कालखंड: 1707–1763
महाराजा सूरजमल कुशल सेनानी, दूरदर्शी शासक एवं कृषक प्रजा के संरक्षक थे। उन्होंने लोहागढ़ जैसे अजेय दुर्ग की स्थापना की।