किम्बर्ली चीटल (Kimberly Cheatle) ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर हुए हत्या के प्रयास को रोकने में एजेंसी की विफलता को स्वीकार किया..

नैन्सी मेस ने किम्बर्ली चीटल (Kimberly Cheatle) की तीव्र आलोचना, जेम्स कॉमर और जेमी रस्किन ने की इस्तीफे की मांग।

यूएस सीक्रेट सर्विस के निदेशक किम्बर्ली चीटल (Kimberly Cheatle) ने सोमवार को पेंसिल्वेनिया रैली के दौरान पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर हुए हत्या के प्रयास को रोकने में एजेंसी की विफलता को स्वीकार किया।

हाउस कमेटी के समक्ष गवाही के दौरान चीटल ने कहा, “सीक्रेट सर्विस का एकमात्र मिशन हमारे देश के नेताओं की रक्षा करना है पर 13 जुलाई को हम विफल रहे और संयुक्त राज्य अमेरिका गुप्त सेवा के निदेशक के रूप में, मैं किसी भी सुरक्षा चूक के लिए पूरी जिम्मेदारी लेती हूं।”

अमेरिकी कांग्रेस की सदस्य नैन्सी मेस ने हाउस ओवरसाइट कमेटी में सुनवाई के दौरान सीक्रेट सर्विस निदेशक किम्बर्ली चीटल पर जोरदार हमला बोलते हुए उनकी तीव्र आलोचना की और विश्वासघाती करार दिया। साथ ही कानूनविदों ने घटना के बारे में पर्याप्त विवरण उपलब्ध नहीं कराने के लिए भी चीटल को घेरा। सांसदों ने रैली में सुरक्षा खामियों पर सवाल उठाया और पुछा कि कैसे एक बंदूकधारी छत पर चढ़ सकता है।

रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक दोनों के सांसदों द्वारा की जा रही इस्तीफे की मांग को खारिज करते हुए चीटल ने पद छोड़ने के दबाव का विरोध करते हुए जोर देकर कहा, “मुझे लगता है कि मैं इस समय गुप्त सेवा का नेतृत्व करने के लिए सबसे उपयुक्त हूं।”

इस पर अपनी समापन टिप्पणियों में अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की निगरानी समिति के रिपब्लिकन अध्यक्ष, जेम्स कॉमर और शीर्ष डेमोक्रेट, जेमी रस्किन, जो आमतौर पर अधिकांश मामलों पर विभाजित होते हैं, पर इस मुद्दे पर दोनों ने एक राय होकर गुप्त सेवा प्रमुख को पद छोड़ने के लिए दवाब बनाया।


संसद (Parliament) के मानसून सत्र 2024 के शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री ने मीडिया को संबोधित किया..

देश की संसद (Parliament) मैं आज से शुरू होने वाले मानसून सत्र से पहले आज प्रधानमंत्री मोदी ने मीडिया को संबोधित करते हुए ये बात कही।

एजेंसी, नई दिल्ली। आज मीडिया को सम्बोधित करते हुए सबसे पहले प्रधानमंत्री ने इस तथ्‍य पर गर्व व्‍यक्‍त किया कि 60 वर्ष के अंतराल के बाद कोई सरकार लगातार तीसरी बार आई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि तीसरी बार सत्‍ता में आई सरकार द्वारा बजट पेश करने के कार्य को देश एक गौरवशाली घटना के रूप में देख रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह बजट अमृत काल के मील के पत्थर का बजट है और सरकार एक निर्धारित अवधि में दी गई गारंटियों को वास्‍तविक रूप से साकार करने के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि यह बजट मौजूदा सरकार के अगले पांच वर्षों की दिशा निर्धारित करते हुए वर्ष 2047 तक विकसित भारत के सपने की मजबूत नींव रखेगा।”

उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि पिछले लगातार तीन वर्षों में लगभग 8 प्रतिशत की वृद्धि के साथ भारत प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेजी से आगे बढ़ने वाला देश है। उन्होंने कहा कि सकारात्मक दृष्टिकोण, निवेश और कार्य प्रदर्शन के कारण आज देश में उपलब्‍ध अवसर चरम पर हैं।

यह देखते हुए कि अब राजनीतिक दलों के बीच सभी लड़ाइयां लड़ी जा चुकी हैं और नागरिकों ने लोकसभा चुनाव के समापन के बाद सरकार चुनी है, प्रधानमंत्री ने सभी सांसदों से एक साथ आकर अगले 5 वर्षों के दौरान देश के लिए मिलकर काम करने का आग्रह किया। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपने संगठनों से ऊपर उठने और अगले साढ़े चार वर्षों के लिए संसद के गरिमामय मंच का उपयोग करके राष्ट्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दर्शाने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जनवरी 2029 में चुनाव की रणभूमि में अवश्‍य जाएं पर तब तक आपकी एकमात्र प्राथमिकता देश, इसके गरीब, किसान, महिलाएं और युवा होने चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 में विकसित भारत के सपनों और संकल्पों को साकार करने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जाएगी।

प्रधानमंत्री ने इस बात पर दु:ख व्‍यक्‍त किया कि कुछ राजनीतिक दलों के नकारात्मक दृष्टिकोण के कारण कई सांसदों को अपने विचार और अपने निर्वाचन क्षेत्रों से संबंधित मुद्दों को सामने रखने का कोई अवसर नहीं मिला है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अनुरोध किया कि वे सभी सदस्यों, खासकर पहली बार चुनकर आए सदस्यों को अपने विचार रखने का अवसर दें। श्री मोदी ने लोगों को निर्वाचित सरकार और संसद में प्रधानमंत्री के भाषण पर अंकुश लगाने के बारे में याद दिलाया। प्रधानमंत्री मोदी ने जोर देकर कहा कि लोकतांत्रिक परंपराओं में इसका कोई स्थान नहीं है।

प्रधानमंत्री ने सांसदों को स्‍मरण कराया कि देश की जनता ने राजनीतिक दलों के एजेंडों के लिए नहीं बल्कि देश की सेवा के लिए अपना जनादेश दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह सदन राजनीतिक दलों के लिए नहीं है, बल्कि यह सदन देश के लिए है। यह सांसदों की नहीं, बल्कि भारत के 140 करोड़ नागरिकों की सेवा के लिए है। अपने संबोधन का समापन करते हुए प्रधानमंत्री ने यह विश्वास व्यक्त किया कि सभी संसद सदस्य सार्थक चर्चा में अपना योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि देश को सकारात्मक विचारों की आवश्यकता है ताकि इसे आगे ले जाया जा सके। उन्होंने कहा कि विरोध करने वाले विचार बुरे नहीं होते, बल्कि नकारात्मक विचार ही विकास में बाधा डालते हैं। उन्होंने विश्वास के साथ कहा कि लोकतंत्र के इस मंदिर का उपयोग आम नागरिकों के सपनों और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए किया जाएगा।

इस बाबत उन्होंने एक पोस्ट भी अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किया।

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इजराइल (Israel) ने हूती विद्रोहियों के ठिकाने पर भीषण आक्रमण कर दी हमलावरों को सख्त चेतावनी..

हूती विद्रोहियों के हमले के एक दिन बाद जवाबी कार्यवाही मैं इसराइल (Israel) ने यमन में हूती विद्रोहियों के नियंत्रण वाले लाल सागर मैं स्थित हुदैदाह बंदरगाह पर भीषण हमला किया है। जिससे उठ रही आग की लपटें पूरे मध्य पूर्व में देखी जा सकती हैं हूती विद्रोहियों से जुड़े मीडिया आउटलेट्स के मुताबिक़, इस हमले में तीन लोगों की मौत हो गई और 80 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं।

इस मौके पर अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो साझा करते हुए के इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ शब्दों मैं कहा कि “युद्ध की शुरुआत से, मैंने यह स्पष्ट कर दिया था कि इज़राइल सभी हमलावरों के खिलाफ कार्रवाई करेगा। यही कारण है कि हमने तेल अवीव में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के पास घातक ड्रोन हमले के जवाब में कल यमन में हूती ठिकानों पर हमला किया। लक्षित बंदरगाह का उपयोग ईरान से हौथियों तक हथियारों की तस्करी के लिए किया जाता है, जिन्होंने इज़राइल और अन्य देशों पर हमला किया है। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को इस ईरानी आतंकी धुरी से बचाव के लिए इज़राइल के कार्यों का समर्थन करना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हमलावरों को भारी कीमत चुकानी पड़े।”

इधर इजराइली रक्षा मंत्री गैलेंट ने कहा कि हूती विद्रोहियों पर इसलिए हमला किया गया क्योंकि उन्होंने इसराइल को नुक़सान पहुंचाया था। उन्होंने कहा, ”हूतियों ने हम पर 200 बार से अधिक हमले किए. पहली बार जैसे ही उन्होंने इसराइली नागरिक को नुक़सान पहुंचाया, हमने उन पर हमले किए. जहां भी ऐसा करने की ज़रूरत होगी हम करेंगे।”


गुरु पूर्णिमा (Guru Purnima): अपने गुरु के प्रति श्रद्धा और सम्मान का पर्व..

गुरुर ब्रह्मा, गुरुर विष्णुः, गुरुर देवो महेश्वरः।
गुरुः साक्षात् परब्रह्म, तस्मै श्री गुरवे नमः॥

गुरु ब्रह्मा हैं (सृष्टिकर्ता), गुरु विष्णु हैं (पालनहार), गुरु महेश्वर हैं (विध्वंसक)। गुरु वास्तव में परमब्रह्म हैं; ऐसे पूज्य गुरु को मेरा नमन।

गुरु पूर्णिमा (Guru Purnima), भारत में मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण त्योहार है जो गुरुओं के प्रति सम्मान और कृतज्ञता प्रकट करने के लिए समर्पित है। यह त्योहार आषाढ़ महीने की पूर्णिमा को मनाया जाता है, और इस दिन को महर्षि वेदव्यास की जयंती के रूप में भी मनाया जाता है। महर्षि वेदव्यास ने वेदों का संकलन किया था और महाभारत की रचना भी की थी। इस ब्लॉग में हम गुरु पूर्णिमा के महत्व, इसकी पूजा विधि, और इस पर्व से जुड़े विभिन्न पहलुओं के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे।

गुरु पूर्णिमा का महत्व

गुरु पूर्णिमा का महत्व भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं में गहराई से निहित है। गुरु शब्द संस्कृत के “गु” और “रु” से बना है, जहां “गु” का अर्थ अंधकार और “रु” का अर्थ प्रकाश होता है। इस प्रकार, गुरु वह होता है जो अपने शिष्यों के जीवन से अज्ञानता के अंधकार को दूर करता है और उन्हें ज्ञान के प्रकाश की ओर अग्रसर करता है।

इस दिन को महर्षि वेदव्यास की जयंती के रूप में भी मनाया जाता है, जो वेदों के संकलनकर्ता और महाभारत के लेखक थे। उन्होंने वेदों को चार भागों में विभाजित किया और पुराणों की भी रचना की। वेदव्यास को आदि गुरु माना जाता है और उनकी शिक्षाओं का भारतीय संस्कृति में अत्यधिक महत्व है।

गुरु पूर्णिमा की पूजा विधि

गुरु पूर्णिमा के दिन लोग अपने गुरुओं का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए उनकी पूजा करते हैं। इस दिन की पूजा विधि इस प्रकार है:

  1. स्नान और शुद्धि: प्रातःकाल स्नान करके शुद्ध वस्त्र धारण करें।
  2. गुरु की प्रतिमा या चित्र: पूजा स्थल पर गुरु की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
  3. आरती और मंत्र: गुरु की आरती करें और गुरु मंत्र का जाप करें।
  4. फूल और माला: गुरु को फूल और माला अर्पित करें।
  5. प्रसाद: पूजा के बाद प्रसाद वितरित करें।
  6. गुरु का आशीर्वाद: गुरु के चरणों में जाकर उनका आशीर्वाद प्राप्त करें।

गुरु पूर्णिमा के पर्व का आयोजन

गुरु पूर्णिमा का पर्व विभिन्न शैक्षिक और धार्मिक संस्थानों में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, जिनमें प्रवचन, भजन-कीर्तन, और सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल होते हैं। लोग अपने गुरुओं को उपहार देते हैं और उनके प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हैं।

गुरु पूर्णिमा के पर्व से जुड़े अनुशासन

गुरु पूर्णिमा के दिन शिष्य अपने गुरु के प्रति अपनी निष्ठा और अनुशासन का प्रदर्शन करते हैं। वे इस दिन व्रत रखते हैं और अपने गुरु की शिक्षाओं का पालन करने का संकल्प लेते हैं। यह दिन शिष्यों के लिए आत्मनिरीक्षण और आत्मशुद्धि का भी दिन होता है।

गुरु पूर्णिमा के पर्व का आध्यात्मिक महत्व

गुरु पूर्णिमा का आध्यात्मिक महत्व अत्यधिक है। यह दिन शिष्यों को अपने गुरु की शिक्षाओं के प्रति प्रतिबद्धता और श्रद्धा प्रकट करने का अवसर देता है। यह पर्व हमें यह याद दिलाता है कि हमारे जीवन में ज्ञान और मार्गदर्शन के महत्व को समझना और उसका आदर करना चाहिए।

उपसंहार

गुरु पूर्णिमा एक ऐसा पर्व है जो हमें हमारे गुरुओं के प्रति सम्मान और कृतज्ञता प्रकट करने का अवसर देता है। यह पर्व भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इस दिन की पूजा विधि, अनुशासन, और आध्यात्मिक महत्व को समझते हुए, हमें अपने जीवन में गुरुओं की भूमिका को स्वीकार करना चाहिए और उनके प्रति अपनी निष्ठा और सम्मान प्रकट करना चाहिए।

गुरु पूर्णिमा का पर्व हमें यह सिखाता है कि ज्ञान का महत्व कितना महत्वपूर्ण है और हमें अपने गुरुओं का आदर और सम्मान करना चाहिए। इस दिन को समर्पण, श्रद्धा, और अनुशासन के साथ मनाना चाहिए और अपने गुरुओं के आशीर्वाद से अपने जीवन को संवारना चाहिए।


“भविष्य अभी है” (The Future is Now): थीम का केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने IMC-2024 के लिए किया अनावरण..

केंद्रीय संचार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कल इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2024 की थीम ‘भविष्य अभी है’ (The Future is Now) का अनावरण किया। यह विषय इस उपलब्धि को दर्शाता है कि भारत तकनीकी विकास का केंद्र बना हुआ है और आईएमसी 2024 आज की हमारी दुनिया को बदलने वाली तकनीकों को सहयोग और सक्रिय रूप से आकार देने के लिए वैश्विक प्रमुखों- दूरदर्शी व्यक्तित्वों, अग्रदूतों और नवप्रवर्तकों को एक मंच पर ला रहा है, जहां यह सुनिश्चित किया जा सके कि भविष्य केवल एक संकल्पना नहीं है अपितु यह वर्तमान में अवसर प्रदान कर रहा है।

इस अवसर पर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भारतीय मोबाइल कांग्रेस 2024 एप्लीकेशन और वेबसाइट का भी शुभारंभ किया। यह पंजीकरण के लिए एक शानदार संवादात्मक ऐप है। केंद्रीय मंत्री के प्रथम पंजीकरण और मुख्य संबोधन के साथ, भारतीय मोबाइल सम्मेलन ने प्रतिनिधियों, आगंतुकों, शिक्षाविदों/कॉलेजों, सरकार और मीडिया के लिए भी पंजीकरण खोलने की घोषणा कर दी है।

इस अवसर पर, संचार मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि तकनीक तब सबसे अच्छी होती है जब यह लोगों को एक साथ लाती है। हमारे देश भारत से बेहतर कोई उदाहरण नहीं हो सकता। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिबद्धता के अनुरूप देश भर में संचार समरूपता लाते हुए इस विभाजन को दूर करने में तकनीक की भूमिका पर बल दिया। उन्होंने कहा कि तकनीक और संचार के माध्यम से अवसरों का एक मंच प्रदान किया जा सकेगा। संचार और नेटवर्क के माध्यम से भारत के पहले गांव से लेकर भारत के प्रमुख गांवों के लोगों को एक साथ लाया जाएगा।

संचार मंत्री ने आईएमसी को वैश्विक मिलन स्थल की संज्ञा देते हुए आशा व्यक्त की कि आने वाले समय में भारत इस तरह के आयोजनों का केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि ‘भविष्य अभी है’ थीम हमारी क्षमताओं, हमारी उपलब्धियों और भविष्य की संभावनाओं दोनों का प्रतिनिधित्व करती है। उन्होंने पिछले 10 वर्षों में दूरसंचार क्षेत्र में हुए क्रांतिकारी परिवर्तनों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत प्रौद्योगिकी के उपभोक्ता से अब प्रौद्योगिकी का आपूर्तिकर्ता बन गया है। उन्होंने दूरसंचार अधिनियम 2023, पीएलआई योजना, सबसे त्वरित 5जी रोलआउट जैसी विभिन्न दूरसंचार पहलों की सराहना करते हुए प्रतिबद्धता जताई कि दूरसंचार अधिनियम 2023 के नियमों को अगले 180 दिनों के भीतर अधिसूचित किया जाएगा।

आईएमसी-2024, डब्ल्यूटीएसए-2024 और जीएसएस-2024: दूरसंचार विभाग (डीओटी) और सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित एशिया की प्रमुख डिजिटल प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी, इंडिया मोबाइल कांग्रेस (आईएमसी) का आठवां संस्करण इस वर्ष 15 अक्टूबर से नई दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित किया जाएगा। आईएमसी 2024 के साथ-साथ, भारत 14-24 अक्टूबर, 2024 तक इसी स्थल पर प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों- विश्व दूरसंचार मानकीकरण सभा नई दिल्ली 2024 (डब्ल्यूटीएसए 2024) और वैश्विक मानक संगोष्ठी (जीएसएस 2024) की भी मेजबानी कर रहा है।

स्टार्ट-अप और एमएसई के लिए परीक्षण और प्रतिपूर्ति योजना: दूरसंचार विभाग (डीओटी) ने दूरसंचार क्षेत्र में स्टार्टअप और सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों (एमएसई) के लिए वित्तीय बोझ को कम करने के उद्देश्य से एक प्रतिपूर्ति योजना का शुभारंभ किया है। घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने, निवेश आकर्षित करने और निर्यात बढ़ाने के लिए डिज़ाइन की गई यह योजना उत्पाद की गुणवत्ता और बाज़ार पहुँच के लिए आवश्यक परीक्षण और प्रमाणन लागतों के लिए प्रत्येक स्टार्टअप या एमएसई को 50 लाख रुपये तक की प्रतिपूर्ति करेगी। 25 करोड़ रुपये के कुल वित्तपोषण आवंटन के साथ, आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन होगी, जिससे प्रक्रियाओं को सरल बनाया जा सकेगा और प्रस्तुतियों का कुशल संचालन सुनिश्चित होगा। स्टार्टअप को 75 प्रतिशत प्रतिपूर्ति, सूक्ष्म उद्यमों को 60 प्रतिशत और छोटे उद्यमों को 50 प्रतिशत प्रतिपूर्ति मिलेगी, जो दूरसंचार उद्योग में विकास और नवाचार के लिए समान समर्थन के लिए दूरसंचार विभाग की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

पात्रता मानदंड और आवेदन दिशानिर्देशों के बारे में अधिक जानकारी के लिए कृपया दूरसंचार विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाने के लिए यहाँ पर क्लिक करें।


चरक संहिता (Charak Samhita): आयुर्वेद के सबसे महत्वपूर्ण और प्राचीन ग्रंथों में से एक का संक्षिप्त परिचय..

आईये, आज चर्चा करते हैं आयुर्वेद के सबसे महत्वपूर्ण और प्राचीन ग्रंथों में से एक चरक संहिता (Charak Samhita) की जो सनातन संस्कृति के महाऋषियों द्वारा भारतीय जनमानस को दिया गया महत्वपूर्ण ज्ञान है।

चरक संहिता का इतिहास

चरक संहिता का रचना काल अनुमानित तौर पर 2,000-1,500 ईसा पूर्व के बीच माना जाता है। इसे महर्षि चरक ने संकलित किया था, जिन्होंने पहले से ही उपलब्ध आत्रेय संहिता और अन्य प्राचीन ग्रंथों को आधार बनाकर इसे लिखा था। चरक संहिता के आठ भागों में विभिन्न प्रकार के रोगों, उनके निदान, उपचार और रोकथाम के उपायों का विस्तृत वर्णन मिलता है।

सूतिस्थान

सूतिस्थान चरक संहिता का पहला भाग है जिसमें आयुर्वेद के मूल सिद्धांत, शरीर विज्ञान, रोग विज्ञान, और स्वास्थ्य बनाए रखने के उपायों का विस्तृत वर्णन है। इसमें कुल 30 अध्याय हैं।

निदानस्थान

निदानस्थान में विभिन्न रोगों के लक्षण और उनके निदान के तरीके बताए गए हैं। यह भाग विशेष रूप से रोगों के कारण, उनके लक्षण, और उनकी पहचान के तरीकों पर केंद्रित है। इसमें 8 अध्याय हैं।

विमानस्थान

विमानस्थान में रोगों के कारणों और उनसे बचाव के उपायों का वर्णन है। इसमें औषधियों की गुणवत्ता, उनके स्रोत, और उनके उपयोग के तरीके का विस्तारपूर्वक वर्णन है। इसमें 8 अध्याय हैं।

शरीरस्थान

शरीरस्थान में मानव शरीर की संरचना, अंगों का कार्य, और विभिन्न शारीरिक प्रक्रियाओं का वर्णन है। इसमें कुल 8 अध्याय हैं।

इन्द्रियस्थान

इन्द्रियस्थान में इन्द्रियों से संबंधित रोगों का वर्णन है। इसमें इन्द्रियों के कार्य, उनके रोग, और उनके उपचार के बारे में जानकारी दी गई है। इसमें 12 अध्याय हैं।

चिकित्सास्थान

चिकित्सास्थान चरक संहिता का सबसे बड़ा भाग है, जिसमें 30 अध्याय हैं। इसमें विभिन्न रोगों के उपचार के लिए विस्तृत चिकित्सा पद्धतियों का वर्णन है। इसमें औषधियों, चिकित्सा प्रक्रियाओं, और आहार-विहार के नियमों का भी विस्तारपूर्वक वर्णन है।

कल्पस्थान

कल्पस्थान में विष चिकित्सा के बारे में जानकारी दी गई है। इसमें विषाक्त पदार्थों के प्रकार, उनके प्रभाव, और उनके उपचार के बारे में विस्तार से बताया गया है। इसमें 12 अध्याय हैं।

सिद्धिस्थान

सिद्धिस्थान में पंचकर्म चिकित्सा और शल्य चिकित्सा के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है। इसमें 12 अध्याय हैं, जो कि आयुर्वेदिक चिकित्सा की सिद्धि और पूर्णता के उपायों का वर्णन करते हैं।

प्रमुख अवधारणाएँ और सिद्धांत

  1. त्रिदोष सिद्धांत: वात, पित्त, और कफ शरीर के तीन मुख्य दोष हैं जो सभी शारीरिक और मानसिक प्रक्रियाओं को नियंत्रित करते हैं। इन दोषों का संतुलन बनाए रखना स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है।
  2. सप्त धातु: रस, रक्त, मांस, मेद, अस्थि, मज्जा, और शुक्र, ये सात धातुएँ शरीर की संरचना और कार्यों को बनाए रखती हैं।
  3. मल: मल, मूत्र, और स्वेद शरीर से निकाले जाने वाले तीन मुख्य अपशिष्ट पदार्थ हैं।

पंचकर्म

चरक संहिता में पंचकर्म चिकित्सा का विस्तृत वर्णन है, जो कि शरीर की शुद्धि और रोगों के उपचार के लिए महत्वपूर्ण है। पंचकर्म के पांच मुख्य तत्व हैं:

  1. वमन: वमन चिकित्सा के द्वारा कफ दोष का शोधन किया जाता है।
  2. विरेचन: विरेचन के द्वारा पित्त दोष का शोधन किया जाता है।
  3. बस्ति: बस्ति के माध्यम से वात दोष का शोधन होता है।
  4. नस्य: नस्य चिकित्सा के द्वारा सिर और नाक के रोगों का उपचार होता है।
  5. रक्तमोक्षण: रक्तमोक्षण के द्वारा रक्त शोधन होता है।

चरक संहिता की महत्ता

  1. वैज्ञानिक दृष्टिकोण: चरक संहिता में रोगों का निदान और उपचार वैज्ञानिक पद्धति से किया गया है।
  2. समग्र चिकित्सा: यह ग्रंथ शारीरिक, मानसिक, और आध्यात्मिक स्वास्थ्य को समान महत्व देता है।
  3. आधुनिक चिकित्सा में योगदान: आज भी चरक संहिता का अध्ययन और अनुसंधान आयुर्वेदिक चिकित्सा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण है।

चरक संहिता आयुर्वेदिक चिकित्सा का महत्वपूर्ण ग्रंथ है जो आज भी चिकित्सा विज्ञान में अद्वितीय स्थान रखता है। यह ग्रंथ न केवल आयुर्वेदिक सिद्धांतों को समझने में सहायक है, बल्कि स्वस्थ जीवन जीने के मार्गदर्शन के रूप में भी महत्वपूर्ण है।

हमारे आगे आने वाले ब्लॉग मैं हमारा प्रयास रहेगा कि हम अपने पाठकों को चरक संहिता के महत्वपूर्ण सूक्तों को हिंदी अनुवाद के साथ प्रकाशित करें जिससे आप इस महान ग्रन्थ से हमारे ऋषियों की दूरदर्शिता एवं उनके अद्भुत ज्ञान का आभास कर पाएं।


हास्य एवं हॉरर से भरपूर फ़िल्म स्त्री (Stree)-2 होगी 15 अगस्त 2024 को रिलीज..

साल 2018 मैं रिलीज हुई कॉमेडी हॉरर फ़िल्म स्त्री (ओ स्त्री तुम कल आना) की अपार सफलता के बाद इस फ़िल्म की अगली पेशकश स्त्री-2 (ओ स्त्री रक्षा करना) जल्द ही दर्शकों को गुदगुदाने व डराने के लिए प्रदर्शित होने के लिए तैयार है। ये फ़िल्म 15 अगस्त 2024 को देश के सभी सिनेमाघरों मैं रिलीज की जाएगी, फ़िल्म का प्रीमियर सिनेमाघरों मैं रिलीज करने के बाद इसे अमेजन प्राइम वीडियोस पर रिलीज किए जाने की संभावना है।

अमर कौशिक द्वारा निर्देशितऔर मैडॉक फिल्म्स और जियो स्टूडियो के बैनर तले दिनेश विजन और ज्योति देशपांडे द्वारा निर्मित स्त्री-2 हिंदी भाषा की कॉमेडी हॉरर फिल्म है। इसमें श्रद्धा कपूर और राजकुमार राव मुख्य भूमिकाओं में हैं, साथ ही पंकज त्रिपाठी , अभिषेक बनर्जी और अपारशक्ति खुराना सहायक भूमिकाओं में हैं। जो अपनी पिछली फिल्म की भूमिकाओं को दोहरा रहे हैं। देखना यह है कि इस बार कहानी का नया पात्र सरकटा क्या धमाल मचाता है और स्त्री कैसे चंदेरी की समस्याओं को हल करती है।

इस फ़िल्म के दूसरे टीजर ट्रेलर को रिलीज हुई अभी चंद घंटे ही हुए हैं पर इतने कम समय मैं इस ट्रेलर को 17 मिलियन से ज्यादा बार देखा जा चुका है।

माना जा रहा है कि ये फ़िल्म भी पिछली फ़िल्म की तरह दर्शकों का भरपूर मनोरंजन करने मे सफल रहेगी। फ़िल्म के टीजर को लेकर दर्शकों मैं काफी उत्सुकता है और लोग इसे देखने के लिए स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त 2024 का बड़ी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

फ़िल्म का टीजर देखने के लिए यहां क्लिक करें।


रेल हादसा (Rail Accident): डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस के डिब्बे पटरी से उतरे, एक यात्री की मौत…

संवाददाता, उत्तर प्रदेश। देश मैं होने वाले रेल हादसों का सिलसिला निरंतर जारी है, इसी क्रम मैं आज उत्तर प्रदेश के गोंडा में चंडीगढ़ से डिब्रूगढ़ जा रही डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस (15904) के कोच पटरी से उतर गए हैं। मिली जानकारी के मुताबिक 10 से 12 डिब्बे पटरी से उतर गए हैं। ट्रेन के पटरी से उतरते ही यात्रियों में हड़कंप मच गया और लोग दहशत मैं चिल्लाने लगे। ट्रेन के रुकते ही यात्री जान बचाने के लिए बहार की तरफ भाग खड़े हुए। इस दुर्घटना में बड़ी संख्या में यात्रियों के घायल होने की जानकारी सामने आई है और एक यात्री मौत की सूचना भी मिल रही है।

डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस गुरुवार की रात 11:30 बजे के आसपास चंडीगढ़ से रवाना हुई थी। गुरुवार दोपहर को गोंडा और बस्ती के बीच झिलाही स्टेशन के पास गाड़ी पहुंची तो अचानक तेज आवाज के साथ हिलते हुए ट्रेन पटरी से नीचे उतरने लगी।

गाड़ी के बेपटरी होते ही यात्रियों में भय का माहौल व्याप्त हो गया, ट्रेन पटरी से उतरने के बाद किनारे में पलट गई। इस दौरान एसी बोगी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। घटना की सूचना तुरंत रलवे प्रशासन को दी गई है, इसके बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया है।

भीषण हादसे को देखते ही यात्रियों में हड़कंप मच गया और इसी बीच यात्रियों का समूह अपने सामान को लेकर बाहर निकलता दिखाई दिया। रेलवे अधिकारियों के पहुंचने के बाद यात्रियों को आगे की यात्रा के लिए वैकल्पिक इंतजाम का भरोसा दिलाया।

गोंडा के झिलाही जंक्शन के पास जा रही ट्रेन के हादसे का शिकार होने सूचना मिलते ही प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तुरंत संज्ञान लिया। उन्होंने अधिकारियों को घटनास्थल का जायजा लेने के निर्देश दिए हैं और यात्रियों को तत्काल सुविधा देने की बात कही है।


अब सफाई कर्मियों को फेफड़े, किडनी एवं त्वचा सम्बंधित बीमारियों के लिए मिलेगा निशुल्क पैकेज: राजकुमारी दिया

RGHS के अंतर्गत अब सफाई कर्मियों को फेफड़े, किडनी एवं त्वचा सम्बंधित बीमारियों के लिए राज्य सरकार से मिलेगा निशुल्क पैकेज।

राज्य विधानसभा में मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य के परिवर्तित बजट 2024-25 पर सामान्य वाद-विवाद के बाद राज्य सरकार की ओर से उत्तर प्रस्तुत करते हुए उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दिया कुमारी ने सफाई कर्मचारियों के स्वास्थ्य से जुड़ी नवीन घोषणा की।

इस बारे मैं राजस्थान सरकार के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से ये जानकारी साझा की गयी जिसमे अन्य घोषणाओं के बारे मैं भी बताया गया।


हरियाणा में सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को मिलेगी निशुल्क परिवहन की सुविधा..

संवाददाता हरियाणा। राजकीय विद्यालय में दूर-दराज से पढ़ने आने वाले छात्रों के लिए प्रदेश सरकार एक अनोखी पहल लेकर आयी है जिससे अब छात्रों को पैदल नहीं चलना पड़ेगा। इसके लिए प्रदेश सरकार ने निशुल्क हरियाणा रोडवेज की बस सुविधा शुरू की है। जिसका शुभारंभ राजकीय वरिष्ठ मध्यमिक विद्यालय, फतेहपुर तगा से किया गया।

राजकीय विद्यालयों में दूर दराज से पढ़ने आने वाले छात्रों को कई-कई किलोमीटर की दूरी तय करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। ग्रामीण क्षेत्र में इसका अधिक प्रभाव पड़ रहा है। जिसको को देखते हुए प्रदेश सरकार ने प्रशंसनीय फैसला लेते हुए दूर दराज से आने वाले छात्रों के लिए ये रोडवेज की निशुल्क परिवहन सुविधा शुरू की है।

अभी इस परिवहन सेवा का शुभारंभ विद्यालय के आसपास गांव सिकरौना, फिरोजपुर कलां, टिकरी खेड़ा, धौज, मादलपुर, कुरैशीपुर ,सरूरपुर, नेकपुर, सिरोही, लदियापुर से आने वाले छात्रों के लिए किया है।


तो क्या इस वजह से हुयी मुकेश सहनी के पिता हत्या? पुलिस की जाँच मैं आयी तेजी, मिले अहम सुराग..

मुकेश सहनी ने पिता को दी मुखाग्नि हुए पंचतत्व मैं विलीन, नम आँखों से दी विदाई।

संवाददाता, बिहार। दरभंगा के घनश्यामपुर थाना क्षेत्र में पूर्व मंत्री और विकासशील इंसान पार्टी के प्रमुख और बिहार सरकार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी के पिता जीतन सहनी की नृशंस हत्या के मामले में कई बातें सामने आ रही हैं। पुलिस ने चार लोगों को हिरासत मैं लिया है और उनसे आगे की पूछताछ की जा रही है। इन चारों के मोबाइल फ़ोन के रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं जिससे कुछ सुराग मिल पाएं।

अब तक की जांच में सुई लेनदेन और वसूली के चलते हुयी रंजिशन हत्या की तरफ घूम रही है, लेकिन पुलिस ने अभी किसी निष्कर्ष पर न पहुँचने के कारण कुछ भी स्पष्ट नहीं किया है। हिरासत में लिए गए चारों अभियुक्तों को सोमवार की रात जीतन सहनी के घर के अंदर आते और जाते देखा गया।

हिरासत में लिए गए लोगों में से एक ने स्वीकार किया है कि लोन की जमानत के तौर पर अपनी बाइक जीतन के यहां रखी थी, जिसे छुड़ाने गए थे। वहीं, एक ने जीतन से उधार में रुपये लेने की बात कही है। चर्चा है कि दो दिन पहले सबक दोनों पक्षों इस बात पर कुछ विवाद भी हुआ था और देख लेने की धमकी भी दी गयी थी।

बताते चलें की मंगलवार रात को मुकेश सहनी ने नम आँखों से पिता को मुखाग्नि दी, इसके साथ ही मुकेश सहनी ने एक भावुक पोस्ट सोशल मीडिया मैं लिखा “पिताजी के अंतिम संस्कार में कंधा देकर मुखाग्नि दिया। यह क्षण मेरे लिए अत्यंत दुःखद, भावनात्मक और हृदय विदारक है। उनकी विदाई ने मेरे हृदय में एक गहरा घाव छोड़ दिया है, जो कभी भर नहीं पाएगा। पिताजी की यादें, स्नेह व मार्गदर्शन हमेशा मेरे साथ रहेंगी। उनकी क्षति अपूरणीय है और उनके बिना जीवन अधूरा सा लग रहा है।”

मुकेश सहनी से मिलने और सांत्वना देने वालों मैं सत्ता पक्ष और विपक्ष के साथ ही तमाम लोगों के आने का ताँता लगा हुआ है, साथ ही विपक्ष की तरफ से सरकार को इस मुद्दे पर घेरने का प्रयास जारी है।

मुड़िया पूर्णिमा (Mudiya Purnima) मेला 2024: 17 से 21 जुलाई तक चलने वाले मेले की तैयारियां पूर्ण, उमड़ेगी लाखों की भीड़…

पांच दिवसीय मुड़िया पूर्णिमा (Mudiya Purnima) मेला की तैयारियां पूर्ण कर ली गयी हैं। 17 जुलाई से शुरू होने वाले मेले को आज शाम से ही श्रद्धालु पहुंचने लगेंगे। बुधवार को श्रद्धालु गिर्राज जी के जयकारों संग 21 किमी की गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा शुरू करेंगे।

गौड़ीय संत सनातन गोस्वामी की याद में 17 से 21 जुलाई (गुरु पूर्णिमा) तक चलने वाले इस पांच दिवसीय मेले में करीब 60 से 70 लाख श्रद्धालुओं के जुटने का पूर्वानुमान है।

सुरक्षा की दृष्टि से संपूर्ण मेला क्षेत्र को सीसीटीवी की निगरानी में रखा गया है। गोवर्धन मार्ग पर डग्गामार वाहन पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिए गए हैं। भीड़ को देखते हुए विशेष ट्रेनों के साथ ही रोडवेज बसों की संख्या बढ़ाई गई है। परिक्रमा मार्ग पर पड़ने वाले कुंडों की बैरिकेडिंग कराई गई है, ताकि श्रद्धालु स्नान के दौरान हादसे का शिकार न हो जाएं।

डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह के अनुसार मेले को लेकर प्रशासन ने तैयारी पूरी कर ली है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। व्यापक पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। साथ ही परिक्रमार्थियों की सेवा को तमाम सेवाभावी लोगों के द्वारा परिक्रमा मार्ग पर प्याऊ और भंडारे के लिए टेंट लगाने शुरू हो गए हैं। पूरे परिक्रमा मार्ग में सेवाभावी नजर आएंगे।

मुड़िया मेला में श्रद्धालुओं को दिक्कत न हो, इसके लिए परिवहन निगम एक हजार बसों का संचालन 18 से 22 जुलाई तक करेगा। गाजियाबाद, मेरठ, अलीगढ़, इटावा, बरेली, मुरादाबाद शहरों से बसें मंगाई जा रही हैं। सोमवार को रोडवेज आगरा परिक्षेत्र के नोडल अधिकारी अशोक कुमार ने कार्यालय में बैठक की। उन्होंने बसों की जांच पर भी जोर दिया। नोडल अधिकारी ने कहा कि चालकों द्वारा निर्धारित स्टापेज पर बसों को रोका जाए। निर्धारित लेन में चलने से जाम पर अंकुश लगेगा।

मुड़िया मेला को देखते हुए रेलवे ने कई ट्रेनों का विस्तार किया है। यह विस्तार मंगलवार से लेकर 23 जुलाई तक होगा। नई दिल्ली-आगरा इंटरसिटी मंगलवार से ग्वालियर तक चलेगी। आगरा कैंट-झांसी एक्सप्रेस मथुरा तक चलेगी। आगरा कैंट से मथुरा में मध्य मेला स्पेशल का संचालन किया जाएगा। यह ट्रेन राजा की मंडी, बिल्लोचपुरा सहित अन्य स्टेशनों में रुकेगी। झांसी-आगरा मेमू का विस्तार मथुरा तक किया गया है। मैनपुरी-आगरा कैंट मेमू अब मथुरा तक चलेगी। मथुरा से कासगंज के लिए विशेष मेला स्पेशल ट्रेन का संचालन किया जाएगा।


तमिलनाडु के राज्यपाल ने की प्रधानमंत्री मोदी से शिष्टचार भेंट..

नयी दिल्ली। तमिलनाडु के राज्यपाल रवींद्र नारायण रवि (आर. एन. रवि) ने आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की। इसकी जानकारी पीएम ऑफिस ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर दी।

कौन हैं राज्यपाल रवींद्र नारायण रवि

तमिलनाडु के वर्तमान राज्यपाल के रूप में कार्यरत हैं। इन्होने 1 अगस्त 2019 से 9 सितंबर 2021 तक नागालैंड के राज्यपाल और 18 दिसंबर 2019 से 26 जनवरी 2020 तक मेघालय के राज्यपाल के रूप में कार्य किया ।

इनका जन्म बिहार के पटना में हुआ था और उन्होंने 1974 में भौतिकी में स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की। पत्रकारिता में एक संक्षिप्त कार्यकाल के बाद, वह 1976 में भारतीय पुलिस सेवा में शामिल हो गए और उन्हें केरल कैडर आवंटित किया गया, जहाँ उन्होंने एक दशक से अधिक समय तक सेवा की। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) में अपने कार्यकाल के दौरान , रवि ने खनन माफियाओं सहित संगठित आपराधिक गिरोहों के खिलाफ कई भ्रष्टाचार विरोधी अभियानों का नेतृत्व किया।


प्रधानमंत्री ने की डोनाल्ड ट्रंप पर हमले की कड़ी निंदा..

बीते शनिवार को अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर पेंसिल्वेनिया के बटलर में रैली के दौरान हुए जानलेवा हमले की प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कड़ी निंदा की। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट की जिसमे उन्होंने लिखा “मेरे मित्र, पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर हुए हमले से बहुत चिंतित हूं। इस घटना की कड़ी निंदा करता हूं। राजनीति और लोकतंत्र में हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं है। उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की मगंल कामना करता हूं।

हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं मृतकों के परिवार, घायलों और अमेरिका की जनता के साथ हैं।

बताते चलें कि बीते शनिवार को अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर पेंसिल्वेनिया के बटलर में रैली के दौरान हुए जानलेवा हमले मैं वो बाल बाल बचे। जब वे मंच पर बोल रहे थे, तभी उन पर करीब 400 फीट दूर मौजूद इमारत की छत से फायरिंग हुई। AR-15 राइफल से 8 राउंड गोलियां चलाई गईं। एक गोली उनके कान के ऊपरी हिस्से पर लगी। पुलिस ने 20 साल के हमलावर को मार गिराया। ट्रम्प सुरक्षित हैं, उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। FBI हमले की जांच कर रही है।


कोयला मंत्रालय (Coal Ministry) ने तीन कोयला खदानों के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किये..

कोयला मंत्रालय (Coal Ministry) ने आज 7वें दौर के दूसरे प्रयास के अंतर्गत नीलाम की गई तीन कोयला खदानों के लिए कोयला खनन विकास और उत्पादन समझौतों को सफलतापूर्वक निष्पादित किया। यह वाणिज्यिक कोयला खनन की सफलता में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। तीन खदानों में से दो आंशिक रूप से खोजी गई हैं, जबकि एक पूरी तरह अन्वेषित है।

समझौते किए गए खदानों हैं मच्छकटा (संशोधित) कोयला खदान, कुडनाली लुबरी कोयला खदान और सखीगोपाल-बी काकुरही कोयला खदान। सफल बोलीकर्ता क्रमशः एनएलसी इंडिया लिमिटेड, गुजरात मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड और तमिलनाडु जेनरेशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन कॉरपोरेशन लिमिटेड हैं।

इन तीन खदानों से वाणिज्यिक नीलामी के अंतर्गत अनुमानित वार्षिक राजस्व सृजन लगभग 2,991.20 करोड़ रुपए है, जो लगभग 30.00 एमटीपीए की कुल पीक रेट क्षमता उत्पादन पर आधारित है। इन खदानों के चालू होने पर लगभग 40,560 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे। इसके अतिरिक्त, इन कोयला खदानों को चालू करने के लिए लगभग 4,500 करोड़ रुपए का कुल निवेश आवंटित किया जाएगा।

यह पहल कोयला क्षेत्र में आत्मनिर्भरता, आर्थिक विकास, रोजगार सृजन में योगदान देने और राष्ट्र की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


जिम्बाब्वे पर 10 विकेट की जीत के साथ टीम इंडिया को टी-20 सीरीज मैं 3-1 की अजेय बढ़त..

आज हरारे मैं हुए चौथे टी-20 मैच मैं टीम इंडिया ने 10 विकेट से धमाकेदार जीत दर्ज करते ही जिम्बाब्वे के खिलाफ खेली जाने वाली टी-20 सीरीज मैं 3-1 की अजेय बढ़त हासिल करते हुए सीरीज अपने नाम कर ली. यशस्वी जायसवाल (93) और शुभमन गिल (58) की नॉटआउट व ताबड़तोड़ बैटिंग के चलते टीम इंडिया ने 15.2 ओवर मैं ही मैच अपने नाम कर लिया.

इससे पहले टीम इंडिया के बॉलिंग अटैक ने कसी हुयी बॉलिंग करते हुए जिम्बाब्वे की राह मुश्किल कर दी और टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए २० ओवर मैं मात्र 152 रन ही बना सकी. अब पांचवा मैच बस औपचारिक मात्र ही रह गया है पर टीम इंडिया के तेवरों से पता चल रहा है कि वो आने वाले मैच को बिलकुल भी हलके मैं लेने कि मूड मैं नहीं है.

इस जीत से क्रिकेट प्रेमियों के चेहरे पर टीम इंडिया के प्रदर्शन को लेकर संतुष्टि दिखी और सोशल मीडिया पर टीम के लिए अच्छी बातें लिखी जा रही हैं. साथ ही इस सीरीज मैं खिलाड़ियों के उम्दा प्रदर्शन से आने वाली श्रीलंका सीरीज मैं टीम इंडिया के प्रदर्शन को लेकर विभिन्न कयास लगाए जा रहे हैं.


भारतीय राजनीतिक व्यवस्था में सब कुछ ठीक नहीं है और यह बहुत दबाव में काम कर रही है: उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने मुंबई में 11-07-2014 को महाराष्ट्र विधानमंडल के दोनों सदनों के सदस्यों को संबोधित करते हुए चिंता व्यक्त की और कहा कि “हाल के संसद सत्र में जिस तरह का आचरण देखा गया वह वास्तव में दुखद है, क्योंकि यह हमारे विधायी प्रवचन में महत्वपूर्ण नैतिक क्षरण को प्रदर्शित करता है।” उपराष्ट्रपति महोदय ने कहा, “बुद्धि, हास्य, व्यंग्य और कटाक्ष, जो कभी विधानमंडलों में प्रवचन का अमृत थे, हमसे दूर होते जा रहे हैं। अब हम अक्सर टकराव और प्रतिकूल स्थिति देखते हैं, लोकतांत्रिक राजनीति एक नई गिरावट देख रही है और तनाव तथा खिंचाव का माहौल है।

उपराष्ट्रपति महोदय ने टिप्पणी की कि संसद के कामकाज को रोककर राजनीति को हथियार बनाना हमारी राजनीति के लिए गंभीर परिणाम देने वाला है, संसद के कामकाज को रोककर राजनीति को हथियार बनाना भविष्य के लिए गंभीर परिणाम देने वाला है।
उन्होंने ऐसे विस्फोटक और चिंताजनक परिदृश्य में सभी स्तरों पर, विशेष रूप से राजनीतिक दलों द्वारा आत्मनिरीक्षण की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि नैतिकता प्राचीन काल से भारत में सार्वजनिक जीवन की पहचान रही है। नैतिकता और सदाचार मानव व्यवहार का अमृत और सार है और संसदीय लोकतंत्र के लिए सर्वोत्कृष्ट है।

उपराष्ट्रपति महोदय ने कहा कि राष्ट्र तब प्रगति करता है जब उसके तीन अंग- विधायिका, न्यायपालिका और कार्यपालिका अपने-अपने क्षेत्र के भीतर प्रदर्शन करते हैं एक संस्था द्वारा दूसरी संस्था के क्षेत्र में घुसपैठ संभावित रूप से परेशान कर सकती है।


स्किलिंग सिर्फ एक प्रमाणपत्र से कहीं अधिक है, यह जीवन भर सीखने वाली चीज़ है:  जयंत चौधरी

उक्त बात कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) के राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार जयंत चौधरी ने 11-07-2024 को चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ में जन शिक्षण संस्थान (जेएसएस) के लिए एक क्षेत्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही।

जयंत चौधरी ने कहा कि मंत्रालय युवाओं के लिए बेहतर अवसर प्रदान करने के लिए समर्पित है। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में कुशल कार्यबल के अंतर को पहचानने और प्रतिभा को अवसर से जोड़ने के लिए पुल निर्माता के रूप में कार्य करने के लिए जन शिक्षण संस्थान की सराहना करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि व्यक्तिगत और आर्थिक विकास के लिए कौशल, पुन: कौशल और अपस्किलिंग की प्रक्रिया आवश्यक है।

जयंत चौधरी ने यह भी बताया कि पीएमकेवीवाई योजना पहले ही भारत में 1.4 करोड़ लोगों को लाभान्वित कर चुकी है। साथ ही नेशनल अप्रेंटिसशिप प्रमोशन स्कीम (एनएपीएस) अप्रेंटिसशिप कार्यक्रम कर्मचारियों को लगातार विकसित हो रही उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप अपने कौशल को बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

जयंत चौधरी ने दिल्ली और यूपी के जेएसएस उम्मीदवारों द्वारा बनाए गए उत्पादों की प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया और लाभार्थियों के साथ बातचीत भी की।


प्रकृति का कहर, भूस्खलन से दो बसें त्रिशूली नदी में गिरी: 7 भारतीयों की मौत, 60 से अधिक लापता..

नेपाल में शुक्रवार कि सुबह बड़ी ही दुखद समाचार लेकर आयी। भारी बारिश के बीच शुक्रवार सुबह एक हाईवे पर भूस्खलन होने से 2 बसें त्रिशुली नदी में गिर गईं। घटनास्थल पर मौजूद अधिकारियों के मुताबिक, दोनों बसों में चालकों सहित कुल 63 लोग सवार थे। हादसे के बाद से करीब 60 लोग लापता हैं।

ये हादसा नारायणघाट-काठमांडू सड़क खंड पर हुआ, इस हादसे में 7 भारतीयों की मौत हो गई है और हादसे की भयावहता को देखते हुए मरने वालों का आंकड़ा बढ़ भी सकता है। लगातार बारिश और पानी के तेज बहाव के चलते सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन में दिक्कत आ रही है।

इस हादसे पर नेपाल के पीएम पुष्प कमल दहल ने खेद प्रकट करते हुए एक पोस्ट किया है। उन्होंने लिखा “मैं देश के विभिन्न हिस्सों में बाढ़ और भूस्खलन के कारण लगभग पांच दर्जन यात्रियों की मौत और संपत्ति के नुकसान से बहुत दुखी हूं, जब नारायणगढ़-मुग्लिन सड़क खंड पर भूस्खलन से एक बस बह गई। मैं गृह प्रशासन सहित सरकार की सभी एजेंसियों को यात्रियों की खोज करने और उन्हें प्रभावी ढंग से बचाने का निर्देश देता हूं।“

बताते चलें कि सिर्फ नेपाल नहीं भारत में भी बारिश का कहर जारी है जिसके चलते दो दिन पहले बद्रीनाथ हाईवे पर हुए भूस्खलन से काफी नुक्सान झेलना पड़ा है।

Sarkari Job: UPSSSC के अंतर्गत होम्योपैथिक फार्मासिस्ट के 397 पदों पर चयन हेतु ऑनलाइन आवेदन की जानकारी…

उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC), लखनऊ के अंतर्गत होम्योपैथी निदेशालय, उत्तर प्रदेश के नियंत्रणाधीन होम्योपैथिक भेषजिक (होम्योपैथिक फार्मासिस्ट) के 397 पदों पर चयन हेतु ऑनलाइन आवेदन।

पद का विवरण:

  • पद का नाम: होम्योपैथिक भेषजिक (होम्योपैथिक फार्मासिस्ट)
  • कुल पदों की संख्या: 397
  • विज्ञापन संख्या: 09-परीक्षा /2024

महत्वपूर्ण तिथियाँ:

विज्ञापन के प्रश्न की तिथि:15-06-2024
ऑनलाइन आवेदन/ शुल्क जमा प्रारंभ तिथि:20-06-2024
ऑनलाइन आवेदन/ शुल्क जमा/ की अंतिम तिथि:19-07-2024
समायोजन/आवेदन में संशोधन की अंतिम तिथि:26-07-2024

पात्रता मापदंड:

  1. शैक्षिक योग्यता:
    • माध्यमिक शिक्षा परिषद्, उत्तर प्रदेश की इंटरमीडिएट की परीक्षा विज्ञान के साथ अथवा सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त उसके समकक्ष कोई परीक्षा उत्तीर्ण की हो।
    • सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त किसी संस्थान से 02 वर्षीय होम्योपैथिक फार्मेसी में डिप्लोमा, साथ ही किसी संस्था से महीने का होम्योपैथिक प्रशिक्षण प्राप्त किया हो।
    • होम्योपैथिक मेडिसिन बोर्ड मैं पंजीकरण होना अनिवार्य है।
  2. आयु सीमा:
    • न्यूनतम आयु: 21 वर्ष
    • अधिकतम आयु: 40 वर्ष
    • आरक्षित श्रेणियों के लिए आयु सीमा में नियमानुसार छूट दी जाएगी।
  3. अनुभव:
    • संबंधित क्षेत्र में अनुभव रखने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी।

आवेदन प्रक्रिया:

  1. आवेदनका प्रकार: ऑनलाइन (ONLINE)
    • उम्मीदवार उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की आधिकारिक वेबसाइट upsssc.gov.in पर जाकर ही ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
    • आवेदन पत्र को सही-सही भरें और आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करें।
  2. आवेदन शुल्क: अभ्यर्थियों से आवेदन के स्तर पर सिर्फ ऑनलाइन प्रक्रिया शुल्क रूपए 25.00 ही लिया जायेगा, मुख्य परीक्षा हेतु शॉर्टलिस्ट होने की दशा मैं मुख्य परीक्षा हेतु परीक्षा शुल्क अलग से देय होगा।

चयन प्रक्रिया:

  1. लिखित परीक्षा:
    • चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा शामिल होगी। परीक्षा का पाठ्यक्रम और परीक्षा पैटर्न आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध होगा।
  2. दस्तावेज़ सत्यापन:
    • लिखित परीक्षा में सफल उम्मीदवारों के दस्तावेज़ सत्यापित किए जाएंगे।
  3. अंतिम चयन:
    • लिखित परीक्षा और दस्तावेज़ सत्यापन के आधार पर अंतिम चयन सूची जारी की जाएगी।

महत्वपूर्ण लिंक्स:

  1. अधिक जानकारी के लिए विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर लॉगिन करें
  2. आवेदन प्रक्रिया सम्बन्धी निर्देश के लिए यहाँ क्लिक करें
  3. विज्ञापन देखने या इससे सम्बंधित समस्त जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें

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