्र. क्या मैं अपने पुरस्कार का दावा ऑनलाइन कर सकता हूँ? उत्तर. वर्तमान में, पुरस्कारों का दावा केवल सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्दिष्ट कार्यालयों में व्यक्तिगत रूप से किया जा सकता है।
प्र. यदि मैं 30 दिनों के भीतर अपने पुरस्कार का दावा नहीं करता तो क्या होगा? उत्तर. यदि 30 दिनों के भीतर दावा नहीं किया जाता है, तो विजयी टिकट रद्द हो जाएगा।
प्र. लॉटरी जीतने पर मुझे कितना कर देना होगा? उत्तर. भारत में लॉटरी जीतने पर 30% का फ्लैट टैक्स लगता है।
नागालैंड डियर लॉटरी संबाद भारत में एक लोकप्रिय लॉटरी ड्रा है, जो विशेष रूप से नागालैंड राज्य सरकार द्वारा संचालित किया जाता है। यह कई राज्यों में व्यापक रूप से खेला जाता है और आकर्षक पुरस्कार जीतने के अवसरों के कारण इसे अत्यधिक पसंद किया जाता है। यह लॉटरी पूरी तरह से कानूनी है और भारत के कुछ राज्यों में अनुमति प्राप्त लॉटरी की श्रेणी में आती है।
25 अक्टूबर 2024, दोपहर 1 बजे का डियर लॉटरी परिणाम हुआ घोषित
नागालैंड डियर लॉटरी के परिणाम का इंतजार लाखों लोगों को हर दिन रहता है। 06 अक्टूबर 2024 का परिणाम शाम 6 बजे घोषित किया गया। यह लॉटरी भारत में एक लोकप्रिय कार्यक्रम है, जो महत्वपूर्ण नकद पुरस्कार जीतने की उम्मीद रखने वाले कई प्रतिभागियों को आकर्षित करता है। इस ड्रा के लिए पहला पुरस्कार प्रभावशाली 1 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया था, जिससे यह अत्यधिक मांग वाली जीत बन गई।
नागालैंड डियर लॉटरी संबाद दिन में तीन बार आयोजित की जाती है, प्रत्येक ड्रा का अपना विशिष्ट नाम और टिकट की कीमत होती है, जिसमें विभिन्न पुरस्कार राशि होती है। ये समय दिन के अलग-अलग समय में भाग लेने की सुविधा प्रदान करते हैं। ड्रा का समय इस प्रकार है:
डियर मोर्निंग लॉटरी:सुबह का ड्रा, दोपहर 1:00 बजे
डियर डे लॉटरी:दोपहर का ड्रा, शाम 6:00 बजे
डियर इवनिंग लॉटरी:रात्रि ड्रा, रात्रि 8:00 बजे
SCHEDULE
01:00 PM DRAW NAME
06:00 PM DRAW NAME
08:00 PM DRAW NAME
Monday
Dear Dwarka
Dear Desert
Dear Eagle Evening
Tuesday
Dear Godavari
Dear Wave
Dear Parrot Evening
Wednesday
Dear Indus
Dear Hill
Dear Flamingo Evening
Thursday
Dear Mahanadi
Dear Lake
Dear Hawk Evening
Friday
Dear Meghna
Dear Mountain
Dear Ostrich Evening
Saturday
Dear Narmada
Dear River
Dear Vulture Evening
Sunday
Dear Yamuna
Dear Sea
Dear Falcon Evening
लॉटरी रिजल्ट चेक करने के लिए क्या करें
नागालैंड डियर लॉटरी संबाद के नवीनतम परिणामों की जांच करने के लिए https://resultlotterysambad.in पर जाएं। परिणाम प्रतिदिन दोपहर 1 बजे, शाम 6 बजे और रात 8 बजे प्रकाशित किए जाते हैं। बस परिणाम अनुभाग पर जाएँ, जहाँ आप वर्तमान विजेता संख्याएँ और पिछले परिणाम देख सकते हैं।
डियर लॉटरी के लिए टिकट कैसे खरीदें?
डियर लॉटरी के टिकट आसानी से विभिन्न विक्रेताओं के पास उपलब्ध होते हैं, खासकर पश्चिम बंगाल, नागालैंड और असम जैसे राज्यों में। इसके अलावा, कई वेबसाइट्स भी हैं, जो ऑनलाइन टिकट खरीदने की सुविधा देती हैं। लॉटरी टिकट का मूल्य आमतौर पर ₹6 से लेकर ₹10 तक होता है, जो इसे सभी के लिए सुलभ बनाता है।
इनाम जीतने पर क्या करें?
अगर आप डियर लॉटरी के विजेता हैं, तो इनाम को क्लेम करने के लिए आपके पास कुछ जरूरी कदम हैं:
सबसे पहले, अपने लॉटरी टिकट को संभाल कर रखें। यह इनाम क्लेम करने का सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज़ होता है।
आधिकारिक लॉटरी केंद्र पर जाकर टिकट के साथ अपने पहचान पत्र (आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि) को दिखाएं।
समय सीमा के भीतर इनाम क्लेम करें। ध्यान रखें कि इनाम क्लेम करने की समय सीमा होती है, इसलिए जितनी जल्दी हो सके, प्रक्रिया को पूरा करें।
धोखाधड़ी से कैसे बचें?
डियर लॉटरी के नाम पर कई बार धोखाधड़ी के मामले भी सामने आते हैं। ऐसे में, हमेशा सुनिश्चित करें कि आप सरकारी मान्यता प्राप्त विक्रेताओं से ही टिकट खरीदें। ऑनलाइन लॉटरी टिकट खरीदते समय भी ध्यान रखें कि वेबसाइट मान्यता प्राप्त हो।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न: Q. क्या लॉटरी भारत के सभी राज्यों में वैध है? उत्तर. नहीं, भारत में केवल 13 राज्य लॉटरी आयोजित करने और खेलने की अनुमति देते हैं। नागालैंड एक ऐसा राज्य है.
प्र. क्या मैं अपने पुरस्कार का दावा ऑनलाइन कर सकता हूँ? उत्तर. वर्तमान में, पुरस्कारों का दावा केवल सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्दिष्ट कार्यालयों में व्यक्तिगत रूप से किया जा सकता है।
प्र. यदि मैं 30 दिनों के भीतर अपने पुरस्कार का दावा नहीं करता तो क्या होगा? उत्तर. यदि 30 दिनों के भीतर दावा नहीं किया जाता है, तो विजयी टिकट रद्द हो जाएगा।
प्र. लॉटरी जीतने पर मुझे कितना कर देना होगा? उत्तर. भारत में लॉटरी जीतने पर 30% का फ्लैट टैक्स लगता है।
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना, मध्य प्रदेश सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है जिसका उद्देश्य राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। इस योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को प्रति माह ₹1,250 की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है, जिससे उन्हें आत्मनिर्भर बनने और अपने परिवार की वित्तीय सहायता करने में मदद मिलती है।
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना मुख्य रूप से मध्य प्रदेश की गरीब और निम्न आय वर्ग की महिलाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है। यह योजना महिलाओं की आर्थिक स्थिति को सुधारने और उन्हें वित्तीय आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर करने के लिए बनाई गई है। इसमें महिलाओं को हर महीने ₹1,250 की सहायता राशि प्रदान की जाती है, जो सीधे उनके बैंक खाते में जमा होती है।
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के मुख्य बिंदु
नाम
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना
उद्देश्य
आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को आर्थिक सहायता
शुरुआत
2023
सेक्टर
महिला सशक्तिकरण
विभाग
महिला एवं बाल विकास विभाग
वर्तमान स्थिति
सक्रिय
आवेदन मोड
ऑनलाइन/ऑफलाइन
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के लाभ
हर महीने आर्थिक सहायता: महिलाओं को प्रति माह ₹1,250 की आर्थिक सहायता।
आत्मनिर्भरता: महिलाओं को सशक्त बनाकर उन्हें परिवार में वित्तीय स्थिरता प्राप्त करने में मदद मिलती है।
सीधा बैंक ट्रांसफर: सहायता राशि सीधे बैंक खाते में जमा होती है।
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के लिए आवेदन कैसे करें?
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत की जाने वाली आवेदन प्रक्रिया को सरल और उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाया गया है, ताकि आवेदक इसमें अपना आवेदन आसानी से कर सकें। निम्नलिखित चरणों का पालन करके आप इस योजना में ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं:
Step 1: सबसे पहले ‘Samagra Portal’ पर जाकर आवेदक अपनी E-KYC पूरी करें। उसके पश्चात अपनी समग्र आईडी बना ले जिसका उपयोग आवेदन फॉर्म के भरने मे किया जाएगा।
Step 2: इसके पश्चात आवेदन फॉर्म ग्राम पंचायत / वार्ड कार्यालय / कैंप स्थल पर उपलब्ध होंगे, वहाँ जाकर आवेदन फॉर्म लेकर उसकी सभी डिटेल्स को भरना होगा।
Step 3: आवेदन करने के लिए आपको अपना आवश्यक दस्तावेज वहाँ के कार्यकर्ता को देने होंगे।
Step 4: उसके बाद आप भरा हुआ आवेदन फॉर्म कैंप स्थल / ग्राम पंचायत / वार्ड कार्यालय पर जमा कर दे। वहाँ के कार्यकर्ता आपके फॉर्म को लाड़ली बहना पोर्टल/एप में सबमिट कर देंगे। आवेदन फॉर्म के सबमिट के समय महिला का फोटो लिया जाएगा।
Step 5: इसके बाद आपका आवेदन ऑनलाइन सबमिट कर दिया जाएगा। ऑनलाइन आवेदन सफलतापूर्वक सबमिट होने के बाद आपको अधिकारी द्वारा फॉर्म की रसीद दी जाएगी। जिसे आपको अपने पास सुरक्षित रखना होगा।
Step 6: ऑनलाइन आवेदन सफलतापूर्वक की जानकारी एसएमएस/ व्हाटसअप द्वारा भी आवेदक को प्राप्त होगी।
Step 7: फॉर्म की रसीद मे आवेदक को एक ‘Registration No.’ मिलेगा, इस No. के द्वारा आवेदक लाड़ली बहना पोर्टल पर जाकर आवेदन की स्थिति Tab पर क्लिक करके फॉर्म Status Check कर सकते हैं।
Step 8: आवेदक की Application Form Approved होने के बाद हर महीने 1,250/- रूपए आपके बैंक अकाउंट मे आया करेंगे।
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना 2023 के क्या उद्देश्य हैं? उत्तर – महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन, उनके स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सतत सुधार एवं परिवार के निर्णयों में उनकी भूमिका सुदृढ़ करना।
योजना अंतर्गत हितग्राहियों की पात्रता क्या निर्धारित की गयी है ? उत्तर – योजना में उल्लेखित अपात्रता की श्रेणी में नहीं आने वाली, 01 जनवरी 1961 के पश्चात् परन्तु 01 जनवरी 2000 तक जन्मी मध्यप्रदेश की स्थानीय निवासी समस्त विवाहित महिलाएं (विधवा, तलाकशुदा एवं परित्यक्ता महिला सहित) वर्ष 2023 में आवेदन हेतु पात्र होंगीं।
क्या योजना अंतर्गत परिवार की आय की कोई भी सीमा है ? उत्तर – हाँ, योजना के अंतर्गत ऐसी महिलाऐं अपात्र होंगी, जिनके परिवार की सम्मिलित रूप से वार्षिक आय रुपये 2.5 लाख से अधिक हो।