वन नेशन वन इलेक्शन को मिली मंजूरी, विपक्ष ने बताया ध्यान भटकाने का भाजपाई मुद्दा..

Prime Minister Narendra Modi
Prime Minister Narendra Modi (Image Credits: ANI)

एक बार फिर देश मैं ‘वन नेशन वन इलेक्शन’ पर तीखी बहस छिड़ गयी है, पूर्व मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘वन नेशन वन इलेक्शन’ यानी एक देश एक चुनाव को लागू करने का वादा किया था और आखिरकार मोदी कैबिनेट ने ‘वन नेशन वन इलेक्शन’ प्रस्ताव को आज बुधवार 18 सितंबर को मंजूरी दे दी है।

इसके साथ ही देश मैं इसके समर्थन और विरोध मैं विभिन्न राजनैतिक पार्टियां अपना अपना मत दे रही रही हैं। हालाँकि वन नेशन वन इलेक्शन पर विचार के लिए पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में 2 सितंबर 2023 को कमेटी बनाई गई थी। जिसमे में गृह मंत्री अमित शाह, पूर्व सांसद व कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद, जाने माने वकील हरीश साल्वे, कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी, 15वें वित्त आयोग के पूर्व अध्यक्ष एनके सिंह, पॉलिटिकल साइंटिस्ट सुभाष कश्यप, पूर्व केंद्रीय सतर्कता आयुक्त संजय कोठारी समेत 8 मेंबर हैं। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल कमेटी के स्पेशल मेंबर बनाए गया था।

कमेटी ने 14 मार्च को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपनी रिपोर्ट सौंप दी थी जिसे आज मोदी कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। कमेटी ने सभी विधानसभाओं का कार्यकाल 2029 तक बढ़ाने का सुझाव दिया है। संसद के शीतकालीन सत्र में इसपर बिल पेश किया जा सकता है।

रिपोर्ट कैसे तैयार की गयी

कमेटी के द्वारा इसके लिए देश की तकरीबन 62 राजनीतिक पार्टियों से संपर्क किया गया। इनमें से 32 पार्टियों ने ‘वन नेशन वन इलेक्शन’ का समर्थन किया है, वहीं 15 दलों ने इसका जबरदस्त विरोध किया है जबकि 15 ऐसी पार्टियां भी रहीं जो तटस्थ रहीं। 191 दिन की रिसर्च के बाद कमेटी ने 14 मार्च को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपनी रिपोर्ट सौंपी। कमेटी की रिपोर्ट 18 हजार 626 पेज की है।

किन देशों का लिया गया उदहारण

‘वन नेशन वन इलेक्शन’ के लिए कई देशों के संविधान का एनालिसिस किया गया जिसमे स्वीडन, जापान, जर्मनी, दक्षिण अफ्रीका, बेल्जियम, फिलीपिंस, इंडोनेशिया के इलेक्शन प्रोसेस की स्टडी की।

कौन समर्थन मैं, कौन विरोध मैं

‘वन नेशन वन इलेक्शन’ के लिए जहाँ भाजपा व इसके सहयोगी दल जनता दल यूनाइटेड, तेलुगू देशम पार्टी, लोकजनशक्ति पार्टी के साथ ही बहुजन समाज पार्टी, असम गण परिषद, शिवसेना (शिंदे) गुट आदि ने समर्थन किया है। वहीं इसका मुखर विरोध इंडी अलायन्स की प्रमुख पार्टी कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी तथा सीपीएम समेत 15 दल कर रहे हैं। जबकि झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM), इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) समेत 15 दलों ने वन नेशन वन इलेक्शन पर अभी कोई जवाब नहीं दिया और तटस्थ रुख अपनाया है।

‘वन नेशन वन इलेक्शन’ के समर्थन मैं जहाँ विभिन्न लोगों ने इसे देश के लिए एक सुधारात्मक कदम बताया वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इसकी व्यावहारिकता पर सवाल उठाते हुए सिर्फ ध्यान भटकाने का भाजपाई मुद्दा बताया, वहीं, असदुद्दीन ओवैसी ने इसे यह संघवाद को खत्म करने वाला प्रस्ताव तो कहा। अब इस मुद्दे पर देश मैं आगे और क्या बहस छिड़ती है ये देखना दिलचस्प होगा।


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विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया हुए कांग्रेस मैं शामिल, विनेश लड़ेंगी जुलाना से चुनाव..

Vinesh Phogat and Bajrang Punia join Congress, Vinesh will contest elections from Julana.
Vinesh Phogat and Bajrang Punia join Congress, Vinesh will contest elections from Julana (Image Credits: Aaj Tak).

न्यूज डेस्क, बीते दिनों राहुल गाँधी से हुई मुलाक़ात और हरियाणा मैं चुनाव के मद्देनजर, इतने दिनों से जो अटकलों का बाजार गर्म था उसको और विभिन्न कयासबाजियों को आज विराम देते हुए पहलवान विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया आखिरकार कांग्रेस का दामन थाम कर आज आधिकारिक रूप से पार्टी मैं शामिल हो गए।

पार्टी के नेता केसी वेणुगोपाल ने उनका पार्टी में स्वागत किया, कांग्रेस में शामिल होने के बादविनेश फोगाट और बजरंग पूनिया ने कहा कि जब कोई हमारे साथ नहीं था, तब कांग्रेस ने हमारा साथ दिया और बुरे वक़्त मैं ही अपने और पराये का पता चलता है। उन्होंने कहा कि हमारी लड़ाई अभी ख़त्म नहीं हुई है और हम इसको आगे तक लेकर भी जायेंगे और जीतेंगे भी।

सूत्रों के अनुसार चुनाव लड़ने को लेकर जहाँ बजरंग पूनिया ने अभी मना कर दिया वहीं विनेश अपने सुसराल क्षेत्र मैं आने वाली जुलाना विधानसभा सीट से कांग्रेस की प्रत्याशी रहेंगी। अब आने वाले हरियाणा विधानसभा चुनाव मैं बजरंग और विनेश का गठजोड़ क्या रंग लाएगा, दोनों के जाट होने का फायदा और इससे कांग्रेस को कितना नफा नुक्सान होता है ये देखना दिलचस्प होगा


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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग की हुयी बैठक, प्रधानमंत्री वोंग ने किया प्रधानमंत्री मोदी का संसद भवन में औपचारिक स्वागत..

Meeting between Prime Minister Narendra Modi and Singapore Prime Minister Lawrence Wong, Prime Minister Wong formally welcomed Prime Minister Modi at the Parliament House
Prime Minister Wong formally welcomed Prime Minister Modi at the Parliament House (Image Credit: Narendra Modi X Account)

आज विश्व के दो दिग्गज नेताओं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग की आज भेंट हुयी। प्रधानमंत्री मोदी का प्रधानमंत्री वोंग ने संसद भवन में औपचारिक स्वागत किया।

दोनों नेताओं ने अपने वार्तालाप के दौरान भारत और सिंगापुर के बीच द्विपक्षीय संबंधों की प्रगति की समीक्षा की। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों की व्यापकता, आपसी जुड़ाव और अपार संभावनाओं को देखते हुए इस संबंध को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने का निर्णय लिया। इससे भारत की एक्ट ईस्ट नीति को भी अत्यधिक प्रोत्साहन मिलेगा। आर्थिक संबंधों में मजबूत प्रगति की समीक्षा करते हुए दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश प्रवाह को और बढ़ाने का भी आह्वान किया गया। प्रधानमंत्री ने उल्लेक किया कि भारतीय अर्थव्यवस्था में करीब 160 अरब डॉलर के निवेश के साथ सिंगापुर भारत का प्रमुख आर्थिक साझेदार है। उन्होंने कहा कि भारत में त्वरित और सतत विकास ने सिंगापुर की संस्थाओं के लिए निवेश के अपार अवसर खोले हैं। उन्होंने रक्षा और सुरक्षा, समुद्री क्षेत्र जागरूकता, शिक्षा, एआई, फिनटेक, नवीन प्रौद्योगिकी क्षेत्र, विज्ञान और प्रौद्योगिकी एवं ज्ञान साझेदारी के क्षेत्र में वर्तमान सहयोग की भी समीक्षा की। दोनों नेताओं ने आर्थिक और लोगों के बीच संबंधों को बढ़ाने के लिए देशों के बीच संपर्क को मजबूत बनाने का आह्वान किया। उन्होंने हरित गलियारा परियोजनाओं में तेजी लाने की भी प्रतिबद्धता जताई।

दोनों नेताओं ने अगस्त 2024 में सिंगापुर में आयोजित दूसरे भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज सम्मेलन के परिणामों पर विचार-विमर्श किया। मंत्रिस्तरीय गोलमेज सम्मेलन जैसी असाधारण व्यवस्था को देखते हुए, द्विपक्षीय सहयोग के लिए एक नए एजेंडे पर विचार-विमर्श करने और उसकी पहचान करने में दोनों पक्षों के वरिष्ठ मंत्रियों द्वारा किए गए कार्यों की भी सराहना की गई। मंत्रिस्तरीय गोलमेज सम्मेलन के दौरान चिन्हित सहयोग के स्तंभों- उन्नत विनिर्माण, संपर्क, डिजिटलीकरण, स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा, कौशल विकास और स्थिरता के तहत त्वरित कार्रवाई का आह्वान किया। नेताओं ने इस बात पर भी बल दिया कि इन स्तंभों के अंतर्गत सहयोग, विशेष रूप से सेमीकंडक्टर और महत्वपूर्ण एवं उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्रों में, द्विपक्षीय संबंधों में एक नया अध्याय खोलता है जो हमारे संबंधों को भविष्योन्मुखी बनाता है।

बैठक के दौरान, 2025 में द्विपक्षीय संबंधों की 60वीं वर्षगांठ मनाने पर भी चर्चा की गई। दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को एक महत्वपूर्ण घटक के तौर पर स्वीकारते हुए, प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि भारत का पहला तिरुवल्लुवर सांस्कृतिक केंद्र सिंगापुर में खोला जाएगा। दोनों पक्षों ने आपसी हित के महत्वपूर्ण क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया, जिसमें भारत-आसियान संबंध और हिंद-प्रशांत के लिए भारत का दृष्टिकोण भी शामिल है।

दोनों पक्षों ने सेमीकंडक्टर, डिजिटल प्रौद्योगिकी, कौशल विकास और स्वास्थ्य सेवा में सहयोग के लिए समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया। ये भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज सम्मेलन के अब तक के दो यात्राओं के दौरान हुए विचार-विमर्श के परिणाम हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री वोंग को भारत आने का निमंत्रण दिया जिसपर उन्होंने अपनी सहर्ष स्वीकृति भी दी।


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राष्ट्रपति ने शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर अपनी शुभकामनाएं दीं, कल अमृत उद्यान विशेष रूप से शिक्षकों के लिए खुला रहेगा..

President extends his greetings on the eve of teacher's day
President extends his greetings on the eve of teacher’s day (Pic By President of India)

प्रेस रिलीज, राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर देश भर के शिक्षकों को अपनी शुभकामनाएं दी हैं। राष्ट्रपति ने अपने संदेश में कहा कि मैं शिक्षक दिवस के अवसर पर देश के सभी शिक्षकों को हार्दिक शुभकामनाएं देती हूं। यह दिवस महान शिक्षाविद्, दार्शनिक और भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती का दिन है, जो पूरे देश के लिए प्रेरणा के महान स्रोत हैं। मैं इस अवसर पर उन्हें अपनी तरफ से विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं।

राष्ट्रपति ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं। एक विद्यार्थी के रूप में वे जीवन-कौशल और मूल्यों को सीखते हैं। देश के शिक्षक एक मार्गदर्शक के रूप में विद्यार्थियों को भविष्य के अधिनायकों के रूप में ढाल सकते हैं, जो हमारे देश के भविष्य को आकार देंगे।

शिक्षकों को भारत की भावी पीढ़ी के मस्तिष्क को पोषित करने और समग्र उत्कृष्टता की ओर उनका मार्गदर्शन करने का महत्वपूर्ण कार्य सौंपा गया है। शिक्षकों का दायित्व है कि वे विद्यार्थियों में नैतिक मूल्य, आलोचनात्मक सोच कौशल और समाज के प्रति कर्तव्य की भावना उत्पन्न करें। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में परिकल्पित शिक्षा प्रदान करने के आधुनिक तौर-तरीकों और प्रौद्योगिकी के इष्टतम उपयोग के माध्यम से, शिक्षक छात्र-छात्राओं को एक फलदायक जीवन यापन करने तथा एक विकसित राष्ट्र के निर्माण के लिए सशक्त बना सकते हैं।

अमृत उद्यान विशेष रूप से शिक्षकों के लिए खुला रहेगा

इस अवसर पर अमृत उद्यान, कल (5 सितंबर, 2024) शिक्षक दिवस पर सभी शिक्षकों के लिए विशेष रूप से खुला रहेगा। इसके लिए वे नॉर्थ एवेन्यू रोड के पास राष्ट्रपति भवन के गेट संख्या-35 से आ सकते हैं। उनकी सुविधा के लिए केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन से गेट संख्या- 35 तक निःशुल्क शटल बस सेवा भी उपलब्ध होगी।

Amrit udyan will be open exclusively for teachers tomorrow
Amrit udyan will be open exclusively for teachers tomorrow (Pic by President of India)

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सिंगापुर मैं भारतीय समुदाय के अभूतपूर्व स्वागत से अभिभूत हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, ढोल पर जमकर मिलाया ताल..

Prime Minister Narendra Modi was overwhelmed by the unprecedented welcome of the Indian community
Prime Minister Narendra Modi was overwhelmed by the unprecedented welcome of the Indian community at Singapur (Pic by Narendra Modi X Account)

भारत-सिंगापुर मित्रता को बढ़ावा देने, ‘रणनीतिक साझेदारी’ को गहरा करने और दक्षिण पूर्व एशियाई देश से निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से बुधवार को दो दिवसीय यात्रा पर आज सिंगापुर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वहां रहने वाले भारतीय समुदाय द्वारा किया गए जोरदार स्वागत किया गया। जिससे अभिभूत होकर प्रधानमंत्री मोदी ने उनके साथ ढोल पर खूब ताल मिला भारतीय जनमानस की उमंग को दुगना कर दिया।

नई दिल्ली में अधिकारियों ने कहा कि अपने सिंगापुर के समकक्ष लॉरेंस वोंग के निमंत्रण पर अपनी यात्रा के दौरान, प्रधान मंत्री सिंगापुर के नेतृत्व की तीन पीढ़ियों से जुड़ेंगे। प्रधानमंत्री का गुरुवार को संसद भवन में आधिकारिक स्वागत होगा और वह राष्ट्रपति थर्मन शनमुगरत्नम से मुलाकात करेंगे। यह यात्रा वोंग के सत्ता संभालने और मोदी के प्रधानमंत्री के रूप में अपना तीसरा कार्यकाल शुरू करने के कुछ दिनों बाद हो रही है।

उन्होंने इस मौके पर पीएम मोदी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से एक पोस्ट भी साझा की जिसमे प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा “धन्यवाद सिंगापुर! स्वागत सचमुच जीवंत था।”

इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी पहली द्विपक्षीय यात्रा पर कल ब्रुनेई के सुल्तान हाजी हसनल बोल्किया और शाही परिवार के अन्य सम्मानित सदस्यों के साथ भी मुलाक़ात की तथा वहां पर सुल्तान द्वारा दिए गए राजकीय भोज मैं शामिल हुए।


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Assembly Elections 2024: जम्‍मू कश्‍मीर और हरियाणा में विधानसभा चुनावों की तारीख की हुयी घोषणा..

प्रेस रिलीज, जम्‍मू कश्‍मीर और हरियाणा में विधानसभा चुनावों (Assembly Elections 2024) का ऐलान कर दिया गया है। चुनाव आयोग ने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में ऐलान किया कि जम्‍मू कश्‍मीर में तीन चरणों में 18 सितंबर से मतदान होगा। वहीं हरियाणा में एक अक्‍टूबर को वोट डाले जाएंगे। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में मतदान तीन चरणों में होगा। पहले चरण का मतदान 18 सितंबर को, दूसरे चरण का मतदान 25 सितंबर को और तीसरे चरण का मतदान एक अक्टूबर को होगा, वहीं मतगणना चार अक्टूबर को होगी।

इसी तरह से हरियाणा में विधानसभा चुनाव के लिए एक अक्टूबर को मतदान होगा और मतगणना चार अक्टूबर को कराई जाएगी। हरियाणा में एक ही चरण में विधानसभा के चुनाव होंगे। एक अक्टूबर को प्रदेश की 90 असेंबली सीट पर मतदान होगा और चार अक्टूबर को नतीजे आएंगे।

हरियाणा में दो करोड़ से ज्यादा वोटर्स, 85 लाख नए वोटर्स- ECI: चुनाव आयोग ने बताया कि हरियाणा में 90 विधानसभा सीटें हैं, इनमें 73 सामान्य हैं। राज्य में 2 करोड़ से ज्यादा वोटर जिनमें 85 लाख नए वोटर। 20629 पोलिंग स्टेशन हैं। सीसीटीवी से पोलिंग बूथ की निगरानी की जाएगी।

वहीं जम्मू-कश्मीर में तीन फेज में चुनाव होंगे, 4 अक्टूबर को आएंगे नतीजे: जम्मू-कश्मीर में तीन फेज में चुनाव होंगे। 18 सितंबर को पहले चरण के लिए वोटिंग, दूसरे चरण का चुनाव 25 सितंबर को होगा और तीसरे चरण का चुनाव एक अक्टूबर को होगा। 4 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर के नतीजे आएंगे।

गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में 2018 में सरकार भंग होने के बाद से ही चुनाव नहीं हुए हैं। जम्मू-कश्मीर में आखिरी बार 2014 में चुनाव हुए थे। तब भाजपा-पीडीपी ने गठबंधन बनाया था। हालांकि, बाद में भाजपा ने इस गठबंधन से दूरी बना ली। 2018 में भाजपा और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की गठबंधन वाली सरकार गिर गई थी।


ISRO ने भरी ऐतिहासिक उड़ान: ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट EOS-08 की सफल लॉन्चिंग, अब पृथ्वी का होगा पूर्ण अधययन..

प्रेस विज्ञप्ति, स्वतंत्रता दिवस का जश्न अभी पूरा भी नहीं हुआ पर इससे पहले ही भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अपने नवीनतम ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट “EOS-08” को आज सुबह 9:17 बजे श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लघु उपग्रह प्रक्षेपण यान (एसएसएलवी)-डी3 द्वारा लांच कर देशवासियों को गर्वित होने का एक और मौका दे दिया।

ईओएस-08 मिशन के प्राथमिक उद्देश्य हैं:

  1. माइक्रोसैटेलाइट का डिजाइन और विकास करना,
  2. माइक्रोसैटेलाइट बस के साथ सृजित पेलोड उपकरणों का निर्माण करना,
  3. भविष्य के परिचालन उपग्रहों के लिए आवश्यक नई प्रौद्योगिकियों को शामिल करना है।

माइक्रोसैट/आईएमएस-1 बस पर निर्मित, ईओएस-08 तीन पेलोड ले जाता है: इलेक्ट्रो ऑप्टिकल इन्फ्रारेड पेलोड (EOIR), ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम-रिफ्लेक्टोमेट्री पेलोड (GNSS-R), और एसआईसी यूवी डोसिमीटर।

1. EOIR पेलोड: को उपग्रह-आधारित निगरानी, ​​आपदा निगरानी, ​​पर्यावरण निगरानी, ​​आग का पता लगाने, ज्वालामुखी गतिविधि अवलोकन और औद्योगिक और बिजली संयंत्र आपदा निगरानी जैसे अनुप्रयोगों के लिए दिन-रात मिड-वेव आईआर (एमआईआर) और लॉन्ग-वेव आईआर (एलडब्ल्यूआईआर) बैंड में इमेज को प्राप्‍त करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

3. GNSS-R पेलोड: समुद्री सतह वायु विश्लेषण, मिट्टी की नमी का आकलन, हिमालयी क्षेत्र में क्रायोस्फीयर अध्ययन, बाढ़ का पता लगाने और अंतर्देशीय जल निकायों का पता लगाने जैसे अनुप्रयोगों के लिए जीएनएसएस-आर-आधारित रिमोट सेंसिंग का उपयोग करने की क्षमता प्रदर्शित करता है।

3. एसआईसी यूवी डोसिमीटर: गगनयान मिशन में क्रू मॉड्यूल के व्यूपोर्ट पर यूवी विकिरण की निगरानी करता है और गामा विकिरण के लिए हाई डोज अलार्म सेंसर के रूप में कार्य करता है।

क्या होगा फायदा:

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) का यह मिशन भारत के साथ-साथ पूरी दुनिया के लिए खास है। इसकी सफलता से भारत धरती पर होने वाली किसी भी प्राकर्तिक आपदा जैसे सुनामी, भूकंप, बाढ़, हिमालय मैं होने वाली कोई हलचल या ज्वालामुखियों का अधययन आदि तमाम जानकारियां जुटाकर कर पहले से ही सबको सचेत कर देगा। इसकी मदद से हम पर्यावरण मैं होने वाले किसी भी बदलाव का पहले ही पता लगाकर उससे होने वाले नुकसान को कम कर पाएंगे। आने वाले दिनों मैं ISRO का ये प्रयास सबके लिए बड़ा दूरगामी होगा।


मेडिकल शिक्षा के लिए 75000 नई सीटें, 78वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया एलान..

न्यूज डेस्क, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नई दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से लगातार 11वीं बार राष्ट्रीय ध्वज फहराया। उन्होंने मेडिकल शिक्षा के लिए 75000 नई सीटें देने की घोषणा की। यह सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा में सुधार कि भारतीय युवाओं को पढ़ाई के लिए विदेश जाने की जरूरत न पड़े।

ध्वजारोहण के बाद पीएम मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत में ही देश के सैनिकों, किसानों और युवाओं को सलाम कर किया। पीएम मोदी ने कहा, कि जब हम 40 करोड़ थे, तब हमने सफलतापूर्वक आज़ादी का सपना देखा। आज तो हम 140 करोड़ हैं, एक साथ मिलकर हम किसी भी बाधा को पार कर सकते हैं।

PM मोदी ने अपने भाषण मैं जिन मुद्दों पर चर्चा की:

1. प्रति व्यक्ति आय दोगुनी करने में सफलता मिली है।
2. ग्लोबल मंच पर भारत का योगदान बढ़ा है।
3. एक्सपोर्ट बढ़ा है।
4. ग्लोबल संस्थानों का भारत में भरोसा बढ़ा है।
5. युवाओं को रोज़गार के नए अवसर मिले हैं।
6. पैरालंपिक में भारतीय खिलाड़ी अपनी ताक़त दिखा रहे हैं।
7. हमारे बैंक विश्व के अग्रणी बैंकों में अपना स्थान बना चुके हैं।
8. अगले पाँच साल में मेडिकल लाइन में 75 हज़ार नई सीटें बनाई जाएंगी।
9. किसानों को नई तकनीक से जोड़ा जा रहा है।
10. प्राकृतिक खेती के लिए बजट बढ़ाया।
11. डिफ़ेंस निर्माण में भारत की धमक बढ़ी है।

महिला उत्पीड़न पर क्या बोले मोदी: पीएम मोदी ने कहा कि आज महिलाओं के ख़िलाफ़ हो रहे अपराध को गंभीरता से लिया जाना ज़रूरी है और दोषियों में डर पैदा करने की ज़रूरत है। उन्होंने कहा, “मैं आज लाल क़िले से अपनी पीड़ा व्यक्त करना चाहता हूं। हमें गंभीरता से सोचना होगा। हमारी माताओं, बहनों, बेटियों के प्रति जो अत्याचार हो रहे हैं, उसके प्रति जन सामान्य का आक्रोश है। इसे देश को, समाज को, हमारी राज्य सरकारों को गंभीरता से लेना होगा।”

पीएम मोदी बोले, ”मैं कहना चाहूंगा कि जब बलात्कार की घटनाएं होती हैं तो वो मीडिया में छाया रहता है लेकिन जब ऐसे राक्षसी कृत्य करने वालों को सज़ा होती है तो वह ख़बर नहीं बनता। मुझे लगता है कि समय आ गया है जब ऐसे कृत्य करने वालों की ख़बरें बनें, ये डर बनाना बहुत ज़रूरी है।”

बांग्लादेश पर जताई चिंता: पीएम मोदी ने अपने भाषण में बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद हिंदुओं पर हो रहे हमलों का भी ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो. उन्होंने कहा कि हम पड़ोसियों का सुख और शांति चाहते हैं। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में जो कुछ भी हो रहा है वह चिंताजनक है।

अधिक जानने के लिए दूरदर्शन पर प्रसारित पूरा वीडियो देखें..


पेरिस ओलंपिक (Paris Olympics) 2024: मनु भाकर-सरबजोत सिंह ने मिश्रित टीम 10 मीटर एयर पिस्टल मैं कांस्य पदक जीता, मनु ने रचा इतिहास..

भारत की स्टार शूटर और जाट समाज की बेटी मनु भाकर ने पेरिस ओलंपिक 2024 में इतिहास रच दिया है। वह ओलंपिक में दो पदक जीतने वाली देश की पहली महिला निशानेबाज बन गईं। उन्होंने महिलाओं के व्यक्तिगत 10 मीटर एयर पिस्टल फाइनल में कांस्य पदक जीता था। अब मनु ने आज मंगलवार को सरबजोत सिंह के साथ मिश्रित टीम 10 मीटर एयर पिस्टल फाइनल में भारत को एक और कांस्य पदक दिलाकर इतिहास रच दिया है। मनु एक और कांस्य पदक जीतने के साथ ही एक ही ओलंपिक खेलों में दो पदक जीतने वाली स्वतंत्र भारत की पहली एथलीट बन गई हैं।

मनु और सरबजीत के कांस्य पदक जीतते ही पूरा देश जश्न में डूब गया। ओलंपिक में अभी तक भारत को दो पदक मिले हैं, दोनों ही हरियाणा और पंजाब के खिलाड़ियों ने जीते हैं।

अंबाला के मुलाना के गांव धीन के निवासी शूटर सरबजोत ने पेरिस ओलंपिक में पहली बार में कांस्य पदक झटक कर कीर्तिमान स्थापित किया है। यह पदक 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स मुकाबले में सरबजोत और मनु भाकर की जोड़ी ने जीता है। सरबजोत के लिए यह ओलंपिक में पहला पदक है।

बताते चलें कि अभी मनु का 25 मीटर कि शूटिंग स्पर्धा मैं भाग लेना शेष है।

इस जीत से पूरे देश मैं ख़ुशी कि लहर दौड़ गयी है, हर तरफ से दोनों खिलाडियों और उनके परिवारीजनों को बधाई देने वाले लोगों का ताँता लगा हुआ है।