ED जल्द ही कर सकती है बड़ी छापेमारी, राहुल गाँधी (Rahul Gandhi) का सनसनीखेज खुलासा..

जी हां, ये हम नहीं कह रहे बल्कि ये बात काँग्रेस सांसद एवं लोकसभा मैं नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्ट मैं साझा की। राहुल गाँधी कहना है कि उन्हें प्रवर्तन निदेशालय मैं उनके विश्वसनीय सूत्रों से पता चला है कि उनके चक्रव्यूह वाले बयान से आहत होकर सत्ता पक्ष अब ED के जरिये उनसे बदला लेने कि तैयारी कर रहा है और उनके यहाँ छापेमारी कि तैयारी कि जा रही है।

राहुल गांधी संसद भवन के जिस चक्रव्यूह वाले बयान का जिक्र कर ED की छापेमारी का दावा कर रहे हैं, वह बयान सदन की कार्यवाही के समय राहुल ने 29 जुलाई को लोकसभा में दिया था। उन्होंने कहा था कि 21वीं सदी में एख चक्रव्यूह तैयार हुआ है जिसका आकार पद्मव्यूह अर्थात कमल की तरह है। उन्होंने अपने भाषण में हलवा सेरेमनी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस सेरेमनी में एक भी दलित या पिछड़े वर्ग का व्यक्ति शामिल नहीं है. क्या इसपर उनका अधिकार नहीं था।

दूसरी तरफ बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर कि तरफ से राहुल गांधी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया आयी थी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को पता नहीं कि विपक्ष के नेता का मतलब क्या होता है। इन्होंने नेता प्रतिपक्ष का मतलब ही बदल दिया है अब यह लीडर ऑफ ओपोजीशन नहीं बल्कि लीडर ऑफ प्रोपेगैंडा हो गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी को रील का नेता बनने की बजाए रीयल नेता बनना चाहिए।

राहुल गांधी ने अपने पोस्ट मैं लिखा “मैं बाहें फैलाकर ईडी के आने का इंतजार कर रहा हूं। प्रवर्तन निदेशालय की टीम में चाय और बिस्किट मैं अपनी तरफ से खिलाऊंगा।”


योगी आदित्यनाथ ने कावंड़ियों से संयम, शांति व अनुशासन बनाये रखने की अपील की..

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स से सभी कावंड़ियों एवं श्रद्धालुजनों से संयम, शांति व अनुशासन बनाये रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि देवाधिदेव महादेव का पावन श्रावण मास प्रारम्भ हो चुका है और सभी शिवभक्त भक्ति मैं लीन हो शिव आराधना करते हैं साथ ही काफी शृद्धालु कावड़ लेने भी जाते हैं, शासन और प्रशासन ने सभी कावड़ियों की सुविधा, सुरक्षा और उनकी सुगम यात्रा के लिए उचित प्रबंध किये हैं. ड्रोन और हेलीकाप्टर से निगरानी और पुष्पवर्षा का भी समुचित प्रबंध किया गया है.

योगी ने कहा कि ”कोई भी पर्व-त्यौहार बिना आत्म अनुशासन के पूरा नहीं होता। शिव बनने के लिए शिव जैसी साधना भी होनी चाहिए”, इसलिए सभी से श्रद्धालुजनों से अनुरोध है कि पूर्ण संयम, शांति और अनुशासन से अपनी यात्रा को पूर्ण करें साथ ही इस बात का विशेष ध्यान रखें कि आमजन को इससे किसी भी तरह की परेशानी का सामना नही करना पड़े.


कैप्टन मनोज पांडे (Capt. Manoj Pandey): माँ भारती का वो सपूत जिसका जन्म ही युद्ध भूमि में अदम्य साहस और सर्वोच्च वीरता के साथ बलिदान की अमर गाथा लिखने के लिए हुआ था..

If death comes before I prove my blood I swear, I will kill death
अगर मेरे खून को साबित करने से पहले मृत्यु आ जाए तो मैं कसम खाता हूं, मैं मृत्यु को मार डालूंगा

-कैप्टन मनोज पांडे (Capt. Manoj Pandey)

ये शब्द कैप्टन मनोज पांडे (Capt. Manoj Pandey) जो भारतीय सेना के प्रतिष्ठित अधिकारी थे ने कहे थे और अपने शब्दों पर खरा उतरते हुए उन्होंने 1999 के कारगिल युद्ध में अपने अद्वितीय साहस और वीरता का ऐसा प्रदर्शन किया जो सदियों तक हर भारतवासी के लिए प्रेरणा बना रहेगा। वे भारतीय सेना की 1/11 गोरखा राइफल्स में कार्यरत थे और उन्हें मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च सैन्य सम्मान, परम वीर चक्र से नवाजा गया।

प्रारंभिक जीवन

मनोज कुमार पांडे का जन्म 25 जून 1975 को उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में हुआ था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा लखनऊ और रानीखेत में हुई। बचपन से ही सेना में शामिल होने का सपना रखने वाले मनोज पांडे ने अपने इस लक्ष्य को पाने के लिए कड़ी मेहनत की।

सैन्य करियर और कारगिल युद्ध

मनोज पांडे ने 1997 में भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) से स्नातक की डिग्री प्राप्त की और उन्हें 1/11 गोरखा राइफल्स में कमीशन मिला। 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान, कैप्टन पांडे की बटालियन को महत्वपूर्ण खालुबार चोटी को पुनः प्राप्त करने का कार्य सौंपा गया था। उन्होंने अद्वितीय साहस और नेतृत्व क्षमता का प्रदर्शन किया और अपने सैनिकों के साथ अग्रिम पंक्ति में लड़ते हुए कई दुश्मनों को मार गिराया।

शौर्य का प्रदर्शन

खालुबार चोटी पर कब्जा करते समय, कैप्टन मनोज पांडे को कई गोलियां लगीं, फिर भी उन्होंने अपने मिशन को पूरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने अपने सैनिकों को प्रेरित किया और दुश्मन के ठिकानों पर सफलतापूर्वक हमला किया, जिससे भारतीय सेना को महत्वपूर्ण रणनीतिक बढ़त मिली।

परम वीर चक्र से सम्मानित

उनकी वीरता और बलिदान को मान्यता देते हुए, उन्हें मरणोपरांत परम वीर चक्र से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें भारतीय सेना में उनके अद्वितीय योगदान और बलिदान के लिए प्रदान किया गया था।

अपने सेवा चयन बोर्ड (एसएसबी) साक्षात्कार के दौरान, “आप सेना में क्यों शामिल होना चाहते हैं?” के सवाल पर, उनका तत्काल उत्तर था “मैं परमवीर चक्र जीतना चाहता हूं”। अपने शब्दों के अनुरूप कैप्टन मनोज कुमार पांडे ने मरणोपरांत देश का सर्वोच्च वीरता सम्मान जीता।

विरासत

कैप्टन मनोज पांडे की वीरता और बलिदान ने उन्हें भारतीय जनता के दिलों में अमर कर दिया है। उनकी स्मृति में उत्तर प्रदेश के लखनऊ में एक उद्यान का नाम उनके नाम पर रखा गया है। इसके अलावा, भारतीय सेना और अन्य संगठन उनकी वीरता को विभिन्न समारोहों में सम्मानित करते हैं।

प्रेरणा और आदर्श

कैप्टन पांडे का जीवन देशभक्ति, साहस और सेवा का प्रतीक है। उनका उदाहरण न केवल सैनिकों के लिए बल्कि आम जनता के लिए भी प्रेरणास्रोत है। उनकी वीरता की कहानियाँ आज भी युवाओं को भारतीय सेना में शामिल होने और देश की सेवा करने के लिए प्रेरित करती हैं। कैप्टन मनोज पांडे का जीवन और बलिदान भारतीय सेना के साहस और समर्पण का प्रतीक है। उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।

हमें गर्व है ऐसे वीर बलिदानी पर जिसने भारत माँ के चरणों मैं अपने प्राण न्योछावर कर दिए पर दुश्मन को सफल नहीं होने दिया। आज जाट बुलेटिन परिवार के सभी सदस्य कारगिल विजय दिवस पर इस अमर वीर बलिदानी को और कारगिल मैं शहीद हुए सभी वीरों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।


प्रधानमंत्री ने की डोनाल्ड ट्रंप पर हमले की कड़ी निंदा..

बीते शनिवार को अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर पेंसिल्वेनिया के बटलर में रैली के दौरान हुए जानलेवा हमले की प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कड़ी निंदा की। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट की जिसमे उन्होंने लिखा “मेरे मित्र, पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर हुए हमले से बहुत चिंतित हूं। इस घटना की कड़ी निंदा करता हूं। राजनीति और लोकतंत्र में हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं है। उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की मगंल कामना करता हूं।

हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं मृतकों के परिवार, घायलों और अमेरिका की जनता के साथ हैं।

बताते चलें कि बीते शनिवार को अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर पेंसिल्वेनिया के बटलर में रैली के दौरान हुए जानलेवा हमले मैं वो बाल बाल बचे। जब वे मंच पर बोल रहे थे, तभी उन पर करीब 400 फीट दूर मौजूद इमारत की छत से फायरिंग हुई। AR-15 राइफल से 8 राउंड गोलियां चलाई गईं। एक गोली उनके कान के ऊपरी हिस्से पर लगी। पुलिस ने 20 साल के हमलावर को मार गिराया। ट्रम्प सुरक्षित हैं, उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। FBI हमले की जांच कर रही है।