पश्चिम में भारत से गया ज्योतिष का ज्ञान, अमेरिका से आए ज्योतिषाचार्य ने कही ऐसी बात

गोरखपुर। अमेरिका से आए ज्योतिषाचार्य डेविड ब्राइंट पार्किंस ने कहा कि ज्योतिष मानव जीवन को समझने का एक आयाम है। पहली बार जब मनुष्य पृथ्वी पर आया तो सूर्य, चंद्र आदि का आश्चर्य से अवलोकन किया। उसके गूढ़ रहस्यों के बारे में पता लगाया। यही ज्योतिष है। ज्योतिष का यह ज्ञान इसी पवित्र देश में प्राप्त हुआ और पश्चिम जगत में यह भारत से ही गया।

पार्किंस यहां तारामंडल स्थित एक मैरिज हाल में धर्म जागरण मंच के तत्वावधान में रविवार को आयोजित तीन दिवसीय ‘अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष धर्म सम्मेलन’ के उद्घाटन सत्र को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ज्योतिष की अनेक विधा, जो कि पश्चिम जगत में विस्तार पाईं, वह भारत की ही देन है। मैं इस पवित्र भूमि पर आकर स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं।

अध्यक्षीय संबोधन में गोरखपुर के महापौर सीताराम जायसवाल ने कहा कि ज्योतिष में अज्ञानता व भ्रामकता को दूर कर इसे आम आदमी के लिए सुलभ बनाए जाने की जरूरत है। उपायों के रूप में महंगे पत्थरों का विकल्प नहीं तलाशा जाना चाहिए। जड़ी-बूटियां इसमें हमारी काफी मदद कर सकती हैं।

ज्योतिष के आचार्यों को भी निज स्वार्थ से ऊपर उठकर लोक हित में संलग्न होना चाहिए, तभी ज्योतिष का पूर्ण विकास संभव है और आम आदमी तक पहुंच भी। विशिष्ट अतिथि नेपाल से आए ज्योतिषाचार्य लोकराज पौडेल ने कहा कि मानव जीवन के प्रथम से लेकर नौ माह तक (गर्भावस्था) प्रत्येक माह एक-एक ग्रह का प्रभाव रहता है। यदि इस पर ध्यान दिया जाए और उन ग्रहों के दुष्प्रभाव को दूर कर शुभ ग्रहों को सशक्त बनाने से महामनीषी संतान का जन्म होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

× Support