जाट समाज की विभूति एवं मेधावी सम्मान के साथ विशाल स्वास्थ्य जांच शिविर भी लगाया..
मथुरा। महाराजा सूरजमल स्मृति न्यास द्वारा डैंपियर नगर स्थित किसान भवन में हिंदू हृदय सम्राट, भरतपुर के संस्थापक अजेय महाराजा सूरजमल का 261 वां बलिदान दिवस मनाया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ आचार्य सत्यप्रिय आर्य द्वारा वैदिक हवन करवाकर किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मा.मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी तथा विशिष्ट अतिथि सांसद तेजवीर सिंह चौधरी रहे। कार्यक्रम में मा. मंत्री द्वारा महाराजा सूरजमल के आदर्शों पर चलने, संगठित रहने तथा महापुरुषों के जीवन चरित्र से बच्चों को संस्कारित करने पर जोर दिया। तथा जाट केसरी की उपाधि से हास्य कवि सबरस मुरसानी, अरविंद चौधरी, एथलीट मोहन सिंह आर्य तथा एड.राजप्रकाश चिकारा को सम्मानित किया। वहीं सांसद तेजवीर सिंह ने वर्तमान समय में जाट समाज की उन्नति पर संतोष व्यक्त करते हुए एकजुटता की कमी पर कठोर शब्दों में डांट भी पिलाई। श्री सिंह द्वारा राष्ट्रीय एयर राइफल शूटर मीनेश जुरैल, कथा वाचक रिया फौजदार, शिक्षिका प्रदीपिका फौजदार तथा ज्योति चौधरी को जाट गरिमा तथा रामप्रकाश कुंतल, रामवीर, शांतनु छौंकर, शैलेन्द्र सिंह नरवार, डॉ दीपू चौधरी, फ्लाइंग अफसर रजत सिंह, बॉक्सर विष्णु चौधरी, सचिव चिंटू कुमार कुंतल, हॉकी प्लेयर यश चौधरी, तनुज चौधरी, मोहित चौधरी, जनार्दन पहलवान, डॉ दुष्यंत चौधरी तथा शुभम चौधरी को जाट रत्न की उपाधि से सम्मानित किया गया।
उपस्थित जनसमूह को किसान नेता व न्यास के कोषाध्यक्ष राजकुमार सिंह तोमर, महेंद्र चौधरी, योगेन्द्र फौजदार, चौ गुलवीर सिंह, हरिपाल सिंह, कृष्ण जन्मभूमि न्यास के एड. महेंद्र सिंह आदि ने संबोधित किया और महाराजा सूरजमल के विचार और संस्कार अपनाने पर जोर दिया। कार्यक्रम का संचालन न्यास के ट्रस्टी व महासचिव चौधरी विजय आर्य ने तथा धन्यवाद न्यास के अध्यक्ष आर बी चौधरी ने दिया।
इस अवसर पर डॉ परमिंदर सिंह के संयोजन में आयोजित स्वास्थ्य कैंप में चिकित्सकों द्वारा लगभग दो सैकड़ा से अधिक लोगों को निशुल्क परीक्षण एवं परामर्श प्रदान किया गया। वहीं सत्तर वर्ष से अधिक आयु वाले आधा सैकड़ा वृद्धों के आयुष्मान कार्ड भी बनाए गए।
कार्यक्रम में जगवीर चौधरी, हितेंद्र सिंह चौधरी, सूरजपाल सिंह, हरेश कुमार सिंह, अमित सिकरवार, पुष्पेंद्र सिंह भरऊ, पवन चौधरी, इंजी. सुरेन्द्र सिंह, सचिव हरेंद्र चौधरी, ज्वाला सिंह, रामकुमार सिंह, राजेश सोलंकी, दीवान सिह, विनीता वर्मा, डॉ जयकुमार, उमाशंकर सिंह, रेनू सिंह, भाजपा नेत्री डॉ मेघना चौधरी, सुजाता चौधरी, हेमलता चौधरी आदि का सहयोग रहा। उपस्थित जनों में किसान नेता बुद्धासिंह, प्रधान सूरज सिंह, मानवेंद्र कुमार, नागेंद्र कुमार, सुभाष चौधरी, कर्मवीर छौंकर, मौनी ताऊ, अरविंद चौधरी, पुनीत चौधरी, भानुप्रताप सिंह, शिवकुमार चौधरी, एड.विजयेंद्र वैदिक, बार के पूर्व अध्यक्ष आलोक सिंह, एड. हाकिम सिंह, महावीर सिंह, रनवीर सिंह, जयवीर सिंह, रघुनाथ सिंह, एड. विक्रम सिंह आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
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13 फरवरी 1707, को राजस्थान के भरतपुर मैं जाट कुल मैं जन्मे हिन्दू महाराजा सूरजमल (Maharaja Surajmal) या सुजान सिंह अपने समय के वीर योद्धा और रणनीतिकार थे। उनका शासन जिन क्षेत्रों में था वे वर्तमान समय में भारत की राजधानी दिल्ली, उत्तर प्रदेश के आगरा, अलीगढ़, फ़िरोज़ाबाद, एटा, राजस्थान के भरतपुर, धौलपुर, हरियाणा का गुरुग्राम, रोहतक, झज्जर, फरीदाबाद, रेवाड़ी, मेवात हैं। राजा सूरजमल में वीरता, धीरता, गम्भीरता, उदारता, सतर्कता, दूरदर्शिता, सूझबूझ, चातुर्य और राजमर्मज्ञता का सुखद संगम सुशोभित था। मेल-मिलाप और सह-अस्तित्व तथा समावेशी सोच को आत्मसात करने वाली भारतीयता के वे सच्चे प्रतीक थे। राजा सूरज मल के समकालीन एक इतिहासकार ने उन्हें ‘जाटों का प्लेटो’ कहा है। इसी तरह एक आधुनिक इतिहासकार ने उनकी दूरदृष्टि और बुद्धिमत्ता को देखने हुए उनकी तुलना ओडिसस से की है।
महाराजा सूरजमल (Maharaja Surajmal) के जीवन परिचय और उनके शासनकाल मैं किये गए उत्कृष्ट कार्यों और उनके द्वारा लाडे गए भीषण युद्धों पर प्रकाश डालने का प्रयत्न करते हुए, जाट बुलेटिन प्रस्तुत करते हैं महाराजा सूरजमल के जीवन परिचय और उनकी वीरगाथा का प्रथम भाग।
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महाराजा सूरजमल जाट(Maharaja Surajmal) भारतीय इतिहास के उन योद्धाओं और शासकों में से एक हैं जिन्होंने अपनी सैन्य कुशलता, रणनीतिक बुद्धिमत्ता और प्रजा के प्रति न्यायप्रियता के साथ एक अमिट छाप छोड़ी। वे न केवल भरतपुर राज्य के संस्थापक थे, बल्कि उन्होंने जाट समुदाय को संगठित कर उन्हें भारतीय इतिहास में सम्मानजनक स्थान दिलाया। उनका जीवन और शासनकाल साहस, त्याग और रणनीतिक कौशल का प्रतीक है।
भारत की स्टार शूटर और जाट समाज की बेटी मनु भाकर ने पेरिस ओलंपिक 2024 में इतिहास रच दिया है। वह ओलंपिक में दो पदक जीतने वाली देश की पहली महिला निशानेबाज बन गईं। उन्होंने महिलाओं के व्यक्तिगत 10 मीटर एयर पिस्टल फाइनल में कांस्य पदक जीता था। अब मनु ने आज मंगलवार को सरबजोत सिंह के साथ मिश्रित टीम 10 मीटर एयर पिस्टल फाइनल में भारत को एक और कांस्य पदक दिलाकर इतिहास रच दिया है। मनु एक और कांस्य पदक जीतने के साथ ही एक ही ओलंपिक खेलों में दो पदक जीतने वाली स्वतंत्र भारत की पहली एथलीट बन गई हैं।
मनु और सरबजीत के कांस्य पदक जीतते ही पूरा देश जश्न में डूब गया। ओलंपिक में अभी तक भारत को दो पदक मिले हैं, दोनों ही हरियाणा और पंजाब के खिलाड़ियों ने जीते हैं।
अंबाला के मुलाना के गांव धीन के निवासी शूटर सरबजोत ने पेरिस ओलंपिक में पहली बार में कांस्य पदक झटक कर कीर्तिमान स्थापित किया है। यह पदक 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स मुकाबले में सरबजोत और मनु भाकर की जोड़ी ने जीता है। सरबजोत के लिए यह ओलंपिक में पहला पदक है।
बताते चलें कि अभी मनु का 25 मीटर कि शूटिंग स्पर्धा मैं भाग लेना शेष है।
इस जीत से पूरे देश मैं ख़ुशी कि लहर दौड़ गयी है, हर तरफ से दोनों खिलाडियों और उनके परिवारीजनों को बधाई देने वाले लोगों का ताँता लगा हुआ है।
भारत की बेटी और जाट समाज का अभिमान मनु भाकर के कांस्य की बदौलत भारत ने पेरिस ओलंपिक्स (Paris Olympics) 2024 मैं कांस्य पदक के साथ अपना खाता खोला। भाकर ने कांस्य पदक जीतकर रचा इतिहास, निशानेबाजी में मनु कोई भी मेडल जीतने वाली वो पहली भारतीय महिला बन गयी हैं साथ ही 12 साल बाद निशानेबाजी मैं कोई पदक जीतकर उन्होंने भारत के सूखे को भी खत्म किया। उन्होंने 10 मीटर एयर पिस्टल में ने 221.7 पॉइंट्स के साथ अपने पहले कांस्य पदक की दावेदारी पक्की की। वहीं कोरिया की ओह ये जिन ने 243.2 का ओलंपिक्स रिकॉर्ड बनाते हुए गोल्ड मेडल जीता, जबकि उन्हीं के देश की येजि किम ने 241.3 के स्कोर के साथ सिल्वर मेडल अपने नाम किया।
जीत के बाद काफी खुश नजर आयी भाकर ने कहा “पदक जीतना बहुत अच्छा लग रहा है। इस बार हमारी कोशिश होगी कि हम ज्यादा से ज्यादा मेडल जीत सकें। टीम बहुत मेहनत कर रही है, एक व्यक्ति के रूप में मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। ये ब्रॉन्ज़ है, अगली बार और बेहतर करने की कोशिश करूंगी।
कौन हैं मनु भाकर: हरियाणा के झज्जर की रहने वाली मनु के पिता मर्चेंट नेवी में चीफ इंजिनियर हैं। 14 साल की उम्र तक मनु बॉक्सिंग, टेनिस, स्केटिंग और मणिपुरी मार्शल आर्ट्स खेलती थीं। इन इवेंट्स में उन्होंने कई नेशनल मेडल्स भी जीत रखे थे, लेकिन अप्रैल 2016 में मनु पहली बार शूटिंग रेंज पहुंचीं और 15 दिन बाद ही हरियाणा ओपन टूर्नामेंट में गोल्ड मेडल जीत लिया। इसके साथ ही उनका निशानेबाजी का सफर शुरू हो गया और इसके बाद उन्होंने साल 2017 की एशियन जूनियर चैंपियनशिप का सिल्वर मेडल जीत लिया। 2018 में ही मैक्सिको वर्ल्ड कप मैं दो गोल्ड मेडल जीतने वाली 16 साल की भाकर वर्ल्ड कप में गोल्ड मेडल जीतने वाली सबसे युवा भारतीय शूटर बन गईं। और इसी साल हुई नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में भाकर ने कई बार की नेशनल चैंपियन हिना सिद्धू को न सिर्फ हराया बल्कि उनका नेशनल रिकॉर्ड भी तोड़ डाला। इस इवेंट में मनु ने कुल नौ गोल्ड मेडल जीते।
इस जीत से भारत मै जबस्दस्त उत्साह है, प्रधानमंत्री मोदी ने जहाँ इस जीत कि शुभकामनायें प्रेषित की वहीं हर भारतीय इसे अपनी जीत मानते हुए उत्सव मना रहा है। इस जीत के साथ ही सबकी निगाहें अब रजत और स्वर्ण पदकों पर टिक गयी हैं।
जाट समाज की विभूतियों और मेधावियों का किया सम्मान मथुरा। महाराजा सूरजमल स्मृति न्यास द्वारा सौंख रोड स्थित होटल बीपी एमराल्ड में हिंदू हृदय सम्राट, भरतपुर के संस्थापक अजेय महाराजा सूरजमल का 260 वां बलिदान दिवस मनाया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सत्यप्रिय आर्य, विवेक प्रिय आर्य, अर्चना प्रिय आर्य, मनोज आर्य द्वारा वैदिक हवन करवाया गया। इस अवसर पर जाट समाज की विभूतियों के साथ मेधावियों को सम्मान पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। समाज की विभूतियों एवं मेधावियों को जिला पंचायत अध्यक्ष किशन चौधरी, पूर्व विधायक प्रणतपाल सिंह तथा डीपीआरओ बुलंदशहर डा प्रीतम सिंह द्वारा सम्मान पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वाली विभूतियों में कैप्टन प्रताप सिंह वर्मा जाट शिरोमणि, उद्योगपति सूरजपाल सिंह, कैप्टन पुरन सिंह, सत्यपाल सिंह, अखिलेश चौधरी, पूर्व विधायक प्रताप चौधरी को जाट केसरी, वर्षा चाहर, ऋचा चौधरी, सोनिया सिंह, पल्लवी चाहर, प्राची चाहर को जाट गरिमा तथा कर्नल प्रमोद सोलंकी, डा मेजर अजीत सिकरवार, डा रंजीत चौधरी, डा राहुल चौधरी, पायलट सचिन ठैनुआ, लेफ्टी.राहुल सिंह, लेफ्टी.अमन ठैनुआ, लेफ्टी. अभिषेक कुमार, लेफ्टी. तुषार श्योरान, लेफ्टी. आदित्य चौधरी, राहुल चौधरी, पुनीत चौधरी, यश चिकारा,डा राहुल चौधरी, पंकज सिकरवार, अतुल चौधरी, अनिल देव फौजदार आरएएस, आईआईटियन हर्ष चौधरी, पहलवान सौरभ सिकरवार, नरेंद्र कुमार सिंह, लेफ्टी. गौरव सिकरवार, भारतीय विदेश सेवा के आदित्य चौधरी, गजेंद्र सिंह, विशाल कुंतल, धर्मेश चौधरी को जाट रत्न की उपाधि से अलंकृत किया गया।
जिला पंचायत अध्यक्ष किशन चौधरी ने समाज की एकता पर बल देते हुए महाराजा सूरजमल के व्यक्तित्व से सीख लेने की बात कही। उन्होंने इस प्रकार के आयोजन वर्ष में कम से कम चार बार करने का आग्रह भी न्यास से किया। डीपीआरओ बुलंदशहर प्रीतम सिंह ने शिक्षा के महत्व पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए युवाओं को आगामी हजार वर्ष का प्लान समझाया। उपस्थित जनसमूह को पूर्व विधायक प्रणतपाल सिंह, पूर्व मंत्री चौ.सरदार सिंह, डा अर्चना प्रिय आर्य, भागवत कथावाचक देवी शैलकिशोरी, पार्षद तिलकवीर चौधरी आदि ने संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन न्यास के ट्रस्टी व महासचिव चौधरी विजय आर्य ने तथा धन्यवाद न्यास के अध्यक्ष आर बी चौधरी ने दिया। इस अवसर पर क्षत्राणि ग्रुप की अध्यक्ष सुजाता चौधरी, टैरो कार्ड रीडर प्रतिमा सिंह, हेमलता चौधरी आदि ने महिलाओं के हित में कार्यक्रम आयोजन करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में सुजीत चौधरी, किसान नेता राजकुमार तोमर, एड.उमाशंकर सिंह, शिक्षाविद सूरजपाल सिंह, जगवीर चौधरी, हितेंद्र चौधरी, हरपाल सिंह, अमित सिकरवार, पवन चौधरी आदि प्रमुख सहयोगी रहे वहीं चंद्रभान प्रधान, कुश्ती कोच ब्रजमोहन सिंह, सनसवीर सिंह, वीके सिंह, प्रधान सत्यवीर सिंह, सूबे. मेजर वीरेंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह, डा भंवर सिंह चौधरी, योगेंद्र सिंह फौजदार, मानवेंद्र कुमार, सुभाष चौधरी, पार्षद अभिजीत चौधरी, प्रधान मगोर्रा चंद्रपाल कुंतल, भारतीय जाट महासभा जिलाध्यक्ष राजेश चौधरी, कर्मवीर छौंकर, मौनी ताऊ, सत्यपाल सिंह, मुकेश चौधरी, अरविंद चौधरी, पुनीत चौधरी, भानुप्रताप सिंह आदि सैकड़ों की संख्या में उपस्थित रहे.
स्मार्टफोन चलाने वाले (स्मार्टफोन यूजर्स) जागरूक जाट युवक-युवतियों के लिए जाट समाज की सेवा का भाव और उनको अतिरिक्त आय में प्रदान करने के लिए जाट बुलेटिन लाया है ‘जाट हेल्पलाइन’ ।
जाट समाज के प्रथम एप “जाट बुलेटिन” द्वारा जाट युवक एवं युवतियों के सहयोग से जाट समाज के आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी छात्र/छात्राओं की * शिक्षा * कैरियर/रोजगार * उपचार/चिकित्सा * शादी-विवाह * कानूनी मदद * और सरकारी मदद दिलाने के उद्देश्य को पूर्ण करने का बीड़ा उठाया है।
जाट बुलेटिन के साथ स्वेच्छाभाव से जुड़ने वाले स्मार्टफ़ोनधारी अपनी सुविधानुसार ग्राम, ब्लॉक, तहसील या जिलास्तर पर कार्य कर सकते हैं। इस बारे में जाट बुलेटिन के संपादक विजय चौधरी ने बताया कि हमारे साथ जुड़ने वाले सभी युवक/युवती अपने सामान्य कार्य, नौकरी या अध्ययन करते हुए भी जाट समाज की भलाई, जाट समाज के कार्यक्रमों की कवरेज, अपने आसपास के शिक्षा, खेल, सरकारी नौकरी अथवा अन्य क्षेत्रों में मेधावी जाट पाल्यों की सूची आदि के माध्यम से समाज सेवा कर सकते हैं। इस समाज सेवा के बदले में इन सभी स्वेच्छाभावियों को जाट बुलेटिन अपनी विज्ञापन से होने वाली आय में से उनकी सेवाओं के अनुसार भुगतान भी करेगा।
श्री चौधरी ने समाज के सभी जागरूक जाट भाई बहनों से अनुरोध भी किया कि आप अपने स्मार्टफोन और इंटरनेट डेटा का 1प्रतिशत भी अपनी कौम की सेवा में खर्च करेंगे तो आपको तीन फायदे होंगे।
पहला आपके द्वारा भेजी गई खबर, वीडियो या जानकारी आपके नाम/ फोटो के साथ प्रकाशित और प्रसारित की जाएगी। जिससे आपको अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी। दूसरा आपके स्थानीय जाट समाज मे आपको अतिरिक्त सम्मान मिलना शुरू होगा और तीसरा आप बिना अतिरिक्त मेहनत किये समाज सेवा भी कर लेंगे। इसलिए में आपका आव्हान करता हूँ कि समाज हित मे शुरू किए गए इस यज्ञ में हमारे साथ जुड़कर कुछ आहुतियां दें। जुड़ने के लिए निम्न व्हाट्सएप्प नंबर पर अपनी डिटेल भेजें-
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